उत्पत्ति, क्षेत्र, उत्पादन, किस्में, कद्दू वर्गीय सब्जियों (Cucurbitaceous Vegetables) के लिए सस्य क्रियाएँ (Package of Practices)

कुकरबिटेसी (Cucurbitaceae) परिवार (Family) से संबंधित फसलों (Crops) को आमतौर पर 'कद्दू वर्गीय' (Cucurbits) के रूप में जाना जाता है। इसमें सब्जियों (Vegetables) की एक विस्तृत श्रृंखला (Wide range) शामिल है, जिनका उपयोग या तो सलाद (Salad) के उद्देश्य (Purpose) (खीरा / Cucumber) के लिए किया जाता है, या पकाने (Cooking) के लिए (सभी लौकी / All gourds), अचार बनाने (Pickling) के लिए (वेस्ट इंडियन घर्किन / West Indian gherkin) या मिठाई फल (Dessert fruit) के रूप में (खरबूजा / Muskmelon, तरबूज / Water melon) या मुरब्बा (Candied) या संरक्षित (Preserved) (पेठा / Ash gourd) के रूप में किया जाता है। एक समूह (Group) के रूप में, कद्दू वर्गीय (Cucurbits) भारत (India) और अन्य उष्णकटिबंधीय देशों (Tropical countries) में सबसे बड़े क्षेत्र (Largest area) पर कब्जा करते हैं। इनका उपयोग मुख्य रूप से कैलोरी (Calories), खनिजों (Minerals) या विटामिन (Vitamins) के कारण नहीं होता है क्योंकि वे आमतौर पर पोषक तत्वों (Nutrients) में निम्न से मध्यम (Low to moderate) होते हैं, कुछ अपवादों (Exceptions) को छोड़कर जैसे करेला / Bitter gourd (विटामिन सी में प्रचुर / Rich in vitamin C 96 मिलीग्राम/100 ग्राम), परवल / Parwal और चाउ चाउ / Chow chow (कैल्शियम / Calcium - क्रमशः 531 मिलीग्राम और 140 मिलीग्राम / 100 ग्राम)। पोषण के दृष्टिकोण (Nutritional point of view) से, कद्दू वर्गीय के बीज (Cucurbit seeds) उनके उच्च तेल और प्रोटीन सामग्री (High oil and protein contents) के लिए मूल्यवान (Valued) हैं। कद्दू वर्गीय के बीज प्रोटीन (Seed proteins) फलियों (Legumes) के तुलनीय (Comparable) होते हैं और मेथियोनीन (Methionine) में अधिक प्रचुर (Richer) होते हैं।

वनस्पतिशास्त्रियों (Botanists) द्वारा परिवार (Family) का वर्गीकरण (Taxonomic classification) अलग-अलग तरीके से किया गया है। कुकरबिटेसी (Cucurbitaceae) परिवार (Family) में गर्म भागों (Warmer parts) में लगभग 117 वंश (Genera) और 825 प्रजातियां (Species) शामिल हैं। चक्रवर्ती (Chakravarthy) (1982) ने भारत (India) में 36 वंशों (Genera) और 100 प्रजातियों (Species) का अनुमान (Estimated) लगाया।

सामान्य विशेषताएँ (General features)

कद्दू वर्गीय सब्जियों (Cucurbit vegetables) में निम्नलिखित सामान्य विशेषताएँ (Common features) हैं:

  1. लंबी मूसला जड़ प्रणाली (Long tap root system) - मूसला जड़ (Tap root) 175-180 सेमी तक बढ़ सकती है और पार्श्व जड़ें (Laterals) शीर्ष (Top) 60 सेमी तक सीमित (Confined) होती हैं। इसलिए लौकी (Bottle gourd), पेठा (Ash gourd) और परवल (Parwal) जैसी फसलों (Crops) का मुख्य रूप से नदी के तल की खेती (River bed cultivation) में उपयोग किया जाता है।
  2. शाखित तना (Branched stem) - तना (Stem) 3-8 शाखित और फैला हुआ / चढ़ने वाला (Prostrate / climbing) होता है और कुकुरबिता (Cucurbita) और लैजेनेरिया (Lagenaria) में 9-10 मीटर तक फैल (Spread) जाता है। कुकुरबिता पेपो (Cucurbita pepo) जैसी फसलों (Crops) में छोटी पोरियां (Short internodes) होती हैं और वे झाड़ीदार (Bushy) होती हैं। गांठे (Nodes) आमतौर पर मिट्टी (Soil) को छूकर जड़ें (Roots) पैदा करती हैं।
  3. पत्तियां (Leaves) सरल (Simple), अधिकतर 3-5 पालियुक्त (Lobed), हस्ताकार (Palmate) और शायद ही कभी पिच्छाकार पालियुक्त (Pinnately lobed) (सिट्रुलस प्रजाति / Citrullus sp.) होती हैं।
  4. पत्तियों के कक्षों (Axils of leaves) पर प्रतान (Tendrils) कुकुमिस (Cucumis) में सरल (Simple), दूसरों में सरल या द्विशाखित (Simple or bifid) और झाड़ी के प्रकारों (Bush types) में अनुपस्थित (Absent) होते हैं।
  5. कद्दू वर्गीय (Cucurbits) अत्यधिक पर-परागित (Highly cross pollinated) होते हैं और परागण (Pollination) मधुमक्खियों (Honey bees) और भंवरों (Bumble bees) द्वारा किया जाता है। फूल (Flowers) पत्तियों के कक्षों (Axils of leaves) में पैदा होते हैं और एकल (Solitary) या असीमाक्षी गुच्छों (Racemose clusters) में होते हैं। व्यक्तिगत फूल (Individual flowers) एकलिंगी (Unisexual), बड़े (Large) और आकर्षक (Showy) होते हैं।
  6. फल (Fruit) अनिवार्य रूप से एक निम्न कोटि का बेरी (Inferior berry) है और परिपक्व (Mature) होने पर कठोर छिलके (Hard rind) के कारण इसे "पेपो" (Pepo) कहा जाता है। फलों (Fruits) को पेठा (Ash gourd), कद्दू (Pumpkin), ओरिएंटल पिकलिंग मेलन (Oriental pickling melon) आदि में लंबी अवधि (Long period) के लिए संग्रहीत (Stored) किया जा सकता है, जबकि खीरा (Cucumber), चिचिंडा (Snake gourd), करेला (Bitter gourd) आदि में भंडारण गुणवत्ता (Keeping quality) कम होती है। चाउ चाउ (Chow chow) को छोड़कर सभी कद्दू वर्गीय के फलों में कई बीज (Many seeded) होते हैं।
  7. बीज (Seeds) भित्तीय बीजांडन्यास (Parietal placentation) में उत्पन्न होते हैं - तरबूज (Water melon) में बीजांडासन (Placenta) खाने योग्य भाग (Edible portion) होता है, जबकि पेठा (Ash gourd), तोरई (Ridge gourd) और चिकनी तोरई (Smooth gourd) में यह अंतःफलभित्ति (Endocarp) होता है। खरबूजा (Muskmelon) में, खाने योग्य भाग (Edible portion) ज्यादातर थोड़ी मध्यफलभित्ति (Mesocarp) के साथ बाह्यफलभित्ति (Pericarp) होता है।
  8. कद्दू वर्गीय (Cucurbits) ज्यादातर बीज से प्रवर्धित (Seed propagated) होते हैं। परवल (Parwal) और कोक्सीनिया (Coccinia) जैसे कुछ वानस्पतिक रूप से प्रवर्धित (Vegetative propagated) होते हैं।
  9. चाउ चाउ (Chow chow) और कोक्सीनिया (Coccinia) को छोड़कर अधिकांश कद्दू वर्गीय एकवर्षीय (Annuals) होते हैं, दोनों में बहुवर्षीय स्वभाव (Perennial habit) होता है।
  10. कुकुरबिटासिन (Cucurbitacins) - अधिकांश कद्दू वर्गीय (Majority of cucurbits) पौधे के कुछ हिस्सों (Some portions of plant) में और विकास के कुछ चरणों (Some stages of development) में कड़वे तत्वों (Bitter principles), कुकुरबिटासिन (Cucurbitacins) की उपस्थिति की विशेषता रखते हैं। कुकुरबिटासिन टेट्रासाइक्लिक ट्राइटरपिन (Tetracyclic triterpins) होते हैं जिनमें व्यापक ऑक्सीकरण स्तर (Extensive oxidation levels) होते हैं। इसकी उच्चतम सांद्रता (Highest concentration) फलों (Fruits) और जड़ों (Roots) में होती है और पत्तियों (Leaves) में कम होती है। परागकण (Pollen grain) भी काफी अच्छी मात्रा में कड़वे तत्व (Bitter principles) ले जाते हैं। यह ओरिएंटल पिकलिंग मेलन (Oriental pickling melon), खीरा (Cucumber) और लौकी (Bottle gourd) में एक आम समस्या (Common problem) है और शायद ही कभी तोरई (Ridge gourd) और चिचिंडा (Snake gourd) में देखा जाता है। उपभोक्ता (Consumers) आमतौर पर फलों में कड़वाहट (Bitterness in fruits) की संभावित संभावना से बचने के लिए सेवन (Consumption) के दौरान फल के सिरों (Fruit tips) को हटा देते हैं।
  11. लिंग रूप (Sex forms) - परिवार (Family) में उभयलिंगाश्रयी (Monoecious), पुंउभयलिंगाश्रयी (Andro monoecious), स्त्रीपुंउभयलिंगाश्रयी (Gynandro monoecious) और एकलिंगाश्रयी (Dioecious) जैसे लिंग रूपों (Sex forms) की एक विस्तृत श्रृंखला (Wide range) देखी जाती है।

