36. नारियल एवं काजू की वैज्ञानिक खेती, किस्में, प्रवर्धन एवं सस्य प्रबंधन (ORIGIN, VARIETIES, PROPAGATION & PACKAGE OF PRACTICES FOR COCONUT AND CASHEW)
1. नारियल (Coconut - Cocos nucifera L.)
वानस्पतिक विवरण, कुल एवं महत्व:
नारियल (Coconut): Cocos nucifera L. (गुणसूत्र संख्या: $2n = 32$), कुल: एरेकेसी / पाल्मी (Arecaceae / Palmae) (हिंदी: नारियल / श्रीफल)।
नारियल को भारत में 'कल्पवृक्ष' (Kalpavriksha - Tree of Heaven) कहा जाता है क्योंकि इसका प्रत्येक भाग मानव कल्याण हेतु उपयोगी है। इसका फल एक रेशेदार अष्ठिफल (fibrous drupe) होता है। इसके खोपरे (copra) से खाद्य तेल ($65-70\%$), जटा (coir) से रस्सियां व मैट, पानी से पोषक पेय (tender coconut water), लकड़ी से फर्नीचर और पत्तियों से छप्पर बनाए जाते हैं।
केंद्रीय रोपण फसल अनुसंधान संस्थान (CPCRI): कासरगोड (केरल) में स्थित है।
लंबी बनाम बौनी किस्में एवं संकर (Tall vs Dwarf Types & Hybrids):
| लक्षण (Feature) |
लंबी किस्में (Tall Types / Typica) |
बौनी किस्में (Dwarf Types / Nana) |
| पौधे की ऊंचाई एवं जीवनकाल |
$20-30\text{ मीटर}$, जीवनकाल $60-80\text{ वर्ष}$। |
$5-10\text{ मीटर}$, जीवनकाल $30-40\text{ वर्ष}$। |
| परागण स्वभाव |
पर-परागित (Cross-pollinated)। |
स्व-परागित (Strictly self-pollinated)। |
| प्रथम फलन समय |
देर से ($6-8\text{ वर्ष}$ बाद)। |
शीघ्र ($3-4\text{ वर्ष}$ बाद)। |
| खोपरा एवं तेल गुणवत्ता |
खोपरा मोटा, कड़ा, तेल प्रतिशत उच्च ($68-70\%$)। |
खोपरा पतला, मुलायम, कम तेल। ताजे पानी (tender nut) हेतु उत्तम। |
| प्रमुख किस्में |
वेस्ट कोस्ट टॉल (WCT), ईस्ट कोस्ट टॉल (ECT), लक्षद्वीप ऑर्डिनरी। |
चौघाट ग्रीन ड्वार्फ (CGD), चौघाट ऑरेंज ड्वार्फ (COD), मलायन येलो ड्वार्फ (MYD)। |
प्रमुख अंतर-प्ररूपी संकर (Inter-varietal Hybrids):
- T $\times$ D संकर (Tall $\times$ Dwarf):
• चंद्रसंकरा (Chandrasankara): WCT $\times$ COD (भारी उपजशील, $115$ नट/वृक्ष/वर्ष)।
• केरासंकरा (Kerasankara): WCT $\times$ FJD (खोपरा $165\text{ g}$, उपज $108$ नट)।
- D $\times$ T संकर (Dwarf $\times$ Tall):
• चंद्रलक्ष (Chandralaksha): COD $\times$ WCT (सूखा सहिष्णु, $110$ नट/वर्ष)।
नर्सरी एवं सस्य प्रबंधन (Coconut Practices):
- बीज नारियल चयन एवं बुवाई: $11-12$ माह पुराने पूर्ण पके बीजों को नर्सरी में क्षैतिज रूप से (Horizontally) $30 \times 30\text{ cm}$ की दूरी पर बोएं, जिसमें 3 खंडों में से सबसे चौड़ा खंड ऊपर की ओर रहे।
- रोपाई एवं अंतरण: $1\text{ m}^3$ के गड्ढे खोदकर $7.5 \times 7.5\text{ m}$ (वर्गाकार/त्रिकोणीय विधि - 177 वृक्ष/हेक्टेयर) की दूरी पर रोपें।
- उर्वरक प्रति वयस्क वृक्ष/वर्ष: N:P:K = $500:320:1200\text{ g}$ प्रति ताड़ प्रति वर्ष।
- बटन शेडिंग (Button Shedding): अपरिपक्व छोटे नट्स का गिरना बोरॉन की कमी या 2,4-D ($20\text{ ppm}$) के छिड़काव से नियंत्रित किया जाता है।
- प्रमुख कीट एवं रोग: गैंडा भृंग (Oryctes rhinoceros), लाल ताड़ घुन (Rhynchophorus ferrugineus), एरियोफिड माइट (Aceria guerreronis), तथा रूट विल्ट रोग (Phytoplasma जनित)।
2. काजू (Cashewnut - Anacardium occidentale L.)
