45. मिश्रित उर्वरक: स्रोत, तैयारी, अनुकूलता एवं लाभ (MIXED FERTILIZERS: SOURCES, PREPARATION, COMPATIBILITY & ADVANTAGES)
मिश्रित उर्वरक (Mixed fertilizers)
सीधे (straight) उर्वरकों के अलावा सौ से अधिक वर्षों से मिश्रित उर्वरक उपयोग में हैं। अब कई उर्वरक मिश्रण उपलब्ध कराए जाते हैं और यह N, P और K की खपत का एक बड़ा हिस्सा है। वर्तमान दिन के आंकड़े बताते हैं कि उर्वरक मिश्रण के कई ग्रेड निर्मित किए जाते हैं और उर्वरक मिश्रण उद्योग को प्रमुख कृषि-उद्योग (agro-industry) में से एक माना जा रहा है।
मिश्रित उर्वरक उद्योग में अक्सर उपयोग किए जाने वाले कुछ सामान्य शब्द:
- उर्वरक (Fertilizer): वह पदार्थ जिसका उपयोग पौधों के पोषक तत्वों की आपूर्ति के लिए किया जाता है।
- मिश्रित उर्वरक (Mixed fertilizer): एक से अधिक सीधे उर्वरकों का मिश्रण जो एक से अधिक पौधों के पोषक तत्वों की आपूर्ति कर सकता है।
- पूर्ण उर्वरक (Complete fertilizer): एक एकल उर्वरक सामग्री जिसमें तीनों प्रमुख पौधों के पोषक तत्व अर्थात् N, P और K होते हैं।
- उर्वरक ग्रेड (Fertilizer grade): यह N, P और K के संदर्भ में उर्वरक मिश्रण की पोषक तत्व सामग्री के संबंध में न्यूनतम गारंटी को संदर्भित करता है।
- उर्वरक सूत्र (Fertilizer formula): यह N, P और K के संदर्भ में मिश्रित उर्वरक में शामिल विभिन्न अवयवों (ingredients) के विश्लेषण की मात्रात्मक अभिव्यक्ति से संबंधित है।
- उर्वरक अनुपात (Fertilizer ratio): यह खाद मिश्रण में N, $P_2O_5$ और $K_2O$ के सापेक्ष प्रतिशत को इंगित करता है।
- अम्लीय उर्वरक (Acidic fertilizer): निरंतर अनुप्रयोग द्वारा मिट्टी की अम्लता (acidity) बढ़ाने में सक्षम उर्वरक।
- क्षारीय उर्वरक (Basic fertilizer): उर्वरक जो मिट्टी में क्षारीय अवशेष छोड़कर निरंतर उपयोग पर मिट्टी का pH बढ़ाते हैं।
- उदासीन उर्वरक (Neutral fertilizer): वे सामग्री जो मिट्टी के pH को न तो बढ़ाती हैं और न ही कम करती हैं।
- फिलर (Filler / पूरक): इसे उर्वरक मिश्रण में जोड़ा गया 'मेक-वेट' (make-weight) सामग्री कहा जाता है। फिलर सामग्रियां रेत (sand), लकड़ी का बुरादा (saw dust) आदि जैसी अक्रिय सामग्रियां हैं, जिन्हें एक टन और अंतिम वजन यानी 1,000 किलो में पौधे के पोषक तत्वों की आपूर्ति करने के लिए जोड़े गए अवयवों के वजन के बीच के अंतर को पूरा करने के लिए जोड़ा जाता है।
लाभ (Advantages):
सभी तीन प्रमुख पौधों के पोषक तत्व एक ही सामग्री में उपलब्ध कराए जाते हैं। समय और श्रम की बचत होती है। अवशिष्ट प्रभाव (residual effects) नहीं होंगे। उर्वरक मिश्रण आमतौर पर अवयवों की अम्लीय या क्षारीय प्रकृति और अन्य रासायनिक प्रतिक्रियाओं को ध्यान में रखकर तैयार किए जाते हैं। इसलिए, अम्लता जैसे कुछ अवशिष्ट प्रभाव नहीं होंगे। आमतौर पर मिश्रित उर्वरक फसलों और मिट्टी के समूह के अनुरूप तैयार किए जाते हैं।
नुकसान (Disadvantages):
