5. मृदा निर्माण कारक और प्रक्रियाएं (SOIL FORMATION FACTORS AND PROCESSES)
मृदा निर्माण (Soil formation)
मृदा निर्माण दो क्रमिक चरणों (two consecutive stages) की प्रक्रिया है।
- चट्टान (Rock - R) का रेगोलिथ (Regolith) में अपक्षय (weathering)
- रेगोलिथ (Regolith) से वास्तविक मिट्टी (true soil) का निर्माण
चट्टान (Rock) $\rightarrow$ रेगोलिथ (Regolith) $\rightarrow$ वास्तविक मिट्टी (True soil)
रेगोलिथ से वास्तविक मिट्टी का विकास (evolution) मृदा निर्माण कारकों (soil forming factors) और प्रक्रियाओं (processes) की संयुक्त क्रिया (combined action) से होता है।
- पहला कदम (first step) अपक्षय (weathering - विघटन और अपघटन / disintegration & decomposition) द्वारा पूरा (accomplished) किया जाता है।
- दूसरा कदम (second step) मृदा निर्माण कारकों (Soil Forming Factors) की कार्रवाई से जुड़ा (associated) है।
कारक (Factors)
डोकुचैव (Dokuchaiev - 1889) ने स्थापित (established) किया कि मृदाएं मिट्टी बनाने वाले कारकों की क्रिया के परिणामस्वरूप (as a result of the action of soil forming factors) विकसित होती हैं।
$S = f (P, Cl, O)$
इसके अलावा, जेनी (Jenny - 1941) ने निम्नलिखित समीकरण (equation) तैयार किया:
$S = f (Cl, O, R, P, T, …)$
जहाँ (Where):
$Cl$ – पर्यावरणीय जलवायु (environmental climate)
$O$ – जीव और वनस्पति (Organisms and vegetation - जीवमंडल / biosphere)
$R$ – राहत या स्थलाकृति (Relief or topography)
$P$ – मूल सामग्री (Parent material)
$T$ – समय (Time)
$…$ – अतिरिक्त अनिर्दिष्ट कारक (additional unspecified factors)
ये पांच मृदा निर्माण कारक (five soil forming factors) मिट्टी का उत्पादन करने के लिए पृथ्वी की सतह पर किसी भी बिंदु (any point) पर एक साथ काम (acting simultaneously) करते हैं।
दो समूह (Two groups)
- निष्क्रिय (Passive): i) मूल सामग्री (Parent material), ii) राहत (Relief), iii) समय (Time)
- सक्रिय (Active): iv) जलवायु (Climate), v) वनस्पति और जीव (Vegetation & organism)
A. निष्क्रिय मृदा निर्माण कारक (Passive Soil forming factors)
निष्क्रिय मृदा निर्माण कारक वे हैं जो मृदा निर्माण द्रव्यमान (soil forming mass) के स्रोत और उसे प्रभावित करने वाली स्थितियों (conditions affecting it) का प्रतिनिधित्व (represent) करते हैं। ये एक आधार (base) प्रदान करते हैं जिस पर सक्रिय मृदा निर्माण कारक (active soil forming factors) मृदा के विकास के लिए काम (work) या कार्य (act) करते हैं।
1. मूल सामग्री (Parent Material)
यह वह द्रव्यमान (mass - समेकित सामग्री / consolidated material) है जिससे मिट्टी का निर्माण हुआ है।
मूल सामग्री के दो समूह (Two groups of parent material):
- गतिहीन (Sedentary): मूल स्थान (original place) पर निर्मित। यह अवशिष्ट मूल सामग्री (residual parent material) है। मूल सामग्री चट्टानों (rocks) की तरह ही व्यापक रूप से भिन्न (differ as widely) होती है।
- परिवहन (Transported): मूल सामग्री उनके मूल स्थान (place of origin) से ले जाई जाती है। उनका नाम परिवहन और पुन: निक्षेपण (transport and redeposition) के लिए जिम्मेदार मुख्य बल (main force) के अनुसार रखा गया है।
- a) गुरुत्वाकर्षण द्वारा (by gravity) - कोलुवियल (Colluvial)
- b) पानी द्वारा (by water) - जलोढ़ (Alluvial), समुद्री (Marine), लैक्स्ट्राइन (Locustrine)
- c) बर्फ द्वारा (by ice) - हिमनद (Glacial)
- d) हवा द्वारा (by wind) - एओलियन (Eolian)
विभिन्न प्रकार (Different types):
- कोलुवियम (Colluvium): यह गुरुत्वाकर्षण (gravity) की क्रिया द्वारा ले जाए गए मजबूत ढलानों (strong slopes) के आधार के पास खराब छंटाई वाली सामग्री (poorly sorted materials) है।
- जलोढ़ (Alluvium): पानी द्वारा ले जाई और जमा की गई (transported and deposited by water) सामग्री पहाड़ों की ढलानों के नीचे (bottom) प्रमुख धारा पाठ्यक्रमों (major stream courses) के साथ-साथ जल निकासी बेसिन (drainage basins) से बहने वाली छोटी धाराओं के साथ पाई जाती है।
- लैक्स्ट्राइन (Lacustrine): झीलों के शांत पानी (quiet water of lakes) से बाहर निकलने वाली (settled out) सामग्री शामिल है।
- मोराइन (Moraine): हिमनद बर्फ (glacial ice) या मुख्य रूप से ग्लेशियरों के पिघलने (melting of glaciers) से पानी की क्रिया के माध्यम से उठाए गए, मिश्रित (mixed), विघटित (disintegrated), ले जाए गए और जमा किए गए सभी सामग्री शामिल हैं।
- लोस या एओलियन (Loess or Aeolian): ये हवा से उड़ने वाली सामग्री (wind blown materials) हैं। जब बनावट गाद (texture is silty) होती है - लोस (loess); जब यह रेत (sand) है - एओलियन (Eolian)।
इस तरह की परिवहन की गई मूल सामग्री (transported parent materials) पर विकसित (developed) मिट्टी पर मूल सामग्री का नाम (name) होता है; उदाहरण के लिए, जलोढ़ से जलोढ़ मिट्टी (Alluvial soils from alluvium), कोलुवियम से कोलुवियल मिट्टी (colluvial soils from colluvium) आदि। प्रारंभिक चरणों (initial stages) में, हालांकि, मिट्टी के गुण मुख्य रूप से (mainly) मूल सामग्री की तरह (kind of parent material) से निर्धारित (determined) होते हैं।
