व्याख्यान 12 (Lecture 12)
प्रोटीन (Proteins)
प्रोटीन का वर्गीकरण (Classification of protein)
प्रोटीन को उनके आधार पर वर्गीकृत किया जाता है:
- घुलनशीलता और संरचना (Solubility and composition)
- समारोह (Function)
- आकार और रूप (Shape & size)
A. घुलनशीलता और संरचना के आधार पर वर्गीकरण (Classification based on solubility and composition)
इस वर्गीकरण के अनुसार, प्रोटीन को तीन मुख्य समूहों में सरल (simple), संयुग्मित (conjugated) और व्युत्पन्न (derived) प्रोटीन के रूप में विभाजित किया जाता है।
(i) सरल प्रोटीन (Simple proteins)
- सरल प्रोटीन हाइड्रोलिसिस (hydrolysis) पर केवल अमीनो एसिड प्राप्त करते हैं।
- इन प्रोटीनों को आगे विभिन्न सॉल्वैंट्स में उनकी घुलनशीलता के साथ-साथ उनके गर्मी जमाव (heat coagulability) के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है।
एल्ब्यूमिन (Albumins)
- एल्ब्यूमिन (Albumins) पानी, तनु एसिड (dilute acids) और क्षार (alkalies) में आसानी से घुलनशील होते हैं।
- गर्मी द्वारा जमा (coagulated by heat) हो जाते हैं।
- बीज प्रोटीन में कम मात्रा में एल्ब्यूमिन होता है।
- उच्च नमक सांद्रता (high salt concentration) का उपयोग करके एल्ब्यूमिन को समाधान से अवक्षेपित (precipitated) किया जा सकता है, जिसे 'नमक बाहर निकालना' (salting out) कहा जाता है।
- इनमें ग्लाइसिन (glycine) की कमी होती है।
- सीरम एल्ब्यूमिन (Serum albumin) और ओवलब्यूमिन (ovalbumin - अंडे का सफेद भाग) उदाहरण हैं।
ग्लोब्युलिन (Globulins)
- ग्लोब्युलिन (Globulins) पानी में अघुलनशील (insoluble) या संयम से घुलनशील (sparingly soluble) होते हैं, लेकिन सोडियम क्लोराइड (sodium chloride) जैसे तटस्थ लवण (neutral salts) के योग से उनकी घुलनशीलता काफी बढ़ जाती है।
- ये प्रोटीन गर्मी द्वारा जमा (coagulated by heat) हो जाते हैं।
- इनमें मेथियोनीन (methionine) की कमी होती है।
- सीरम ग्लोब्युलिन (Serum globulin), फाइब्रिनोजेन (fibrinogen), मांसपेशियों के मायोसिन (myosin) और दालों के ग्लोब्युलिन उदाहरण हैं।
प्रोलामिन्स (Prolamins)
- प्रोलामिन्स (Prolamins) पानी में अघुलनशील लेकिन 70-80% जलीय अल्कोहल (aqueous alcohol) में घुलनशील होते हैं।
- हाइड्रोलिसिस पर वे बहुत अधिक प्रोलाइन (proline) और एमाइड नाइट्रोजन (amide nitrogen) प्राप्त करते हैं, इसलिए इसका नाम प्रोलामिन (prolamin) है।
- इनमें लाइसिन (lysine) की कमी होती है।
- गेहूं का ग्लियाडिन (Gliadin) और मकई का ज़ीन (zein) प्रोलामिन्स के उदाहरण हैं।
ग्लूटेनिन (Glutelins)
- ग्लूटेनिन (Glutelins) पानी और पूर्ण अल्कोहल (absolute alcohol) में अघुलनशील होते हैं लेकिन तनु क्षार (dilute alkalies) और एसिड (acids) में घुलनशील होते हैं।
- वे पौधे के प्रोटीन हैं उदा., गेहूं का ग्लूटेनिन (glutenin)।
हिस्टोन (Histones)
