8. मृदा संरचना - वर्गीकरण (SOIL STRUCTURE - CLASSIFICATION)

मृदा संरचना – वर्गीकरण (Soil structure – Classification)

मिट्टी की स्थिति और विशेषताएं (Soil conditions and characteristics) जैसे जल संचलन (water movement), गर्मी हस्तांतरण (heat transfer), वातन (aeration), और सरंध्रता (porosity) संरचना (structure) से बहुत प्रभावित (much influenced) होती हैं। वास्तव में (In fact), किसान द्वारा जुताई (ploughing), खेती (cultivating), जल निकासी (draining), चूना लगाने (liming), और अपनी भूमि में खाद डालने (manuring his land) में किए गए महत्वपूर्ण भौतिक परिवर्तन (important physical changes) बनावट (textural) के बजाय संरचनात्मक (structural) होते हैं।

परिभाषा (Definition)

मिट्टी के द्रव्यमान (soil mass) में प्राथमिक और द्वितीयक कणों (primary and secondary particles) की व्यवस्था और संगठन (arrangement and organization) को मृदा संरचना (soil structure) के रूप में जाना जाता है। मृदा संरचना मिट्टी में मौजूद पानी और हवा (water and air present) की मात्रा को नियंत्रित (controls) करती है। पौधों की जड़ों (Plant roots) और अंकुरित बीजों (germinating seeds) को श्वसन (respiration) के लिए पर्याप्त हवा और ऑक्सीजन (sufficient air and oxygen) की आवश्यकता होती है। बैक्टीरिया की गतिविधियां (Bacterial activities) भी मिट्टी में पानी और हवा की आपूर्ति (supply of water and air) पर निर्भर करती हैं।

मृदा संरचना का निर्माण (Formation of soil structure)

मिट्टी के कण (Soil particles) या तो एकल व्यक्तिगत कणों (single individual grains) के रूप में या समुच्चय (aggregate - कणों का समूह जो कणिकाओं या मिश्रित कणों में एक साथ बंधे होते हैं / group of particles bound together into granules or compound particles) के रूप में मौजूद हो सकते हैं। इन कणिकाओं या मिश्रित कणों (granules or compound particles) को द्वितीयक कण (secondary particles) के रूप में जाना जाता है।
रेतीली या गाद वाली मिट्टी (sandy or silty soil) में अधिकांश कण (majority of particles) एकल व्यक्तिगत कणों (single individual grains) के रूप में मौजूद होते हैं जबकि मिट्टी वाली मिट्टी (clayey soil) में वे दानेदार अवस्था (granulated condition) में मौजूद होते हैं।
व्यक्तिगत कण (individual particles) आमतौर पर ठोस (solid) होते हैं, जबकि समुच्चय (aggregates) ठोस नहीं होते हैं बल्कि वे एक छिद्रपूर्ण या स्पंजी चरित्र (porous or spongy character) रखते हैं। अधिकांश मिट्टी (Most soils) एकल अनाज और यौगिक कण (single grain and compound particle) का मिश्रण (mixture) होती है।
मिट्टी (Soils), जिनमें एकल कणों की प्रधानता (predominate with single grains) होती है, संरचनाहीन (structureless) कही जाती हैं, जबकि जिनमें बहुसंख्यक (majority) द्वितीयक कण (secondary particles) होते हैं, उन्हें समुच्चय (aggregate), दानेदार (granulated) या क्रम्ब संरचना (crumb structure) कहा जाता है।

समुच्चय निर्माण का तंत्र (Mechanism of Aggregate Formation)

संरचनात्मक इकाई (structural unit) में मिट्टी के कणों (soil particles) का बंधन (bonding) मृदा संरचना की उत्पत्ति (genesis of soil structure) है। संरचनात्मक इकाइयों में अलग-अलग कणों (individual particles) के बीच संबंध (bonding) को आम तौर पर संरचनात्मक इकाइयों (structural units) की तुलना में अधिक मजबूत (stronger) माना जाता है।
समुच्चय निर्माण (aggregate formation) में, मिट्टी के कोलाइड्स (soil colloids) के सीमेंटिंग या बाइंडिंग प्रभाव (cementing or binding effect) द्वारा रेत (sand), गाद (silt) और मिट्टी (clay) जैसे कई प्राथमिक कण (primary particles) एक साथ लाए जाते हैं।
समुच्चय निर्माण में भाग लेने वाली सीमेंटिंग सामग्री (cementing materials) कोलाइडल मिट्टी (colloidal clay), लोहा और एल्यूमीनियम हाइड्रॉक्साइड (iron and aluminium hydroxides) और कार्बनिक पदार्थों को विघटित (decomposing organic matter) करना है। सीमेंटिंग सामग्री जो भी हो (Whatever may be the cementing material), यह अंततः दबाव (pressure) के साथ कोलाइडल पदार्थ (colloidal matter) का निर्जलीकरण (dehydration) है जो एकत्रीकरण की प्रक्रिया (process of aggregation) को पूरा (completes) करता है।

