56. प्रणालीगत कवकनाशी: विशेषताएँ एवं उपयोग (SYSTEMIC FUNGICIDES: BENOMYL, CARBOXIN, METALAXYL, CARBENDAZIM)

प्रणालीगत कवकनाशी (Systemic Fungicides)

यह विचार पहले का है लेकिन 1960 में ही वाणिज्यिक (commercial) प्रणालीगत कवकनाशी बाजार में आए हैं। एक प्रणालीगत कवकनाशी वह यौगिक है जिसे पौधे द्वारा ग्रहण (taken up) किया जाता है और फिर पौधे के भीतर स्थानांतरित (translocated) किया जाता है, जिससे पौधे को रोगजनक कवक (pathogenic fungi) के हमले से बचाया जा सकता है या स्थापित फंगल संक्रमण (established fungal infection) को सीमित किया जा सकता है।

यदि किसी उम्मीदवार रसायन को प्रभावी प्रणालीगत कवकनाशी बनना है तो निम्नलिखित मानदंडों (criteria) को पूरा किया जाना चाहिए:
इसे कवकनाशी (fungicidal) होना चाहिए या मेजबान पौधे के भीतर एक सक्रिय कवक-विषाक्त (active fungitoxicant) में परिवर्तित होना चाहिए। इसमें बहुत कम फाइटोटॉक्सिसिटी (phytotoxicity) होनी चाहिए। यह पौधे की जड़ों, बीजों या पत्तियों द्वारा अवशोषित (absorbed) होने में सक्षम होना चाहिए और फिर पौधे के भीतर, कम से कम स्थानीय रूप से, स्थानांतरित (translocated) होना चाहिए।

पर्ण स्प्रे (foliar sprays) के रूप में लगाए गए पहले के सुरक्षात्मक कवकनाशकों (protectant fungicides) ने मेजबान पौधे की पत्तियों पर सूखे जमा (dried deposits) का गठन किया, जिससे इसे फंगल के हमले से बचाया जा सके। हालांकि अपक्षय (weathering) के प्रभाव से जमा धीरे-धीरे हटा दिए जाते हैं और छिड़काव के बाद बने नए पौधे की वृद्धि या छिड़काव से कवर नहीं किए गए पौधे के किसी भी हिस्से की रक्षा नहीं कर सकते हैं। इन नुकसानों (disadvantages) को प्रणालीगत कवकनाशकों के उपयोग से दूर किया जा सकता है जो पौधे के क्यूटिकल (plant cuticle) में प्रवेश करते हैं। वे स्थापित फंगल संक्रमण (established fungal infection) को नियंत्रित करने की संभावना भी प्रदान करते हैं। इसलिए प्रणालीगत कवकनाशकों को सुरक्षात्मक और उन्मूलन (protectant and eradicant) गतिविधि दोनों प्रदर्शित करनी चाहिए।

1. बेंज़िमिडाज़ोल (Benzimidazoles)

1960 के दशक के उत्तरार्ध में पेश किए जाने पर ये कवकनाशी उपयोग में एक नए युग (new era) का प्रतिनिधित्व करते हैं।

A) बेनोमाइल (Benomyl)

इस समूह के सबसे महत्वपूर्ण सदस्य बेनोमाइल [मिथाइल-1-(ब्यूटाइल कार्बामॉयल) बेंज़िमिडाज़ोल-2-कार्बामेट्स] (व्यापारिक नाम: Benlate) और थायोबेंडाजोल (thiobendazole) हैं। दोनों व्यापक स्पेक्ट्रम (wide spectrum) प्रणालीगत कवकनाशी हैं जो कई रोगजनक कवक के खिलाफ प्रभावी हैं जिनमें पाउडरी मिल्ड्यू और मिट्टी से होने वाले रोगजनक शामिल हैं। ये कवकनाशी पौधों में कई महीनों तक बने रह सकते हैं। बेनोमाइल को 1967 में पेश किया गया था। इसे साइनाइड (cyanide) और मिथाइलक्लोरोफॉर्मेट (methylchloroformate) से संश्लेषित (synthesized) किया गया था।

