व्याख्यान 11 (Lecture 11)
अमीनो एसिड और प्रोटीन (AMINO ACIDS AND PROTEINS)
- "प्रोटीन" (Protein) शब्द जे.जे. बर्जेलियस (J.J. Berzelius) द्वारा 1838 में गढ़ा गया था और ग्रीक शब्द "प्रोटिओस" (Proteios) से लिया गया था जिसका अर्थ है 'प्रथम रैंक' (first rank)।
- प्रोटीन मैक्रोमोलेक्यूलर पॉलिमर (macromolecular polymers) हैं जो पेप्टाइड बॉन्ड (peptide bonds) से जुड़ी बुनियादी इकाई के रूप में अमीनो एसिड से बने होते हैं।
- अमीनो एसिड (Amino acids) सभी प्रोटीनों की मूलभूत संरचनात्मक इकाइयाँ (fundamental structural units) हैं।
- इन बायोपॉलिमर (biopolymers) में कार्बन, हाइड्रोजन, ऑक्सीजन, नाइट्रोजन और सल्फर (sulphur) होते हैं।
- अधिकांश प्रोटीनों की प्राथमिक संरचना (elementary composition) बहुत समान है; अनुमानित प्रतिशत (approximate percentages) C=50-55, H=6-8, O=20-23, N=15-18 और S=ट्रेस (Traces) हैं।
उपस्थिति (Occurrence)
- प्रोटीन सभी जीवित कोशिकाओं में पाए जाते हैं।
- वे प्रोटोप्लाज्म (protoplasm), कोशिका झिल्ली (cell membrane) और परमाणु सामग्री (nuclear material) का आवश्यक घटक बनाते हैं।
- वे साधारण प्रोटीन (simple proteins) या लिपिड या न्यूक्लिक एसिड (nucleic acids) के साथ कॉम्प्लेक्स (complexes) के रूप में मौजूद हो सकते हैं।
- मांसपेशियों (muscle), हड्डी (bone), मस्तिष्क, रक्त और अन्य जैविक तरल पदार्थ (biological fluids) जैसे विभिन्न ऊतकों (tissues) से प्रोटीन संरचना और गुणों में भिन्न होते हैं।
- अनाज और फलीदार पौधों (leguminous plants) में, बीजों में तने, पत्तियों और फूलों की तुलना में प्रोटीन की मात्रा अधिक होती है।
- कंद फसलों (Tuber crops) के सभी भागों में आमतौर पर प्रोटीन की मात्रा कम होती है।
- एंजाइम (Enzymes) उत्प्रेरक गतिविधियों (catalytic activities) वाले विशिष्ट प्रोटीन हैं और सभी जीवित जीवों में मौजूद हैं।
- प्रोटीन चयापचय प्रतिक्रियाओं (metabolic reactions) के नियामकों (regulators) के रूप में कार्य करते हैं, सीधे एंजाइमों के घटकों के रूप में और परोक्ष रूप से रासायनिक दूतों (chemical messengers) के रूप में जिन्हें हार्मोन (hormones) के साथ-साथ हार्मोन के रिसेप्टर्स (receptors) के रूप में जाना जाता है।
- वे शरीर में कई शारीरिक (physiological) और चयापचय प्रक्रियाओं (metabolic processes) को विनियमित (regulate) और एकीकृत (integrate) करते हैं।
- प्रोटीन कई जैविक प्रक्रियाओं में कार्रवाई के केंद्र (center of action) हैं।
अमीनो एसिड (Amino acids)
सभी प्रोटीन 20 विभिन्न अमीनो एसिड (amino acids) से बने होते हैं। सभी अमीनो एसिड के सामान्य नाम (trivial or common names) उस स्रोत के आधार पर होते हैं जिससे उन्हें पहली बार अलग किया गया था या उनके गुणों के आधार पर। उदाहरण के लिए:
- ऐस्पेराजीन (Asparagine) का नाम इसलिए रखा गया था क्योंकि इसे शतावरी (asparagus) से अलग किया गया था और ग्लाइसिन (glycine) का नाम इसके मीठे स्वाद (ग्रीक: 'glykos' का अर्थ मीठा) के कारण रखा गया था।
- प्रोटीन में पाए जाने वाले प्रोलाइन (proline) को छोड़कर सभी 20 अमीनो एसिड में एक एमिनो समूह (amino group) और एक कार्बोक्सिल समूह (carboxyl group) एक ही कार्बन परमाणु (carbon atom), अर्थात् α-कार्बन से जुड़ा होता है। वे केवल साइड चेन (R समूहों) में भिन्न होते हैं। प्रोटीन में पाए जाने वाले 20 अमीनो एसिड को मानक (standard) या सामान्य या प्रोटीन अमीनो एसिड कहा जाता है।
- प्रकृति में कई अन्य अमीनो एसिड पाए जाते हैं लेकिन प्रोटीन में नहीं होते हैं। इन्हें गैर-प्रोटीन अमीनो एसिड (non-protein amino acids) कहा जाता है।
प्रोटीन अमीनो एसिड का वर्गीकरण (Classification of protein amino acids)
प्रोटीन अमीनो एसिड को उनके R समूहों की रासायनिक प्रकृति के अनुसार स्निग्ध (aliphatic), सुगंधित (aromatic), हेट्रोसायक्लिक (heterocyclic) और सल्फर युक्त अमीनो एसिड के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
अमीनो एसिड का अधिक सार्थक वर्गीकरण R समूहों की ध्रुवीयता (polarity) पर आधारित है। R समूहों की ध्रुवीयता पूरी तरह से गैर-ध्रुवीय (non-polar) से अत्यधिक ध्रुवीय (highly polar) तक व्यापक रूप से भिन्न होती है। 20 अमीनो एसिड को चार मुख्य वर्गों में वर्गीकृत किया गया है जिनकी संरचना, तीन-अक्षर (three-letter) और एक-अक्षर (one-letter) प्रतीक नीचे दिए गए हैं:
a) गैर-ध्रुवीय या हाइड्रोफोबिक, स्निग्ध R समूहों वाले अमीनो एसिड (Amino acids with non-polar or hydrophobic, aliphatic R groups)
- अमीनो एसिड के इस समूह में ग्लाइसिन (glycine), अलैनिन (alanine), वेलिन (valine), ल्यूसीन (leucine), आइसोल्यूसीन (isoleucine) और प्रोलाइन (proline) शामिल हैं। हाइड्रोकार्बन R समूह (hydrocarbon R groups) गैर-ध्रुवीय और हाइड्रोफोबिक हैं।
- अलैनिन, वेलिन, ल्यूसीन और आइसोल्यूसीन की साइड चेन (side chains) प्रोटीन संरचनाओं के भीतर हाइड्रोफोबिक इंटरैक्शन (hydrophobic interactions) को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण हैं।
- ग्लाइसिन साइड चेन (हाइड्रोजन) की न्यूनतम स्टेरिक बाधा (minimal steric hindrance) अन्य अमीनो एसिड की तुलना में अधिक लचीलेपन (flexibility) की अनुमति देती है।
- दूसरी ओर, प्रोलाइन का इमिनो समूह (imino group) एक कठोर संरचना (rigid conformation) में रखा जाता है और प्रोटीन के संरचनात्मक लचीलेपन को कम करता है।
b) गैर-ध्रुवीय सुगंधित R समूहों वाले अमीनो एसिड (Amino acids with non-polar aromatic R groups)
- इस समूह में फेनिलएलनिन (phenylalanine), टायरोसिन (tyrosine) और ट्रिप्टोफैन (tryptophan) शामिल हैं।
