52. सिंथेटिक पाइरेथ्रोइड्स: फेनवलरेट और साइपरमेथ्रिन की विशेषताएं, तैयारी एवं उपयोग (SYNTHETIC PYRETHROIDS: FENVALERATE AND CYPERMETHRIN)
सिंथेटिक पाइरेथ्रोइड्स (Synthetic pyrethroids)
पाइरेथ्रम (Pyrethrum) गुलदाउदी (Chrysanthemum cinerariaefolium) पौधे के सूखे फूलों से प्राप्त होता है। सूखे फूलों के सक्रिय कीटनाशक घटकों (active insecticidal components) को पाइरेथ्रिन (pyrethrins) के रूप में जाना जाता है। रासायनिक रूप से पाइरेथ्रिन कार्बनिक एस्टर (organic esters) हैं जो दो कार्बोक्जिलिक एसिड (carboxylic acids) और तीन कीटो अल्कोहल (keto alcohols) के संयोजन से बनते हैं।
गुलदाउदी एसिड (chrysanthemic acids) और साइक्लोपेंटेनोलोन (cyclopentenolones) के संश्लेषण ने कीटनाशकों के एक उल्लेखनीय वर्ग, सिंथेटिक पाइरेथ्रोइड्स (synthetic pyrethroids) प्राप्त करने की संभावना खोल दी।
पाइरेथ्रिन के उत्कृष्ट गुण (outstanding properties) हैं:
- तीव्र कार्रवाई (Rapid action)
- कम स्तनधारी विषाक्तता (Low mammalian toxicity)
- व्यापक स्पेक्ट्रम गतिविधि (Broad spectrum activity)
- दृढ़ता का अभाव (Lack of persistence)
- विकर्षक गुण (Repellency)
महत्वपूर्ण सिंथेटिक पाइरेथ्रोइड्स:
- एलेथ्रिन (Allethrin): अल्कोहल एलेथ्रोलोन (allethrolone) के साथ सिंथेटिक क्राइसेंथेमिक एसिड (chrysanthemic acid) के एस्टरीफिकेशन (esterification) द्वारा तैयार किया गया अपनी तरह का पहला (first of its kind) है। एलेथ्रिन में मजबूत कीटनाशक गतिविधि (0.1 µg / कीट) थी और कीटो समूह (keto group) को हटाने से एक और सिंथेटिक पाइरेथ्रोइड बायोएलेथ्रिन (bioallethrin) (0.02 µg / कीट) प्राप्त हुआ।
- बायोरेस्मेथ्रिन (Bioresmethrin): यह एक अत्यंत सक्रिय कीटनाशक (0.005 µg / कीट) है। यह प्रकाश के प्रति संवेदनशील (photosensitive) है और फलस्वरूप स्थिर (persistent) नहीं था। हालांकि जब बायोरेस्मेथ्रिन के आइसोब्यूटेनाइल समूह (isobutenyl group) को डाइक्लोरोविनाइल समूह (dichlorovinyl group) द्वारा प्रतिस्थापित किया गया, तो परिणामी यौगिक NRDC134 है जो सबसे ज्ञात कीटनाशकों की तुलना में घरेलू मक्खियों और सरसों के भृंगों (mustard beetles) के लिए अधिक विषैला था।
- परमेथ्रिन (Permethrin): घरेलू मक्खियों और सरसों के भृंगों के खिलाफ सक्रिय था और बहुत अधिक फोटो-स्थिरता (photostability) दिखाई और फलस्वरूप यह मध्यम रूप से लगातार (moderately persistent) कीटनाशक था। गेहूं के बल्ब मक्खी (wheat bulb fly) के खिलाफ बीज उपचार (seed treatment) के रूप में प्रभावी पहला सिंथेटिक पाइरेथ्रोइड था।
- डेकामेथ्रिन (Decamethrin): परमेथ्रिन से ब्रोमीन द्वारा क्लोरीन परमाणुओं के प्रतिस्थापन और ∝-सायनो (∝-cyano) समूह की शुरूआत से तैयार किया गया था। यह 1974 में खोजा गया एक शक्तिशाली कीटनाशक है। (0.0003 µg / कीट) पाइरेथ्रिन I की तुलना में 50 गुना अधिक सक्रिय है। इसमें उचित फोटो-स्थिरता और बहुत कम स्तनधारी विषाक्तता है।
