पौधों की बीमारी (plant diseases) के पूर्वानुमान (Forecasting) का अर्थ है समय से पहले एक निर्दिष्ट क्षेत्र (specified area) में पौधे की बीमारी की घटना (occurrence) की भविष्यवाणी (predicting) करना, ताकि नुकसान (losses) से बचने के लिए उपयुक्त नियंत्रण उपाय (suitable control measures) अग्रिम (advance) में किए जा सकें। रोग का पूर्वानुमान (Disease forecasts) संभावित प्रकोप (probable outbreaks) या रोग की तीव्रता (intensity) में वृद्धि की भविष्यवाणी है। इसमें सुव्यवस्थित टीम वर्क (well organized team work) और समय, ऊर्जा (energy) और धन (money) का व्यय (expenditure) शामिल है। इसका उपयोग रसायनों (chemicals) के समय पर उपयोग के लिए एक सहायता (aid) के रूप में किया जाता है। उत्पादकों (growers) के लिए स्थापित होने वाली पहली स्प्रे चेतावनी सेवाओं (spray warning services) में, 1920 के दशक में फ्रांस, जर्मनी और इटली में अंगूर डाउनी फफूंदी (grapevine downy mildew) पूर्वानुमान योजनाएं थीं। निम्नलिखित पौधों के रोगों (plant diseases) के लिए रोग पूर्वानुमान विधियां उपलब्ध हैं।
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क्रम संख्या (Sl. No) |
पौधे के रोग (Plant disease) |
देश (Countries) |
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1. |
ग्रेपवाइन डाउनी मिल्ड्यू (Grapevine downy mildew) |
ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, जर्मनी, ग्रीस, इटली, रोमानिया, स्पेन, यूएसएसआर, यूगोस्लाविया |
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2. |
कुकर्बिट डाउनी मिल्ड्यू (Cucurbit downy mildew) |
सं.रा.अ. (U.S.A.) |
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3. |
पोटैटो लेट ब्लाइट (Potato late blight) |
ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, ग्रीस, जापान, नीदरलैंड, नॉर्वे, पेरू, यू.के, यू.एस.एस.आर. |
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4. |
टोबैको ब्लू मोल्ड (Tobacco blue mould) |
कनाडा, सं.रा.अ. (U.S.A.) |
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5. |
एप्पल और पीयर स्कैब (Apple and pear scab) |
ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, नीदरलैंड, न्यूजीलैंड, यू.एस.ए. |
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6. |
शुगरबीट रूट रॉट (Sugarbeet root rot) - (Aphanomyces sp.) |
सं.रा.अ. (U.S.A) |
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7. |
गेहूँ का भूरा (पत्ती) रस्ट (Wheat brown (Leaf) rust) |
सं.रा.अ. (U.S.A.) |
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8. |
कॉर्न बैक्टीरियल विल्ट (Corn bacterial wilt) - (Erwinia stewartii) |
सं.रा.अ. (U.S.A) |
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9. |
शुगरबीट कर्ली टॉप (Sugarbeet curly top) |
सं.रा.अ. (U.S.A.) |
