77. सेब की उच्च स्तरीय वैज्ञानिक बागवानी: किस्में, मैलिंग मूलवृंत (M.9, MM.106), सधाई, स्कैब रोग एवं सस्य प्रबंधन (APPLE PRODUCTION TECHNOLOGY: BOTANY, CULTIVARS, MALLING ROOTSTOCKS, TRAINING, SCAB & INTEGRATED MANAGEMENT)
वानस्पतिक विवरण, कुल, उत्पत्ति एवं आर्थिक महत्व (Botany, Family, Origin & Importance)
सेब (Apple): Malus domestica Borkh. / Pyrus malus L. (गुणसूत्र संख्या: $2n = 34$), कुल: रोज़ेसी (Rosaceae), उप-कुल: पोमोइडी (Pomoideae) (हिंदी: सेब)।
सेब को 'शीतोष्ण फलों का राजा' (King of Temperate Fruits) कहा जाता है। इसका संभावित उत्पत्ति केंद्र दक्षिण-पश्चिमी एशिया (कॉकेसस पर्वत एवं कजाकिस्तान) है। भारत में जम्मू-कश्मीर (देश के कुल उत्पादन का $>70\%$) तथा हिमाचल प्रदेश ('एप्पल स्टेट ऑफ इंडिया'), उत्तराखंड, अरुणाचल प्रदेश एवं नागालैंड में सेब की व्यावसायिक खेती की जाती है।
फल की संरचना एवं पोषण: फल का वानस्पतिक प्रकार 'पोम' (Pome - कूट फल / False fruit) है जिसका खाने योग्य भाग फूला हुआ मांसल पुष्पासन (Swollen Thalamus / Receptacle) होता है। सेब में मुख्य कार्बनिक अम्ल मैलिक अम्ल (Malic acid) होता है तथा यह पेक्टिन, पोटेशियम व एंटीऑक्सीडेंट (क्वेरसेटिन) का समृद्ध स्रोत है।
जलवायु, शीतलन आवश्यकता एवं किस्मों का वर्गीकरण (Climate & Cultivars Classification)
- शीतलन आवश्यकता (Chilling Requirement): सेब के वृक्षों को शीतकालीन सुप्तावस्था तोड़ने एवं एकसमान पुष्पन हेतु $7^\circ\text{C}$ से कम तापमान के $1000 - 1500\text{ घंटे}$ की आवश्यकता होती है। यह समुद्र तल से $1500 - 2700\text{ मीटर}$ की ऊंचाई पर सर्वोत्तम फलता है।
- किस्मों की श्रेणियां:
1. डिप्लॉइड किस्में (Diploid Cultivars - $2n=34$): परागकण जीवनक्षम होते हैं परंतु स्व-असंगत (Self-incompatible) होती हैं। बाग में $20 - 33\%$ परागणकर्ता किस्में (Golden Delicious, Granny Smith, Gala) लगाना अनिवार्य है। प्रमुख किस्में: रेड डिलीशियस, रॉयल डिलीशियस, स्टार्किंग डिलीशियस, रिचारेड, वेंस डिलीशियस।
2. ट्रिप्लॉइड किस्में (Triploid Cultivars - $2n=51$): परागकण बांझ (sterile) होते हैं। किस्में: बाल्डविन, ग्रेवेनस्टीन, रोड आइलैंड ग्रीनिंग।
3. कम शीतलन वाली किस्में (Low-Chilling Cultivars - $200-400 ext{ hrs}$): अन्ना (Anna), डोरसेट गोल्डन (Dorsett Golden), माइकल, ट्रॉपिकल ब्यूटी, पार्लिन ब्यूटी (उपोष्ण घाटियों हेतु)।
4. स्पर किस्में (Spur Type Cultivars - सघन बागवानी हेतु): रेड चीफ, ओरेगन स्पर, सिल्वर स्पर, ब्राइट-एन-अर्ली।
5. स्कैब-प्रतिरोधी किस्में (Scab Resistant): प्राइमा (Prima), प्रिसिला (Priscilla), सर प्राइज, लिबर्टी, फ्रीडम।
मैलिंग मूलवृंत एवं सघन बागवानी (Malling Rootstocks & HDP)
| मूलवृंत का नाम (Rootstock) |
ओजस्विता श्रेणी (Vigour Class) |
प्रमुख विशेषताएं एवं सघन बागवानी उपयुक्तता |
| M.9 (मैलिंग-9) |
बौना (Dwarfing) |
विश्व में सघन बागवानी (HDP) हेतु नंबर-1 मूलवृंत। वृक्ष छोटे रहते हैं, तीसरे वर्ष से भारी फलन, ट्रेलिस सहारे की आवश्यकता। |
| M.26 |
अर्ध-बौना (Semi-dwarf) |
M.9 से थोड़ा अधिक ओजस्वी, मजबूत जड़ प्रणाली। |
| M.27 |
अति-बौना (Ultra-dwarf) |
अत्यधिक सघन बागवानी ($1.5 \times 1.0\text{ m}$) हेतु। |