- हिस्टोन (Histones) छोटे और स्थिर क्षारीय प्रोटीन (basic proteins) हैं।
- इनमें क्षारीय अमीनो एसिड (basic amino acid), हिस्टिडीन (histidine) की काफी बड़ी मात्रा होती है।
- वे पानी में घुलनशील हैं, लेकिन अमोनियम हाइड्रॉक्साइड (ammonium hydroxide) में अघुलनशील हैं।
- वे गर्मी से आसानी से जमा नहीं (not readily coagulated) होते हैं।
- वे हीमोग्लोबिन के ग्लोबिन (globin) और न्यूक्लियोप्रोटीन (nucleoproteins) में होते हैं।
प्रोटामिन (Protamines)
- प्रोटामिन (Protamines) प्रोटीनों में सबसे सरल हैं।
- वे पानी में घुलनशील हैं और गर्मी से जमा नहीं (not coagulated) होते हैं।
- आर्जिनिन (arginine) की बड़ी मात्रा की उपस्थिति के कारण वे प्रकृति में क्षारीय (basic) हैं।
- प्रोटामिन कुछ मछलियों के शुक्राणु कोशिकाओं (sperm cells) में न्यूक्लिक एसिड (nucleic acid) के साथ संयोजन में पाए जाते हैं।
- प्रोटामिन में टायरोसिन (Tyrosine) और ट्रिप्टोफैन (tryptophan) आमतौर पर अनुपस्थित होते हैं।
एल्ब्यूमिनोइड्स (Albuminoids)
- इन्हें महान स्थिरता और पानी और नमक समाधानों (salt solutions) में अघुलनशीलता (insolubility) की विशेषता है।
- इन्हें एल्ब्यूमिनोइड्स कहा जाता है क्योंकि वे अनिवार्य रूप से एल्ब्यूमिन और ग्लोब्युलिन के समान होते हैं।
- वे प्रोटीयोलाइटिक एंजाइमों (proteolytic enzymes) के लिए अत्यधिक प्रतिरोधी (highly resistant) हैं।
- वे प्रकृति में रेशेदार (fibrous) होते हैं और जानवरों की अधिकांश सहायक संरचनाओं (supporting structures) का निर्माण करते हैं।
- वे एक्सोस्केलेटन (exoskeleton) संरचना के मुख्य घटक के रूप में होते हैं जैसे बाल (hair), सींग (horn) और नाखून (nails)।
ii. संयुग्मित या यौगिक प्रोटीन (Conjugated or compound proteins)
- ये सरल प्रोटीन हैं जो कुछ गैर-प्रोटीन पदार्थों के साथ संयुक्त (combined) होते हैं जिन्हें प्रोस्थेटिक समूह (prosthetic groups) के रूप में जाना जाता है।
- गैर-प्रोटीन या प्रोस्थेटिक समूहों (prosthetic groups) की प्रकृति संयुग्मित प्रोटीनों (conjugated proteins) के उप-वर्गीकरण का आधार है।
न्यूक्लियोप्रोटीन (Nucleoproteins)
- न्यूक्लियोप्रोटीन (Nucleoproteins) प्रोस्थेटिक समूह के रूप में न्यूक्लिक एसिड के साथ नमक संयोजन में सरल बुनियादी प्रोटीन (प्रोटामिन या हिस्टोन - protamines or histones) हैं।
- वे नाभिक (nuclei) और क्रोमैटिन (chromatin) के महत्वपूर्ण घटक हैं।
म्यूकोप्रोटीन (Mucoproteins)
- ये प्रोटीन म्यूकोपॉलीसेकेराइड (mucopolysaccharides) जैसे कार्बोहाइड्रेट के संयोजन (combination) में सरल प्रोटीन से बने होते हैं, जिनमें हयालूरोनिक एसिड (hyaluronic acid) और चोंड्रोइटिन सल्फेट (chondroitin sulphates) शामिल हैं।
- हाइड्रोलिसिस पर, म्यूकोपॉलीसेकेराइड 4% से अधिक एमिनो-शर्करा, हेक्सोसामिन (hexosamine) और यूरोनिक एसिड (uronic acid) प्राप्त करते हैं, उदा., अंडे की सफेदी से ओवोमुकोइड (ovomucoid)।