उपयोग: कपास पर वर्टिसिलियम एल्बोट्रम (Verticillium alboatrum) और गुलाब पर काले धब्बे (black spot on roses)। (Du-pont; Benlate LD50: > 9590)। वाइन (wine), अंगूर के फलों, सब्जियों, साइट्रस, अनाज बीज ड्रेसिंग में फोलियर फफूंदनाशक।
बेनोमाइल अधिक सक्रिय यौगिक है और व्यापक रूप से फोलियर स्प्रे, बीज ड्रेसिंग या मिट्टी में ग्रे मोल्ड (Botrytis cinerea), एप्पल स्कैब (Venturia inequalis), कैंकर (canker) और पाउडरी मिल्ड्यू (Podosphaera leucotricha), लीफ स्पॉट (Cercospora beticola), नरम फलों (soft fruits) की प्रमुख फंगल बीमारियों और टमाटर व ककड़ी (cucumber) के कुछ रोगजनकों के नियंत्रण के लिए उपयोग किया जाता है।
जलीय घोल (aqueous solution) में बेनोमाइल तेजी से मिथाइल बेंज़िमिडाज़ोल-2-कार्बामेट में हाइड्रोलाइज (hydrolysed) हो जाता है और यह संभवतः सक्रिय कवक-विषाक्त (active fungitoxicant) कार्बेंडाजिम (carbendazim) है जिसका उपयोग 50% WP (Wettable Powder) के रूप में तैयार किए गए व्यापक स्पेक्ट्रम प्रणालीगत कवकनाशी के रूप में किया जाता है।

B) कार्बेंडाजिम (Carbendazim - Bavistin, Derosol)

अंगूर, फल, सब्जियों, अनाज, अनाज बीज ड्रेसिंग (cereal seed dressing) में पर्ण कवकनाशी (Foliar fungicide)।
LD50: 15,000. कार्बेंडाजिम मिथाइलबेंज़िमिडाज़ोल-2-कार्बामेट का उपयोग एक व्यापक स्पेक्ट्रम प्रणालीगत कवकनाशी के रूप में किया जाता है और बोट्राइटिस (Botrytis), ग्लोओस्पोरियम रोट्स (Gloeosporium rots), पाउडरी मिल्ड्यू (powdery mildews) और एप्पल स्कैब के नियंत्रण के लिए 50% WP के रूप में तैयार किया जा सकता है। कार्बेंडाजिम पौधों की जड़ों और पर्णसमूह (foliage) द्वारा अवशोषित होता है और बेनोमाइल की तुलना में तेजी से (quicker acting) कार्य करता है।

कार्य करने का तरीका (Mode of action): बेंज़िमिडाज़ोल कवकनाशी (बेनोमाइल, थायोबेंडाजोल और कार्बेंडाजिम) की गतिविधि सूक्ष्मनलिका असेंबली (microtubule assembly) पर उनकी कार्रवाई के कारण परमाणु विभाजन (nuclear division) के अवरोध (inhibition) के कारण होती है और कवक में विकसित प्रतिरोध (resistance) उत्परिवर्ती उपभेदों (mutant strains) का परिणाम है जिनमें परिवर्तित सूक्ष्मनलिका असेंबली (altered microtubule assembly) होती है।

2. कार्बोक्सिन और संबंधित यौगिक (ऑक्साथिन्स / Oxathiins)

ऑक्साथिन्स (Oxathiins) दिलचस्प प्रणालीगत कवकनाशी गुणों (systemic fungicidal properties) के साथ हेटरोसायक्लिक (heterocyclic) यौगिकों का एक और समूह है। कार्बोक्सिन (Carboxin) और सल्फोन एनालॉग (sulphone analogue) जिसे ऑक्सीकार्बोक्सिन (oxycarboxin) के रूप में जाना जाता है, मुख्य रूप से बेसिडोमाइसेट्स (basidomycetes) वर्ग के कवक के खिलाफ प्रभावी हैं जिनमें रस्ट (rusts), अनाज के स्मट और बंट (smuts and bunts of cereals) और मिट्टी कवक राइजोक्टोनिया सोलानी (Rhizactonia solani) शामिल हैं।

कवक-विषाक्तता (Fungitoxicity): ग्लूकोज और एसीटेट (acetate) ऑक्सीडेटिव चयापचय (oxidative metabolism) और RNA और DNA संश्लेषण (synthesis) के अवरोध के कारण होती है।

दोनों पानी में काफी घुलनशील (water soluble) हैं और फाइटोटॉक्सिक (phytotoxic) नहीं हैं। प्राथमिक क्रिया मोड (primary mode of action): कार्बोक्सिन और संबंधित यौगिकों में संभवतः संवेदनशील कवक के माइटोकॉन्ड्रिया (mitochondria) में सक्सिनेट ऑक्सीकरण (succinate oxidation) को अवरुद्ध (blocking) करना शामिल है।

3. एंटीबायोटिक्स (Antibiotics)

