47. पर्यावरण पर उर्वरकों का प्रभाव: यूट्रोफिकेशन, नाइट्रेट विषाक्तता, ग्रीनहाउस गैसें एवं भारी धातु प्रदूषण (IMPACTS OF FERTILIZERS ON THE ENVIRONMENT)

उर्वरकों का पर्यावरण पर प्रभाव (Environmental Impact of Fertilizers)

कृषि में रासायनिक उर्वरकों के निरंतर और अत्यधिक उपयोग से पर्यावरण के विभिन्न घटकों (जल, मृदा, वायु) पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। मुख्य पर्यावरणीय चिंताओं को निम्नलिखित प्रमुख क्षेत्रों में वर्गीकृत किया गया है:

1. जल प्रदूषण (Water Pollution) और यूट्रोफिकेशन (Eutrophication)

यूट्रोफिकेशन (सुपोषण): जब खेतों से नाइट्रोजन ($NO_3^-$) और विशेष रूप से फॉस्फोरस ($PO_4^{3-}$) बहकर जल निकायों (झीलों, नदियों, तालाबों) में पहुंच जाते हैं, तो यह जलीय पारिस्थितिकी तंत्र में पोषक तत्वों की अधिकता (nutrient enrichment) का कारण बनता है। इसके परिणामस्वरूप शैवाल प्रस्फुटन (Algal Bloom) होता है। शैवाल पानी की सतह को पूरी तरह से ढक लेते हैं, जिससे सूरज की रोशनी पानी के नीचे नहीं पहुंच पाती। जब यह शैवाल मरते हैं, तो उनके अपघटन (decomposition) के लिए बैक्टीरिया पानी में घुली हुई ऑक्सीजन (Dissolved Oxygen - DO) का अत्यधिक उपयोग करते हैं। इससे पानी में ऑक्सीजन की भारी कमी हो जाती है (BOD - Biological Oxygen Demand बढ़ जाती है), जिसके कारण मछलियां और अन्य जलीय जीव दम घुटने से मर जाते हैं।

2. भूजल प्रदूषण और नाइट्रेट विषाक्तता (Groundwater Pollution and Nitrate Toxicity)

नाइट्रेट निक्षालन (Nitrate Leaching): नाइट्रोजन उर्वरकों (जैसे यूरिया, अमोनियम सल्फेट) के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी में नाइट्रेट ($NO_3^-$) की मात्रा बढ़ जाती है। नाइट्रेट आयन मिट्टी के कणों (जो नकारात्मक रूप से चार्ज होते हैं) द्वारा धारण नहीं किए जाते हैं और इसलिए सिंचाई या बारिश के पानी के साथ आसानी से रिसकर (leach) भूजल (groundwater) में मिल जाते हैं।

ब्लू बेबी सिंड्रोम (Blue Baby Syndrome / Methemoglobinemia): जब पीने के पानी में नाइट्रेट का स्तर सुरक्षित सीमा (विश्व स्वास्थ्य संगठन WHO के अनुसार 10 mg/L $NO_3-N$ या 45 mg/L $NO_3^-$) से अधिक हो जाता है, तो यह मानव स्वास्थ्य, विशेष रूप से शिशुओं के लिए घातक होता है। शिशु के पेट में बैक्टीरिया नाइट्रेट को नाइट्राइट ($NO_2^-$) में बदल देते हैं। यह नाइट्राइट रक्त में हीमोग्लोबिन के साथ प्रतिक्रिया करके मेथेमोग्लोबिन (Methemoglobin) बनाता है, जो ऑक्सीजन ले जाने में अक्षम होता है। इसके कारण शिशु का शरीर नीला पड़ने लगता है और ऑक्सीजन की कमी से दम घुटने (Asphyxia) का खतरा होता है।

3. वायु प्रदूषण और ग्रीनहाउस गैसें (Air Pollution and Greenhouse Gases)

अमोनिया वाष्पीकरण (Ammonia Volatilization): क्षारीय मृदाओं में या सतह पर यूरिया के प्रयोग से अमोनिया गैस ($NH_3$) के रूप में नाइट्रोजन का भारी नुकसान होता है। यह अमोनिया वायुमंडल में जाकर एसिड रेन (Acid rain) का कारण बन सकती है और वायु गुणवत्ता को खराब करती है।

नाइट्रस ऑक्साइड ($N_2O$) उत्सर्जन: जलमग्न या अवायवीय (anaerobic) परिस्थितियों में, विनाइट्रीकरण (Denitrification) प्रक्रिया द्वारा नाइट्रेट नाइट्रोजन गैस ($N_2$) और नाइट्रस ऑक्साइड ($N_2O$) में बदल जाता है। $N_2O$ एक अत्यंत शक्तिशाली ग्रीनहाउस गैस है (कार्बन डाइऑक्साइड की तुलना में इसकी ग्लोबल वार्मिंग क्षमता 300 गुना अधिक है)। इसके अलावा, वायुमंडल के समताप मंडल (stratosphere) में पहुंचकर $N_2O$ ओजोन परत (Ozone layer) के क्षरण का मुख्य कारण बनता है।

4. मृदा स्वास्थ्य में गिरावट (Degradation of Soil Health)

समाधान एवं न्यूनीकरण रणनीतियां (Mitigation Strategies)

  1. एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन (Integrated Nutrient Management - INM): रासायनिक उर्वरकों के साथ कार्बनिक खादों (FYM, वर्मीकम्पोस्ट) और जैव उर्वरकों (Biofertilizers) का संतुलित उपयोग।
  2. धीमी गति से नाइट्रोजन छोड़ने वाले उर्वरक (Slow-release Nitrogen Fertilizers): जैसे नीम लेपित यूरिया (Neem-coated urea) और सल्फर-लेपित यूरिया का उपयोग, जो नाइट्रेट निक्षालन को कम करते हैं और नाइट्रोजन उपयोग दक्षता (NUE) बढ़ाते हैं।
  3. नाइट्रीकरण अवरोधक (Nitrification Inhibitors): नाइट्रैपाइरिन (Nitrapyrin), डाइसाइनेंडियामाइड (DCD), और करंजिन (Karanjin) का उपयोग जो अमोनियम को नाइट्रेट में बदलने वाले बैक्टीरिया (Nitrosomonas) की गतिविधि को रोकते हैं।
  4. विभाजित अनुप्रयोग (Split Application): उर्वरकों की पूरी मात्रा एक साथ देने के बजाय फसल की वृद्धि के विभिन्न चरणों में आवश्यकतानुसार देना।
  5. पर्ण छिड़काव (Foliar Feeding): मिट्टी के बजाय पत्तियों पर सीधे यूरिया और सूक्ष्म पोषक तत्वों का छिड़काव, जिससे नुकसान कम होता है।
  6. मृदा परीक्षण (Soil Testing) के आधार पर ही उर्वरकों की अनुशंसित मात्रा का प्रयोग (STCR)।
अस्वीकरण (Disclaimer):
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