- घुलनशील म्यूकोप्रोटीन (Soluble mucoproteins) न तो गर्मी से आसानी से विकृत (denatured) होते हैं और न ही ट्राइक्लोरोएसेटिक एसिड (trichloroacetic acid) या पिक्रिक एसिड (picric acid) जैसे सामान्य प्रोटीन प्रेसिपिटेंट्स द्वारा आसानी से अवक्षेपित (precipitated) होते हैं।
- ग्लाइकोप्रोटीन (glycoproteins) शब्द उन प्रोटीनों तक सीमित है जिनमें कार्बोहाइड्रेट की कम मात्रा होती है जो आमतौर पर 4% हेक्सोसामिन से कम होती है।
क्रोमोप्रोटीन (Chromoproteins)
- ये रंगीन प्रोस्थेटिक समूहों वाले प्रोटीन हैं उदा., हीमोग्लोबिन (haemoglobin), फ्लेवोप्रोटीन (flavoprotein) और साइटोक्रोम (cytochrome)।
लिपोप्रोटीन (Lipoproteins)
- ये तटस्थ वसा (neutral fat), फॉस्फोलिपिड्स (phospholipids) और कोलेस्ट्रॉल (cholesterol) जैसे लिपिड के साथ संयुग्मित प्रोटीन (proteins conjugated) हैं।
मेटालोप्रोटीन (Metalloproteins)
- ये धातु-बाध्यकारी प्रोटीन (metal-binding proteins) हैं।
- एक β-ग्लोब्युलिन, जिसे ट्रांसफरिन (transferrin) कहा जाता है, आयरन, कॉपर और जिंक के साथ संयोजन करने में सक्षम है।
- यह प्रोटीन कुल प्लाज्मा प्रोटीन (plasma protein) का 3% बनाता है।
- एक अन्य उदाहरण सेरुलोप्लास्मिन (ceruloplasmin) है, जिसमें कॉपर होता है।
फॉस्फोप्रोटीन (Phosphoproteins)
- ये फॉस्फोरिक एसिड (phosphoric acid) वाले प्रोटीन हैं।
- फॉस्फोरिक एसिड प्रोटीन में सेरीन (serine) जैसे कुछ अमीनो एसिड के हाइड्रॉक्सिल समूह (hydroxyl group) से जुड़ा होता है उदा., दूध का कैसिइन (casein)।
iii. व्युत्पन्न प्रोटीन (Derived proteins)
- ये एसिड, क्षार या एंजाइम की कार्रवाई द्वारा सरल या संयुग्मित प्रोटीनों से आंशिक से पूर्ण हाइड्रोलिसिस (hydrolysis) द्वारा प्राप्त (derived) प्रोटीन हैं।
- इनमें दो प्रकार के डेरिवेटिव (derivatives) शामिल हैं, प्राथमिक-व्युत्पन्न प्रोटीन (primary-derived proteins) और माध्यमिक-व्युत्पन्न प्रोटीन (secondary-derived proteins)।
प्राथमिक-व्युत्पन्न प्रोटीन (Primary-derived proteins)
- ये प्रोटीन डेरिवेटिव (protein derivatives) प्रोटीन अणु और इसके गुणों में केवल मामूली परिवर्तन (slight changes) पैदा करने वाली प्रक्रियाओं द्वारा बनते हैं।
- पेप्टाइड बॉन्ड (peptide bonds) का कोई या बहुत कम हाइड्रोलाइटिक क्लीवेज (hydrolytic cleavage) होता है।
- प्रोटीन्स (Proteans): प्रोटीन्स (Proteans) पानी, तनु एसिड और एंजाइमों की कार्रवाई से बनने वाले अघुलनशील उत्पाद (insoluble products) हैं। ये विशेष रूप से ग्लोब्युलिन (globulins) से बनते हैं लेकिन तनु नमक समाधान (dilute salt solutions) में अघुलनशील होते हैं। उदा., मायोसिन (myosin) से मायोसन (myosan), फाइब्रिनोजेन (fibrinogen) से फाइब्रिन (fibrin)।