- फसलों की विशिष्ट आवश्यकताओं और व्यक्तिगत पोषक तत्वों की कमी को सीधे उर्वरकों की तरह मिश्रित उर्वरकों का उपयोग करके कुशलतापूर्वक पूरा नहीं किया जा सकता है।
- विशिष्ट आवश्यकताओं के ऐसे मामलों में मिश्रित उर्वरक का उपयोग एक बर्बादी (waste) होगी क्योंकि अन्य पोषक तत्व भी मिट्टी में मिल जाते हैं।
- सीधे उर्वरकों में निहित पोषक तत्वों की इकाई लागत की तुलना में मिश्रित उर्वरक में निहित विभिन्न पोषक तत्वों की इकाई लागत (Unit cost) हमेशा अधिक होगी।
उर्वरकों का मिश्रण और भंडारण (Mixing and storage of fertilizers)
उर्वरकों के अनुचित मिश्रण और भंडारण से पोषक तत्वों की बड़ी हानि हो सकती है। उर्वरक मिश्रण और भंडारण पर विचार करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण पहलुओं में निम्नलिखित शामिल हैं:
- यूरिया (Urea) को कैल्शियम अमोनियम नाइट्रेट (CAN), KCl, SSP या TSP के साथ नहीं मिलाया जाना चाहिए।
- यूरिया को अधिकांश अन्य उर्वरकों के साथ मिलाया जा सकता है, लेकिन यूरिया वाले उर्वरक मिश्रण को मिश्रण के तुरंत बाद लगाया जाना चाहिए। यूरिया वाले उर्वरक मिश्रण को स्टोर (store) न करें।
- अमोनियम फॉस्फेट और सुपर फॉस्फेट को चूना (lime), स्लैग (slag), रॉक फॉस्फेट या CAN के साथ नहीं मिलाया जाना चाहिए।
- पोटेशियम क्लोराइड (KCl) और सल्फेट ऑफ पोटाश (SOP) को अधिकांश उर्वरकों के साथ मिलाया जा सकता है, लेकिन यूरिया और कैल्शियम अमोनियम नाइट्रेट के साथ इन उर्वरकों के मिश्रण को संग्रहीत (stored) नहीं किया जाना चाहिए।
- CAN को बेसिक स्लैग के साथ नहीं मिलाया जाना चाहिए, लेकिन अनुप्रयोग से ठीक पहले यूरिया, सिंगल सुपरफॉस्फेट और अमोनियम फॉस्फेट के साथ मिलाया जा सकता है।
- उर्वरकों को नम या गंदी जगहों पर न रखें। सुनिश्चित करें कि स्टोर में उर्वरक के बैग टपकती छतों से या दीवारों और फर्श के माध्यम से पानी के रिसाव से नमी को अवशोषित न करें।
मिश्रित उर्वरकों की तैयारी (Preparation of mixed fertilizers)
उर्वरक मिश्रण के निर्माण में कई प्रकार की सामग्रियों का उपयोग किया जाता है। सामग्रियों के गुणों में बहुत भिन्नता पाई जाती है। हालांकि, केवल सीमित संख्या में सामग्रियों का उपयोग किया जा रहा है जैसे $(NH_4)_2SO_4$, यूरिया $CO(NH_2)_2$, सुपर फॉस्फेट, अमोनियम फॉस्फेट, म्यूरेट ऑफ पोटाश, चूना पत्थर, जिप्सम और कुछ फिलर्स।
उर्वरक मिश्रण के निर्माण में आमतौर पर उपयोग की जाने वाली सामग्री का वजन और अनुपात (weighing and proportioning), विभिन्न अवयवों को छानना और आकार देना (sieving and sizing), विभिन्न सामग्रियों को मिलाना और पैकिंग करना शामिल है।
मिश्रण के लिए मार्गदर्शिका (Guide for mixing / उर्वरक खुराक गणना सूत्र):
मिश्रण में व्यक्तिगत उर्वरक की मात्रा निर्धारित करने के लिए, मात्रा की गणना इस प्रकार की जाती है:
$$ \text{मात्रा (Quantity)} = \frac{\text{मिश्रण में वांछित पौधे के पोषक तत्व का \%} \times \text{अंतिम मिश्रण का वजन}}{\text{सीधे उर्वरक में पोषक तत्व का प्रतिशत}} $$
$$ \text{A} = \frac{R \times T}{P} $$
जहाँ:
R = मिश्रण में प्रतिशत (Percentage in the mixture)
T = मिश्रण का अंतिम वजन (Final weight of the mixture)
P = सीधे उर्वरक में प्रतिशत (Percentage in the straight fertilizer)
उदाहरण: अमोनियम सल्फेट (20% N), सुपर फॉस्फेट (16% $P_2O_5$) और म्यूरेट ऑफ पोटाश (60% $K_2O$) का उपयोग करके $10: 5: 10$ का मिश्रण तैयार करने के लिए, प्रति टन (1,000 किग्रा) निम्नलिखित मात्रा की आवश्यकता होगी:
- अमोनियम सल्फेट = $\frac{10 \times 1000}{20} = \mathbf{500 \text{ Kg}}$
- सुपर फॉस्फेट = $\frac{5 \times 1000}{16} = \mathbf{312.5 \text{ Kg}}$
- म्यूरेट ऑफ पोटाश = $\frac{10 \times 1000}{60} = \mathbf{166.5 \text{ Kg}}$
कुल वजन = $500 + 312.5 + 166.5 = \mathbf{979.0 \text{ Kg}}$
फिलर (Filler) = $1000 - 979 = 21 \text{ Kg}$
यदि कुल गणना किया गया वजन अंतिम वजन ($1000 \text{ Kg}$) से अधिक हो जाता है, तो उस अनुपात का मिश्रण तैयार नहीं किया जा सकता है।
मिश्रित उर्वरक बनाते समय होने वाले परिवर्तन (Changes that occur while manufacturing mixed fertilizer)
उर्वरक मिश्रण में उपयोग किए जाने वाले अवयव भौतिक और रासायनिक विशेषताओं में व्यापक रूप से भिन्न होते हैं। कुछ परिवर्तन भौतिक प्रकृति (physical nature) के होंगे और कुछ रासायनिक प्रकृति (chemical nature) के होंगे।
भौतिक परिवर्तन (Physical changes):
- हाइग्रोस्कोपिसिटी (Hygroscopicity - आर्द्रताग्राही): यह किसी भी पदार्थ का गुण है जो हवा से नमी को अवशोषित करता है और अर्ध-ठोस या तरल स्थिति में परिवर्तित हो जाता है। $Ca(NO_3)_2$, $NH_4NO_3$, $NaNO_3$ और यूरिया $CO(NH_2)_2$ जैसे उर्वरक हवा से नमी को अवशोषित करने में सक्षम हैं और हाइग्रोस्कोपिक बन जाते हैं।
- केकिंग अप (Caking up - ढेले बनना): नमी कुछ आसानी से घुलनशील अवयवों को घोल देती है और एक संतृप्त विलयन (saturated solution) बनाती है। वाष्पीकरण पर यह संतृप्त विलयन क्रिस्टल (crystals) देता है जो एक साथ मिलकर बड़े ढेले (lumps) बनाते हैं। केकिंग अप को 'कंडीशनर' (conditioners / अनुकूलक) नामक कुछ प्रकार की सामग्रियों के उपयोग से रोका जा सकता है। आमतौर पर इस्तेमाल किए जाने वाले कंडीशनर मूंगफली के छिलके (groundnut hulls), चूना, मिट्टी आदि हैं। केकिंग को रोकने का दूसरा तरीका दानेदार उर्वरक (granulated fertilizer) मिश्रण का निर्माण है।
- अलगाव (Segregation): यह अलग-अलग आकार के कणों के व्यक्तिगत रूप से अलग होने (sorting out) से संबंधित है। जब विभिन्न आकार और घनत्व (densities) के अवयवों को शामिल किया जाता है, तो अलगाव होने की प्रवृत्ति होगी। इस बुरे प्रभाव को रोकने के लिए, ग्रेन्युलेशन (granulation / दानेदार बनाना) का पालन किया जाता है।
रासायनिक परिवर्तन (Chemical changes):
रासायनिक परिवर्तन तापमान, नमी की मात्रा और अवयवों के कण आकार से प्रभावित होते हैं।
- (a) दोहरा अपघटन (Double decomposition): नमी की उपस्थिति में एक सामान्य आयन (common ion) के बिना दो यौगिकों के बीच प्रतिक्रिया। नए यौगिक बनते हैं जिनके भौतिक और रासायनिक गुण अलग-अलग हो सकते हैं।
