03. गृह वाटिका, संरक्षित खेती एवं विशिष्ट सब्जी उत्पादन प्रणालियां (Kitchen Gardening, Protected Cultivation & Special Vegetable Farming Systems)

1. गृह वाटिका / पोषण वाटिका (Kitchen Garden / Nutrition Garden)

गृह वाटिका (Kitchen Garden): परिवार के दैनिक उपयोग के लिए घर के आस-पास उपलब्ध भूमि पर ताजी, कीटनाशक-मुक्त और पौष्टिक सब्जियों की वर्षभर निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की जाने वाली वैज्ञानिक खेती।

गृह वाटिका के प्रमुख विन्यास सिद्धांत (Layout Principles):

2. व्यावसायिक सब्जी उत्पादन की प्रमुख प्रणालियां (Commercial Vegetable Farming Systems)

खेती का प्रकार (Farming System) विशेषताएं एवं कार्यप्रणाली प्रमुख फसलें एवं लाभ
1. बाजारू वाटिका (Market Garden) शहरों और बड़े उपभोग केंद्रों के समीप ($10 - 20\text{ km}$) उच्च भूमि मूल्य पर सघन खेती। दैनिक मांग पूर्ति के लिए। अल्पकालिक एवं शीघ्र खराब होने वाली सब्जियां (टमाटर, पालक, धनिया, हरी मिर्च, खीरा, गोभी)।
2. ट्रक वाटिका (Truck Garden) बाजार से दूर ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर विस्तृत खेती। 'ट्रक' (Truck) फ्रांसीसी शब्द 'Trocquer' (विनिमय) से बना है। कम उत्पादन लागत; आलू, प्याज, गाजर, तरबूज, कद्दू, लहसुन जैसी टिकाऊ फसलें जो लंबी दूरी तक भेजी जा सकें।
3. प्रसंस्करण वाटिका (Vegetables for Processing) खाद्य प्रसंस्करण कारखानों (Canning, Freezing, Dehydration) के अनुबंध पर विशेष प्रजातियों की खेती। टमाटर (सॉस/पेस्ट हेतु), हरी मटर (फ्रीजिंग), आलू (चिप्स हेतु), बेबी कॉर्न, खीरा (Gherkin)।
4. बेमौसमी / प्रबलयुक्त खेती (Vegetable Forcing) संरक्षित संरचनाओं (Greenhouse/Polyhouse) में नियंत्रित तापमान व आर्द्रता में बाजार मूल्य अधिक होने पर बेमौसमी उत्पादन। शिमला मिर्च, चेरी टमाटर, पार्थेनोकार्पिक खीरा, ब्रोकली।

3. संरक्षित खेती की संरचनाएं (Protected Cultivation Structures)

संरक्षित खेती के अंतर्गत प्रतिकूल जलवायु परिस्थितियों (अत्यधिक ठंड, गर्मी, भारी वर्षा, कीट आक्रमण) से फसलों को बचाकर नियंत्रित वातावरण में उच्च गुणवत्तायुक्त उत्पादन लिया जाता है:

Even-span Protected Greenhouses & Rain Shelters
  1. A. ग्लास हाउस (Glass House):
    कांच की चादरों से ढकी स्थायी संरचना। ग्रीनहाउस प्रभाव द्वारा आंतरिक तापमान बाहर की तुलना में $5 - 10^\circ\text{C}$ बढ़ जाता है। ठंडे शीतोष्ण क्षेत्रों के लिए उपयुक्त।
  2. B. पॉली हाउस (Polyhouse / Plastic Greenhouse):
    पराबैंगनी किरण प्रतिरोधी (UV stabilized 200 माइक्रोन / 800 गेज) पॉलीथीन शीट से ढकी संरचना।
    कम लागत पॉलीहाउस (Low-Cost Polyhouse): बांस या जी.आई. पाइप से निर्मित शून्य-ऊर्जा संरचना, प्राकृतिक रूप से हवादार।
    मध्यम एवं उच्च तकनीक पॉलीहाउस: पंखा-पैड शीतलन प्रणाली (Fan & Pad Cooling System), फॉगर्स और स्वचालित तापमान नियंत्रक युक्त।
  3. C. रेन शेल्टर (Rain Shelters):
    असम और केरल जैसे अत्यधिक वर्षा वाले राज्यों में शीर्ष पर पॉलीथीन छत तथा चारों तरफ से खुली संरचना, जो टमाटर और मिर्च को भारी वर्षा व सड़ांध से बचाती है।
  4. D. खाई / ट्रेंच फार्मिंग (Trench Cultivation):
    लद्दाख और ऊंचे ठंडे रेगिस्तानों में जमीन में $1 - 1.5\text{ m}$ गहरी खाई खोदकर ऊपर पॉलीथीन शीट ढककर subsoil ऊष्मा द्वारा मेथी, पालक और सलाद उगाना।
  5. E. प्लास्टिक टनल (Plastic Tunnels):
    जमीन की क्यारियों पर $0.5 - 1.0\text{ m}$ ऊंचाई के अर्ध-वृत्ताकार ढांचे पर पॉलीथीन शीट ढकना, जिससे जायद कुकुरबिट्स का शीघ्र अंकुरण कराया जा सके।

4. हाइड्रोपोनिक्स एवं तैरती खेती (Hydroponics & Floating Gardens)

A. हाइड्रोपोनिक्स (Hydroponics - मृदा-विहीन जल संवर्धन):

मृदा के बिना आवश्यक पोषक तत्वों से युक्त संतुलित जलीय घोल (Nutrient Solution) में पौधों को उगाने की आधुनिक तकनीक:

B. तैरती हुई खेती (Floating Gardens - कश्मीर की डल झील):

कश्मीर में डल झील के ऊपर जलीय खरपतवारों (टायफा, रीड्स) की चटाइयों पर ह्यूमस युक्त उपजाऊ मिट्टी रखकर तैरते हुए बगीचे (Radh) बनाए जाते हैं। नावों की सहायता से ग्रीष्मकालीन टमाटर, खीरा, खरबूजा और साग उगाए जाते हैं।

C. दियारा / नदी कछार की खेती (River Bed / Diara Land Cultivation):

उत्तर भारत में गंगा, यमुना, सरयू नदियों के कछारों (Diara Lands) में बाढ़ का पानी उतरने के बाद नवंबर-दिसंबर में $1 - 1.5\text{ m}$ गहरे गड्ढे या खाइयां खोदकर कुकुरबिट्स (तरबूज, खरबूजा, कद्दू, लौकी, परवल) की खेती करना। भूमिगत जल स्तर और रेत की ताप धारण क्षमता का उपयोग किया जाता है।

5. जैविक सब्जी उत्पादन (Organic Vegetable Farming)

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अस्वीकरण (Disclaimer):
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