- मेटाप्रोटीन (Metaproteins): ये प्रोटीन पर एसिड और क्षार की क्रिया से बनते हैं। वे तटस्थ सॉल्वैंट्स (neutral solvents) में अघुलनशील (insoluble) होते हैं।
- जमा हुआ प्रोटीन (Coagulated proteins): जमा हुआ प्रोटीन (Coagulated proteins) प्राकृतिक प्रोटीन पर गर्मी या शराब की कार्रवाई (action of heat or alcohol) से बने अघुलनशील उत्पाद हैं। उदा., पका हुआ मांस (cooked meat) और पका हुआ एल्ब्यूमिन (cooked albumin)।
माध्यमिक-व्युत्पन्न प्रोटीन (Secondary-derived proteins)
- ये प्रोटीन प्रोटीन अणु के पेप्टाइड बॉन्ड के प्रगतिशील हाइड्रोलाइटिक क्लीवेज (progressive hydrolytic cleavage) में बनते हैं।
- औसत आणविक भार (average molecular weight) के अनुसार उन्हें मोटे तौर पर प्रोटीओस (proteoses), पेप्टोन्स (peptones) और पेप्टाइड्स (peptides) में बांटा गया है।
- प्रोटीओस (Proteoses) प्रोटीन के हाइड्रोलाइटिक उत्पाद हैं, जो पानी में घुलनशील हैं और गर्मी से जमा (coagulated) नहीं होते हैं।
- पेप्टोन्स (Peptones) हाइड्रोलाइटिक उत्पाद हैं, जिनकी प्रोटीओस (proteoses) की तुलना में सरल संरचना होती है। वे पानी में घुलनशील हैं और गर्मी से जमा (coagulated) नहीं होते हैं।
- पेप्टाइड्स (Peptides) अपेक्षाकृत कम अमीनो एसिड से बने होते हैं। वे पानी में घुलनशील हैं और गर्मी से जमा नहीं होते हैं।
- प्राकृतिक प्रोटीन अणु का अमीनो एसिड में पूर्ण हाइड्रोलाइटिक अपघटन (complete hydrolytic decomposition) आम तौर पर क्रमिक चरणों (successive stages) के माध्यम से निम्नानुसार आगे बढ़ता है:
प्रोटीन (Protein) -----> प्रोटीयन (Protean) -------> मेटाप्रोटीन (Metaprotein)
प्रोटीओस (Proteoses) ------> पेप्टोन्स (Peptones) -------> पेप्टाइड्स (Peptides) ------> अमीनो एसिड (amino acids)
B. कार्य के आधार पर प्रोटीन का वर्गीकरण (Classification of proteins based on function)
प्रोटीन को उनके कार्यों के आधार पर इस प्रकार वर्गीकृत किया गया है:
उत्प्रेरक प्रोटीन - एंजाइम (Catalytic proteins – Enzymes)
- इन प्रोटीनों की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता जैव उत्प्रेरक (biocatalysts) के रूप में जीवित कोशिकाओं के भीतर कार्य करने की उनकी क्षमता है।
- इन जैव उत्प्रेरकों (biocatalysts) को एंजाइम (enzymes) कहा जाता है।
- एंजाइम सबसे बड़े वर्ग (largest class) का प्रतिनिधित्व करते हैं।
- लगभग 2000 विभिन्न प्रकार के एंजाइम ज्ञात हैं, जिनमें से प्रत्येक एक अलग प्रकार की प्रतिक्रिया को उत्प्रेरित (catalyzing) करता है।
- वे प्रतिक्रिया दर (reaction rates) को दस लाख गुना बढ़ाते हैं।
नियामक प्रोटीन - हार्मोन (Regulatory proteins - Hormones)
- ये पॉलीपेप्टाइड्स (polypeptides) और छोटे प्रोटीन हैं जो जानवरों के साम्राज्य (animal kingdom) में अपेक्षाकृत कम सांद्रता में पाए जाते हैं लेकिन जटिल चयापचय प्रतिक्रियाओं (complex metabolic reactions) में व्यवस्था बनाए रखने में अत्यधिक महत्वपूर्ण विनियामक भूमिका (regulatory role) निभाते हैं।