पुष्पन (Flowering)

अधिकांश कद्दू वर्गीय बुवाई (Sowing) के 30-45 दिन बाद पुष्पन (Flowering) शुरू करते हैं और यह एक निश्चित क्रम (Definite sequence) का पालन करता है। फलों के ठहराव (Fruit set) तक नर और मादा फूलों (Male and female flowers) का एक वैकल्पिक क्रम (Alternate sequence) चलता है। पहले 4-6 पुष्पन वाले गांठे (Flowering nodes) नर फूल (Male flowers) धारण करते हैं और बाद में मादा फूल (Female flowers) आते हैं। एक बेल (Vine) में विकासशील फल (Developing fruits) बेल में आगे नीचे की ओर और अधिक मादा फूलों (Female flowers) के उत्पादन को निर्धारित करते हैं। जिन फसलों में अपरिपक्व फलों (Immature fruits) को कोमल अवस्था (Tender stage) में काटा जाता है, इस प्रकार का निरोधात्मक तंत्र (Inhibiting mechanism) प्रत्यक्ष (Perceptible) नहीं होगा। लेकिन खरबूजा (Melon), कद्दू (Pumpkin), पेठा (Ash gourd) आदि में, भले ही बेल में पूर्ण या मादा फूल (Perfect or female flowers) पैदा होते हैं, फल पूरी तरह से स्थापित (Set) या विकसित (Develop) नहीं हो सकते हैं या अपरिपक्व अवस्था (Immature condition) में गिर (Shed) सकते हैं। यही कारण है कि लौकी (Bottle gourd), पेठा (Ash gourd) और खीरा (Cucumber) में एक सब्जी की फसल (Vegetable crop) (12-15) की तुलना में बीज की फसल (Seed crop) में प्रति बेल फलों की संख्या (Number of fruits / vine) कम (4-5) होगी。

परागण (Pollination)

खीरा (Cucumber), कद्दू (Pumpkin), खरबूजा (Muskmelon) और तरबूज (Watermelon) में परागण (Pollination) सुबह जल्दी 6-8 बजे के बीच होता है। लौकी (Bottle gourd) और तोरई (Ridge gourd) में दिन के समय जब तापमान (Temperature) अधिक होता है तो परागण (Pollination) बदल (Altered) जाता है। चिचिंडा (Snake gourd) और परवल (Pointed gourd) में, पुष्पन (Anthesis) रात के दौरान होता है और परागण (Pollination) सुबह जल्दी होता है। कद्दू (Pumpkin) में, पराग उत्पादन (Pollen production) अधिक होता है जबकि खरबूजा (Muskmelon) में, पराग उत्पादन (Pollen production) कम होता है और उनके चारों ओर तैलीय फिल्म (Oily film) के कारण पराग कण (Pollen grains) चिपचिपे (Sticky) होते हैं। कद्दू वर्गीय में पर-परागण की सीमा (Extent of cross pollination) 60-80% है। वे कीटपरागित (Entomophilous) होते हैं और मधुमक्खियां (Bees), भृंग (Beetles) और पतंगे (Moths) परागण (Pollination) का कारण बनते हैं।