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कोलाइडल मिट्टी (Colloidal clay)

उच्च सतह क्षेत्र (high surface area) और सतह आवेश (surface charge) के आधार पर, मिट्टी के कण (clay particles) मिट्टी के समुच्चय (soil aggregates) के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका (key role) निभाते हैं। रेत और गाद के कण (Sand and silt particles) समुच्चय (aggregates) नहीं बना सकते क्योंकि उनमें आसंजन और सामंजस्य (adhesion and cohesion) की शक्ति नहीं (do not possess) होती है। ये कण आमतौर पर मिट्टी के कणों का एक लेप (coating of clay particles) ले जाते हैं; वे चिपकने वाले मिट्टी के कणों (adhering clay particles) द्वारा बनाए गए समुच्चय में उलझ (enmeshed) जाते हैं।
कोलाइडल कण तभी समुच्चय बनाते हैं जब वे फ्लोकुलेटेड (flocculated) होते हैं। फ्लोकुलेशन और एकत्रीकरण (flocculation and aggregation) के बीच बहुत अंतर (vast difference) है। फ्लोकुलेशन (Flocculation) कोलाइडल कणों के सहसंयोजन (coalescence of colloidal particles) द्वारा लाया जाता है और एकत्रीकरण (aggregation) में पहला कदम (first step) है।

एकत्रीकरण (Aggregation) फ्लोकुलेशन से कुछ अधिक (something more) है जिसमें जलयोजन (hydration), दबाव (pressure), निर्जलीकरण (dehydration) आदि जैसे विभिन्न कारकों का संयोजन (combination of different factors) शामिल है और इसके लिए फ्लोकुलेटेड कणों (flocculated particles) के सीमेंटेशन (cementation) की आवश्यकता (required) होती है।
सीमेंटेशन (cementation) धनायनों (cations), Fe और Al के ऑक्साइड (oxides of Fe and Al), ह्यूमस पदार्थों (humus substances) और माइक्रोबियल उत्सर्जन और संश्लेषण (microbial excretion and synthesis) के उत्पादों के कारण हो सकता है। मिट्टी के कण (Clay particles) तभी समुच्चय बनाते हैं जब वे पानी (water) जैसे तरल से गीले (wetted) हो जाते हैं जिनके अणुओं में एक प्रशंसनीय द्विध्रुवीय क्षण (appreciable dipole moment) होता है।

एकत्रीकरण मिट्टी के कणों की प्रकृति (nature of clay particles), मिट्टी के कणों के आकार और मात्रा (size and amount of clay particles), मिट्टी के कणों के निर्जलीकरण (dehydration of clay particles), कैल्शियम (calcium) जैसे धनायन और फॉस्फेट (phosphate) जैसे ऋणायन पर भी निर्भर करता है।

Fe और Al ऑक्साइड (Fe and Al oxides)

कोलाइडल Fe ऑक्साइड (colloidal Fe oxides) एकत्रीकरण (aggregation) में सीमेंटिंग एजेंट (cementing agent) के रूप में कार्य करते हैं। Al ऑक्साइड (Al oxides) रेत और गाद के कणों (sand and silt particles) को बांधते (bind) हैं। ये दो तरह (two ways) से कार्य करते हैं। हाइड्रॉक्साइड (hydroxides) का एक हिस्सा फ्लोकुलेटिंग एजेंट (flocculating agent) के रूप में कार्य करता है और शेष (rest) सीमेंटिंग एजेंट (cementing agent) के रूप में कार्य करता है।

कार्बनिक पदार्थ (Organic matter)

यह मृदा समुच्चय (soil aggregates) बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका (important role) निभाता है।

वर्गीकरण (Classification)

प्राथमिक कण (primary particles) - रेत, गाद और मिट्टी (sand, silt and clay) - आमतौर पर समुच्चय (aggregates) के रूप में एक साथ समूहीकृत (grouped together) होते हैं।
प्राकृतिक समुच्चय (Natural aggregates) को पेड्स (peds) कहा जाता है जहां क्लॉड (clod) एक कृत्रिम रूप से (artificially) निर्मित मिट्टी का द्रव्यमान (soil mass) है। संरचना का अध्ययन क्षेत्र (field) में प्राकृतिक परिस्थितियों (natural conditions) में किया जाता है और इसका वर्णन (described) तीन श्रेणियों (three categories) के अंतर्गत किया गया है:

  1. प्रकार (Type) - पेड्स का आकार या रूप (Shape or form) और व्यवस्था पैटर्न (arrangement pattern)।
  2. वर्ग (Class) - पेड्स का आकार (Size of Peds)।
  3. ग्रेड (Grade) - पेड्स की विशिष्टता की डिग्री (Degree of distinctness)।