रोगों का पूर्वानुमान (Forecasting diseases) अनुप्रयुक्त महामारी विज्ञान (applied epidemiology) का एक हिस्सा है। इसलिए, सटीक पूर्वानुमान (accurate forecasting) के लिए महामारी विज्ञान का ज्ञान (knowledge of epidemiology - परपोषी, रोगजनक से जुड़े कारकों के प्रभाव में रोग का विकास / development of disease under the influence of factors associated with the host, pathogen) आवश्यक है। पूर्वानुमान करने से पहले महामारी (epidemic) के कारकों और उसके घटकों को पहले से जाना जाना चाहिए।
पूर्वानुमान के लिए आवश्यक जानकारी (informations required) हैं:
1. परपोषी कारक (Host Factors)
क. दी गई बस्ती (locality) में अतिसंवेदनशील किस्मों (susceptible varieties) का प्रसार (Prevalence)
ख. रोगजनक (pathogen) की गतिविधि के लिए विकास के विभिन्न चरणों (different stages) में परपोषी (host) की प्रतिक्रिया (Response), उदाहरण के लिए कुछ बीमारियाँ अंकुरित अवस्था (seedling stages) के दौरान पाई जाती हैं जबकि अन्य बड़े हुए पौधों (grown up plants) पर हमला करती हैं और
ग. किसी दिए गए इलाके में परपोषी (host) का घनत्व (Density) और वितरण (distribution)। अतिसंवेदनशील किस्म (susceptible variety) की घनी आबादी (Dense populations) एक महामारी (epidemic) के त्वरित प्रसार (quick spread) को आमंत्रित (invite) करती है। बिखरे हुए स्थानों (scattered locations) में अतिसंवेदनशील किस्मों को उगाना और वह भी सीमित क्षेत्र में एपिफाइटोटिक (epiphytotic) होने का खतरा कम (less prone) है।
2. रोगजनक कारक (Pathogen factors)
क. हवा, मिट्टी या रोपण सामग्री (planting material) में प्राथमिक (प्रारंभिक) इनोक्युलम (primary (initial) inoculum) की मात्रा
ख. इनोक्युलम का फैलाव (Dispersal)
ग. बीजाणु अंकुरण (Spore germination)
घ. संक्रमण (Infection)
ड़. ऊष्मायन अवधि (Incubation period)
च. संक्रमित परपोषी पर स्पोरुलेशन (Sporulation)
छ. बीजाणुओं का पुन: फैलाव / प्रसार (Re-dispersal / Dissemination)
ज. बारहमासी चरण (Perennating stages)
झ. बीज, मिट्टी और हवा में इनोक्युलम क्षमता (Inoculum potential) और घनत्व (density)
3. पर्यावरणीय कारक (Environmental factors)
क. तापमान (Temperature)
ख. आर्द्रता (Humidity)
ग. प्रकाश की तीव्रता (Light intensity)
घ. हवा का वेग (Wind velocity)
पांच मुख्य आवश्यकताएं (main requirements) हैं जिन्हें एक उपयोगी (useful) और सफल (successful) रोग पूर्वानुमान (disease forecast) करने से पहले संतुष्ट (satisfied) होना चाहिए।
रोग पूर्वानुमान (Disease forecasting) के लिए रोगजनक (pathogen) के पात्रों, मौसम के आंकड़ों के संग्रह (collection of weather data), फसल की विविधता (variety of the crop) और कुछ जांचों (investigations) और उनके सहसंबंधों (correlations) पर क्षेत्र अवलोकन (field observations) की आवश्यकता होती है। आमतौर पर रोग पूर्वानुमान में निम्नलिखित विधियों (methods) का उपयोग किया जाता है।
1. प्राथमिक इनोक्यूलम के आधार पर पूर्वानुमान (Forecasting based on primary inoculums)
