कवक यूकैरियोटिक, पर्णहरिम रहित / क्लोरोफिल हीन, विषमपोषी (heterotrophic) जीव हैं, जिनका शरीर कवक तंतुओं (hyphae) से बना होता है, पोषण अवशोषण विधि द्वारा होता है और जिनकी कोशिका भित्ति मुख्य रूप से काइटिन एवं ग्लूकैन से बनी होती है।
| रूपांतरण | संरचना एवं कार्य (Structure & Function) | उदाहरण |
|---|---|---|
| 1. स्क्लेरोशियम (Sclerotium) | कवक जाल का अत्यंत कठोर, सघन, गोल या चपटा विश्रामी पिंड जो प्रतिकूल परिस्थितियों में वर्षों तक जीवित रहता है। | अर्गट कवक (Claviceps purpurea), Sclerotium rolfsii, Rhizoctonia। |
| 2. राइजोमोर्फ | रस्सी जैसी मोटी, गहरी जड़नुमा संरचना जो भोजन व जल परिवहन तथा भूमिगत प्रसार में सहायक होती है। | Armillaria mellea (शहद कवक / Honey fungus)। |
| 3. चूषकांग / हॉस्टोरियम (Haustorium) | परपोषी कोशिका भित्ति को भेदकर अंदर से विलेय भोजन अवशोषित करने वाली विशिष्ट संरचना। | अविकल्पी परजीवी कवक (Albugo, Erysiphe, Puccinia)। |
| 4. एप्रेसोरियम (Appressorium) | कवक तंतु के सिरे पर बनने वाला चिपचिपा चपटा अंग जो पौधे की सतह पर चिपकने और संक्रमण कील बनाने में मदद करता है। | Colletotrichum, Magnaporthe oryzae (धान का झुलसा कवक)। |
| 5. स्ट्रोमा | गद्देनुमा कवक ऊतक का पिंड जिसके अंदर या ऊपर जनन संरचनाएं (फल पिंड) बनते हैं। | Claviceps। |
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