| दैहिक विकार (Disorder) | लक्षण एवं संवेदनशीलता | मूल कारण (Etiology) | सटीक रासायनिक / सस्य नियंत्रण (Control Measure) |
|---|---|---|---|
| स्पंजी ऊतक (Spongy Tissue) | अल्फांसो का गूदा खट्टा, स्पंज जैसा व सफेद हो जाता है। | मृदा द्वारा उत्सर्जित संवहनीय ताप (convective heat) व असंतुलित इनवर्टेज एंजाइम। | घास-फूस की मल्चिंग करें, फलों को $75-80\%$ परिपक्वता पर तोड़ें, सोडियम अमाइलेज सक्रियता रोकें। |
| काला सिरा (Black Tip) | फल का निचला सिरा काला पड़कर सड़ जाता है। | ईंट भट्ठों की धुआं ($SO_2, CO$) एवं बोरॉन ($B$) की कमी। | बाग ईंट भट्ठों से $>1.5\text{ km}$ दूर हों। पुष्पन पर बोरेक्स ($0.6\%$) বা $Na_2CO_3$ ($1\%$) का छिड़काव करें। |
| गुच्छा-मुच्छा (Malformation) | वानस्पतिक प्ररोह व पुष्पीय बौर घने गुच्छों में बदलकर निष्फल हो जाते हैं। | Fusarium moniliforme var. subglutinans कवक एवं मैंगो बड माइट। | अक्टूबर में NAA ($200\text{ ppm}$) का छिड़काव करें तथा प्रभावित बौर को तोड़कर नष्ट करें। |
| झुमका (Clustering / Jhumka) | मटर जैसे छोटे फल गुच्छों में लटकते हैं और बड़े नहीं होते। | पुष्पन के समय कम तापमान ($<15^\circ\text{C}$) से परागण व निषेचन की विफलता। | बाग में मधुमक्खियां छोड़ें, वायु-अवरोधक लगाएं। |
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