प्राथमिक इनोक्यूलम (primary inoculum) की उपस्थिति, इसका घनत्व (density) और व्यवहार्यता (viability) हवा, मिट्टी या रोपण सामग्री (planting material) में निर्धारित (determined) की जाती है। विभिन्न एयर ट्रैपिंग डिवाइस (air trapping devices - बीजाणु जाल / spore traps) का उपयोग करके हवा में व्यवहार्य बीजाणुओं (viable spores) या प्रचार (propagules) की घटना का मूल्यांकन (assessed) किया जा सकता है। मिट्टी से होने वाले रोगों (soil-borne diseases) के मामले में मिट्टी में प्राथमिक इनोक्यूलम मोनोकल्चर विधि (monoculture method) द्वारा निर्धारित किया जा सकता है।
गेहूँ के ढीले स्मट (loose smut of wheat), बाजरा के एर्गोट (ergot of pearlmillet) और आलू के वायरल रोगों (viral diseases of potato) की उपस्थिति का पता विभिन्न बीज परीक्षण विधियों (seed testing methods) द्वारा बीज लॉट (seed lots) में यादृच्छिक (at random) रूप से लगाया जा सकता है। बीज परीक्षण के तरीकों का उपयोग संभावित बीमारी की घटनाओं (potential disease incidence) को निर्धारित करने और रासायनिक बीज उपचार (chemical seed treatment) की आवश्यकता पर निर्णय लेने में सक्षम बनाने के लिए किया जा सकता है। कई वायरस रोगों (virus diseases) की सीमा पिछले सर्दियों (preceding winter) की गंभीरता पर निर्भर करती है जो बढ़ते मौसम (growing season) में वेक्टर आबादी (vector population) के आकार को प्रभावित करती है। उदाहरण के लिए, शुगरबीट पीला वायरस (Sugarbeet yellows virus)।
2. मौसम की स्थिति के आधार पर पूर्वानुमान (Forecasting based on weather conditions)
मौसम की स्थिति (Weather conditions) यानी फसल के मौसम (crop season) के दौरान और अंतर फसल के मौसम (inter crop season) के दौरान तापमान (temperature), सापेक्ष आर्द्रता (relative humidity), वर्षा (rainfall), प्रकाश (light), हवा का वेग (wind velocity) आदि को मापा जाता है। फसल के ऊपर और मिट्टी की सतह (soil surface) पर मौसम की स्थिति भी दर्ज (recorded) की जाती है।
3. सहसंबद्ध जानकारी के आधार पर पूर्वानुमान (Forecasting based on correlative information)
कई वर्षों के मौसम के आंकड़े (Weather data) एकत्र किए जाते हैं और बीमारियों की तीव्रता (intensity) के साथ सहसंबद्ध (correlated) होते हैं। डेटा की तुलना (compared) की जाती है और फिर बीमारी का पूर्वानुमान (forecasting) किया जाता है। मानक मौसम संबंधी डेटा (standard meteorological data) के साथ रोग अवलोकन की तुलना से विकसित पूर्वानुमान मानदंड (Forecasting criteria) गेहूं के सेप्टोरिया पत्ती धब्बा (Septoria leaf blotch of wheat), सेब के फायर ब्लाइट (fire blight of apple) और जौ पाउडर फफूंदी (barley powdery mildew) जैसी बीमारियों के लिए प्रदान किए गए हैं।
4. रोग पूर्वानुमान के लिए कंप्यूटर का उपयोग (Use of computer for disease forecasting)
कुछ उन्नत देशों (advanced countries) में कंप्यूटर के उपयोग से रोग का पूर्वानुमान (forecasting) लगाया जाता है। यह प्रणाली जल्दी परिणाम (results quickly) देती है। अमेरिका में ऐसे ही एक कंप्यूटर आधारित प्रोग्राम (computer based programmes) को आलू के लेट ब्लाइट (potato late blight) के लिए 'ब्लाइटकास्ट (Blitecast)' के रूप में जाना जाता है। अच्छी तरह से विकसित पूर्वानुमान प्रणालियों (well developed forecasting systems) के उदाहरण नीचे दिए गए हैं।
क. मूंगफली के जल्दी और देर से पत्ती के धब्बे (Early and late leaf spots of groundnut)