- ये सभी अमीनो एसिड हाइड्रोफोबिक इंटरैक्शन में भाग लेते हैं, जो एक दूसरे को स्टैकिंग (stacking) करने के कारण स्निग्ध R समूहों (aliphatic R groups) की तुलना में अधिक मजबूत होता है।
- टायरोसिन में हाइड्रॉक्सिल समूह (hydroxyl group) और ट्रिप्टोफैन की इंडोल रिंग (indole ring) में नाइट्रोजन की उपस्थिति के कारण टायरोसिन और ट्रिप्टोफैन फेनिलएलनिन की तुलना में अधिक ध्रुवीय (polar) हैं।
- टायरोसिन, ट्रिप्टोफैन और फेनिलएलनिन द्वारा कुछ हद तक 280 एनएम पर पराबैंगनी (ultraviolet - UV) प्रकाश का अवशोषण (absorption) प्रोटीन द्वारा प्रकाश के विशिष्ट मजबूत अवशोषण (strong absorbance) के लिए जिम्मेदार है। इस संपत्ति (property) का शोषण प्रोटीन के लक्षण वर्णन (characterization) और मात्रा का ठहराव (quantification) में किया जाता है।
c) ध्रुवीय, अनावेशित R समूहों वाले अमीनो एसिड (Amino acids with polar, uncharged R groups)
- अमीनो एसिड के इस समूह में सेरीन (serine), थ्रेओनीन (threonine), सिस्टीन (cysteine), मेथियोनीन (methionine), ऐस्पेराजीन (asparagine) और ग्लूटामाइन (glutamine) शामिल हैं।
- सेरीन और थ्रेओनीन का हाइड्रॉक्सिल समूह, सिस्टीन और मेथियोनीन का सल्फर परमाणु और ऐस्पेराजीन और ग्लूटामाइन का एमाइड समूह (amide group), ध्रुवीयता (polarity) में योगदान करते हैं।
- इन अमीनो एसिड के R समूह गैर-ध्रुवीय (non-polar) अमीनो एसिड की तुलना में अधिक हाइड्रोफिलिक (hydrophilic) होते हैं।
d) आवेशित R समूहों वाले अमीनो एसिड (Amino acids with charged R groups)
- अम्लीय (Acidic): अम्लीय R समूहों (acidic R groups) वाले दो अमीनो एसिड एस्पार्टिक (aspartic) और ग्लूटामिक एसिड (glutamic acids) हैं। इन अमीनो एसिड में pH 7.0 पर शुद्ध ऋणात्मक आवेश (net negative charge) होता है।
- क्षारीय (Basic): इस समूह में लाइसिन (lysine), आर्जिनिन (arginine) और हिस्टिडीन (histidine) शामिल हैं। R समूहों में pH 7.0 पर शुद्ध धनात्मक आवेश (net positive charge) होता है। लाइसिन में एक दूसरा α-एमिनो समूह (α-amino group) होता है; आर्जिनिन में धनात्मक आवेशित गुआनिडिनो समूह (guanidino group) होता है; और हिस्टिडीन में एक इमिडाज़ोल समूह (imidazole group) होता है।
अमीनो एसिड के गुण (Properties of amino acids)
भौतिक (Physical)
- अमीनो एसिड सफेद क्रिस्टलीय पदार्थ (white crystalline substances) होते हैं।
- इनमें से अधिकांश पानी में घुलनशील (soluble) हैं और गैर-ध्रुवीय कार्बनिक सॉल्वैंट्स (non-polar organic solvents) (उदा., क्लोरोफॉर्म और ईथर) में अघुलनशील (insoluble) हैं।
- स्निग्ध (Aliphatic) और सुगंधित (aromatic) अमीनो एसिड, विशेष रूप से जिनमें कई कार्बन परमाणु होते हैं, पानी में सीमित घुलनशीलता (limited solubility) रखते हैं लेकिन ध्रुवीय कार्बनिक सॉल्वैंट्स (polar organic solvents) में आसानी से घुलनशील होते हैं।
