व्याख्यान 26 (Lecture 26)
फैटी एसिड का ऑक्सीकरण (OXIDATION OF FATTY ACIDS)
वसा (fats) के हाइड्रोलिसिस (hydrolysis) द्वारा प्राप्त फैटी एसिड (Fatty acids) अलग-अलग ऑक्सीडेटिव मार्गों (oxidative pathways) से गुजरते हैं जिन्हें अल्फा (α - alpha), बीटा (β - beta) और ओमेगा (ω - omega) मार्ग कहा जाता है।
α-ऑक्सीकरण (α-oxidation)
- कुछ ऊतकों (tissues) विशेष रूप से स्तनधारियों (mammals) और पौधों की प्रणालियों (plant systems) के मस्तिष्क के ऊतकों (brain tissue) में फैटी एसिड का α-ऑक्सीकरण (α-Oxidation) पाया गया है।
- इसमें CoA मध्यवर्ती (CoA intermediates) की आवश्यकता नहीं होती है और कोई उच्च-ऊर्जा फॉस्फेट (high-energy phosphates) उत्पन्न नहीं होते हैं।
- इस प्रकार के ऑक्सीकरण (oxidation) के परिणामस्वरूप फैटी एसिड के कार्बोक्सिल छोर (carboxyl end) से एक समय में एक कार्बन (carbon) को हटा दिया जाता है।
- पौधों में α-ऑक्सीकरण (α-oxidation) की शारीरिक भूमिका (physiological role) अभी पूरी तरह से स्थापित नहीं हुई है, लेकिन यह सुझाव दिया गया है कि यह लंबी श्रृंखला वाले फैटी एसिड (long chain fatty acids) के क्षरण (degradation) में शामिल हो सकता है जैसा कि कई जानवरों के ऊतकों में देखा गया है।
- α-ऑक्सीकरण (α-Oxidation) स्पष्ट रूप से विषम-कार्बन फैटी एसिड (odd-carbon fatty acids) और उनके डेरिवेटिव (derivatives) का मुख्य स्रोत (main source) है जो कुछ पौधों के लिपिड (plant lipids) में होते हैं।
- इस प्रक्रिया में, C13 से C18 तक की श्रृंखला लंबाई (chain length) वाले मुक्त फैटी एसिड (free fatty acids) से एक समय में एक कार्बन का अनुक्रमिक निष्कासन (sequential removal) होता है।
ω-ऑक्सीकरण (ω-Oxidation)
- ω-ऑक्सीकरण (ω-Oxidation) आमतौर पर एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम (endoplasmic reticulum) में साइटोक्रोम P-450 (cytochrome P-450) को शामिल करने वाले हाइड्रॉक्सिलेस एंजाइमों (hydroxylase enzymes) द्वारा लाया गया एक बहुत ही मामूली मार्ग (very minor pathway) है।
- मिथाइल टर्मिनल छोर (ω-छोर - ω-end) पर ऑक्सीजन फ़ंक्शन (एल्कोहोलिक या कार्बोक्सिल - alcoholic or carboxyl) वाले फैटी एसिड ω-ऑक्सीकरण द्वारा बनते हैं और अक्सर क्यूटिन (cutin) और सुबेरिन (suberin) के घटकों (constituents) के रूप में होते हैं।
- उच्च पौधों (higher plants) में ω-मिथाइल फैटी एसाइल CoA (ω-methyl fatty acyl CoA) के ω-हाइड्रॉक्सीमेथाइल फैटी एसाइल CoA (ω-hydroxymethyl fatty acyl CoA) में ऑक्सीजनेस-मध्यस्थता रूपांतरण (oxygenase-mediated conversion) के लिए आणविक ऑक्सीजन (molecular oxygen), कम पाइरीडीन न्यूक्लियोटाइड (reduced pyridine nucleotide) और एक गैर-हीम लौह प्रोटीन (non-heme iron protein) की आवश्यकताएं हैं।
फैटी एसिड का β-ऑक्सीकरण (β-Oxidation of fatty acids)
- 1904 में, फ्रांज नूप (Franz Knoop) ने फैटी एसिड ऑक्सीकरण के तंत्र (mechanism) की व्याख्या में एक महत्वपूर्ण योगदान दिया और प्रदर्शित किया कि अधिकांश फैटी एसिड β-कार्बन पर ऑक्सीकरण (oxidation at the β-carbon) द्वारा विकृत (degraded) हो जाते हैं।
- फैटी एसिड का β-ऑक्सीकरण (β-Oxidation) माइटोकॉन्ड्रिया (mitochondria) में होता है।
- ऑक्सीकरण के लिए माइटोकॉन्ड्रिया में प्रवेश करने से पहले फैटी एसिड सक्रिय (activated) हो जाते हैं।