सं.रा.अ. (U.S.A.) में मूंगफली के जल्दी और देर से पत्ती के धब्बों (early and late leaf spots of groundnut) की भविष्यवाणी करने के लिए एक तकनीक (technique) विकसित की गई है। जब मूंगफली के पत्ते (groundnut foliage) 10 घंटे या उससे अधिक की अवधि के लिए गीले (wet) रहते हैं और लगातार दो दिनों या रातों के लिए न्यूनतम तापमान (minimum temperature) 21 डिग्री सेल्सियस (21°C) या उससे अधिक होता है, तो रोग के विकास (disease development) का अनुमान (forecasted) लगाया जाता है।
सं.रा.अ. में एक कंप्यूटर प्रोग्राम विकसित किया गया है। यह सटीक (accurate) है और सं.रा.अ. में व्यापक रूप से (widely) उपयोग किया जाता है। 95% और उससे अधिक की सापेक्ष आर्द्रता (relative humidity - RH) के साथ दिन के लिए घंटों (hours) के डेटा और पिछले 5 दिनों की अवधि के लिए आरएच अवलोकनों (RH observations) के दौरान न्यूनतम तापमान (minimum temperature - T) को कंप्यूटर में फीड (fed) किया जाता है। गणना (Calculations) को पूर्ण संख्याओं (whole numbers) में गोल (rounded) किया जाता है। प्रत्येक पांच दिनों के लिए टी / आरएच इंडेक्स (T/RH index) की गणना की जाती है उदाहरण के लिए, जब आरएच 95% के घंटे 10 के बराबर होते हैं और अवधि के दौरान न्यूनतम तापमान 21.1 डिग्री सेल्सियस के बराबर होता है, तो टी / आरएच इंडेक्स 2.0 होता है। दिन 4 और 5 के लिए टी / आरएच सूचकांक संक्षेप (summed) में दिए गए हैं। यदि कुल सूचकांक (total index) 4 से अधिक है तो रोग का अनुमान (forecasted) लगाया जाता है। यदि सूचकांक 3 या उससे कम है तो किसी बीमारी का अनुमान नहीं है।
ख. आलू का लेट ब्लाइट (Late blight of potato)
अमेरिका में आलू के लेट ब्लाइट (Phytophthora infestans) के लिए एक पूर्वानुमान कार्यक्रम (forecasting programme) विकसित किया गया है। 10 लगातार (consecutive) झुलस अनुकूल दिनों (blight favourable days) की घटना के 7 से 14 दिन बाद लेट ब्लाइट की प्रारंभिक उपस्थिति (initial appearance) का अनुमान लगाया जाता है। एक दिन को झुलस अनुकूल (blight favourable) माना जाता है जब 5 दिन का औसत तापमान 25.5 डिग्री सेल्सियस होता है और पिछले 10 दिनों की कुल वर्षा 3.0 सेमी से अधिक होती है। आलू लेट ब्लाइट की भविष्यवाणी के लिए अमेरिका में एक कम्प्यूटरीकृत संस्करण (कम्प्यूटराइज्ड वर्जन - Blitecast) भी विकसित किया गया है। ब्लाइटकास्ट (Blitecast) फोरट्रान IV (Fortran IV) में लिखा गया है। जब कोई किसान ब्लाइट कास्ट (blight cast) की इच्छा रखता है तो वह ब्लाइट कास्ट ऑपरेटर (blight cast operator) को टेलीफोन करता है और सबसे हाल ही में रिकॉर्ड किए गए (recorded) पर्यावरण डेटा (environmental data) की रिपोर्ट (reports) करता है। ऑपरेटर कंप्यूटर में ब्लाइट कास्ट प्रोग्राम (blight cast programmes) के लिए कॉल करता है जैसे, टाइपराइटर टर्मिनल (typewriter terminal) और कंप्यूटर में नए डेटा को फीड करता है। एक सेकंड के एक अंश (fraction of second) के भीतर कंप्यूटर डेटा का विश्लेषण (analyses) करता है और ऑपरेटर को पूर्वानुमान (forecast) और स्प्रे सिफारिशों (spray recommendations) की श्रृंखला देता है जो इसे किसान को रिले (relays) करता है।
