व्याख्यान 13 - 14 (Lecture 13 - 14)

प्रोटीन का विन्यास (Conformation of proteins)

प्रोटीन के विन्यास (Conformation of a protein) का तात्पर्य इसकी मूल स्थिति (native state) में त्रि-आयामी संरचना (three-dimensional structure) से है। एक प्रोटीन जितने बड़े अणु के लिए कई अलग-अलग संभावित विन्यास (conformations) हैं। एक प्रोटीन अपना कार्य तभी कर सकता है जब वह अपनी मूल स्थिति (native condition) में हो। त्रि-आयामी संरचनाओं की जटिलता के कारण, प्रोटीन की संरचना पर इसके संगठन के विभिन्न स्तरों पर चर्चा की जाती है।

प्रोटीन में संरचनात्मक संगठन (structural organization) के चार स्तरों को प्रतिष्ठित किया जा सकता है:

  1. प्राथमिक (Primary)
  2. माध्यमिक (Secondary)
  3. तृतीयक (Tertiary)
  4. चतुर्धातुक (Quaternary)

प्राथमिक संरचना (Primary structure)

प्रोटीन की प्राथमिक संरचना निर्धारित करने में शामिल महत्वपूर्ण चरण हैं:

1. पॉलीपेप्टाइड्स या सबयूनिट्स की संख्या का निर्धारण (Determination of number of polypeptides or subunits)

C-टर्मिनल (C-terminal) या N-टर्मिनल (N-terminal) अमीनो एसिड की संख्या का निर्धारण प्रोटीन में पॉलीपेप्टाइड्स की संख्या को इंगित करेगा।

$$ H_2N \xrightarrow{\text{N-टर्मिनल \hspace{2cm} C-टर्मिनल}} COOH $$
N-टर्मिनल पहचान (N-terminal identification): C-टर्मिनल पहचान (C-terminal identification):

पॉलीपेप्टाइड श्रृंखलाओं का पृथक्करण और शुद्धिकरण (Separation and purification of polypeptide chains)

पॉलीपेप्टाइड्स का अमीनो एसिड अनुक्रमण (Amino acid sequencing of polypeptides)

माध्यमिक संरचना (Secondary structure)

हेलिक्स संरचना (Helix structure)

β-प्लीटेड शीट संरचना (The β-pleated sheet structure)

रैंडम कॉइल (The random coil)

तृतीयक संरचना (Tertiary structure)

हाइड्रोजन बॉन्ड (Hydrogen bonds):
Hydrogen bonds
नमक-संबंध (इलेक्ट्रोस्टैटिक बल; आयनिक बांड) (Salt-linkages (electrostatic forces; ionic bonds)):
Salt-linkages
डाइसल्फ़ाइड बॉन्ड (S-S लिंकेज) (Disulfide bonds (S-S linkages)):
Disulfide bonds
हाइड्रोफोबिक बांड (Hydrophobic bonds):
Hydrophobic bonds
द्विध्रुवीय-द्विध्रुवीय संपर्क (Dipole-dipole interaction):
Folding of a polypeptide chain

डोमेन (Domain)

चतुर्धातुक संरचना (Quaternary structure)

Schematic of hemoglobin

चित्र: Schematic of hemoglobin

हीमोग्लोबिन की योजना (A schematic of hemoglobin)। रिबन भाग (ribbon parts) प्रोटीन ग्लोबिन (protein globin) का प्रतिनिधित्व करते हैं; चार हरे भाग हीम समूह (heme groups) हैं।

प्रोटीन के भौतिक और रासायनिक गुण (Physical and chemical properties of proteins)

भौतिक (Physical)

प्रोटीन का विकृतीकरण (Denaturation of protein)

  1. गर्मी (Heat) और यूवी विकिरण (UV radiation) प्रोटीन अणुओं को गतिज ऊर्जा (kinetic energy) की आपूर्ति करते हैं जिससे परमाणु तेजी से कंपन (vibrate rapidly) करते हैं, इस प्रकार अपेक्षाकृत कमजोर हाइड्रोजन बॉन्ड और नमक लिंकेज को बाधित करते हैं। इसके परिणामस्वरूप प्रोटीन का विकृतीकरण होता है जिससे जमाव (coagulation) होता है। एंजाइम आसानी से विकृत (denatured) या जमा हुआ प्रोटीन (coagulated proteins) को पचा लेते हैं।
  2. इथाइल अल्कोहल (ethyl alcohol) और एसीटोन (acetone) जैसे कार्बनिक सॉल्वैंट्स (Organic solvents) प्रोटीन के साथ इंटरमॉलिक्युलर हाइड्रोजन बॉन्ड (intermolecular hydrogen bonds) बनाने में सक्षम हैं जो इंट्रामोल्युलर हाइड्रोजन बॉन्डिंग (intramolecular hydrogen bonding) को बाधित करते हैं। इससे प्रोटीन का अवक्षेपण (precipitation) होता है।
  3. अम्लीय (Acidic) और क्षारीय अभिकर्मक (basic reagents) pH में परिवर्तन का कारण बनते हैं, जो नमक के जुड़ाव (salt linkages) को बाधित करने वाले प्रोटीन की साइड चेन पर मौजूद आवेशों (charges) को बदल देते हैं।
  4. भारी धातु आयनों (heavy metal ions - Hg2+, Pb2+) के लवण (Salts) एस्पार्टेट (aspartate) और ग्लूटामेट (glutamate) के कार्बोक्सिलेट आयनों (carboxylate anions) के साथ बहुत मजबूत बंधन (strong bonds) बनाते हैं जिससे नमक संबंध (salt linkages) परेशान (disturbing) होते हैं। यह संपत्ति एंटीसेप्टिक्स (antiseptics) के रूप में उपयोग के लिए कुछ भारी धातु लवणों (heavy metal salts) को उपयुक्त बनाती है।

रेन्चुरेशन (Renaturation)

रासायनिक (Chemical)

प्रोटीन की रंग प्रतिक्रियाएं (Colour reactions of proteins)

बायूरेट प्रतिक्रिया (Biuret reaction):
Biuret reaction
ज़ैंथोप्रोटिक प्रतिक्रिया (Xanthoproteic reaction): हॉपकिंस-कोल प्रतिक्रिया (Hopkins-Cole reaction):
अस्वीकरण (Disclaimer):
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