वानस्पतिक विवरण, कुल एवं आर्थिक महत्व:
काजू (Cashew): Anacardium occidentale L. (गुणसूत्र संख्या: $2n = 42$), कुल: एनाकार्डिएसी (Anacardiaceae) (हिंदी: काजू)।
काजू को भारत में 'डॉलर अर्जक फसल' (Dollar Earning Crop) तथा 'बंजर भूमि की सोने की खान' (Gold Mine of Wastelands) कहा जाता है। भारत विश्व में काजू का प्रमुख उत्पादक, प्रसंस्करक एवं निर्यातक देश है।
फल की संरचना एवं उत्पाद:
- वास्तविक फल (True Fruit): नीचे लगा हुआ वृक्काकार कड़ा अष्ठिफल (Kidney-shaped nut / drupe) होता है, जिसके अंदर पौष्टिक काजू गिरी (Cashew kernel) पाई जाती है।
- काजू सेब (Cashew Apple): वास्तविक फल के ऊपर का फूला हुआ मांसल रसदार पुष्पासन/डंठल (Swollen receptacle/pedicel) होता है, जिससे गोवा में प्रसिद्ध मादक पेय 'फेनी' (Feni), सिरका और जैम बनाया जाता है।
- सीएनएसएल (Cashew Nut Shell Liquid - CNSL): काजू के कठोर छिलके से $20-25\%$ गाढ़ा चिपचिपा तेल (एनाकार्डिक एसिड व कार्डोल) निकलता है, जिसका उपयोग ब्रेक लाइनिंग, पेंट, वार्निश और जलरोधी लेप में होता है।
उन्नत किस्में एवं प्रवर्धन (Cashew Propagation):
- व्यावसायिक प्रवर्धन विधि: काजू का व्यावसायिक प्रवर्धन 'मुलायम काष्ठ ग्राफ्टिंग' (Softwood Grafting) द्वारा किया जाता है। इसमें 60-90 दिन पुराने मूलवृंत पर 3-5 माह पुरानी सियन (scion) की वेज ग्राफ्टिंग की जाती है।
- प्रमुख उन्नत किस्में:
• VRI-1, VRI-2, VRI-3: TNAU (वृद्धाचलम) द्वारा विकसित।
• BPP-4, BPP-6, BPP-8: ANGRAU (बापटला) द्वारा विकसित।
• उल्लाल-1, 2, 3, 4: कर्नाटक हेतु।
• मदक्कथरा-1, 2, प्रियंका, धना, कनका: केरल हेतु।
- रोपाई एवं अंतरण: $7.5 \times 7.5\text{ m}$ या सघन बागवानी हेतु $4 \times 4\text{ m}$ ($625\text{ plants/ha}$)।
- प्रमुख कीट: टी मॉस्किटो बग (Tea Mosquito Bug - Helopeltis antonii) — कोमल प्ररोहों और छत्रकों से रस चूसता है जिससे 'टी मॉस्किटो ब्लाइट' (छत्रक झुलसा) हो जाता है। नियंत्रण: लैम्ब्डा साइहलोथ्रिन ($0.6\text{ ml/l}$) का छिड़काव करें।
समीक्षा प्रश्न / वस्तुनिष्ठ प्रश्न (Review Questions / MCQs)
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नारियल की 'चंद्रसंकरा' संकर किस्म किन दो किस्मों का संकरण है?
(a) WCT $\times$ COD (वेस्ट कोस्ट टॉल $\times$ चौघाट ऑरेंज ड्वार्फ - सही उत्तर)
(b) COD $\times$ WCT
(c) WCT $\times$ MYD
(d) ECT $\times$ CGD
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काजू का व्यावसायिक प्रवर्धन किस विधि द्वारा किया जाता है?
(a) टी-बडिंग
(b) मुलायम काष्ठ ग्राफ्टिंग (Softwood Grafting - सही उत्तर)
(c) एयर लेयरिंग
(d) बीज द्वारा
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काजू का सबसे विनाशकारी कीट जो छत्रक झुलसा (Tea mosquito blight) पैदा करता है:
(a) Helopeltis antonii (Tea mosquito bug - सही उत्तर)
(b) गैंडा भृंग
(c) तना छेदक
(d) थ्रिप्स
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गोवा का प्रसिद्ध पेय 'फेनी' (Feni) किससे तैयार किया जाता है?
(a) काजू सेब के रस से (Cashew apple - सही उत्तर)
(b) नारियल पानी से
(c) ताड़ के रस से
(d) गन्ने के रस से
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केंद्रीय रोपण फसल अनुसंधान संस्थान (CPCRI) कहाँ स्थित है?
(a) कासरगोड (केरल - सही उत्तर)
(b) मंगलौर (कर्नाटक)
(c) कोयंबटूर (तमिलनाडु)
(d) पणजी (गोवा)
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अस्वीकरण (Disclaimer):
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