पूरी प्रक्रिया मानक (standard) तीन मिनट के टेलीफोन कॉल के दौरान पूरी (completed) की जा सकती है। प्रणाली चार सिफारिशों (recommendations) में से एक बनाती है अर्थात, कोई स्प्रे (no spray) नहीं, देर से झुलसने की चेतावनी (late blight warning), 7 दिनों का स्प्रे शेड्यूल (7 days spray schedule) या 5 दिनों का स्प्रे शेड्यूल (5 days spray schedule)। पिछले 5 दिनों का स्प्रे शेड्यूल (spray schedule) केवल गंभीर ब्लाइट मौसम (severe blight weather) के दौरान जारी किया जाता है। पश्चिम जर्मनी (West Germany) में, 'फाइटोप्रोग (Phytoprog)' कार्यक्रम का उपयोग किया जाता है। यह तापमान (temperature), सापेक्ष आर्द्रता (relative humidity) और वर्षा (rainfall) के माप (measurements) पर आधारित है। फाइटोप्रोग एक नकारात्मक रोगनिरोध (negative prognose - एक संकेत है कि जब सामान्य दिनचर्या (usual routine) स्प्रे आवेदन (spray application) के साथ तिरस्कृत (dispensed) किया जाना चाहिए) प्रदान करता है।
ग. चाय का ब्लिस्टर ब्लाइट (Blister blight of tea)
चाय के ब्लिस्टर ब्लाइट (Exobasidium vexans) की महामारी (epidemics) की भविष्यवाणी (predicting) करने के लिए एक प्रणाली विकसित की गई है जो चाय के बागान (tea plantation) में हवा में बीजाणुओं की संख्या (number of spores) और पत्तियों (leaves) पर सतह के गीलेपन (surface wetness) की अवधि के आधार पर है। धूप की अवधि (duration of sunshine) नकारात्मक रूप से (negatively) सतह के गीलेपन की अवधि के साथ सहसंबद्ध (correlated) है। निम्नलिखित भविष्यवाणी समीकरण (prediction equation) विकसित किया गया है।
Y = 1.8324 + 0.8439 X1 + 0.9665 X2 – 0.1031 X3
जहां, X1 = लॉग % संक्रमण t2
X2 = लॉग % संक्रमण t2 - लॉग संक्रमण t1
Y = हवा में बीजाणुओं की संख्या का लॉग और t1 - t2 तीन सप्ताह
X3 = t2 से पहले 7 दिनों की अवधि के लिए दैनिक धूप (mean daily sunshine)
घ. दक्षिणी कॉर्न लीफ ब्लाइट (Southern corn leaf blight)
'एपिमय (Epimay)' वैचारिक मॉडल (conceptual model) के आधार पर दक्षिणी कॉर्न लीफ ब्लाइट (Bipolaris maydis) के पूर्वानुमान के लिए एक प्रणाली है।
ड़. राइस ब्लास्ट (Rice blast)
भारत में, चावल विस्फोट (rice blast - Pyricularia ozyzae) का पूर्वानुमान सहसंबद्ध सूचना पद्धति (correlative information method) द्वारा किया जाता है। 90% या उससे अधिक की उच्च सापेक्ष आर्द्रता (high relative humidity) के साथ न्यूनतम रात के तापमान 20 से 26 डिग्री सेल्सियस के आधार पर इसकी भविष्यवाणी (predicted) की गई है। भारत में राइस ब्लास्ट (rice blast) के लिए कंप्यूटर आधारित पूर्वानुमान प्रणाली भी विकसित की गई है।
च. व्हीट स्टेम रस्ट (Wheat stem rust)
गेहूं स्टेम रस्ट महामारी (wheat stem rust epidemic) का पूर्वानुमान वर्षा के नमूनों (rain samples) का विश्लेषण (analysing) करके किया जाता है जो हवा में मौजूद इनोक्यूलम (inoculum) के लिए सटीक डेटा (precise data) देते हैं। इसके अलावा, हवा से होने वाले प्राथमिक इनोक्यूलम (air-borne primary inoculums) और इसके जमाव (deposition) का सर्वेक्षण (survey) करने के लिए कई विंड ट्रेजेक्टर (wind trajectors) भी तैयार किए जाते हैं। यह देखा गया है कि प्राथमिक इनोक्यूलम (primary inoculum) दक्षिण भारत से मध्य और उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में आता है।