फैटी एसिड का सक्रियण (Activation of fatty acids)
- फैटी एसिड (Fatty acids) ATP और कोएंजाइम ए (coenzyme A) के साथ प्रतिक्रिया में सक्रिय मध्यवर्ती (active intermediate) में परिवर्तित हो जाते हैं।
- फैटी एसिड के कार्बोक्सिल समूह (carboxyl group) और कोएंजाइम ए के सल्फहाइड्रील समूह (sulfhydryl group) के बीच एक थायोएस्टर लिंकेज (thioester linkage) ATP के हाइड्रोलिसिस (hydrolysis) के साथ बनता है।
- यह सक्रियण प्रतिक्रिया (activation reaction) एसाइल CoA सिंथेटेस (acyl CoA synthetase) द्वारा उत्प्रेरित बाहरी माइटोकॉन्ड्रियल झिल्ली (outer mitochondrial membrane) पर होती है।
- माइटोकॉन्ड्रिया की झिल्ली में विभिन्न श्रृंखला की लंबाई (different chain length) के फैटी एसिड के लिए विशिष्ट कई एसाइल CoA सिंथेटेस (acyl CoA synthetases) मौजूद हैं।
माइटोकॉन्ड्रिया में लंबी श्रृंखला वाले फैटी एसिड का प्रवेश (Penetration of long chain fatty acids into mitochondria)
- लंबी श्रृंखला वाले एसाइल-CoA अणु (Long chain acyl-CoA molecules) आसानी से आंतरिक माइटोकॉन्ड्रियल झिल्ली (inner mitochondrial membrane) में नहीं जाते हैं और कार्निटाइन (carnitine - β-hydroxy γ-trimethyl ammonium butyrate) के साथ संयुग्मित (conjugating) करके आंतरिक झिल्ली के पार ले जाए जाते हैं, जो लाइसिन (lysine) से बना एक ज्चिटरियोनिक यौगिक (zwitterionic compound) है।
- निचले फैटी एसिड (lower fatty acids) का सक्रियण और माइटोकॉन्ड्रिया के भीतर उनका ऑक्सीकरण कार्निटाइन से स्वतंत्र (independently of carnitine) रूप से होता है, लेकिन लंबी श्रृंखला वाले एसाइल CoA (long-chain acyl CoA) ऑक्सीकृत हो जाएंगे जब तक कि वे एसाइलकार्निटाइन (acylcarnitines) नहीं बनाते हैं।
- एसाइल CoA (acyl CoA) कार्निटाइन एसाइलट्रांसफेरेज़ I (carnitine acyltransferase I) की उपस्थिति में कार्निटाइन (carnitine) के साथ जुड़ता है, जो बाहरी माइटोकॉन्ड्रियल झिल्ली (outer mitochondrial membrane) से बंधा होता है।
- एसाइलकार्निटाइन (Acylcarnitine) को कार्निटाइन के एक अणु के परिवहन (transport) के साथ ले जाया जाता है।
- एसाइलकार्निटाइन फिर कार्निटाइन पामिटॉयल ट्रांसफरेज़ II (carnitine palmitoyl transferase II) द्वारा उत्प्रेरित कोएंजाइम ए (coenzyme A) के साथ प्रतिक्रिया करता है, जो आंतरिक झिल्ली के अंदर स्थित है।
- माइटोकॉन्ड्रियल मैट्रिक्स (mitochondrial matrix) में एसाइल CoA में सुधार किया जाता है और कार्निटाइन मुक्त (liberated) हो जाता है।
ऑक्सीकरण (Oxidation)
एक संतृप्त एसाइल CoA (saturated acyl CoA) चार प्रतिक्रियाओं के आवर्ती अनुक्रम (recurring sequence) द्वारा ऑक्सीकृत (oxidised) होता है:
- FAD की उपस्थिति में ऑक्सीकरण (Oxidation), जलयोजन (hydration), NAD+ की उपस्थिति में ऑक्सीकरण, और CoASH द्वारा थियोलिसिस (thiolysis)।
- β-ऑक्सीकरण (β-oxidation) में, कार्बोक्सिल छोर (carboxyl end) से शुरू होकर एसाइल CoA (acyl CoA) अणुओं से एक बार में 2 कार्बन का क्लीवेज (cleaved) किया जाता है।
- श्रृंखला (chain) α- और β-कार्बन परमाणुओं के बीच टूट जाती है।
- बने दो-कार्बन वाली इकाइयाँ (two-carbon units) एसिटाइल CoA (acetyl CoA) हैं।
