क्रिया का तरीका (Mode of action): कार्बेरिल (carbaryl), कार्बोफ्यूरान (carbofuran), मेथोमाइल (methomyl), एल्डिकार्ब (aldicarb) और बेंडियोकार्ब (bendiocarb) की विशेषताएँ और उपयोग, पौधे, मिट्टी और पानी में उनका स्थायित्व (persistence)।
कार्बामेट्स कार्बेमिक एसिड (carbamic acid) के डेरिवेटिव (एस्टर / esters) हैं। कई कार्बामेट्स प्रणालीगत (systemic) होते हैं, जिन्हें जाइलम (xylem) में ले जाया जाता है। प्ररोहों (shoots) और जड़ों पर कीटों को नियंत्रित करना संभव है जिन तक पहुंचना अन्यथा मुश्किल होता है। इसलिए, उनका उपयोग मिट्टी के कीटनाशकों (soil insecticides) और नेमाटीसाइड्स (nematicides - सूत्रकृमि नाशक) के रूप में किया जाता है (जैसे- एल्डिकार्ब, कार्बोफ्यूरान, ऑक्सामाइल आदि)। उपलब्ध व्यावसायिक उत्पादों को तीन समूहों में बांटा गया है:
कीटनाशक कार्बामेट्स की कार्रवाई का तंत्र ऑर्गेनोफॉस्फेट्स (organophosphates) के समान ही है, अर्थात् एंजाइम कोलिनेस्टरेज़ का निषेध (inhibition of the enzyme cholinesterase)। इस एंजाइम में पॉड सिनैप्टिक इफेक्टर (pod synaptic effector), एसिटाइलकोलाइन (acetylcholine) को क्लोरीर (chlolire) और एसिटिक एसिड में हाइड्रोलाइज करने का कार्य है। एसिटाइलकोलिनेस्टरेज़ (ACHE) के निषेध से पोस्ट सिनैप्टिक झिल्ली में एसिटाइलकोलाइन का निर्माण होता है और इसलिए घातक परिणामों के साथ स्थायी तंत्रिका उत्तेजना (permanent nerve stimulation) होती है। कीड़ों की यह उत्तेजना अनियंत्रित गतिविधियों (uncontrolled movements) और पक्षाघात (paralysis) के रूप में प्रकट होती है।
(नेफ्थाइल कार्बामेट / Naphthyl carbamate, 1-Naphthyl-N-methyl carbamate)
LD50: 850 mg.
यह व्यापक स्पेक्ट्रम संपर्क कीटनाशक (Broad spectrum contact insecticide) है, जो गैर-प्रणालीगत (non-systemic) है जिसका उपयोग कपास, फलों, सब्जियों, चारा फसलों आदि में किया जाता है। साथ ही केंचुओं (earth worms) को नियंत्रित करने के लिए भी इसका उपयोग किया जाता है। कार्बेरिल, 1956 में अमेरिकन यूनियन कार्बाइड कंपनी द्वारा पेश किया गया पहला सफल व्यावसायिक कार्बामेट था। कार्बेरिल को कार्बामेट की तैयारी के किसी भी सामान्य तरीके से उत्पादित किया जाता है, जैसे कि कमरे के तापमान पर मिथाइल कार्बामॉयल क्लोराइड (methyl carbamoyl chloride) के साथ 1-नैफ्थोल (1-naphthol) की प्रतिक्रिया। हवा या नाइट्रोजन की धारा (stream) के साथ बनने वाले HCl को हटाकर प्रतिक्रिया की दर बढ़ा दी जाती है। मिथाइल आइसोसाइनेट (methyl isocyanate) के साथ 1-नैफ्थोल की प्रतिक्रिया करके कार्बेरिल का शुद्ध यौगिक प्राप्त किया जाता है। कार्बेरिल को HCl स्वीकर्ता (acceptors) की उपस्थिति में मिथाइलैमाइन के साथ 1-नैफ्थाइलक्लोरोकार्बोनेट (1-naphthylchlorocarbonate) की प्रतिक्रिया करके भी संश्लेषित (synthesized) किया जाता है।
गुण: कार्बेरिल 142°C गलनांक (M.P.) वाला एक सफेद क्रिस्टलीय यौगिक (white crystalline compound) है। यह कार्बनिक सॉल्वैंट्स में अत्यधिक घुलनशील है; कमरे के तापमान पर पानी की क्रिया और हवा के प्रकाश और ऑक्सीजन के प्रतिरोधी है। क्षारीय माध्यम (alkaline medium) में, यह तेजी से हाइड्रोलाइज (hydrolysed) हो जाता है और इसलिए यह क्षारीय प्रकृति के यौगिकों जैसे बोर्डो मिश्रण (Bordeaux Mixture) के साथ संगत (compatible) नहीं है।
