व्याख्यान अनुसूची 16 (LECTURE SCHEDULE 16)
वेब ब्राउजिंग और इलेक्ट्रॉनिक मेल (Web Browsing and Electronic Mail)
वेब ब्राउजिंग (Web browsing)
- ब्राउज़ (Browse) का अर्थ सतही तौर पर (superficially) या यादृच्छिक रूप से (at random) पढ़ना है।
- ब्राउज़र का उपयोग करके इंटरनेट पर वेबपेजों (WebPages) में मौजूद जानकारी को पढ़ना वेब ब्राउज़िंग (web browsing) कहलाता है।
- वेब ब्राउज़र वर्ल्ड वाइड वेब पर सूचना संसाधनों को पुनः प्राप्त करने (retrieving), प्रस्तुत करने (presenting) और पार करने (traversing) के लिए एक सॉफ्टवेयर एप्लिकेशन है।
ब्राउज़र को समझें (Understand the browsers)

- ब्राउज़र के एड्रेस बार (address bar) में वेबसाइट का पता दर्ज करें या किसी सर्च इंजन (search engine) का पता दर्ज करें।
- यदि दर्ज किया गया पता एक वेबसाइट है तो संबंधित वेबपेज (corresponding webpage) प्रदर्शित होगा।
- यदि दर्ज किया गया पता किसी खोज इंजन (उदाहरण के लिए Google) का है, तो संबंधित खोज इंजन का वेबपेज नीचे दिखाए अनुसार प्रदर्शित होगा:

- सर्च टैब (search tab) में अपनी खोज (search) के बारे में जानकारी दर्ज करें। उदाहरण के लिए यदि आप कंप्यूटर के बारे में ब्राउज़ करना चाहते हैं तो सर्च टैब में 'computers' दर्ज करें।
- फिर सर्च (Search) टैब पर क्लिक करें।
- कंप्यूटर के बारे में जानकारी रखने वाले वेबपेजों (webpages) के लिंक (links) के साथ पृष्ठों का एक सेट जैसा कि नीचे दिखाया गया है:

- आपके द्वारा वांछित (desired) लिंक पर क्लिक करने पर आप उन वेबपेजों पर पहुंच जाएंगे।
उस वेब पेज पर लौटें जिसे आपने अभी देखा था (Return to a Web Page That You Just Visited)
- आपके द्वारा देखे गए अंतिम पृष्ठ (last page) पर लौटने के लिए, ब्राउज़र टूलबार पर बैक बटन (Back button) पर क्लिक करें।
- अपने चरणों को फिर से खोजने (retrace) और बैक बटन पर क्लिक करने से पहले आपके द्वारा देखे गए पृष्ठों पर लौटने के लिए फ़ॉरवर्ड बटन (Forward button) पर क्लिक करें।
- इस सत्र (session) में आपके द्वारा देखे गए अंतिम नौ पृष्ठों में से एक को देखने के लिए, बैक या फॉरवर्ड बटन के दाईं ओर छोटे काले तीर (tiny black arrow) पर क्लिक करें, और फिर सूची से अपना इच्छित पृष्ठ क्लिक करें।
- इंटरनेट एक्सप्लोरर 6 टूलबार (Internet Explorer 6 toolbar) पर फॉरवर्ड बटन (Forward button)
वह वेब पेज ढूंढें जिसे आपने आज या कुछ सप्ताह पहले देखा था (Find a Web Page That You Visited Today or a Few Weeks Ago)
ब्राउज़र स्वचालित रूप से (automatically) उन वेब पेजों को रिकॉर्ड (records) करता है जिन्हें आपने आज और अतीत (past) में देखा है। यह उन्हें आपके द्वारा देखे गए दिन के अनुसार हिस्ट्री बार (History bar) पर फ़ोल्डरों में व्यवस्थित (organizes) करता है। प्रत्येक दिन के भीतर, यह वेबसाइटों को फ़ोल्डरों में वर्णानुक्रम (alphabetically) में व्यवस्थित करता है, उस साइट पर देखे गए प्रत्येक पृष्ठ को उस फ़ोल्डर में डालता है। हिस्ट्री सूची (History list) में पृष्ठ खोजने का तरीका यहां दिया गया है:
- इंटरनेट एक्सप्लोरर 6 टूलबार पर हिस्ट्री बटन (History button) पर क्लिक करें। इंटरनेट एक्सप्लोरर 6 स्क्रीन के बाईं ओर हिस्ट्री बार (History bar) खोलता है। इंटरनेट एक्सप्लोरर 6 टूलबार पर हिस्ट्री बटन।
- हिस्ट्री बार में, उस समयावधि (time period) पर क्लिक करें जिसे आप खोजना चाहते हैं। उदाहरण के लिए, आप उन सभी साइटों को देखना चाह सकते हैं जिन्हें आपने आज देखा था। (जैसा कि चरण 4 में दिखाए गए चित्र में (2) चिह्नित है।)
- पेजों की सूची खोलने के लिए वेबसाइट फ़ोल्डर पर क्लिक करें, और फिर वेब पेज को प्रदर्शित करने के लिए पेज के लिंक पर क्लिक करें। (जैसा कि चरण 4 में दिखाए गए चित्र में (3) चिह्नित है।)
- समयावधि (time period) के आधार पर क्रमित (sorted) वेब पेज दिखा रहा हिस्ट्री बार (History bar)।
- जब आप हिस्ट्री बार का उपयोग समाप्त कर लें, तो क्लोज़ बटन (Close button) पर क्लिक करें।
इलेक्ट्रॉनिक मेल (Electronic Mail)
- इलेक्ट्रॉनिक मेल (Electronic mail), जिसे सबसे अधिक ई-मेल (email या e-mail) कहा जाता है, डिजिटल संदेशों (digital messages) के आदान-प्रदान की एक विधि है।
- ई-मेल सिस्टम एक स्टोर-एंड-फॉरवर्ड मॉडल (store-and-forward model) पर आधारित होते हैं जिसमें ई-मेल सर्वर कंप्यूटर सिस्टम उपयोगकर्ताओं की ओर से संदेश स्वीकार (accept), अग्रेषित (forward), वितरित (deliver) और संग्रहीत (store) करते हैं, जिन्हें केवल ई-मेल बुनियादी ढांचे (e-mail infrastructure), आमतौर पर एक ई-मेल सर्वर से जुड़ने की आवश्यकता होती है।

ईमेल बनाना (Creating Email)
उपयोगकर्ता जीमेल (gmail), याहू मेल (yahoomail), रेडिफमेल (rediffmail) आदि जैसी किसी भी ईमेल सेवा में ईमेल खाता (email account) रख सकते हैं।
इनमें से किसी भी ईमेल सेवा में ईमेल अकाउंट बनाने के लिए उपयोगकर्ता को सबसे पहले ब्राउज़र में सेवा का पता (address) डालना होगा।
सेवा उपयोगकर्ता को यह जानने के लिए प्रेरित (prompt) करेगी कि नया उपयोगकर्ता (new user) है या नहीं।
यदि आप एक नए उपयोगकर्ता हैं तो सेवा आपको अपनी ईमेल आईडी (email id) बनाने के लिए चरण-दर-चरण मार्गदर्शन (guide step by step) करेगी।
ईमेल पते (Email Addresses)
ईमेल पते (Email addresses) कम से कम दो भागों से बने होते हैं। एक हिस्सा मेल डोमेन (mail domain) का नाम है जो अंततः प्राप्तकर्ता (recipient) के होस्ट (host) या प्राप्तकर्ता की ओर से मेल स्वीकार करने वाले किसी होस्ट में अनुवाद करेगा। दूसरा भाग विशिष्ट उपयोगकर्ता पहचान (unique user identification) का कोई रूप है। अधिकांश ई-मेल पते इस तरह सेट किए जाते हैं: यह आपका उपयोगकर्ता नाम (username) है, फिर एक @ ('at') प्रतीक, और फिर एक डोमेन नाम (domain name - ज्यादातर मामलों में कुछ .com, .net, या .org)।