लिंग संशोधन (Sex modification)

अधिकांश कद्दू वर्गीय उभयलिंगाश्रयी (Monoecious) होते हैं और लिंग अनुपात (Sex ratio) (नर: मादा) 25-30:1 से 15:1 तक होता है। लिंग अनुपात (Sex ratio) पर्यावरणीय कारकों (Environmental factors) से प्रभावित होता है। मिट्टी में उच्च नाइट्रोजन सामग्री (High N content), लंबे दिन (Long days) और उच्च तापमान (High temperature) नरत्व (Maleness) का पक्ष लेते हैं। पर्यावरणीय कारकों (Environmental factors) के अलावा, ऑक्सिन (Auxins), जिबरेलिन (Gibberellins), एथिलीन (Ethylene) और एब्सिसिक एसिड (Abscisic acid) के अंतर्जात स्तर (Endogenous levels) भी लिंग अनुपात (Sex ratio) और पुष्पन का क्रम (Sequence of flowering) निर्धारित करते हैं। एक प्राइमोर्डियम (Primordium) या तो मादा या नर फूल (Female or a male flower) बना सकता है और इसे ऑक्सिन (Auxins) के जोड़ने (Addition) या हटाने (Deletion) द्वारा हेरफेर (Manipulated) किया जा सकता है। यदि 2-4 पत्ती अवस्था (2-4 leaf stage) पर लागू किया जाए, तो पौधे के विकास नियामकों (Plant growth regulators) का अंतर्जात अनुप्रयोग (Endogenous application) लिंग रूप (Sex form) को बदल (Alter) सकता है। उच्च एथिलीन स्तर (High ethylene level) मादा लिंग (Female sex) को प्रेरित करता है और खीरा (Cucumber), खरबूजा (Musk melon), ग्रीष्मकालीन स्क्वैश (Summer squash) और कद्दू (Pumpkin) में मादा फूलों (Female flowers) को बढ़ाने का सुझाव दिया जाता है। खीरा (Cucumber) में, मैलिक हाइड्राज़ाइड (Maleic hydrazide) (50-100 पीपीएम), जीए 3 (GA 3) (5-10 पीपीएम), इथरेल (Ethrel) (150-200 पीपीएम), टीआईबीए (TIBA) (25-50 पीपीएम), बोरॉन (Boron) (3 पीपीएम) भी मादा फूलों (Female flowers) को प्रेरित करते हैं। जिबरेलिन (Gibberellins) नरत्व (Maleness) को बढ़ावा देते हैं और एथिलीन (Ethylene) और एब्सिसिक एसिड (Abscisic acid) की क्रिया के विरोधी (Antagonistic) हैं। वास्तव में, खीरे की स्त्रीलिंगाश्रयी पंक्ति (Gynoecious line) को जीए 3 (GA 3) (1500-2000 पीपीएम) के छिड़काव के माध्यम से नर फूलों (Male flowers) को प्रेरित करके बनाए रखा जाता है। सिल्वर नाइट्रेट (Silver nitrate) (300-400 पीपीएम) भी नरत्व (Maleness) को प्रेरित करता है।

अस्वीकरण (Disclaimer):
यह स्टडी मटेरियल ICAR के मूल कंटेंट का हिंदी अनुवाद है। हम इसकी पूर्ण सटीकता के लिए उत्तरदायी नहीं हैं। यह फाइल अभी केवल सुधार और परीक्षण (Improvement Purpose) के लिए यहाँ उपलब्ध कराई गई है। बहुत जल्द हम इसे डाउनलोड करने के लिए PDF फॉर्मेट में अपडेट करेंगे।

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