- एंडोडायनामोमोर्फिक मिट्टी (Endodynamomorphic soils): उन्नत विकास (advanced development) और अत्यधिक निक्षालन (excessive leaching) के साथ, मिट्टी की विशेषताओं (soil characteristics) पर मूल सामग्री का प्रभाव धीरे-धीरे कम (gradually diminishes) हो जाता है। ऐसी मिट्टी होती है जिसमें मूल सामग्री की संरचना जलवायु और वनस्पति (climate and vegetation) के प्रभावों को कम (subdues) कर देती है। ये मिट्टी अस्थायी (temporary) होती हैं और केवल तभी तक बनी (persist) रहती हैं जब तक कि जलवायु और वनस्पति के प्रभाव में रासायनिक अपघटन (chemical decomposition) सक्रिय (active) नहीं हो जाता।
- एक्टोडायनामोमोर्फिक मिट्टी (Ectodynamomorphic soils): जलवायु और वनस्पति के प्रभाव में सामान्य प्रोफ़ाइल (normal profile) का विकास।
मूल सामग्री द्वारा प्रभावित मिट्टी के गुण (Soil properties as influenced by parent material):
- अम्ल आग्नेय चट्टानें (Acid igneous rocks - जैसे ग्रेनाइट, रयोलाइट) हल्की बनावट वाली मिट्टी (light-textured soils - Alfisols) उत्पन्न करती हैं।
- क्षारीय आग्नेय चट्टानें (Basic igneous rocks - बेसाल्ट), चूना पत्थर या बेसाल्ट से प्राप्त जलोढ़ या कोलुवियम, महीन बनावट वाली क्रैकिंग-क्ले मिट्टी (fine-textured cracking-clay soils - Vertisols) उत्पन्न करती हैं।
- क्षारीय जलोढ़ (Basic alluvium) या एओलियन (aeolian) सामग्री महीन से मोटी बनावट वाली मिट्टी (fine to coarse-textured soils - Entisols or Inceptisols) उत्पन्न करती है।
- चट्टानों के क्षय (decaying) के दौरान जारी तत्वों की प्रकृति (nature of the elements) की मिट्टी के निर्माण में विशिष्ट भूमिका (specific role) होती है। (उदा.) Si और Al द्वितीयक मिट्टी के खनिजों (secondary clay minerals) के उत्पादन के लिए कंकाल (skeleton) बनाते हैं।
- लोहा और मैंगनीज (Iron and manganese) मिट्टी को लाल रंग (red colour) प्रदान करने और ऑक्सीकरण और कमी की घटना (oxidation and reduction phenomena) के लिए महत्वपूर्ण (important) हैं।
- सोडियम और पोटेशियम (Sodium and potassium) दिन (day) और धरण कोलाइड्स (humus colloids) के लिए महत्वपूर्ण फैलाव एजेंट (important dispersing agents) हैं।
- कैल्शियम और मैग्नीशियम (Calcium and magnesium) का फ्लोक्युलेटिंग प्रभाव (flocculating effect) होता है और पौधों के विकास (plant growth) के लिए अनुकूल और स्थिर मिट्टी संरचना (favorable and stable soil structure) में परिणाम (result) होता है।
2. राहत या स्थलाकृति (Relief or Topography)
राहत और स्थलाकृति (relief and topography) कभी-कभी समानार्थी शब्दों (synonymous terms) के रूप में उपयोग किए जाते हैं। वे भूमि की सतह के विन्यास (configuration of the land surface) को दर्शाते हैं। स्थलाकृति व्यापक पैमाने (broad scale) पर भूमि की सतह की ऊंचाई (elevation) में अंतर (differences) को संदर्भित करती है।
| भूमि की सतह (Land surface) | ढलान (Slopes) |
| समतल से लगभग समतल (Flat to Almost flat) | 0 – 2 % |
| धीरे से लहरदार (Gently undulating) | 2 - 5 % |
| लहरदार (Undulating) | 5 – 10 % |
| रोलिंग (Rolling) | 10 – 15 % |
| पहाड़ी (Hilly) | 15 – 30 % |
| तेजी से विच्छेदन (Steeply dissect) | > 30 % (मध्यम ऊंचाई <300 मीटर) |
| पर्वतीय (Mountainous) | > 30 % (बड़ी ऊंचाई >300 मीटर) |
- समतल से लगभग समतल स्थिति पर मृदा निर्माण (Soil formation on flat to almost flat position): समतल स्थलाकृतिक स्थितियों (level topographic positions) पर, बारिश (rain) के माध्यम से प्राप्त लगभग पूरा पानी (entire water) मिट्टी से होकर रिसता (percolates) है। ऐसी स्थितियों में, बनी मिट्टी को क्षेत्रीय जलवायु (regional climate) का प्रतिनिधि (representative) माना जा सकता है। उनके पास विशिष्ट क्षितिज (distinct horizons) के साथ सामान्य सोलम (normal solum) है। लेकिन थोड़े ढाल (little gradient) के साथ विशाल और नीरस (monotonous) समतल भूमि में अक्सर खराब जल निकासी (impaired drainage) की स्थिति होती है।
- लहरदार स्थलाकृति पर मृदा निर्माण (Soil formation on undulating topography): खड़ी ढलानों (steep slopes) पर मिट्टी आम तौर पर उथली, पथरीली (shallow, stony) होती है और इसमें कम विशिष्ट क्षितिज (less distinct horizonation) वाले कमजोर रूप से विकसित प्रोफाइल (weakly-developed profiles) होते हैं। यह त्वरित कटाव (accelerated erosion) के कारण होता है, जो सतह की सामग्री (surface material) को विकसित होने का समय मिलने से पहले ही हटा (removes) देता है। सतह के अपवाह (surface runoff) के कारण मिट्टी के माध्यम से पानी का कम रिसाव (Reduced percolation) होता है, और पौधों के विकास के लिए पानी की कमी (lack of water) होती है, जो कटाव की जांच (checking of erosion) करने और मिट्टी के निर्माण को बढ़ावा (promote soil formation) देने के लिए जिम्मेदार (responsible) हैं।