ईमेल का उपयोग करना (Using Email)
ई-मेल का उपयोग करना काफी सीधा (straightforward) है। एक बार जब आप एक खाता (account) सेट कर लेते हैं, तो वह विकल्प चुनें जो 'नया ई-मेल संदेश' (new e-mail message) या 'एक नया संदेश बनाएं' (create a new message) जैसा कुछ कहता हो। सेवा तीन बक्से (फ़ील्ड कहलाते हैं) के साथ संकेत (prompt) देगी:
- टू (To - को): टू फ़ील्ड में उस व्यक्ति का पूरा ई-मेल पता टाइप करें जो ई-मेल प्राप्त करेगा।
- विषय (Subject) और मुख्य भाग (Body): आप विषय (subject) और मुख्य भाग (body) फ़ील्ड में जो चाहें टाइप करें, लेकिन याद रखें कि विषय की लंबाई सीमित है।
- अटैचमेंट (Attachments): संदेश में फ़ाइलें जोड़ने के लिए फ़ाइल संलग्न करें (Attach a file) या अनुलग्नक (Attachment) लिंक पर क्लिक करें।
संदेश भेजना (Sending the message)
सभी आवश्यक फ़ील्ड भरने और संदेश में फ़ाइलें संलग्न करने के बाद संदेश भेजने के लिए सेंड (Send) बटन पर क्लिक करें।
आप किसी से प्राप्त संदेश को अग्रेषित (forward - कॉपी बना सकते हैं) कर सकते हैं (यदि आवश्यक हो तो उनकी अनुमति हो) और फॉरवर्ड (forward) विकल्प के साथ इसे किसी अन्य को मेल कर सकते हैं。
सीसी और बीसीसी (CC and BCC)
- सीसी (CC) का मतलब कार्बन कॉपी (carbon copy) है। यदि आप एक से अधिक लोगों को संदेश भेजना चाहते हैं, तो CC: फ़ील्ड में अतिरिक्त लोगों को जोड़ें (आमतौर पर आप उनके ई-मेल पतों को अल्पविराम (commas) से अलग करते हैं)।
- बीसीसी (BCC) का मतलब ब्लाइंड कार्बन कॉपी (blind carbon copy) है। BCC बिल्कुल कार्बन कॉपी की तरह काम करता है, सिवाय इसके कि BCC में आपके द्वारा टाइप किए गए ई-मेल पते अन्य प्राप्तकर्ताओं (recipients) को नहीं दिखते हैं। (उदाहरण: आप To: मैरी और BCC: जॉय को एक संदेश भेजते हैं। जॉय को मैरी का ई-मेल पता दिखाई देगा, लेकिन मैरी को जॉय का ई-मेल पता नहीं दिखाई देगा क्योंकि आपने इसे BCC फ़ील्ड में डालकर 'अंधा' (blinded) कर दिया है।)
सावधानी (CAUTION): आप वेब साइटों से निष्पादन योग्य फ़ाइलें (executable files - आमतौर पर विंडोज कंप्यूटर पर .com और .exe) डाउनलोड करके भी वायरस (viruses) प्राप्त कर सकते हैं। जिन वेब साइटों पर आपको भरोसा नहीं है, वहां से निष्पादन योग्य फ़ाइलें (executable files) डाउनलोड या चलाएं नहीं।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह स्टडी मटेरियल ICAR के मूल कंटेंट का हिंदी अनुवाद है। हम इसकी पूर्ण सटीकता के लिए उत्तरदायी नहीं हैं। यह फाइल अभी केवल
सुधार और परीक्षण (Improvement Purpose) के लिए यहाँ उपलब्ध कराई गई है। बहुत जल्द हम इसे डाउनलोड करने के लिए PDF फॉर्मेट में अपडेट करेंगे।
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