- साइपरमेथ्रिन (Cypermethrin): सिस-ट्रांस मिश्रण के रूप में संबंधित क्लोरो व्युत्पन्न (chloro derivative) को साइपरमेथ्रिन के रूप में जाना जाता है जो पौधों पर अच्छी अवशिष्ट गतिविधि (residual activity) के साथ एक व्यापक स्पेक्ट्रम कीटनाशक (खुराक 20-80 g /ha) है।
- फेनवलरेट (Fenvalerate): फुरिलमेथनॉल (furylmethanol) के एस्टर्स के सर्वेक्षण से फिनाइल एसिटिक एसिड एस्टर्स (phenyl acetic acid esters) के एक समूह में कीटनाशक गतिविधि की खोज हुई और सुमितोमा (Sumitoma) कंपनी में जापानी रसायनज्ञों ने 1974 में फेनवलरेट पेश किया। फेनवलरेट 4 आइसोमर्स का मिश्रण है और कीटों की एक विस्तृत श्रृंखला के खिलाफ 20-150 g ai/ha पर उपयोग किया जाता है और प्रकाश में अपेक्षाकृत स्थिर (stable in light) है।
- अमेरिकन साइनामिड ने एक और फिनाइल एसिटिक एसिड एस्टर फ्लुसिथ्रिनेट (flucythrinate) और फ्लुवालिनेट (fluvalinate) पेश किया।
- डेकामेथ्रिन और साइपरमेथ्रिन पर दोहरे बंधनों (double bonds) के ब्रोमिनेशन (Bromination) से ट्रालोमेथ्रिन (tralomethrin) और ट्रालोसिथ्रिन (tralocythrin) प्राप्त हुए। दोनों अत्यधिक सक्रिय हैं - गतिविधि इन विवो रूपांतरण (in vivo conversion) के कारण मूल यौगिकों में हो सकती है।
- लैम्ब्डा साइहलोथ्रिन (Lambda Cyhalothrin): इसमें अपेक्षाकृत उच्च स्तनधारी विषाक्तता (LD 50 Oral 60 mg/kg) है। यह कई फसलों में प्रमुख कीटों के खिलाफ बहुत कम खुराक (5-30 g ai/ha) पर प्रभावी है। मधुमक्खियों (honey bees) के लिए थोड़ा खतरा है और यह OP (ऑर्गेनोफॉस्फोरस) कीटनाशकों (जो मधुमक्खियों के लिए अत्यधिक विषैले हैं) पर एक महत्वपूर्ण लाभ (advantage) का प्रतिनिधित्व करता है। सामान्य दरों पर साइहलोथ्रिन पक्षियों के लिए कम विषाक्तता दिखाता है और अंडे या ऊतकों (tissues) में कोई संचय (accumulation) नहीं होता है और केंचुओं (earthworms) पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। मिट्टी में आधा जीवन (half life) 3-12 सप्ताह है; वायवीय (aerobic) मृदाओं में यह $CO_2$ में व्यापक खनिजीकरण (mineralization) से गुजरता है। बाढ़ वाली मिट्टी (flooded soil) में गिरावट धीमी थी और केवल हाइड्रोलिसिस (hydrolysis) उत्पादों का पता चला था। प्रमुख फसलों के प्रति कोई फाइटोटॉक्सिसिटी (phytotoxicity) नहीं है और लेपिडोप्टेरन कीटों (lepidopteran pests) के व्यापक स्पेक्ट्रम को नियंत्रित करता है। यह प्लांट वायरस वैक्टर (plant virus vectors) के नियंत्रण के लिए मूल्यवान है।