छ. कॉर्न का ब्राउन स्ट्राइप डाउनी मिल्ड्यू (Brown stripe downy mildew of corn)
मकई के भूरे रंग की पट्टी डाउनी फफूंदी (Sclerophthora raysise var. zeae) का पूर्वानुमान जो भारत तक सीमित (restricted) है, 100 से 200 सेमी या उससे अधिक की औसत वर्षा (average rainfall) के साथ कम तापमान (low temperature - 25 डिग्री सेल्सियस या उससे कम) के आधार पर किया जाता है। बीजाणु जाल (Spore trapping) - लगातार पूर्वानुमान मॉडल (consecutive forecasting models) के लिए जैविक डेटा (biological data) प्राप्त करने की तकनीक महत्वपूर्ण है। मौसम की स्थिति (weather conditions) के साथ बीमारी को पूरा करने के लिए बीजाणु जाल (Spore traps) का व्यापक (widely) रूप से उपयोग किया गया है।
किसी बीमारी के महामारी विज्ञान (epidemiology) और रोगजनकों (pathogens) के व्यवहार (behaviour) को समझने के लिए बीजाणु जाल (Spore trapping) उपयोगी है। यह रोगजनकों के प्रसार (dispersal) या बीमारी के महामारी विज्ञान (epidemiology) पर मॉडल विकसित करने और प्रबंधन के तरीकों (methods of management) को तैयार करने (formulate) में मदद करता है। बीजाणु जाल (spore trapping) की कार्यप्रणाली (Methodology) कार्यकर्ता (worker) के निम्नलिखित उद्देश्यों (objectives) पर निर्भर करती है।
हवा से होने वाले पौधों के रोगों (air-borne plant diseases) की महामारी (epidemics) में पौधे पर उतरने वाले रोगजनक (pathogen) के बीजाणुओं की संख्या (number of spores) जो फसल के ऊपर वायुमंडल (atmosphere) में बीजाणुओं की संख्या पर निर्भर करती है, वायुमंडल के मात्रात्मक नमूने (quantitative sampling) (हवा की प्रति इकाई मात्रा में बीजाणुओं की संख्या / number of spores per unit volume of air) के लिए एक महत्वपूर्ण कारक (important factor) है। इन अध्ययनों (studies) को फंसाने (trapping) और अनुमान (estimating) लगाने के लिए विभिन्न प्रकार के जालों (traps) का उपयोग किया जाता है। फंगल बीजाणुओं (fungal spores) को फंसाने (trapping) में आमतौर पर निम्नलिखित बीजाणु जालों (spore traps) का उपयोग किया जाता है।
बेलनाकार छड़ें या सूक्ष्म कांच की स्लाइडें (Cylindrical rods or microscopic glass slides):
यह किसी इलाके (locality) में बीजाणु के आगमन (spore arrival) पर डेटा एकत्र (gather data) करने में मदद करता है। इसमें सूक्ष्म स्लाइड (microscopic slide) की सतह को ग्रीस (grease) से सूंघा जाता है और चिपचिपा (sticky) बनाया जाता है। विधि (method) में, मात्रात्मक अनुमान (quantitative estimation) संभव नहीं है क्योंकि एकत्र किए गए बीजाणुओं की संख्या (number of spores collected) बहुत कम (very low) है।
1. हर्स्ट का वॉल्यूमेट्रिक बीजाणु जाल (Hirst’s volumetric spore trap - Hirst 1952)