(2, 3, dihydro 2, 2 dimethyl 7, benzofuranyl)
व्यापक स्पेक्ट्रम कीटनाशक, नेमाटीसाइड (nematicide) और माइटिसाइड (miticide - मकड़ी नाशक)।
LD50: 8-14 mg/kg (चूहा)।
मिट्टी के कीड़ों और नेमाटोड के नियंत्रण के लिए इसे 6-10 किग्रा/हेक्टेयर की दर से मिट्टी में मिलाया जा सकता है। इसमें उच्च स्तनधारी विषाक्तता (high mammalian toxicity) होती है, लेकिन पौधों और जानवरों में तेजी से गैर विषैले (non-toxic) उत्पादों में चयापचय (metabolized) हो जाता है। यह एक प्रणालीगत कार्बामेट (systemic carbamate) है। यह अम्ल और उदासीन माध्यम में स्थिर है लेकिन क्षारीय माध्यम में अस्थिर है। पानी में कम घुलनशील; लेकिन कार्बनिक सॉल्वैंट्स में घुलनशील। यह गैर-क्षारीय (non-alkaline) कीटनाशकों और उर्वरकों के साथ संगत (compatible) है। यह चावल (rice) के लिए फाइटोटॉक्सिक (phytotoxic) नहीं है। मिट्टी में लगाए जाने पर कार्बोफ्यूरान पौधे की जड़ों द्वारा अवशोषित कर लिया जाता है और तनों और पत्तियों में वितरित हो जाता है और 30 दिनों में गैर विषैले यौगिकों में चयापचय हो जाता है। मिट्टी में मौजूद कार्बोफ्यूरान मिट्टी के pH और मिट्टी (clay) की मात्रा के आधार पर हाइड्रोलिसिस (hydrolysis) द्वारा अवक्रमित (degraded) हो जाता है। जहरीले अवशेष (Toxic residues) मिट्टी में लंबे समय तक नहीं रहते हैं।
कार्बोसल्फान, कार्बोफ्यूरान का एक सल्फानइलेटेड व्युत्पन्न (sulphanylated derivative) एक संपर्क और प्रणालीगत कीटनाशक (contact and systemic insecticide) के रूप में कार्य करता है। इसे नेमाटीसाइड के रूप में पर्णसमूह (foliage) या मिट्टी में लगाया जा सकता है। इसमें कम स्तनधारी विषाक्तता (lower mammalian toxicity) होती है।
LD50: 209 mg.
कार्बामेट्स जैसे कार्बोफ्यूरान, कार्बोसल्फान और एल्डिकार्ब मूल्यवान नेमाटीसाइड्स (nematicidess) हैं। कणिकाओं (granules) के रूप में तैयार कार्बोसल्फान का उपयोग सब्जियों (जैसे- ब्रासिका, गाजर और शलजम / turnips) में किया जाता है।
[2-Methyl-2-(methylthio) propanol O-(Methylamino carbonyl oxime)]
मिट्टी के उपयोग के लिए प्रणालीगत कीटनाशक, एसारिसाइड (acaricide) और नेमाटीसाइड; प्रबंधन खतरों (handling hazards) को कम करने के लिए केवल कणिकाओं (granules) के रूप में उपलब्ध है।
LD50: 0.93 mg/kg (चूहा)।
कपास (cotton), चुकंदर (sugarbeet) और सजावटी पौधों (ornamentals) के लिए उपयोग किया जाता है। एल्डिकार्ब अत्यंत विषैला (extremely toxic) है और त्वचा (skin) के माध्यम से अवशोषित हो जाता है। इसलिए इसका विपणन (marketed) दानेदार फॉर्मूलेशन (granular formulation) के रूप में किया जाता है। सफेद क्रिस्टलीय पदार्थ m.p. 100°C। मिथाइल आइसोसाइनेट के साथ संबंधित ऑक्साइम (oxime) की प्रतिक्रिया करके पानी में कम घुलनशील तैयार किया जाता है। एल्डिकार्ब कार्बामॉयल ऑक्साइम (carbamoyl oxime) समूह का कार्बामेट है। यह एफिड्स, नेमाटोड, मक्खियों, भृंगों, लीफ माइनर्स, थ्रिप्स और सफेद मक्खियों के नियंत्रण के लिए प्रभावी है। एल्डिकार्ब आसानी से मिट्टी में उपयोग के बाद पौधों में स्थानांतरित (translocated) हो जाता है जहाँ इसे सल्फॉक्साइड (sulphoxide) और सल्फोर (sulphore) में चयापचय (metabolized) किया जाता है जो सक्रिय (active) भी होते हैं।