- एसाइल CoA के β-ऑक्सीकरण में पहली प्रतिक्रिया एसाइल-CoA डिहाइड्रोजनेज (acyl-CoA dehydrogenase) और कोएंजाइम (coenzyme), FAD की उपस्थिति में ट्रांस Δ2- एनॉयल CoA (trans Δ2- enoyl CoA) या α, β-असंतृप्त एसाइल CoA (α, β-unsaturated acyl CoA) का निर्माण है।
- अगला कदम β-हाइड्रॉक्सी एसाइल CoA (β-hydroxy acyl CoA) के गठन के साथ एनॉयल CoA हाइड्रेटेस (enoyl CoA hydratase) द्वारा C-2 और C-3 के बीच दोहरे बंधन का जलयोजन (hydration) है।
- तीसरे चरण में, β-हाइड्रॉक्सी एसाइल CoA (β-hydroxy acyl CoA) को β-हाइड्रॉक्सी एसाइल CoA डिहाइड्रोजनेज (β-hydroxy acyl CoA dehydrogenase) और NAD+ की उपस्थिति में डिहाइड्रोजनेट (dehydrogenated) किया जाता है जिससे β-कीटोएसिल CoA (β-ketoacyl CoA) बनता है।
- β-ऑक्सीकरण के अंतिम चरण में, β-कीटोएसिल CoA (β-ketoacyl CoA) एंजाइम, थियोलेज़ (thiolase) की उपस्थिति में कोएंजाइम ए (coenzyme A) के साथ प्रतिक्रिया करता है।
- इस प्रतिक्रिया के उत्पाद (products) एसिटाइल CoA (acetyl CoA) और एक एसाइल CoA (acyl CoA) हैं जिनमें ऑक्सीकरण से गुजरने वाले मूल एसाइल CoA अणु (original acyl CoA molecule) से दो कार्बन कम होते हैं।
- β-ऑक्सीकरण के उपरोक्त चरणों द्वारा फैटी एसिड एसिटाइल CoA (acetyl CoA) इकाइयों में पूरी तरह से विकृत (completely degraded) हो जाते हैं। फैटी एसिड से बनने वाले एसिटाइल CoA को साइट्रिक एसिड चक्र (citric acid cycle) के माध्यम से कार्बन डाइऑक्साइड और पानी में ऑक्सीकृत (oxidised) किया जा सकता है।
β-ऑक्सीकरण की ऊर्जा (Energetics of β oxidation)
पामिटिक एसिड (palmitic acid) के अणु के ऑक्सीकरण द्वारा ATP के संदर्भ में संरक्षित ऊर्जा (energy conserved) या ऊर्जावान (energetics) नीचे दी गई है:
- पामिटिक एसिड (Palmitic acid - 16 कार्बन) सात β-ऑक्सीकरण सर्पिलों (β-oxidation spirals) से गुजरकर एसिटाइल CoA (acetyl CoA) के आठ अणु बनाने वाले β-ऑक्सीकरण (β-oxidation) से गुजरता है।
- जब β-ऑक्सीकरण का एक चक्र (cycle) होता है, तो FADH2 का एक अणु, \(NADH\) का एक अणु और एसिटाइल CoA का एक अणु उत्पन्न होता है।
- इन कम करने वाले समकक्षों (reducing equivalents - FADH2 और \(NADH\)) से इलेक्ट्रॉनों (Electrons) को उच्च-ऊर्जा फॉस्फेट बॉन्ड (high-energy phosphate bonds) के एक साथ पुनर्जनन (regeneration) के साथ माइटोकॉन्ड्रिया में श्वसन श्रृंखला (respiratory chain) के माध्यम से ले जाया जाता है।
- FADH2 के माइटोकॉन्ड्रियल ऑक्सीकरण (Mitochondrial oxidation) के परिणामस्वरूप अंततः लगभग 1.5 ATP का शुद्ध निर्माण (net formation) होता है।
- इसी तरह, \(NADH\) से इलेक्ट्रॉनों के ऑक्सीकरण से ATP के 2.5 अणु प्राप्त होते हैं। इसलिए, प्रति चक्र (per cycle) कुल चार ATP अणु बनते हैं और एसिटाइल CoA के प्रत्येक अणु से क्रेब्स चक्र (Krebs's cycle) के माध्यम से ATP के दस अणु बनते हैं।
| TCA चक्र के माध्यम से 8 एसिटाइल CoA उपज (yield) (8x10) |
80 ATP |
| 7 β-ऑक्सीकरण सर्पिल प्रतिक्रियाएं उपज (yield) (7x4) |
28 ATP |
| कुल (Total) |
108 ATP |
| शुरुआती कदम में उपयोग किया गया ATP (ATP utilized in the initial step) |
-2 ATP |
| पामिटिक एसिड के पूर्ण ऑक्सीकरण से उपज (Complete oxidation of palmitic acid yields) |
106 ATP |
मोनोअनसैचुरेटेड फैटी एसिड का ऑक्सीकरण (Oxidation of monounsaturated fatty acids)