इस उपकरण (instrument) में, हवा को एक नियंत्रित दर (controlled rate) से अंदर चूसा (sucked) जाता है और एक ग्लास स्लाइड (glass slide) पर लगाया जाता है जो एक क्लॉकवर्क तंत्र (clockwork mechanism) द्वारा छिद्र (orifice) से आगे बढ़ता है। यह 24 घंटे में बीजाणुओं की निरंतर गिनती (continuous count) देता है। किसी भी समय हवा की प्रति इकाई मात्रा (per unit volume) बीजाणुओं की संख्या की गणना इस प्रकार की जा सकती है।
2. रोटोरॉड सैंपलर या रोटोरॉड स्पोर ट्रैप (Rotorod sampler or rotorod spore trap - Sutton and Jones 1976)
इसमें एक 'U' आकार की छड़ (shaped rod) होती है जो एक छोटी बैटरी (battery) से चलने वाली इलेक्ट्रिक मोटर (electric motor) के शाफ्ट (shaft) से अपने मध्य बिंदु (mid point) पर जुड़ी होती है। इस उपकरण (equipment) में छड़ की सतह (surface of the rod) पारदर्शी सेलोफेन (transparent cellophanes) की वैसलीन पट्टी (vaseline strip) से ढकी होती है ताकि बीजाणुओं (spores) को पकड़ा जा सके जिन्हें हटाया जा सकता है और कांच की स्लाइड (glass slide) पर लगाया जा सकता है। पट्टी के क्षेत्र (area of the strip) और घूर्णन की गति (speed of rotation) से, हवा के नमूनों (air samples) की मात्रा की गणना की जा सकती है।
3. एंडरसन कैस्केड स्पोर सैंपलर (Anderson cascade spore sampler)
यह एक उपकरण (device) है जहां बीजाणुओं को इकट्ठा करने के लिए पोषक अगर (nutrient agar) के साथ पेट्री प्लेट्स (Petri plates) का उपयोग किया जाता है।
4. बॉर्डिलॉन स्लिट सैंपलर (Bourdillon slit sampler)
वैक्यूम पंप (vacuum pump) द्वारा एक कक्ष (chamber) में हवा खींची (sucked) जाती है जो अगर माध्यम (agar medium) वाली घूमती हुई पेट्री डिश (rotating Petri dish) से टकराती है। अगर माध्यम (agar medium) हवा में चूसे गए बीजाणुओं (spores) को बरकरार रखता है। माध्यम में अंकुरित बीजाणुओं (germinated spores) की गिनती (counting) के बाद व्यवहार्य बीजाणुओं (viable spores) की एकाग्रता (Concentration) की गणना की जाती है।
5. बर्कर्ड का 7 दिवसीय वॉल्यूमेट्रिक स्पोर ट्रैप (Burkard’s 7 day volumetric spore trap)
यह उपकरण (device) एक कक्ष (chamber) के अंदर घूमने वाले ड्रम (drum) पर लपेटी गई सेलोफेन पट्टी (cellophane strip) पर 7 दिनों के आधार पर एक पंप (pump) द्वारा खींची गई हवा (air) में बीजाणुओं (spores) को रिकॉर्ड (records) करता है।
6. जेट स्पोर ट्रैप (Jet spore trap)
उपरोक्त नमूने (sampling) विधियों में, बीजाणुओं (spores) की व्यवहार्यता (viability) निर्धारित (determined) नहीं की जा सकती है। इसे दूर (overcome) करने के लिए, जीवित पौधों (living plants) का उपयोग बीजाणु जाल (spore traps) के रूप में किया गया है। एक जेट बीजाणु जाल (jet spore trap) जिसमें बीजाणुओं (spores) को एक एयर जेट (air jet) में स्थिर हवा (still air) के एक स्तंभ (column) में प्रभावित किया जाता है, जिसके माध्यम से वे गिरते हैं, कक्ष (chamber) के आधार पर उजागर पत्ती खंडों (leaf segments) पर बसने के लिए। इस जाल में, व्यवहार्य बीजाणुओं (viable spores) की संख्या निर्धारित (determine) करने के लिए परपोषी पौधों (host plants) की उपयुक्त किस्मों (suitable cultivars) को नियोजित (employed) किया जा सकता है।