एंटीबायोटिक्स जीवित जीवों द्वारा उत्पादित रसायन (chemicals produced by living organisms) हैं जो अन्य जीवों के लिए चुनिंदा रूप से विषैले (selectively toxic to other organisms) होते हैं।
पेनिसिलिन (Penicillin): फ्लेमिंग (Fleming, 1929) द्वारा खोजा गया मानव रोगों के खिलाफ पहला सफल एंटीबायोटिक, लेकिन इसने कभी भी प्रणालीगत कवकनाशी के रूप में व्यावसायिक महत्व (commercial significance) प्राप्त नहीं किया।
ग्लिटॉक्सिन (Glitoxin): ट्राइकोडर्मा विरिड (Tricoderma viride) नामक मिट्टी के कवक द्वारा उत्पादित एक एंटीफंगल एंटीबायोटिक, जिसने 2-4 पीपीएम सांद्रता पर बोट्राइटिस और फ्यूजेरियम (Fusarium) बीजाणुओं के विकास को रोक दिया, लेकिन यौगिक मिट्टी कवकनाशी के रूप में उपयोग के लिए बहुत अस्थिर (unstable) था।
स्ट्रेप्टोमाइसिन (Streptomycin) और साइक्लोहेक्सिमाइड (cycloheximide): पौधों के जीवाणु रोगजनकों (bacterial pathogens) के नियंत्रण के लिए स्ट्रेप्टोमाइसिस ग्रिसियस (Streptomyces griseus) के कल्चर फिल्ट्रेट (culture filtrates) से प्राप्त।
ग्रिसोफुलविन (Griseofulvin): 1939 में पेनिसिलियम ग्रिसोफुलवम (Penicillium griseofulvum) से पृथक (isolated) विशेष रूप से लेट्यूस (lettuce) में बोट्राइटिस और टमाटर पर अल्टरनेरिया सोलानी (Alternaria solani) के खिलाफ।
ब्लास्टिसिडिन (Blasticidin): चावल ब्लास्ट (rice blast) का उत्कृष्ट नियंत्रण (excellent control) देता है और कुछ जीवाणुओं (bacteria) को भी रोकता है।
पॉलीऑक्सिन डी (Polyoxin D): चावल ब्लास्ट सहित कई कवक के प्रति विषैला। कवक विषाक्तता काइटिन संश्लेषण (chitin synthesis) में हस्तक्षेप के कारण है।
वेलिडामाइसिन (Validamycin): मुख्य रूप से राइजोक्टोनिया (Rhizactonia) रोगों के खिलाफ सक्रिय एक एमिनोग्लूकोसाइड एंटीबायोटिक (aminoglucoside antibiotic) है और व्यापक रूप से चावल शीथ ब्लाइट (rice sheath blight) को नियंत्रित करने के लिए उपयोग किया जाता है।

मेलेनिन बायोसिंथेसिस इनहिबिटर (Melanin Biosynthesis Inhibitors - MBIs): रोगजनक को पौधे के एपिडर्मिस (epidermis) में प्रवेश (penetrating) करने से रोकने के लिए रोगजनक पर कार्य करते हैं। ये एस्कोमाइसेट्स और फंजाई इम्पर्फेक्टी (fungi imperfecti) में मेलेनिन संश्लेषण (melanin synthesis) को रोकते हैं। उदाहरण: ट्राइसाइक्लोज़ोल (Tricyclozole) (पाइरीकुलरिया ओरिज़े / Pyricularia oryzae द्वारा प्रवेश की कठोरता को रोकता है)।

4. मेटालेक्सिल और संबंधित यौगिक (Phenylamides - Metalaxyl)

मेटालेक्सिल प्रणालीगत कवकनाशकों के फेनिलामाइड्स (phenylamides) समूह में शामिल है। इस समूह के यौगिक ओमीसाइल्स (Oomyceles) के खिलाफ सुरक्षात्मक और प्रणालीगत (protective and systemic) गतिविधि दिखाते हैं, जिससे डाउनी मिल्ड्यू और लेट ब्लाइट (downy mildews and late blight) जैसी बीमारियाँ होती हैं। इस समूह के पहले सदस्य मेटालेक्सिल (Metalaxyl = Ridomil) और फ्यूरालेक्सिल (Furalaxyl) को 1977 में सिबा-गीगी (Ciba-Geigy) द्वारा पेश किया गया था।
यह आलू (potatoes), अंगूर, तंबाकू, अनाज और सब्जियों में बीमारियों को नियंत्रित करता है। मैन्कोज़ेब (mancozeb) के साथ एक वेटेबल पाउडर फॉर्मूलेशन का व्यापक रूप से आलू पर झुलसा (hlight on potatoes) के खिलाफ एक पर्ण स्प्रे के रूप में उपयोग किया जाता है। इसमें इस समूह की सबसे व्यापक (broadest spectrum) कवकनाशी गतिविधि है; यह बेलों, लेट्यूस, मक्का और पाइथियम (Pythium) रोगों पर डाउनी मिल्ड्यू के खिलाफ अच्छा है।