- अवसाद में मृदा निर्माण (Soil formation in depression): अर्ध-शुष्क और उप आर्द्र क्षेत्रों (semi-arid and sub humid regions) में अवसाद क्षेत्र (depression areas) अपवाह (runoff) के रूप में प्राप्त अतिरिक्त पानी (additional water) के कारण समतल स्थलाकृतिक स्थितियों पर वास्तव में देखे जाने की तुलना में अधिक नम स्थिति (more moist conditions) को दर्शाते हैं। ऐसी स्थितियां (जैसे कि उत्तर प्रदेश का तराई क्षेत्र / Tarai region) अधिक वनस्पति विकास (more vegetative growth) और जैविक अवशेषों के क्षय की धीमी दर (slower rate of decay of organic remains) का पक्ष (favour) लेती हैं। इसके परिणामस्वरूप कार्बनिक पदार्थों (organic matter) से भरपूर तुलनात्मक रूप से गहरे रंग की मिट्टी (Mollisols) का निर्माण होता है।
- मृदा निर्माण और जोखिम / पहलू (Soil formation and Exposure/ Aspect): स्थलाकृति ढलान जोखिमों (slope exposures - पहलू / aspect) के माध्यम से तापमान (temperature) और वनस्पति विकास (vegetative growth) को प्रभावित (affecting) करके मिट्टी के निर्माण को प्रभावित करती है। दक्षिणी जोखिम (southern exposures - सूर्य के सामने / facing the sun) गर्म (warmer) होते हैं और तापमान और नमी (temperature and moisture) में उतार-चढ़ाव (fluctuations) के अधीन (subject) होते हैं। दूसरी ओर, उत्तरी जोखिम (northern exposures) कूलर (cooler) और अधिक नम (more humid) हैं। इस संबंध में पूर्वी और पश्चिमी (eastern and western) जोखिम मध्यवर्ती स्थिति (intermediate position) पर हैं।
3. समय (Time)
मृदा निर्माण एक बहुत ही धीमी प्रक्रिया (very slow process) है जिसमें परिपक्व पेडोन (mature pedon) को विकसित होने में हजारों वर्ष (thousands of years) लगते हैं। अपक्षयित चट्टान (weathered rock - रेगोलिथ) के चरण (stage) से परिपक्वता (maturity) के चरण तक एक दी गई मिट्टी द्वारा लिया गया अवधि (period) को समय (time) माना जाता है। परिपक्व मिट्टी (matured soils) का अर्थ है पूरी तरह से विकसित क्षितिज (fully developed horizons - A, B, C) वाली मिट्टी। एक इंच (inch) मिट्टी विकसित होने में सैकड़ों वर्ष (hundreds of years) लगते हैं। प्रकृति मिट्टी के निर्माण के लिए जो समय (time) समर्पित (devotes) करती है उसे पेडोलाजिक टाइम (Pedologic Time) कहा जाता है।
यह देखा गया है कि चट्टानें और खनिज अलग-अलग दरों (different rates) पर विघटित (disintegrate) और/या विघटित (decompose) होते हैं; चूना पत्थर (limestone) के मोटे कण (coarse particles) बलुआ पत्थर (sandstone) के विघटन (disintegration) के प्रति अधिक प्रतिरोधी (more resistant) होते हैं। हालांकि, सामान्य तौर पर (in general), चूना पत्थर (limestone) बलुआ पत्थर (sandstone) की तुलना में अधिक आसानी से (रासायनिक अपक्षय द्वारा) विघटित (decomposes more readily) होता है।
मृदा निर्माण में अपक्षय के चरण (Weathering stages in soil formation)
| चरण (Stages) | विशेषता (Characteristic) |
| 1. प्रारंभिक (Initial) | बिना अपक्षयित मूल सामग्री (Unweathered parent material) |
| 2. किशोर (Juvenile) | अपक्षय शुरू हो गया (Weathering started) लेकिन अधिकांश मूल सामग्री अभी भी अपक्षयित नहीं (much unweathered) |
| 3. वीर्य (Virile) | आसानी से अपक्षयित खनिज (Easily weatherable minerals) काफी हद तक विघटित (fairly decomposed); मिट्टी की मात्रा बढ़ी (clay content increased), धीरे-धीरे अपक्षय करने वाले खनिज अभी भी उल्लेखनीय (appreciable) |
| 4. बूढ़ा (Senile) | अपघटन अंतिम चरण (Decomposition final stage) पर पहुंचता है; केवल सबसे प्रतिरोधी खनिज जीवित रहते हैं (most resistant minerals survive) |
| 5. अंतिम (Final) | प्रचलित वातावरण (prevailing environments) के तहत मिट्टी का विकास पूरा हुआ (Soil development completed) |
- मिट्टी के गुण (soil properties) भी समय के साथ बदलते हैं, उदाहरण के लिए, नाइट्रोजन (nitrogen) और कार्बनिक पदार्थ (organic matter) की मात्रा समय के साथ बढ़ती (increase) है बशर्ते मिट्टी का तापमान अधिक न हो।
- $CaCO_3$ की मात्रा कम (decrease) हो सकती है या समय के साथ खो (lost) भी सकती है बशर्ते जलवायु परिस्थितियां (climatic conditions) शुष्क (arid) न हों।
- आर्द्र क्षेत्रों (humid regions) में, रासायनिक अपक्षय (chemical weathering) के कारण समय के साथ $H^+$ सांद्रता (concentration) बढ़ (increases) जाती है।
B. सक्रिय मृदा निर्माण कारक (Active Soil Forming Factors)
सक्रिय मृदा निर्माण कारक वे हैं जो मिट्टी के निर्माण के उद्देश्य (purpose) से द्रव्यमान (mass) पर कार्य करने वाली ऊर्जा (energy) की आपूर्ति (supply) करते हैं। ये कारक जलवायु और वनस्पति - जीवमंडल (climate and vegetation - biosphere) हैं।
1. जलवायु (Climate)
जलवायु मिट्टी के निर्माण के प्रकार (type) और दर (rate) को नियंत्रित (controlling) करने वाला सबसे महत्वपूर्ण कारक (most significant factor) है। मान्यता प्राप्त (recognized) प्रमुख जलवायु (dominant climates) हैं:
- शुष्क जलवायु (Arid climate): यहाँ वर्षण (precipitation) पानी की आवश्यकता (water-need) से बहुत कम (far less) है। इसलिए साल में ज्यादातर समय (most of the time) मिट्टी सूखी (dry) रहती है।
- आर्द्र जलवायु (Humid climate): यहाँ वर्षण पानी की आवश्यकता से बहुत अधिक (much more) है। अतिरिक्त पानी (excess water) से नमक और आधारों (salt and bases) का लीचिंग (leaching) होता है और उसके बाद मिट्टी के कोलाइड्स (clay colloids) का स्थानांतरण (translocation) होता है।
- महासागरीय जलवायु (Oceanic climate): वर्षा और तापमान की मध्यम मौसमी भिन्नता (Moderate seasonal variation)।
- भूमध्यसागरीय जलवायु (Mediterranean climate): मध्यम वर्षा (moderate precipitation)। सर्दियां और गर्मियां सूखी और गर्म (dry and hot) होती हैं।
- महाद्वीपीय जलवायु (Continental climate): गर्म ग्रीष्मकाल (Warm summers) और बेहद ठंडी या ठंडी सर्दियाँ (extremely cool or cold winters)।
- समशीतोष्ण जलवायु (Temperate climate): गर्म ग्रीष्मकाल (warm summers) के साथ ठंडी नम स्थिति (Cold humid conditions)।
- उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय जलवायु (Tropical and subtropical climate): उष्णकटिबंधीय क्षेत्र (tropical zone) में समतापी स्थितियों (isothermal conditions) के साथ गर्म से गर्म नम (Warm to hot humid)।
जलवायु मृदा निर्माण को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष (directly and indirectly) रूप से प्रभावित (affects) करती है।
- प्रत्यक्ष रूप से (Directly), जलवायु मूल सामग्री के साथ प्रतिक्रिया (react) करने के लिए पानी और गर्मी (water and heat) की आपूर्ति करके मिट्टी के निर्माण को प्रभावित करती है।
- अप्रत्यक्ष रूप से (Indirectly), यह जीवों और वनस्पतियों की गतिविधियों (fauna and flora activities) को निर्धारित करती है जो कार्बनिक पदार्थ (organic matter) के रूप में ऊर्जा का एक स्रोत (source of energy) प्रस्तुत करती है। यह ऊर्जा एसिड (acids) के रूप में चट्टानों और खनिजों (rocks and minerals) पर कार्य करती है, और लवण (salts) जारी किए जाते हैं। मिट्टी के निर्माण पर जलवायु के अप्रत्यक्ष प्रभाव (indirect effects) वनस्पति के लिए मिट्टी के संबंध (relationship of soils to vegetation) में सबसे स्पष्ट रूप से (most clearly) देखे जाते हैं।
वर्षा और तापमान (Precipitation and temperature) दो प्रमुख जलवायु तत्व (climatic elements) हैं जो मिट्टी के निर्माण में सबसे अधिक (most) योगदान (contribute) करते हैं।
वर्षण (Precipitation):
वर्षा जलवायु कारकों (climatic factors) में सबसे महत्वपूर्ण (most important) है। जैसे ही यह मूल सामग्री के एक हिस्से से दूसरे हिस्से में रिसता और आगे बढ़ता (percolates and moves) है। यह अपने साथ घोल (solution) के साथ-साथ निलंबन (suspension) में पदार्थों (substances) को ले जाता है। इस प्रकार ले जाए गए पदार्थ दूसरे भाग में फिर से जमा (re deposited) हो जाते हैं या छिद्रण (percolation) के माध्यम से सामग्री से पूरी तरह से हटा (completely removed) दिए जाते हैं जब सतह पर मिट्टी की नमी वाष्पित (evaporates) हो जाती है जिससे पानी की ऊपर की ओर गति (upward movement) होती है। घुलनशील पदार्थ (soluble substances) इसके साथ चलते हैं और ऊपरी परत (upper layer) में स्थानांतरित (translocated) हो जाते हैं। इस प्रकार वर्षा (rainfall) मिट्टी के शरीर में घुलनशील (soluble) और निलंबन (suspension) दोनों पदार्थों का पुनर्वितरण (redistribution) लाती है।
तापमान (Temperature):
- तापमान मृदा निर्माण की प्रक्रिया (process of soil formation) को प्रभावित करने वाला एक अन्य जलवायु एजेंट (climatic agent) है।
- उच्च तापमान (High temperature) लीचिंग (leaching) की प्रक्रिया में बाधा (hinders) डालता है और घुलनशील लवणों (soluble salts) के ऊपर की ओर बढ़ने (upward movement) का कारण बनता है।
- उच्च तापमान कार्बनिक पदार्थों (organic matter) के तेजी से अपघटन (rapid decomposition) का पक्ष (favors) लेता है और मिट्टी में सूक्ष्मजीव गतिविधियों (microbial activities) को बढ़ाता है जबकि कम तापमान (low temperatures) वाष्पीकरण (evaporation) को कम करके लीचिंग (leaching) को प्रेरित करता है और अपघटन की प्रक्रिया (process of decomposition) को धीमा (slowing down) करके कार्बनिक पदार्थों के संचय (accumulation) का पक्ष लेता है। इस प्रकार तापमान (Temperature) मूल सामग्री में होने वाली रासायनिक और जैविक प्रतिक्रियाओं (chemical and biological reactions) की दर को नियंत्रित (controls) करता है।
जेनी (Jenney - 1941) ने गणना (computed) की कि उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों (tropical regions) में अपक्षय की दर (rate of weathering) समशीतोष्ण क्षेत्रों (temperate regions) की तुलना में तीन गुना (three times) और आर्कटिक (arctic) में नौ गुना (nine times) तेज (faster) होती है।
2. जीव और वनस्पति (Organism & Vegetation)
जीव (Organism):