- उनमें 200-300°C या उससे अधिक तक उच्च पिघलने बिंदु (high melting points) होते हैं।
- वे बेस्वाद (tasteless), मीठे या कड़वे होते हैं।
- कुछ में अच्छा स्वाद (flavour) होता है। सोडियम ग्लूटामेट (Sodium glutamate) एक मूल्यवान स्वाद देने वाला एजेंट है और इसका उपयोग कुछ व्यंजनों और सॉस तैयार करने में किया जाता है।
अमीनो एसिड की उभयधर्मी प्रकृति (Amphoteric nature of amino acids)
- अमीनो एसिड उभयधर्मी यौगिक (amphoteric compounds) हैं, क्योंकि इनमें अम्लीय (COOH) और क्षारीय (NH2) दोनों समूह होते हैं।
- वे लवण (salts) बनाने के लिए क्षार (alkalies) और अम्ल (acids) दोनों के साथ प्रतिक्रिया कर सकते हैं।
- एसिड समाधान (acid solution) में अमीनो एसिड धनात्मक आवेश (positive charges) ले जाते हैं और इसलिए वे एक विद्युत क्षेत्र (electric field) में कैथोड (cathode) की ओर बढ़ते हैं।
- क्षारीय समाधान (alkaline solution) में, अमीनो एसिड ऋणात्मक आवेश (negative charges) ले जाते हैं और इसलिए एनोड (anode) की ओर बढ़ते हैं।
- जब एक अमीनो एसिड पानी में घुल जाता है, तो यह सकारात्मक और नकारात्मक दोनों आवेशों को ले जाने वाले आंतरिक नमक (inner salt) के रूप में मौजूद होता है। यह कार्बोक्सिल समूह के H+ आयन को मुक्त करने के लिए पृथक्करण (dissociation) के परिणामस्वरूप होता है, जो कार्बोक्सिल (carboxyl) से एमिनो समूह (amino group) तक जाता है। सकारात्मक और नकारात्मक दोनों आवेशों वाले अमीनो एसिड को ज्वीटेरियन्स (zwitterions) कहा जाता है।
- ज्वीटेरियन (zwitterion) NH3+ समूह से एक प्रोटॉन (H+) को मुक्त करके आधार (base) के साथ एक एसिड के रूप में प्रतिक्रिया करता है और परिणामस्वरूप एक शुद्ध ऋणात्मक आवेश (net negative charge) रखता है।
- दूसरी ओर, ज्वीटेरियन्स एक एसिड के साथ आधार (base) के रूप में प्रतिक्रिया करते हैं, एसिड के प्रोटॉन (H+) के साथ मिलकर शुद्ध धनात्मक आवेश (net positive charge) वाले यौगिक का निर्माण करते हैं। ये प्रतिक्रियाएँ प्रतिवर्ती (reversible) हैं।
- वह pH जिस पर अमीनो एसिड की सकारात्मक या नकारात्मक इलेक्ट्रोड (electrode) की ओर बढ़ने की कोई प्रवृत्ति नहीं होती है, आइसोइलेक्ट्रिक pH (isoelectric pH) या आइसोइलेक्ट्रिक बिंदु (isoelectric point) कहलाता है।
- आइसोइलेक्ट्रिक pH पर, अमीनो एसिड अणु शून्य का शुद्ध आवेश (net charge of zero) वहन करता है।
समावयवता (Isomerism)
- प्रोटीन में पाए जाने वाले प्रोलाइन को छोड़कर सभी अमीनो एसिड α-अमीनो एसिड (α-amino acids) हैं क्योंकि NH2 समूह α-कार्बन परमाणु से जुड़ा होता है, जो COOH समूह के बगल में होता है।
- अमीनो एसिड की संरचना की जांच से पता चलता है कि ग्लाइसिन को छोड़कर, अन्य सभी अमीनो एसिड में अल्फा स्थिति (alpha position) में असममित कार्बन परमाणु (asymmetric carbon atom) होते हैं।