- उदा., विकास हार्मोन (growth hormone), इंसुलिन (insulin) आदि।
सुरक्षात्मक प्रोटीन - एंटीबॉडी (Protective proteins - Antibodies)
- इन प्रोटीनों का सुरक्षात्मक रक्षा कार्य (protective defense function) होता है।
- ये प्रोटीन विदेशी प्रोटीन (foreign protein) और अन्य पदार्थों के साथ जुड़ते हैं और कुछ बीमारियों (diseases) से लड़ते हैं।
- उदा., इम्युनोग्लोबुलिन (immunoglobulin)।
- ये प्रोटीन एंटीजन (antigen) नामक विदेशी पदार्थों के जवाब में प्लीहा (spleen) और लसीका कोशिकाओं (lymphatic cells) में उत्पन्न होते हैं।
- नए बने प्रोटीन को एंटीबॉडी (antibody) कहा जाता है जो विशेष रूप से उस एंटीजन के साथ जुड़ता है जिसने इसके संश्लेषण (synthesis) को ट्रिगर किया था और इस तरह बीमारियों के विकास को रोकता है।
- रक्त में मौजूद फाइब्रिन (Fibrin) भी एक सुरक्षात्मक प्रोटीन है।
भंडारण प्रोटीन (Storage proteins)
- यह प्रोटीन का एक प्रमुख वर्ग है जिसका कार्य पोषक तत्वों (nutrients) के रूप में और बढ़ते भ्रूण (growing embryo) के लिए निर्माण खंड (building blocks) के रूप में अमीनो एसिड को संग्रहीत (storing) करना है।
- भंडारण प्रोटीन (Storage proteins) आवश्यक अमीनो एसिड के स्रोत हैं, जिन्हें मनुष्यों द्वारा संश्लेषित नहीं किया जा सकता है।
- दालों में प्रमुख भंडारण प्रोटीन ग्लोब्युलिन (globulins) और अनाज में प्रोलामिन्स (prolamins) है।
- चावल में प्रमुख भंडारण प्रोटीन ग्लूटेलिन (glutelins) है।
- अंडे का एल्ब्यूमिन (Albumin) और दूध का कैसिइन (casein) भी भंडारण प्रोटीन हैं।
परिवहन प्रोटीन (Transport proteins)
- कुछ प्रोटीन रक्त के माध्यम से विशिष्ट प्रकार के अणुओं को बांधने और परिवहन (transporting) करने में सक्षम होते हैं।
- हीमोग्लोबिन (Haemoglobin) एक संयुग्मित प्रोटीन (conjugated protein) है जो रंगहीन बुनियादी प्रोटीन (colourless basic protein), ग्लोबिन (globin) और फेरोप्रोटोपोर्फिरिन (ferroprotoporphyrin) या हीम (haem) से बना होता है।
- इसमें ऑक्सीजन (oxygen) के साथ बंधने (bind) और रक्त के माध्यम से विभिन्न ऊतकों (tissues) तक परिवहन करने की क्षमता होती है।
- मायोग्लोबिन (Myoglobin), एक संबंधित प्रोटीन, मांसपेशियों (muscle) में ऑक्सीजन पहुंचाता है।
- लिपिड सीरम प्रोटीन (serum proteins) जैसे एल्ब्यूमिन (albumin) से जुड़ते हैं और रक्त में लिपोप्रोटीन (lipoproteins) के रूप में ले जाए जाते हैं।
विषाक्त प्रोटीन (Toxic proteins)
- कुछ प्रोटीन प्रकृति में जहरीले (toxic) होते हैं।
- अरंडी (castor bean) में मौजूद राइसिन (Ricin) बहुत कम मात्रा में उच्च जानवरों (higher animals) के लिए बेहद जहरीला (extremely toxic) होता है।
- एंजाइम अवरोधक (Enzyme inhibitors) जैसे ट्रिप्सिन अवरोधक (trypsin inhibitor) पाचन एंजाइम (digestive enzyme) को बांधते हैं और प्रोटीन की उपलब्धता को रोकते हैं।