- मृदा पारिस्थितिकी तंत्र (soil ecosystem) के सक्रिय घटक (active components) पौधे, जानवर, सूक्ष्मजीव और मनुष्य (plants, animals, microorganisms and man) हैं।
- मृदा निर्माण में सूक्ष्मजीवों (microorganisms) की भूमिका (role) वनस्पति के आर्द्रीकरण (humification) और खनिजीकरण (mineralization) से संबंधित (related) है।
- जानवरों विशेष रूप से बिल बनाने वाले जानवरों (burrowing animals) की कार्रवाई (action) मिट्टी के द्रव्यमान को खोदना और मिलाना (dig and mix-up) है और इस प्रकार मूल सामग्री (parent material) को परेशान (disturb) करना है।
- मनुष्य (Man) प्राकृतिक वनस्पति (natural vegetation), कृषि पद्धतियों (agricultural practices) आदि के अपने हेरफेर (manipulation) के माध्यम से मिट्टी के निर्माण को प्रभावित (influences) करता है।
- मनुष्य और जानवरों के यातायात (traffic) द्वारा संघनन (Compaction) मिट्टी में पानी की घुसपैठ (water infiltration) की दर को कम करता है और इस प्रकार अपवाह (runoff) और कटाव (erosion) की दर को बढ़ाता है।
वनस्पति (Vegetation):
- पौधों की जड़ें (roots) मूल सामग्री (parent material) में प्रवेश (penetrate) करती हैं और यंत्रवत् (mechanically) और रासायनिक (chemically) दोनों तरह से कार्य करती हैं।
- वे अंतःस्राव और जल निकासी (percolation and drainage) की सुविधा (facilitate) प्रदान करते हैं और उनके द्वारा स्रावित $CO_2$ और अम्लीय पदार्थों (acidic substances) की कार्रवाई (action) के माध्यम से खनिजों का अधिक विघटन (greater dissolution) लाते हैं।
- सामग्री का अपघटन और आर्द्रीकरण (decomposition and humification) खनिजों के घुलनशीलकरण (solubilization) को और बढ़ाता (adds) है।
- वन (Forests) - तापमान को कम करते हैं (reduces temperature), आर्द्रता बढ़ाते हैं (increases humidity), वाष्पीकरण को कम करते हैं (reduce evaporation) और वर्षा को बढ़ाते हैं (increases precipitation)।
- घास (Grasses) अपवाह (runoff) को कम करते हैं और मूल सामग्री (parent material) में पानी का अधिक प्रवेश (greater penetration) करते हैं।
मृदा निर्माण प्रक्रियाएं (Soil Forming Processes)
पेडोजेनिक प्रक्रियाएं (pedogenic processes), हालांकि मानव जीवन (human life) के मामले में धीमी (slow) हैं, फिर भी निर्जीव मूल सामग्री (lifeless parent material) को जीवन से भरी सच्ची मिट्टी (true soil full of life) में बदलने में भूवैज्ञानिक प्रक्रियाओं (geological processes) की तुलना में तेजी (faster) से काम करती हैं।
- पेडोजेनिक प्रक्रियाएं अत्यंत जटिल (extremely complex) और गतिशील (dynamic) हैं जिनमें कई रासायनिक और जैविक प्रतिक्रियाएं (chemical and biological reactions) शामिल हैं, और आमतौर पर किसी दिए गए क्षेत्र (given area) में एक साथ संचालित (operate simultaneously) होती हैं।
- एक प्रक्रिया दूसरे का प्रतिकार (counteract) कर सकती है, या दो अलग-अलग प्रक्रियाएं समान परिणाम प्राप्त करने (achieve the same result) के लिए एक साथ काम (work simultaneously) कर सकती हैं।
- विभिन्न प्राकृतिक पर्यावरण (varying natural environment) के तहत विभिन्न प्रक्रियाएं (Different processes) या प्रक्रियाओं का संयोजन (combination) संचालित होता है।
बुनियादी प्रक्रिया (basic process) में शामिल हैं (सिमोनसन / Simonson, 1959):
- लाभ या परिवर्धन (Gains or Additions): मिट्टी में ज्यादातर वर्षा (rainfall), कार्बनिक (organic) और खनिज पदार्थों (mineral matter) के रूप में पानी का लाभ।
- नुकसान (Losses): मिट्टी से उपरोक्त सामग्रियों (above materials) का नुकसान।
- परिवर्तन (Transformation): मिट्टी के भीतर खनिज (mineral) और कार्बनिक पदार्थों (organic substances) का परिवर्तन।
- स्थानांतरण (Translocation): मिट्टी के भीतर एक बिंदु (point) से दूसरे बिंदु तक मिट्टी की सामग्री का स्थानांतरण या गति (movement)। इसे आमतौर पर विभाजित (divided) किया जाता है:
- घोल की गति (movement of solution) - लीचिंग (leaching)
- मिट्टी (clay), कार्बनिक पदार्थ (organic matter) और हाइड्रस ऑक्साइड (hydrous oxides) के निलंबन (suspension) में गति - एलुविएशन (eluviation)
A. मौलिक मृदा निर्माण प्रक्रियाएं (Fundamental Soil forming Processes)
1. आर्द्रीकरण (Humification)
आर्द्रीकरण कच्चे कार्बनिक पदार्थ (raw organic matter) को ह्यूमस (humus) में बदलने की प्रक्रिया (process of transformation) है। यह अत्यंत जटिल प्रक्रिया (extremely a complex process) है जिसमें विभिन्न जीव (various organisms) शामिल हैं। सबसे पहले, शर्करा और स्टार्च (sugars and starches) जैसे सरल यौगिकों पर हमला किया जाता है (attacked), उसके बाद प्रोटीन और सेल्यूलोज (proteins and cellulose) और अंततः बहुत प्रतिरोधी यौगिक (resistant compounds), जैसे कि टैनिन (tannins), विघटित (decomposed) हो जाते हैं और गहरे रंग का पदार्थ (dark coloured substance), जिसे ह्यूमस (humus) कहा जाता है, बनता है।
2. निक्षालन (Eluviation)