- असममित कार्बन परमाणु की उपस्थिति के कारण, अमीनो एसिड ऑप्टिकली सक्रिय (optically active) रूपों में मौजूद होते हैं।
- उदाहरण के लिए, सेरीन (serine) के लिए स्टेरिक विन्यास (steric configuration) में, कार्बोक्सिल समूह शीर्ष पर लिखा जाता है, जबकि L-सेरीन के मामले में एमिनो समूह बाईं ओर और D-सेरीन के मामले में दाईं ओर लिखा जाता है। यह अंतर असममित कार्बन परमाणुओं वाले सभी अमीनो एसिड के लिए अच्छा होगा।
चित्र: D-serine and L-serine configuration
- 'D' और 'L' ऑप्टिकल रोटेशन (optical rotation) को संदर्भित नहीं करते हैं, बल्कि कार्बोक्सिल समूह के दाईं और बाईं ओर एमिनो समूह के स्टेरिक विन्यास (steric configuration) को संदर्भित करते हैं।
- अमीनो एसिड के ऑप्टिकल रोटेशन (optical rotation) की दिशा को + या - प्रतीक द्वारा दर्शाया जाता है, जो 'D' या 'L' पदनाम के बाद आता है।
- एक अमीनो एसिड के स्टेरिक विन्यास और ऑप्टिकल रोटेशन को एक साथ D (+) या D (-) और L (+) या L (-) के रूप में व्यक्त किया जा सकता है।
- L-रूप (L-forms) D-रूप (D-forms) की तुलना में अधिक सामान्य हैं और अधिकांश प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले अमीनो एसिड L-अमीनो एसिड हैं।
रासायनिक गुण (Chemical properties)
a) एमिनो समूह के कारण प्रतिक्रियाएं (Reactions due to amino group)
फॉर्मलाडेहाइड के साथ प्रतिक्रिया (औपचारिक अनुमापन - Formal titration):
- अमीनो एसिड जलीय माध्यम (aqueous medium) में ज्वीटेरियन (zwitterion) के रूप में मौजूद होता है। यदि एक एमिनो एसिड समाधान को निष्प्रभावी (neutralized) फॉर्मलाडेहाइड (formaldehyde) समाधान की अधिकता के साथ इलाज किया जाता है, तो एमिनो समूह फॉर्मलाडेहाइड के साथ मिलकर डाइमिथाइल एमिनो एसिड (dimethylol amino acid) बनाता है जो एक एमिनो एसिड फॉर्मलाडेहाइड कॉम्प्लेक्स (complex) है।
- इसलिए एमिनो समूह संरक्षित (protected) है और जारी किए गए प्रोटॉन (proton) को क्षार (alkali) के खिलाफ अनुमापित (titrated) किया जाता है।
- इस विधि का उपयोग पौधों के नमूनों में कुल मुक्त अमीनो एसिड की मात्रा का पता लगाने के लिए किया जाता है।
नाइट्रस एसिड के साथ प्रतिक्रिया (Reaction with nitrous acid):
- नाइट्रस एसिड (Nitrous acid) संबंधित हाइड्रॉक्सीएसिड (hydroxyacids) बनाने और नाइट्रोजन गैस मुक्त करने के लिए अमीनो एसिड के एमिनो समूह के साथ प्रतिक्रिया करता है।
निनहाइड्रिन के साथ प्रतिक्रिया (Reaction with ninhydrin):
- निनहाइड्रिन (Ninhydrin) एक मजबूत ऑक्सीकरण एजेंट (strong oxidizing agent) है।
- जब अमीनो एसिड के घोल को निनहाइड्रिन के साथ उबाला जाता है, तो अमीनो एसिड अमोनिया (ammonia) और केटोएसिड (ketoacid) का उत्पादन करने के लिए ऑक्सीडेटिव रूप से डीअमिनेटेड (oxidatively deaminated) हो जाता है।
- कीटो एसिड (keto acid) मूल अमीनो एसिड की तुलना में एक कम कार्बन परमाणु के साथ एल्डिहाइड (aldehyde) का उत्पादन करने के लिए डिकार्बोक्सिलेटेड (decarboxylated) है।