| MM.106 |
अर्ध-ओजस्वी (Semi-vigorous) |
ऊली एफिड (Woolly aphid) कीट के प्रति पूर्णतः प्रतिरोधी, मध्यम ऊंचाई के बागों हेतु। |
| MM.111 |
ओजस्वी (Vigorous) |
ऊली एफिड प्रतिरोधी एवं सूखा सहनशील। |
| क्रैब एप्पल (Malus baccata) |
मानक ओजस्वी बीजू |
अत्यधिक पाला व ठंड सहिष्णु पारंपरिक बीजू मूलवृंत। |
दैहिक विकार, कीट एवं स्कैब रोग प्रबंधन (Disorders, Pests & Disease IDM)
- कड़वा गड्ढा / बिटर पिट (Bitter Pit): कैल्शियम ($Ca$) की कमी एवं अत्यधिक नाइट्रोजन से फलों की त्वचा पर भूरे धंसे हुए कड़वे धब्बे। रोकथाम: फल विकास पर कैल्शियम क्लोराइड ($CaCl_2$ @ $0.5\%$) के $3-4$ छिड़काव करें।
- वाटर कोर (Water Core): फलों के गूदे में सोर्बिटोल (Sorbitol) का संचय जिससे ऊतक कांच जैसे पारदर्शी हो जाते हैं।
- सेब का स्कैब रोग (Apple Scab - Venturia inaequalis):
• सेब का सर्वाधिक विनाशकारी कवक जनित रोग। पत्तियों व फलों पर मखमली जैतूनी-काले धब्बे बनते हैं, फल फट जाते हैं।
• सटीक कवकनाशी छिड़काव कैलेंडर:
1. सिल्वर टिप अवस्था: कॉपर ऑक्सीक्लोराइड ($0.3\%$)
2. पिंक बड अवस्था: मैनकोजेब ($0.25\%$) या कैप्टन ($0.2\%$)
3. पंखुड़ी गिरने पर (Petal fall): कार्बेन्डाजिम ($0.05\%$) या डाइफेनोकोनाजोल ($0.03\%$)
- ऊली एप्पल एफिड (Woolly Apple Aphid - Eriosoma lanigerum): तनों व जड़ों पर सफेद कपास जैसा मोम स्रावित कर रस चूसता है जिससे गांठें बन जाती हैं। जैविक नियंत्रण: परजीवी ततैया Aphelinus mali छोड़ें तथा MM.106 मूलवृंत लगाएं।
- सैन जोस स्केल (San Jose Scale - Quadraspidiotus perniciosus): शाखाओं पर गोल धूसर कवच बनाकर रस चूसता है। सुप्तावस्था में ट्री स्प्रे ऑयल (Dormant Spray Oil @ $2\%$) का छिड़काव करें।
समीक्षा प्रश्न / वस्तुनिष्ठ प्रश्न (Review Questions / MCQs)
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सेब में सघन बागवानी (HDP) हेतु विश्वभर में सर्वाधिक प्रयुक्त बौना मूलवृंत कौन सा है?
(a) M.9 (Malling 9 - सही उत्तर)
(b) MM.111
(c) कैंथ
(d) मायरोबलन
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सेब का कौन सा मूलवृंत 'ऊली एप्पल एफिड' (Woolly Aphid) के प्रति पूर्णतः प्रतिरोधी है?
(a) MM.106 (Malling Merton 106 - सही उत्तर)
(b) M.9
(c) M.27
(d) क्रैब एप्पल
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सेब में 'बिटर पिट' (Bitter Pit) दैहिक विकार किसकी कमी के कारण होता है?
(a) कैल्शियम ($Ca$ - सही उत्तर)
(b) नाइट्रोजन
(c) पोटाश
(d) बोरॉन
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सेब का सबसे विनाशकारी 'स्कैब रोग' (Apple Scab) किसके द्वारा होता है?
(a) Venturia inaequalis (सही उत्तर)
(b) Taphrina deformans
(c) Phytophthora
(d) Fusarium
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मैदानी उपोष्ण क्षेत्रों हेतु सेब की सबसे उपयुक्त कम शीतलन (Low Chilling) वाली किस्म कौन सी है?
(a) अन्ना एवं डोरसेट गोल्डन (Anna & Dorsett Golden - सही उत्तर)
(b) रेड डिलीशियस
(c) रॉयल डिलीशियस
(d) गोल्डन डिलीशियस
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अस्वीकरण (Disclaimer):
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