- टेफ्लुथ्रिन (Tefluthrin): 12-150 g ai/ha की खुराक पर मिट्टी के कीटनाशक (soil insecticide) के रूप में प्रभावी पहला पाइरेथ्रोइड है। यह कणिकाओं (granules) के रूप में तैयार किया जाता है और इसे पर्ण स्प्रे (foliar spray) या बीज ड्रेसिंग के रूप में भी लगाया जा सकता है। टेफ्लुथ्रिन उन कीड़ों को मारता है जो OP और कार्बामेट कीटनाशकों के प्रतिरोधी (resistant) हैं। कम स्तनधारी विषाक्तता (LD50 = 1500mg/kg)। केंचुओं और पक्षियों के लिए कम खतरा लेकिन मछली (fish) के लिए अत्यधिक विषैला (highly toxic)। मिट्टी में आधा जीवन 4-12 सप्ताह है और अवशेष संचय का कोई खतरा नहीं है।
पाइरेथ्रोइड्स के कार्य करने का तरीका (Mode of action):
- पाइरेथ्रोइड्स से ज़हर खाने वाले कीड़ों के लक्षण स्पष्ट रूप से दिखाते हैं कि रसायन कीट के तंत्रिका तंत्र (nervous systems) पर हमला करता है।
- पाइरेथ्रोइड्स आर्थ्रोपोड्स में हाइपर एक्साइटेशन (hyper excitation) के बाद ऐंठन (convulsions) और मृत्यु का कारण बनते हैं।
- चयापचय (metabolism) की दर और तंत्र का यौगिक के विष विज्ञान (toxicology) पर एक बड़ा प्रभाव पड़ता है।
- (चूहों में) स्तनधारियों में पाइरेथ्रोइड्स बहुत तेजी से एस्टर क्लीवेज (ester cleavage), ऑक्सीकरण हाइड्रॉक्सिलेशन (oxidation hydroxylation) द्वारा चयापचय किए जाते हैं।
- सिंथेटिक पाइरेथ्रोइड्स टनेज (tonnage) आधार पर तैयार करने के लिए बहुत महंगे हैं।
- उच्च कीटनाशक गतिविधि और पाइरेथ्रोइड्स की कम स्तनधारी विषाक्तता विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि प्रकाश और ऑक्सीजन के प्रति स्थिर यौगिक संभावित रूप से उपलब्ध हैं।
- मछली (fish) के लिए उनकी विषाक्तता अधिक है। वे मिट्टी में तेजी से ख़राब (degraded) होते हैं और मिट्टी के माइक्रोफ्लोरा (microflora) और माइक्रोफौना (microfauna) पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। वे घुन (mites) के खिलाफ सक्रिय नहीं हैं।
- कीड़ों में पाइरेथ्रोइड विषाक्तता के प्रमुख लक्षण तंत्रिका झिल्ली सोडियम चैनलों (nerve membrane sodium channels) के कैनेटीक्स (kinetics) पर प्रभाव द्वारा जिम्मेदार ठहराए जा सकते हैं। इन चैनलों का औसत खुला समय (open times) लंबा हो जाता है जिससे तंत्रिकाओं की अति सक्रियता (hyperactivity) होती है।
- कपास (cotton) पर होने वाले विभिन्न प्रकार के कीड़ों (बॉल वर्म, पत्ती कीड़े, जैसिड, थ्रिप्स और सफेद मक्खी) को नियंत्रित करने के लिए शुरुआती मौसम स्प्रे के रूप में उपयोगी हैं। उनका उपयोग अल्ट्रा-लो वॉल्यूम स्प्रे के रूप में ऑर्गेनोफॉस्फोरस (OP) कीटनाशक के साथ संयोजन (combination) में किया जाता है।
- वे मनुष्यों और जानवरों के लिए गैर विषैले (non-toxic) हैं (चूहों के लिए LD50 लगभग 8000 mg/kg है)। प्रति हेक्टेयर उपचार की लागत कम है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह स्टडी मटेरियल ICAR के मूल कंटेंट का हिंदी अनुवाद है। हम इसकी पूर्ण सटीकता के लिए उत्तरदायी नहीं हैं। यह फाइल अभी केवल
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