- शुद्ध प्रतिक्रिया (net reaction) यह है कि निनहाइड्रिन ऑक्सीडेटिव रूप से α-अमीनो एसिड को CO2, NH3 और एक एल्डिहाइड में डीअमिनेट (deaminates) और डिकार्बोक्सिलेट (decarboxylates) करता है।
- कम किया हुआ निनहाइड्रिन (reduced ninhydrin) तब रूहेमन पर्पल (Ruhemann's purple) नामक एक बैंगनी रंग (purple coloured) का यौगिक उत्पन्न करने के लिए मुक्त अमोनिया और अक्षुण्ण (intact) निनहाइड्रिन के एक अन्य अणु के साथ प्रतिक्रिया करता है।
- यह निनहाइड्रिन प्रतिक्रिया अमीनो एसिड के मात्रात्मक निर्धारण (quantitative determination) में कार्यरत है।
- प्रोटीन और पेप्टाइड्स (peptides) जिनमें मुक्त अमीनो समूह (साइड चेन में) होते हैं, वे भी प्रतिक्रिया करेंगे और निनहाइड्रिन के साथ रंग देंगे।
b) कार्बोक्सिल समूह के कारण प्रतिक्रियाएं (Reactions due to carboxyl group)
डीकार्बोक्सिलेशन (Decarboxylation):
- संबंधित एमाइन (amines) प्राप्त करने के लिए अमीनो एसिड का कार्बोक्सिल समूह डिकार्बोक्सिलेटेड (decarboxylated) होता है। इस प्रकार, वैसोकोन्स्ट्रिक्टर एजेंट (vasoconstrictor agent), हिस्टामाइन (histamine) हिस्टिडीन (histidine) से उत्पन्न होता है।
- हिस्टामाइन पेट में गैस्ट्रिक रस (gastric juice) के प्रवाह और विशिष्ट रक्त वाहिकाओं (blood vessels) के फैलाव (dilation) और संकुचन (constriction) को उत्तेजित (stimulates) करता है।
- हिस्टामाइन की अधिक प्रतिक्रिया अस्थमा (asthma) और विभिन्न एलर्जी प्रतिक्रियाओं (allergic reactions) के लक्षणों का कारण बनती है।
आवश्यक अमीनो एसिड (Essential amino acids)
- अधिकांश प्रोकैरियोटिक (prokaryotic) और कई यूकेरियोटिक (eukaryotic) जीव (पौधे) प्रोटीन में मौजूद सभी अमीनो एसिड को संश्लेषित (synthesizing) करने में सक्षम हैं। लेकिन मनुष्य सहित उच्च जानवर (higher animals) इस क्षमता को केवल कुछ अमीनो एसिड के लिए रखते हैं।
- अमीनो एसिड, जो शरीर के सामान्य कामकाज के लिए आवश्यक हैं लेकिन चयापचय मध्यवर्ती (metabolic intermediates) से संश्लेषित नहीं किए जा सकते हैं, आवश्यक अमीनो एसिड (essential amino acids) कहलाते हैं।
- इन्हें आहार (diet) से प्राप्त किया जाना चाहिए और किसी एक अमीनो एसिड की कमी से विकास (growth) रुक जाता है और यहाँ तक कि मृत्यु (death) भी हो सकती है।
- मेथियोनीन (Methionine), आर्जिनिन (Arginine), थ्रेओनीन (Threonine), ट्रिप्टोफैन (Tryptophan), वेलिन (Valine), आइसोल्यूसीन (Isoleucine), ल्यूसीन (Leucine), फेनिलएलनिन (Phenylalanine), हिस्टिडीन (Histidine) और लाइसिन (Lysine) आवश्यक अमीनो एसिड हैं (याद रखें MATTVILPHLy)।
पेप्टाइड (Peptide)
- सहसंयोजक बंधों (covalent bonds) के निर्माण से अमीनो एसिड एक साथ जुड़े होते हैं।