- मोनोअनसैचुरेटेड फैटी एसिड (monounsaturated fatty acids) का ऑक्सीकरण दो अतिरिक्त एंजाइमों (two additional enzymes), एक आइसोमेरेज (isomerase) और एक उपन्यास रिडक्टेस (novel reductase) की आवश्यकता को छोड़कर संतृप्त फैटी एसिड (saturated fatty acids) की कई प्रतिक्रियाओं का अनुसरण करता है।
- मोनोअनसैचुरेटेड फैटी एसिड की प्रतिक्रियाओं को C-16 असंतृप्त फैटी एसिड (unsaturated fatty acid), पामिटोलिक एसिड (palmitoleic acid) के ऑक्सीकरण (oxidation) पर विचार करके समझाया गया है, जिसमें C-9 और C-10 के बीच एक डबल बॉन्ड (single double bond) है।
- पामिटोलिक एसिड (Palmitoleic acid) सक्रिय (activated) होता है और संतृप्त फैटी एसिड (saturated fatty acids) के समान ही आंतरिक माइटोकॉन्ड्रियल झिल्ली (inner mitochondrial membrane) में ले जाया जाता है।
- पामिटोलॉयल CoA (Palmitoleoyl CoA) β-ऑक्सीकरण की तरह क्षरण (degradation) के तीन चक्रों (cycles) से गुजरता है। लेकिन तीसरे चक्र के बाद बनने वाला सिस Δ3 डिसेनोयल CoA (cis Δ3 decenoyl CoA) एसाइल CoA डिहाइड्रोजनेज (acyl CoA dehydrogenase) के लिए एक सब्सट्रेट (substrate) के रूप में काम नहीं करता है।
- C-3 और C-4 के बीच एक डबल बॉन्ड (double bond) की उपस्थिति C-2 और C-3 के बीच एक और डबल बॉन्ड के गठन को रोकती है।
- एक आइसोमेरेज (isomerase) सिस डबल बॉन्ड (cis double bond) को ट्रांस डबल बॉन्ड (trans double bond) में परिवर्तित करता है और C-2 और C-3 के बीच डबल बॉन्ड की स्थिति को बदल (shifts) देता है।
- बाद की या अनुवर्ती प्रतिक्रियाएं β-ऑक्सीकरण मार्ग (β-oxidation pathway) की हैं जिसमें ट्रांस Δ2 डिसेनोयल CoA (trans Δ2 decenoyl CoA) एक नियमित सब्सट्रेट (regular substrate) है।
पॉलीअनसेचुरेटेड फैटी एसिड का ऑक्सीकरण (Oxidation of polyunsaturated fatty acids)
सिस-Δ9 (cis-Δ9) और सिस-Δ12 (cis-Δ12) डबल बॉन्ड (double bonds) वाले पॉलीअनसेचुरेटेड फैटी एसिड (polyunsaturated fatty acid), लिनोलिक एसिड (linoleic acid) के ऑक्सीकरण (oxidation) पर विचार किया जाता है।
- β-ऑक्सीकरण (β-oxidation) के तीन दौरों (rounds) के बाद बनने वाला सिस-Δ3 (cis-Δ3) डबल बॉन्ड (double bond) आइसोमेरेज (isomerase) द्वारा ट्रांस डबल बॉन्ड (trans double bond) में परिवर्तित हो जाता है।
- यह β-ऑक्सीकरण के एक और दौर (round) की अनुमति देता है।
- लिनोलिक एसिड के β-ऑक्सीकरण के चार राउंड द्वारा निर्मित एसाइल CoA (acyl CoA) में एक सिस-Δ4 (cis-Δ4) डबल बॉन्ड होता है, जो एसाइल CoA डिहाइड्रोजनेज (acyl CoA dehydrogenase) द्वारा डिहाइड्रोजनीकरण (dehydrogenation) से गुजरता है जिससे ट्रांस Δ2, सिस-Δ4 डायनोयल मध्यवर्ती (trans Δ2, cis-Δ4 dienoyl intermediate) प्राप्त होता है।
- यह मध्यवर्ती (intermediate) β-ऑक्सीकरण मार्ग (β-oxidation pathway) में अगले एंजाइम के लिए एक सब्सट्रेट (substrate) नहीं है।
- यह मध्यवर्ती (intermediate) ट्रांस Δ3 एनॉयल CoA (trans Δ3 enoyl CoA) में ट्रांस Δ2 रूप (trans Δ2 form) में परिवर्तित हो जाता है, जो आमतौर पर β-ऑक्सीकरण मार्ग में पाया जाने वाला मध्यवर्ती है और इसके परिणामस्वरूप फैटी एसिड का पूर्ण ऑक्सीकरण (complete oxidation) होता है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह स्टडी मटेरियल ICAR के मूल कंटेंट का हिंदी अनुवाद है। हम इसकी पूर्ण सटीकता के लिए उत्तरदायी नहीं हैं। यह फाइल अभी केवल
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