Mycota के प्रभागों (Divisions) की कुंजी:
प्लाज्मोडियम (Plasmodium) या स्यूडोप्लाज्मोडियम (Pseudoplasmodium) उपस्थित - Myxomycota
प्लाज्मोडियम या स्यूडोप्लाज्मोडियम अनुपस्थित,
एसिमिलेटिव अवस्था (Assimilative phase) फिलामेंटस (filamentous) - Eumycota
वर्ग (Class): Plasmodiophoromycetes
1. Plasmodiophorales
Plasmodiophoraceae: Plasmodiophora, Spongospora, Polymyxa
व्यवस्थित स्थिति (Systematic position)
हाइपरप्लासिया (hyperplasia) और हाइपरट्रॉफी (hypertrophy) के कारण जड़ों का बड़ा होना और गदा के आकार (club-shaped) का होना, पौधे का धीरे-धीरे और अस्पष्ट रूप से बौना होना (stunting), पीला पड़ना और मुरझाना (wilting)।
थैलस (thallus) एक प्लाज्मोडियम (अमीबा जैसी गति वाले केंद्रक युक्त साइटोप्लाज्म का एक नग्न द्रव्यमान) होता है, जो जूस्पोरैंजिया (zoosporangia) या रेस्टिंग स्पोर (resting spore) को जन्म देता है, जो अंकुरित होकर जूस्पोर्स (zoospores) पैदा करते हैं। रेस्टिंग स्पोर्स (विश्राम बीजाणु) कांटेदार दीवारों वाले गोलाकार होते हैं। जूस्पोर्स आगे की ओर से बाइफ्लैजेलेट (biflagellate), हेटरोकॉन्ट (heterokont - लंबाई में असमान) और यूनीन्यूक्लियेट (uninucleate - एक केंद्रक वाले) होते हैं, दोनों फ्लैजेला व्हिपलैश (whiplash) प्रकार के होते हैं।
जड़ के बालों (root hairs) का संक्रमण पौधे की प्रारंभिक अवस्था (seedling stage) के दौरान होता है। रेस्टिंग स्पोर्स (Resting spores), जो मिट्टी में कई वर्षों तक सुप्त (dormant) अवस्था में पड़े रहते हैं, अंकुरित होते हैं और उनकी दीवार पर एक गोलाकार छिद्र (circular pore) बन जाता है। एक शीर्ष रूप से (apically) बाइफ्लैजेलेट जूस्पोर बाहर आता है। प्रत्येक रेस्टिंग स्पोर एक ही जूस्पोर पैदा करता है। जूस्पोर जड़ के बालों में प्रवेश करता है और एक केंद्रक वाले प्राथमिक प्लाज्मोडियम (uninucleate primary plasmodium) में विकसित होता है। प्लाज्मोडियम बहु-केंद्रक वाले भागों (multinucleate portions) में विभाजित हो जाता है। प्रत्येक भाग एक जूस्पोरैंजियम में विकसित होता है जिसमें 4-8 जूस्पोर्स होते हैं। जूस्पोर्स परपोषी (host) कोशिका भित्ति में घुले हुए छिद्रों के माध्यम से परपोषी के बाहर छोड़ दिए जाते हैं। जूस्पोर्स जोड़े में जुड़कर जाइगोट्स (zygotes) बनाते हैं। चार फ्लैजेला वाले ये जाइगोट्स नया संक्रमण करते हैं और नया प्लाज्मोडियम बनाते हैं। यह प्लाज्मोडियम सीधे युवा जड़ के ऊतकों में या घावों के माध्यम से पुरानी जड़ों और भूमिगत तनों में प्रवेश करता है। इस प्रकार प्लाज्मोडियम सीधे प्रवेश द्वारा कैम्बियम (cambium) में कॉर्टिकल कोशिकाओं (cortical cells) तक फैल जाता है। जब प्लाज्मोडिया परपोषी कोशिकाओं में स्थापित हो जाता है, तो वे बड़े होने (hypertrophy) और असामान्य रूप से विभाजित होने (hyperplasia) के लिए उत्तेजित हो जाते हैं। कोशिकाएं बड़ी (5 या अधिक गुना) हो जाती हैं। प्लाज्मोडियम पौधे के ऊतकों के अंदर बड़ी संख्या में रेस्टिंग स्पोर्स में विकसित होता है, जो क्लब जैसी जड़ों (clubbed roots) के विघटन से मिट्टी में मिल जाते हैं।