- सहसंयोजक बंधन (covalent bond) एक अमीनो एसिड के α-कार्बोक्सिल समूह और अगले अमीनो एसिड के α-एमिनो समूह के बीच बनता है।
- पानी के अणु के निष्कासन (elimination) के बाद कार्बोक्सिल और एमिनो समूहों के बीच बने बंधन को पेप्टाइड बॉन्ड (peptide bond) कहा जाता है और बने यौगिक को पेप्टाइड (peptide) कहा जाता है।
चित्र: Peptide bond formation
- दो अमीनो एसिड के बीच बना पेप्टाइड एक डाइपेप्टाइड (dipeptide) है; तीन अमीनो एसिड एक ट्राइपेप्टाइड (tripeptide) है; कुछ अमीनो एसिड एक ओलिगोपेप्टाइड (oligopeptide) हैं और कई अमीनो एसिड एक पॉलीपेप्टाइड (polypeptide) हैं।
- पेप्टाइड संरचना लिखते समय, एमिनो टर्मिनल (amino terminal - N-terminal) अमीनो एसिड पहले लिखा जाता है और कार्बोक्सिल टर्मिनल (carboxyl terminal - C-terminal) अमीनो एसिड अंतिम रूप से लिखा जाता है।
शारीरिक रुचि के पेप्टाइड्स (Peptides of physiological interest)
- ग्लूटाथियोन (Glutathione) कई जीवित जीवों में आम तौर पर होने वाला ट्राइपेप्टाइड (γ-glutamyl cysteinyl glycine) है।
चित्र: Glutathione structure
- शारीरिक प्रणाली (physiological system) में विषाक्त यौगिकों (toxic compounds) के विषहरण (detoxification) में इसकी भूमिका है।
- नैनोपेप्टाइड्स (nanapeptides - नौ अमीनो एसिड), ऑक्सीटोसिन (oxytocin) और वासोप्रेसिन (vasopressin) महत्वपूर्ण पशु पेप्टाइड हार्मोन (animal peptide hormones) हैं।
- ऑक्सीटोसिन (Oxytocin) गर्भवती महिलाओं में श्रम (labor) को प्रेरित करता है और गर्भाशय की मांसपेशियों (uterine muscle) के संकुचन को नियंत्रित करता है।
- वासोप्रेसिन (Vasopressin) चिकनी मांसपेशियों (smooth muscles) के संकुचन को विनियमित करके रक्तचाप (blood pressure) को नियंत्रित करने में भूमिका निभाता है।
- एक डाइपेप्टाइड (dipeptide) L-एस्पार्टाइल-L-फेनिलएलनिन (L-aspartyl-L-phenylalanine), व्यावसायिक महत्व (commercial importance) का है। यह डाइपेप्टाइड गन्ने (cane sugar) की तुलना में लगभग 200 गुना मीठा होता है। इस डाइपेप्टाइड के मिथाइल एस्टर (methyl ester) को एस्पार्टेम (aspartame) कहा जाता है और इसे मधुमेह (diabetics) रोगियों के लिए कृत्रिम स्वीटनर (artificial sweetener) के रूप में विपणन (marketed) किया जाता है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह स्टडी मटेरियल ICAR के मूल कंटेंट का हिंदी अनुवाद है। हम इसकी पूर्ण सटीकता के लिए उत्तरदायी नहीं हैं। यह फाइल अभी केवल
सुधार और परीक्षण (Improvement Purpose) के लिए यहाँ उपलब्ध कराई गई है। बहुत जल्द हम इसे डाउनलोड करने के लिए PDF फॉर्मेट में अपडेट करेंगे।
तब तक, कृपया इसे पढ़ें और अपना बहुमूल्य
फीडबैक (Feedback) या कमेंट नीचे दिए गए लिंक पर सबमिट करें ताकि हम इसमें आवश्यक सुधार करके इसे सभी छात्रों के लिए बेहतरीन बना सकें:
👉
https://agrigyan.in/feedback/