यह मिट्टी (Clay), $Fe_2O_3$, $Al_2O_3$, $SiO_2$, ह्यूमस (humus), $CaCO_3$, अन्य लवणों (other salts) आदि जैसे कुछ घटकों का जुटाव (mobilization) और स्थानांतरण (translocation) है, मिट्टी के शरीर के एक बिंदु से दूसरे बिंदु तक। एलुविएशन (Eluviation) का अर्थ है धोना (washing out)। यह ऊपरी परतों से निचली परतों (upper to lower layers) में पानी के छिद्रण (percolating water) द्वारा निलंबन (suspension) या घोल (solution) में घटकों को हटाने (removal) की प्रक्रिया है। एलुविएशन में गतिमान घटकों (mobile constituents) का एकत्रीकरण (mobilization) और स्थानांतरण (translocation) शामिल है जिसके परिणामस्वरूप बनावट में अंतर (textural differences) होता है। एलुविएशन की प्रक्रिया (process of eluviation) से बने क्षितिज (horizon) को एलूवियल क्षितिज (eluvial horizon - A2 या E क्षितिज) कहा जाता है। स्थानांतरण तत्वों की सापेक्ष गतिशीलता (relative mobility) और छिद्रण की गहराई (depth of percolation) पर निर्भर (depends) करता है।
3. इलुविएशन (Illuviation)
निचली परत (lower layer) में (या एलूवियल क्षितिज से हटाए गए - स्थानांतरित मिट्टी सामग्री को स्थिर करने के गुण वाले लाभ के क्षितिज में) मिट्टी सामग्री के जमाव (deposition of soil materials) की प्रक्रिया को इलुविएशन (Illuviation) कहा जाता है। इस प्रक्रिया द्वारा बनाए गए क्षितिज को इलुवियल क्षितिज (illuvial horizons - B-horizons, विशेष रूप से Bt) कहा जाता है। यह प्रक्रिया E और Bt क्षितिज के बीच बनावट कंट्रास्ट (textural contrast) और Bt क्षितिज में उच्च ठीक: कुल मिट्टी अनुपात (higher fine: total clay ratio) की ओर ले जाती है।
4. क्षितिजकरण (Horizonation)
यह मिट्टी के शरीर की गहराई के साथ (along the depth) विभिन्न क्षितिज (different horizons) में मिट्टी के भेदभाव (differentiation) की प्रक्रिया है। भेदभाव मौलिक प्रक्रियाओं (fundamental processes), आर्द्रीकरण (humification), एलुविएशन (eluviation) और इलुविएशन (illuviation) के कारण (due to) है।
B. विशिष्ट मृदा निर्माण प्रक्रियाएं (Specific Soil Forming Processes)
1. कैल्सीकरण (Calcification)
यह प्रोफ़ाइल (profile) के कुछ हिस्सों (some part) में कैल्शियम कार्बोनेट (CaCO3) के अवक्षेपण (precipitation) और संचय (accumulation) की प्रक्रिया है। $CaCO_3$ के संचय के परिणामस्वरूप कैल्सिक क्षितिज (calcic horizon) का विकास हो सकता है। कैल्शियम अम्ल मिट्टी के पानी (acid soil water) में आसानी से घुलनशील (readily soluble) होता है और / या जब जड़ क्षेत्र (root zone) में $CO_2$ एकाग्रता (concentration) अधिक होती है:
$CO_2 + H_2O \rightarrow H_2CO_3$
$H_2CO_3 + Ca \rightarrow Ca(HCO_3)_2$ (घुलनशील / soluble)
(तापमान / Temp.)
$Ca(HCO_3)_2 \rightarrow CaCO_3 \downarrow + H_2O + CO_2$ (अवक्षेप / precipitates)
इन स्थितियों के तहत जुटाव (mobilization) के बाद वर्षा (precipitation) की प्रक्रिया को कैल्सीकरण (calcification) कहा जाता है और कार्बोनेट के परिणामस्वरूप इलुविएटेड क्षितिज (illuviated horizon) को Bk क्षितिज (Bca) के रूप में नामित (designated) किया गया है।
2. वि-कैल्सीकरण (Decalcification)
यह कैल्सीकरण (calcification) का उल्टा (reverse) है जो लीचिंग (leaching) द्वारा मिट्टी से $CaCO_3$ या कैल्शियम आयनों को हटाने (removal) की प्रक्रिया है।
(तापमान / Temp.)
$CaCO_3 + CO_2 + H_2O \rightarrow Ca(HCO_3)_2$ (घुलनशील / soluble)
3. पॉडजोलाइजेशन (Podzolization)
यह मृदा निर्माण की एक प्रक्रिया है जिसके परिणामस्वरूप पॉडजोल (Podzols) और पॉडजोलिक मिट्टी (Podzolic soils) का निर्माण होता है। कई मायनों में, पॉडजोलाइजेशन कैल्सीकरण का नकारात्मक (negative of calcification) है। कैल्सीकरण प्रक्रिया B क्षितिज के निचले हिस्से में कैल्शियम को केंद्रित (concentrate) करने की प्रवृत्ति रखती है, जबकि पॉडजोलाइजेशन कैल्शियम कार्बोनेट के पूरे सोलम (entire solum) को लीच (leaches) कर देता है।
कैल्शियम के अलावा, अन्य आधार (bases) भी हटा दिए जाते हैं और पूरी मिट्टी स्पष्ट रूप से अम्लीय (distinctly acidic) हो जाती है। वास्तव में, यह प्रक्रिया अनिवार्य रूप से एसिड लीचिंग (acid leaching) में से एक है।
निम्नलिखित वातावरण के अनुकूल संयोजन (favorable combination) के तहत प्रक्रिया संचालित होती है:
- जलवायु (Climate): पॉडजोलाइजेशन के लिए एक ठंडी और आर्द्र (cold and humid) जलवायु सबसे अनुकूल है।
- मूल सामग्री (Parent material): सिलिसियस (रेतीले / Sandy) सामग्री, जिसमें अपक्षय खनिजों (weatherable minerals) का खराब भंडार (poor reserves) होता है, पॉडजोलाइजेशन के संचालन (operation) का पक्ष (favor) लेती है क्योंकि यह पानी के आसान छिद्रण (easy percolation of water) में मदद करती है।
- वनस्पति (Vegetation): शंकुधारी पाइंस (coniferous pines) जैसी एसिड पैदा करने वाली वनस्पति (Acid producing vegetation) आवश्यक है।