$$Ca(H_2PO_4)_2 + (NH_4)_2SO_4 \rightarrow CaSO_4 + 2 NH_4H_2PO_4$$
$$NH_4NO_3 + KCl \rightarrow NH_4Cl + KNO_3$$
- (b) उदासीनीकरण (Neutralization): यह प्रतिक्रिया तब होती है जब कुछ उर्वरकों में मौजूद मुक्त अम्ल (free acids) को मिश्रण में शामिल क्षार (alkalis) या Ca युक्त लवणों द्वारा बेअसर कर दिया जाता है।
$$H_2PO_4 + NH_3 \rightarrow NH_4H_2PO_4$$
$$2H_3PO_4 + CaCO_3 \rightarrow Ca(H_3PO_4)_2 + H_2CO_3$$
- (c) जलयोजन (Hydration - हाइड्रेशन): लवणों के निर्जल रूप (anhydrous form) द्वारा पानी बांधने (tying up of water) की प्रक्रिया।
$$CaSO_4 + 2H_2O \rightarrow CaSO_4 \cdot 2H_2O$$
$$CaHPO_4 + 2H_2O \rightarrow CaHPO_4 \cdot 2H_2O$$
- (d) अपघटन (Decomposition): नमी और तापमान की कुछ स्थितियों के तहत, नए यौगिक बनाने वाले अणुओं की संरचना टूट जाएगी।
$$CO(NH_2)_2 + H_2O \rightarrow 2 NH_3 \uparrow + CO_2$$
$$(NH_4)_2HPO_4 \rightarrow NH_4H_2PO_4 + NH_3 \uparrow$$
मिश्रित उर्वरक तैयार करते समय 4 महत्वपूर्ण सिद्धांत (Important principles):
- अमोनिया युक्त सभी उर्वरकों को सीधे क्षारीय उर्वरकों (जैसे रॉक फॉस्फेट RP, चूना पत्थर, बेसिक स्लैग, $CaCN_2$) के साथ नहीं मिलाया जाता है क्योंकि प्रतिक्रिया होगी जिसके परिणामस्वरूप गैसीय $NH_3$ (अमोनिया गैस) का नुकसान होगा।
- पानी में घुलनशील फॉस्फेट को उन सामग्रियों के साथ नहीं मिलाया जाता है जिनमें मुक्त चूना (free lime) होता है (जैसे चूना पत्थर, $CaCN_2$) क्योंकि पानी में घुलनशील फॉस्फेट से पानी में अघुलनशील फॉस्फेट के उलटने (reversing) की प्रतिक्रिया होगी।
- हाइग्रोस्कोपिक उर्वरकों को शामिल नहीं किया जाता है क्योंकि वे केकिंग अप (caking up) की सुविधा प्रदान करेंगे।
- अम्लीय उर्वरक कुछ मुक्त एसिड उत्पन्न करने की संभावना रखते हैं जो कंटेनर या पैकिंग सामग्री को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
विनिर्माण प्रक्रिया (Manufacturing process)
ठोस मिश्रित उर्वरकों के निर्माण में प्रमुख चरण सामग्री की गणना, तौलना (weighing), छानना (sieving), आकार देना (sizing), मिलाना (mixing) और उत्पाद की पैकिंग (packing) करना है। रोटरी ड्रम प्रकार (Rotary drum type) का मिक्सर ऊर्ध्वाधर सिलेंडर प्रकार की तुलना में अधिक आम पाया जाता है।
दानेदार मिश्रण (Granular mixtures): चूर्ण (pulverized) या पाउडर मिश्रण की तुलना में, दानेदार मिश्रण के फायदे कम केकिंग प्रवृत्ति, कम धूल का नुकसान (dusting loss) और आसान हैंडलिंग है। इसलिए आजकल केवल दानेदार मिश्रणों के निर्माण पर ध्यान दिया जाता है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह स्टडी मटेरियल ICAR के मूल कंटेंट का हिंदी अनुवाद है। हम इसकी पूर्ण सटीकता के लिए उत्तरदायी नहीं हैं। यह फाइल अभी केवल
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