व्याख्यान 24 - चमेली और क्रोसेंड्रा के रोग (Diseases of Jasmine and Crossandra)

चमेली (Jasmine)

सर्कोस्पोरा लीफ स्पॉट (Cercospora leaf spot) – Cercospora jasminicola

आर्थिक महत्व (Economic Importance)

भारत में, यह बीमारी पहली बार 1946 में रिपोर्ट की गई थी। अब इसे व्यापक रूप से वितरित (widely distributed) माना जाता है।

लक्षण (Symptoms)

पत्तियों की सतह पर 2-8 मिमी व्यास के गोलाकार से अनियमित लाल भूरे (reddish brown) धब्बे दिखाई देते हैं। बाद में धब्बे अनियमित हो जाते हैं और पत्तियों के बड़े क्षेत्रों (larger areas) को कवर करते हैं।

रोगजनक (Pathogen)

स्ट्रोमाटा (Stromata) हल्के से गहरे भूरे (pale to dark brown), गोलाकार (globular) होते हैं, जो रंध्र के छिद्रों (stomatal openings) को भरते हैं। फासिकल्स (Fascicles) ज्यादातर घने (dense) होते हैं। कोनिडियोफोर्स (Conidiophores) हल्के जैतून भूरे (pale olivaceous brown), संकीर्ण (narrow), कम से कम सेप्टेट (sparingly septate) और सीधे या पापी (sinuous) होते हैं। इसकी नोक (tip) कुंद रूप से गोल (bluntly rounded) होती है और 2 से 4 x 5 से 25 माइक्रोन मीटर होती है। कोनिडिया (Conidia) हल्के (pale) से हल्के जैतून (pale olivaceous) ओबक्लावेट बेलनाकार (obclavate cylindric), अस्पष्ट रूप से सेप्टेट (indistinctly septate) और सीधे (straight) से हल्के घुमावदार (mildly curved) होते हैं। इसका आधार ओबकोनिक रूप से छोटा (obconically truncate) है और टिप सबओब्ट्यूज (subobtuse) है और 20 से 66 x 2 से 4 माइक्रोन मीटर है।

प्रसार और अस्तित्व का तरीका (Mode of spread and Survival)

यह Jasminum की सभी प्रजातियों (species) पर हमला करता है। यह रोग हवा (wind) से पैदा होने वाले कोनिडिया (conidia) के माध्यम से फैलता है।

प्रबंधन (Management)

मैनकोजेब (Mancozeb) 0.25% (या) कार्बेन्डाजिम (Carbendazim) 0.1% का छिड़काव

अल्टरनेरिया लीफ ब्लाइट (Alternaria leaf blight) – Alternaria jasmine, A. alternate

लक्षण (Symptoms)

लक्षण

पत्तियों में गहरे भूरे (dark brown) धब्बे दिखाई देते हैं। धूनी वाली स्थिति (fumed condition) में धब्बे बड़े होकर बड़े क्षेत्र को कवर करते हैं जिससे पत्तियों का झुलसना (blighting) होता है। घावों (lesions) में संकेंद्रित छल्ले (Concentric rings) देखे जा सकते हैं। यह रोग तने, पेटीओल (petiole) और फूलों को भी प्रभावित करता है।

प्रसार और अस्तित्व का तरीका (Mode of spread and Survival)

यह रोग हवा (wind) से पैदा होने वाले कोनिडिया के माध्यम से फैलता है।

महामारी विज्ञान (Epidemiology)

यह रोग जाथी मल्ली (Jathi malli - J. grandiflorum) और मुल्लई (mullai - J. auriculatum) पर हमला करता है। सर्दियों (winter) के महीनों (अक्टूबर-दिसंबर) के दौरान यह बीमारी गंभीर (severe) होती है। कुछ क्षेत्रों में यह बीमारी फरवरी तक भी देखी जाती है।

प्रबंधन (Management)

गिरे हुए पत्तों को इकट्ठा करना और हटाना। कॉपर ऑक्सीक्लोराइड (Copper oxychloride) 0.25% या मैनकोजेब (Mancozeb) 0.25% के साथ स्प्रे (Spray) करें

कॉलर रॉट और रूट रॉट (Collar rot and Root rot) – Sclerotium rolfsii

लक्षण (Symptoms)

लक्षण

सभी अवस्थाओं (stages) में पौधे संक्रमित हो जाते हैं। पहले पुरानी पत्तियां पीली हो जाती हैं, उसके बाद छोटी पत्तियां और अंत में पौधे की मृत्यु हो जाती है। जड़ में काला मलिनकिरण (black discoloration) देखा जा सकता है। संक्रमित ऊतकों (infected tissues) और तने की सतह पर मायसेलिया (mycelia) के सफेद तार (white strands) और सरसों (mustard) जैसे स्क्लेरोटिया (sclerotia) दिखाई देते हैं।

प्रबंधन (Management)

कॉपर ऑक्सीक्लोराइड 0.25% के साथ मिट्टी की ड्रेंचिंग (Soil drenching)। Trichoderma viride के साथ FYM का भारी अनुप्रयोग (Heavy application)।

फिलोडी (Phyllody) – फाइटोप्लाज्मा (Phytoplasma)

लक्षण (Symptoms)

पत्तियां छोटी विकृत (malformed) और झाड़ीदार (bushy) हो जाती हैं। फूलों के स्थान पर हरी पत्ती जैसे विकृत फूल बनते हैं।

प्रसार का तरीका (Mode of spread)

यह रोग ग्राफ्टिंग (grafting) और सफेद मक्खी (whitefly), Dialeurodes kirkaldii द्वारा फैलता (transmitted) है।

प्रबंधन (Management)

स्वस्थ पौधों से कटिंग (cuttings) का चयन। वेक्टर (vector) को नियंत्रित करने के लिए कीटनाशक (insecticide) का छिड़काव।

अस्वीकरण (Disclaimer):
यह स्टडी मटेरियल ICAR के मूल कंटेंट का हिंदी अनुवाद है। हम इसकी पूर्ण सटीकता के लिए उत्तरदायी नहीं हैं। यह फाइल अभी केवल सुधार और परीक्षण (Improvement Purpose) के लिए यहाँ उपलब्ध कराई गई है। बहुत जल्द हम इसे डाउनलोड करने के लिए PDF फॉर्मेट में अपडेट करेंगे।

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