- लीचिंग (Leaching) और सेस्क्यूऑक्साइड (Sesquioxide) का स्थानांतरण: कार्बनिक पदार्थों के अपघटन (decomposition) की प्रक्रिया में विभिन्न कार्बनिक अम्ल (organic acids) उत्पन्न होते हैं। इस प्रकार बनने वाले कार्बनिक अम्ल सेस्क्यूऑक्साइड (Sesquioxide) और शेष मिट्टी के खनिजों (clay minerals) के साथ कार्य करते हैं, जिससे कार्बनिक-सेस्क्यूऑक्साइड (organic-Sesquioxide) और कार्बनिक मिट्टी परिसरों (organic clay complexes) का निर्माण होता है, जो घुलनशील (soluble) होते हैं और रिसने वाले पानी (percolating water) के साथ निचले क्षितिज (lower horizons - Bh, Bs) में चले जाते हैं। पानी के घोल में एल्युमिनियम आयन हाइड्रोलाइज (hydrolyze) होते हैं और मिट्टी के घोल (soil solution) को बहुत अम्लीय (very acidic) बनाते हैं।
$2Al + 6H_2O \rightarrow 2 Al(OH)_3 + 6H^+$
जैसे ही लोहा और एल्यूमीनियम (iron and aluminium) घूमते हैं, A क्षितिज एक प्रक्षालित ग्रे (bleached grey) या राख (ashy) रूप देता है। रूसियों (Russians) ने ऐसी मिट्टी के लिए पॉडजोल (Podzols - पॉड का अर्थ है नीचे / under, ज़ोला का अर्थ है राख / ash, यानी सतह के क्षितिज के नीचे दिखाई देने वाली राख जैसी क्षितिज) शब्द का इस्तेमाल किया।
4. लेटराइजेशन (Laterization)
लेटराइट (laterite) शब्द लैटर (later) शब्द से लिया गया है जिसका अर्थ ईंट या टाइल (brick or tile) है और इसे मूल रूप से केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक और महाराष्ट्र की मालाबार पहाड़ियों (Malabar hills) में पाई जाने वाली उच्च मिट्टी की भारतीय मिट्टी (high clay Indian soils) के एक समूह (group) पर लागू किया गया था।
यह विशेष रूप से कुछ मिट्टी में एक विशेष सीमेंटेड क्षितिज (particular cemented horizon) को संदर्भित करता है जो सूखने पर ईंट (brick) की तरह बहुत कठोर (very hard) हो जाता है। ऐसी मिट्टी (उष्णकटिबंधीय / tropics में) जब सेस्क्यूऑक्साइड (sesquioxides - लोहे और एल्यूमीनियम ऑक्साइड) के साथ बड़े पैमाने पर (massively impregnated) कुल द्रव्यमान (total mass) के 70 से 80 प्रतिशत (70 to 80 per cent) की सीमा तक संसेचित होती है, तो इसे लेटराइट या लैटोसोल (laterites or latosols - Oxisols) कहा जाता है। मृदा निर्माण प्रक्रिया (soil forming process) को लेटराइजेशन (Laterization) या लैटोजेशन (Latozation) कहा जाता है।
लेटराइजेशन वह प्रक्रिया है जो ऊपरी परतों (upper layers) से सेस्क्यूऑक्साइड (sesquioxides) के बजाय सिलिका (silica) को हटा (removes) देती है और इस तरह सेस्क्यूऑक्साइड को सोलम (solum) में केंद्रित (concentrate) होने के लिए छोड़ देती है। प्रक्रिया निम्नलिखित शर्तों के तहत संचालित होती है:
- जलवायु (Climate): पॉडजोलाइजेशन के विपरीत (Unlike podzolization), लेटराइजेशन की प्रक्रिया पूरे वर्ष (throughout the year) 2000 से 2500 मिमी वर्षा (2000 to 2500 mm rainfall) और निरंतर उच्च तापमान (continuous high temperature - 25°C) के साथ गर्म और आर्द्र (उष्णकटिबंधीय / tropical) जलवायु (warm and humid climate) में सबसे अनुकूल (most favorable) होती है।
- प्राकृतिक वनस्पति (Natural vegetation): उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों (tropical areas) के वर्षा वन (rain forests) प्रक्रिया के लिए अनुकूल (favorable) हैं।
- मूल सामग्री (Parent Material): मूल आधारभूत सामग्री (Basic parent materials), जिसमें पर्याप्त लोहा असर फेरोमैग्नेशियन खनिज (sufficient iron bearing ferromagnesian minerals - पाइरोक्सिन / Pyroxene, एम्फीबोल्स / amphiboles, बायोटाइट / biotite और क्लोराइट / chlorite) होते हैं, जो अपक्षय पर लोहे (iron) को मुक्त करते हैं, लेटराइट के विकास के लिए अनुकूल (congenial) हैं।
5. ग्लेजेशन (Gleization)
ग्लेई (glei) शब्द रूसी मूल (Russian origin) का है जिसका अर्थ है नीली, ग्रे या हरी मिट्टी (blue, grey or green clay)। ग्लेजेशन (Gleization) मृदा निर्माण की एक प्रक्रिया है जिसके परिणामस्वरूप खराब जल निकासी (poor drainage) की स्थिति (ऑक्सीजन की कमी / lack of oxygen) के कारण और जहां जलभराव की स्थिति (waterlogged conditions) बनी रहती है, मूल सामग्री के ठीक ऊपर (above the parent material) मिट्टी प्रोफाइल के निचले हिस्से में ग्लेई (glei - या ग्ली क्षितिज / gley horizon) का विकास होता है। ऐसी मिट्टी को हाइड्रो मॉर्फिक मिट्टी (hydro orphic soils) कहा जाता है।
प्रक्रिया विशेष रूप से जलवायु (climate - आर्द्र क्षेत्रों की तरह उच्च वर्षा / high rainfall) पर निर्भर (dependent) नहीं है, बल्कि अक्सर जल निकासी की स्थिति (drainage conditions) पर निर्भर करती है।
खराब जल निकासी की स्थिति (poor drainage conditions) निम्नलिखित के परिणामस्वरूप (result) होती है:
- निचली स्थलाकृतिक स्थिति (Lower topographic position), जैसे अवसाद भूमि (depression land), जहां पानी सतह पर या उसके करीब लगातार (continuously) खड़ा रहता है।
- अभेद्य मिट्टी मूल सामग्री (Impervious soil parent material)।
- वातन का अभाव (Lack of aeration)।