5. पाइपरज़ीन, पिरिडीन, पाइरीमिडीन, इमिडाज़ोल और ट्रायज़ोल (Piperazine, pyridine, pyrimidine, imidazole and triazole)

इन कवकनाशकों पर एक साथ विचार (considered together) किया जाता है क्योंकि वे सभी एक सामान्य जैव रासायनिक लक्ष्य (common biochemical target) दिखाते हैं, अर्थात् एर्गोस्टेरॉल (ergosterol) का संश्लेषण; वे मिथाइलेशन अवरोधक (methylation inhibitors) हैं।

6. मॉर्फोलिन कवकनाशी (Morpholine fungicides)

डोडेमॉर्फ (Dodemorph - गुलाब / roses) और ट्राइडेमॉर्फ (tridemorph - अनाज / cereals) प्रणालीगत पर्ण कवकनाशी (systemic foliar fungicides) हैं जो 0.75 लीटर प्रति हेक्टेयर पर पाउडरी मिल्ड्यू के खिलाफ प्रभावी हैं। कार्रवाई का तरीका: स्टेरॉल (sterol) जैवसंश्लेषण का अवरोध (inhibition) प्रतीत होता है।

7. ऑर्गेनोफॉस्फोरस (OP) कवकनाशी (Organo phosphorus fungicides)

आज 100 से अधिक OP यौगिक कवकनाशी कार्रवाई दिखाते हैं। हालांकि, व्यावहारिक उपयोग के अपेक्षाकृत कम (relatively few) यौगिक हैं, कई फाइटोटॉक्सिक (phytotoxic) हैं और फंगल प्रजातियों के खिलाफ बहुत विशिष्ट (very specific) हैं।

कार्रवाई का तरीका: OP कवकनाशकों ने फॉस्फोलिपिड्स (phospholipids) के संश्लेषण (synthesis) को अवरुद्ध करने के लिए दिखाया है। फॉस्फोलिपिड्स में कमी झिल्ली संरचना (membrane structure) को बदल देती है, पारगम्यता (permeability) बढ़ाती है और परिणामी महत्वपूर्ण सेलुलर घटकों का नुकसान (loss of vital cellular components) होता है और अंततः कवक को मार देता है। (कीटनाशकों से अलग है क्योंकि कवक में कोलिनेस्टरेज़ (cholinesterase) एंजाइम अनुपस्थित होता है)।

8. भविष्य के उपयोग के लिए हाल ही के कवकनाशी (Recent potent fungicides for future use)

9. चयापचय और अपघटन (Metabolism and Degradation)

मिट्टी में कवकनाशकों की स्थिरता (stability) रासायनिक संरचना, मिट्टी की प्रकृति और जलवायु परिस्थितियों पर निर्भर करती है। सामान्य तौर पर, कवकनाशी ऑर्गेनोक्लोरिन (organochlorine) कीटनाशकों की तरह स्थिर (stable) नहीं होते हैं।
• डाइथियोकार्बामेट (dithiocarbamate) अम्लीय (acidic) मिट्टी में विघटित होकर गैर-विषाक्त अमीन (non-toxic amines) और कार्बन डाइसल्फाइड ($CS_2$) देते हैं।
क्लोरोनेब (Chloroneb) फेनोलिक (phenolic) व्युत्पन्न में अवक्रमित (degrades) हो जाता है, लेकिन मूल अणु (parent molecule) में पुनरुत्पादन (reconversion) एक माइक्रोबियल (microbial) प्रक्रिया है और यह मिट्टी में क्लोरोनेब की दीर्घकालिक प्रभावशीलता (long term effectiveness) का संभावित कारण हो सकता है।
• बेनोमाइल और थायोबेंडाजोल जैसे प्रणालीगत कवकनाशी पहले कार्बेंडाजिम (MBC) में परिवर्तित हो जाते हैं और अंततः गैर विषैले (non-toxic) यौगिकों जैसे एनिलीन (aniline), फिनाइल डायमाइन (phenyl diamine) और सायनोएनिलीन (cyanoaniline) में अवक्रमित (degraded) हो जाते हैं।

अस्वीकरण (Disclaimer):
यह स्टडी मटेरियल ICAR के मूल कंटेंट का हिंदी अनुवाद है। हम इसकी पूर्ण सटीकता के लिए उत्तरदायी नहीं हैं। यह फाइल अभी केवल सुधार और परीक्षण (Improvement Purpose) के लिए यहाँ उपलब्ध कराई गई है। बहुत जल्द हम इसे डाउनलोड करने के लिए PDF फॉर्मेट में अपडेट करेंगे।

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