- लेक्टिन (Lectin), फलियों (legumes) में मौजूद एक विषैला प्रोटीन, लाल रक्त कोशिकाओं (red blood cells) को चिपकाता (agglutinates) है।
- एक जीवाणु विष (bacterial toxin) हैजा (cholera) का कारण बनता है, जो एक प्रोटीन है।
- सांप का जहर (Snake venom) प्रकृति में प्रोटीन है।
संरचनात्मक प्रोटीन (Structural proteins)
- ये प्रोटीन संरचनात्मक सामग्री (structural materials) के रूप में या अतिरिक्त सेलुलर तरल पदार्थ (extra cellular fluid) के महत्वपूर्ण घटकों के रूप में काम करते हैं।
- संरचनात्मक प्रोटीन (structural proteins) के उदाहरण मांसपेशियों के मायोसिन (myosin), त्वचा और बालों के केराटिन (keratin) और संयोजी ऊतक (connective tissue) के कोलेजन (collagen) हैं।
- कार्बोहाइड्रेट, वसा, खनिज और अन्य सेलुलर घटक ऐसे संरचनात्मक प्रोटीनों के आसपास व्यवस्थित (organized) होते हैं जो जीवित सामग्री के आणविक ढांचे (molecular framework) का निर्माण करते हैं।
संकुचनशील प्रोटीन (Contractile proteins)
- एक्टिन (actin) और मायोसिन (myosin) जैसे प्रोटीन कंकाल की मांसपेशियों (skeletal muscle) की संकुचन प्रणाली (contractile system) में आवश्यक तत्वों (essential elements) के रूप में कार्य करते हैं।
सचिव प्रोटीन (Secretary proteins)
- फाइब्रोइन (Fibroin) एक प्रोटीन है जो मकड़ियों (spiders) और रेशम के कीड़ों (silkworms) द्वारा जाले (webs) और कोकून (cocoons) बनाने के लिए स्रावित (secreted) होता है।
विदेशी प्रोटीन (Exotic proteins)
- अंटार्कटिक (Antarctic) मछलियां -1.9°C पानी में रहती हैं, उस तापमान से काफी नीचे जिस पर उनके खून के जमने (freeze) की उम्मीद होती है।
- इन मछलियों को उनके शरीर में मौजूद एंटीफ्रीज ग्लाइकोप्रोटीन (antifreeze glycoproteins) द्वारा जमने से रोका जाता है।
C. आकार और रूप के आधार पर वर्गीकरण (Classification based on size and shape)
- आकार और रूप (size and shape) के आधार पर, प्रोटीन को गोलाकार (globular) और रेशेदार (fibrous) प्रोटीन में भी विभाजित किया जाता है।
- गोलाकार प्रोटीन (Globular proteins) ज्यादातर पानी में घुलनशील (water-soluble) होते हैं और प्रकृति में नाजुक (fragile) होते हैं, उदा., एंजाइम, हार्मोन और एंटीबॉडी।
- रेशेदार प्रोटीन (Fibrous proteins) सख्त (tough) और पानी में अघुलनशील (water-insoluble) होते हैं।
- वे विभिन्न प्रकार की सामग्री बनाने के लिए उपयोग किए जाते हैं जो विशिष्ट ऊतकों (specific tissues) का समर्थन (support) और रक्षा करते हैं, उदा., त्वचा, बाल, नाखून और केराटिन।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह स्टडी मटेरियल ICAR के मूल कंटेंट का हिंदी अनुवाद है। हम इसकी पूर्ण सटीकता के लिए उत्तरदायी नहीं हैं। यह फाइल अभी केवल
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