ऐसी परिस्थितियों में, लौह यौगिकों (iron compounds) को घुलनशील फेरस (soluble ferrous) रूपों में कम (reduced) कर दिया जाता है। लोहे की कमी मुख्य रूप से जैविक (primarily biological) है और इसके लिए कार्बनिक पदार्थ (organic matter) और अवायवीय रूप से सांस लेने (respiring anaerobically) में सक्षम सूक्ष्मजीवों (microorganisms) दोनों की आवश्यकता (requires) होती है। Ca, Mg, Fe और Mn की घुलनशीलता (solubility) बढ़ जाती है और अधिकांश लोहा (most of the iron) घोल में $Fe^{++}$ ऑर्गेनो-कॉम्प्लेक्स (organo-complexes) के रूप में या फेरिक और फेरस हाइड्रॉक्साइड्स (ferric and ferrous hydroxides) के मिश्रित अवक्षेप (mixed precipitate) के रूप में मौजूद (exists) होता है।
यह पीले और या लाल भूरे रंग के धब्बों (mottling of yellow and or reddish brown colors) के साथ विशिष्ट नीले से भूरे रंग (typical bluish to grayish) के क्षितिज के उत्पादन के लिए जिम्मेदार (responsible) है।
6. लवणीकरण (Salinization)
यह मिट्टी में एक नमकीन (सैलिस / salic) क्षितिज के रूप में लवणों (salts) के संचय (accumulation) की प्रक्रिया है, जैसे कैल्शियम, मैग्नीशियम, सोडियम और पोटेशियम के सल्फेट्स और क्लोराइड (sulphates and chlorides)। यह शुष्क और अर्ध-शुष्क क्षेत्रों (arid and semi arid regions) में काफी आम (common) है। यह खारे भूजल (saline ground water) के केशिका वृद्धि (capillary rise) के माध्यम से और समुद्री और तटीय मिट्टी (marine and coastal soils) में समुद्री जल के साथ जलमग्नता (inundation with seawater) से भी हो सकता है। नमक का संचय बाधित जल निकासी (impeded drainage) वाले क्षेत्रों में सिंचाई (irrigation) या रिसाव (seepage) से भी हो सकता है।
7. विलवणीकरण (Desalinization)
यह पानी को जमा करके (ponding water) और कृत्रिम जल निकासी नेटवर्क (artificial drainage network) स्थापित करके जल निकासी की स्थिति (drainage conditions) में सुधार करके क्षितिज या मिट्टी प्रोफाइल (horizons or soil profile) से अतिरिक्त घुलनशील लवणों (excess soluble salts) को लीचिंग (leaching) द्वारा हटाना (removal) है (जिसमें पौधों के विकास / plant growth को क्षीण करने के लिए पर्याप्त घुलनशील लवण थे)।
8. सोलोनाइजेशन या क्षारीकरण (Solonization or Alkalization)
इस प्रक्रिया में मिट्टी के विनिमय परिसर (exchange complex of the clay) पर सोडियम आयनों ($Na^+$) का संचय (accumulation) शामिल है, जिसके परिणामस्वरूप सोडिक मिट्टी (sodic soils - Solonetz) का निर्माण होता है। घोल में मौजूद सभी धनायन (All cations) मिट्टी और कार्बनिक पदार्थ के कणों (clay and organic matter particles) पर विनिमय स्थलों (exchange sites) के साथ एक प्रतिवर्ती प्रतिक्रिया (reversible reaction) में लगे हुए हैं।
प्रतिक्रिया को इस प्रकार दर्शाया (represented) जा सकता है:
$Ca.Mg.2NaX \leftrightarrow Ca^{++} + Mg^{++} + 2Na^+ + X^{-6} + 3CO_3^{2-} \leftrightarrow Na_2CO_3 + MgCO_3 + CaCO_3$
(जहाँ X मिट्टी या कार्बनिक पदार्थ विनिमय साइटों / exchange sites का प्रतिनिधित्व करता है)
9. सोलोडाइजेशन या डी-अल्कलाइजेशन (Solodization or dealkalization)
प्रक्रिया विनिमय साइटों (exchange sites) से $Na^+$ को हटाने (removal) को संदर्भित (refers) करती है। इस प्रक्रिया में मिट्टी का फैलाव (dispersion of clay) शामिल है। फैलाव तब होता है जब $Na^+$ आयन हाइड्रेटेड (hydrated) हो जाते हैं।
अधिकांश फैलाव (dispersion) को समाप्त (eliminated) किया जा सकता है यदि $Ca^{++}$ और या $Mg^{++}$ आयन पानी में केंद्रित (concentrated) होते हैं, जिसका उपयोग जल्द से जल्द लीच (leach) करने के लिए किया जाता है। ये Ca और Mg आयन विनिमय परिसर (exchange complex) पर Na को बदल (replace) सकते हैं, और सोडियम के लवणों को इस रूप में लीच (leached out) किया जाता है:
$2NaX + CaSO_4 \rightarrow Na_2SO_4 + CaX$ (लीचेबल / leachable)
10. पेडोबेशन (Pedoturbation)
एक अन्य प्रक्रिया जो मिट्टी में क्रियाशील (operative) हो सकती है वह है पेडोबेशन (pedoturbation)। यह मिट्टी के मिश्रण (mixing of the soil) की प्रक्रिया है। कुछ हद तक (certain extent) मिश्रण सभी मिट्टी (all soils) में होता है। पेडोबेशन के सबसे आम प्रकार (most common types) हैं:
- जीव-जंतु (Faunal) पेडोबेशन: यह चींटियों, केंचुओं, छछूंदरों, कृन्तकों (ants, earthworms, moles, rodents) और स्वयं मनुष्य (man himself) जैसे जानवरों द्वारा मिट्टी का मिश्रण है।
- पुष्प (Floral) पेडोबेशन: यह पौधों (plants) द्वारा मिट्टी का मिश्रण है जैसे कि पेड़ों की छंटाई (tree tipping) में जो गड्ढे और टीले (pits and mounds) बनाता है।
- आर्गिलिक (Argillic) पेडोबेशन: यह गहरी काली कपास मिट्टी (deep Black Cotton Soils) में देखे गए सूजन-सिकुड़न वाले क्ले (swell shrink clays) के कारण मंथन प्रक्रिया (churning process) द्वारा सोलम (solum) में सामग्री (materials) का मिश्रण है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह स्टडी मटेरियल ICAR के मूल कंटेंट का हिंदी अनुवाद है। हम इसकी पूर्ण सटीकता के लिए उत्तरदायी नहीं हैं। यह फाइल अभी केवल
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