पादप रोग (Plant Disease) पौधे की कार्यिकीय प्रक्रियाओं में होने वाला वह हानिकारक विचलन है जो किसी लगातार उत्तेजना / उत्तेजना के कारण उत्पन्न होता है और जिसके फलस्वरूप पौधे में असामान्य लक्षण प्रकट होते हैं तथा आर्थिक उपज में कमी आती है।
| प्रकार | परिभाषा | उदाहरण |
|---|---|---|
| 1. अविकल्पी परजीवी | जो केवल जीवित पोषक ऊतकों पर ही जीवित रह सकते हैं और कृत्रिम पोषक माध्यम पर नहीं उगाए जा सकते। | रतुआ / किट्ट कवक (Rusts - Puccinia), चूर्णिल आसिता (Powdery mildews - Erysiphe), अवनत फफूंद (डाउनी मिल्ड्यू / Downy Mildew) (Downy mildews - Sclerospora), सभी पादप वायरस। |
| 2. विकल्पी मृतोपजीवी | सामान्यतः परजीवी होते हैं, किंतु पोषक की अनुपस्थिति में मृत कार्बनिक पदार्थों पर भी जीवित रह सकते हैं। | अंगमारी एवं उकठा कवक (Phytophthora, Fusarium), कंडुआ कवक (Smuts - Ustilago)। |
| 3. विकल्पी परजीवी | सामान्यतः मृतोपजीवी होते हैं, किंतु अवसर मिलने पर जीवित पौधों पर आक्रमण कर रोग उत्पन्न करते हैं। | जड़ गलन एवं आर्द्र पतन कवक (Pythium, Rhizoctonia, Sclerotium)। |
| 4. अविकल्पी मृतोपजीवी | जो केवल मृत कार्बनिक पदार्थों पर ही भोजन प्राप्त करते हैं और जीवित पौधों पर कभी रोग पैदा नहीं करते। | मशरूम (Agaricus), ब्रेड मोल्ड (Rhizopus)। |
***********
आपकी एक राय से हम इन नोट्स को और बेहतर बना सकते हैं। कृपया नीचे रेटिंग दें।
Agrigyan को सभी विद्यार्थियों के लिए और बेहतर बनाने में मदद करने के लिए धन्यवाद।