संरचना के प्रकार (Types of Structure)

मृदा संरचना के चार प्रमुख रूप (four principal forms) हैं:

1. प्लेट की तरह (Plate-like / Platy)

इस प्रकार में, समुच्चय (aggregates) अपेक्षाकृत पतली क्षैतिज प्लेटों (relatively thin horizontal plates) या पत्रक (leaflets) में व्यवस्थित (arranged) होते हैं। क्षैतिज धुरी (horizontal axis) या आयाम (dimensions) ऊर्ध्वाधर धुरी (vertical axis) से बड़े (larger) होते हैं।
जब इकाइयाँ/परत (units/ layers) मोटी (thick) होती हैं तो उन्हें प्लेटी (platy) कहा जाता है। जब वे पतले (thin) होते हैं तो यह लामिनार (laminar) होता है। कुंवारी मिट्टी (virgin soils) की सतह की परतों (surface layers) में प्लेटी संरचना (Platy structure) सबसे अधिक ध्यान देने योग्य (most noticeable) है, लेकिन उप-मिट्टी (subsoil) में मौजूद हो सकती है। यह प्रकार मूल सामग्री (parent material) से विरासत (inherited) में मिला है, विशेष रूप से पानी या बर्फ (water or ice) की कार्रवाई से।

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प्लेट की तरह संरचना (Plate-like structure)

2. प्रिज्म की तरह (Prism-like)

लंबवत धुरी (vertical axis) क्षैतिज (horizontal) की तुलना में अधिक विकसित (more developed) होती है, जिससे स्तंभ (pillar) जैसा आकार मिलता है।
लंबाई (length) में 1-10 सेमी (1- 10 cm) तक भिन्न (Vary) होती है। आमतौर पर शुष्क और अर्ध शुष्क क्षेत्रों (Arid and Semi arid regions) के उप मिट्टी क्षितिज (sub soil horizons) में होते हैं।
जब शीर्ष गोल (tops are rounded) होते हैं, तो संरचना को स्तंभ (columnar) कहा जाता है, जब शीर्ष सपाट / समतल (flat / plane), समतल और स्पष्ट कटौती (level and clear cut) होते हैं - प्रिज्मीय (prismatic)।

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प्रिज्म की तरह संरचना (Prism-like structure)

3. ब्लॉक की तरह (Block like)

तीनों आयाम (All three dimensions) लगभग एक ही आकार (same size) के हैं। समुच्चय (aggregates) ब्लॉकों (blocks) में कम हो गए हैं। अनियमित रूप से छह मुख वाले (Irregularly six faced) जिनके तीन आयाम (three dimensions) कमोबेश समान (more or less equal) हैं।
जब चेहरे (faces) सपाट (flat) और अलग (distinct) होते हैं और किनारे तेज कोणीय (edges are sharp angular) होते हैं, तो संरचना का नाम कोणीय ब्लॉकी (angular blocky) रखा जाता है।
जब चेहरे और किनारे (faces and edges) मुख्य रूप से गोल (mainly rounded) होते हैं तो इसे उप कोणीय ब्लॉकी (sub angular blocky) कहा जाता है। ये प्रकार आमतौर पर उप मिट्टी (sub soil) तक सीमित (confined) होते हैं और विशेषताओं (characteristics) का मिट्टी की जल निकासी (soil drainage), वातन (aeration) और जड़ प्रवेश (root penetration) से बहुत कुछ लेना-देना है।

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ब्लॉक की तरह संरचना (Block like structure)

4. गोलाकार - गोले की तरह (Spheroidal - Sphere like)

सभी गोल समुच्चय (All rounded aggregates - peds) को इस श्रेणी (category) में रखा जा सकता है। व्यास में एक इंच (inch in diameter) से अधिक नहीं। ये गोल परिसर (rounded complexes) आमतौर पर ढीले ढंग से व्यवस्थित (loosely arranged) और आसानी से अलग (readily separated) हो जाते हैं।
जब गीला (wetted) किया जाता है, तो बीच के स्थान (intervening spaces) आम तौर पर सूजन (swelling) से इतनी आसानी से बंद (closed) नहीं होते हैं जितना कि एक ब्लॉकी संरचनात्मक स्थिति (blocky structural condition) के मामले में हो सकता है।
इसलिए गोलाकार संरचना (sphere-like structure) में, मिट्टी के भीगने (wetting of soil) से घुसपैठ (infiltration), अंतःस्राव (percolation) और वातन (aeration) प्रभावित नहीं (not affected) होते हैं।
इस समूह के समुच्चय (aggregates of this group) को आमतौर पर दानेदार (granular) कहा जाता है जो अपेक्षाकृत कम छिद्रपूर्ण (relatively less porous) होते हैं। जब कणिकाएं (granules) बहुत छिद्रपूर्ण (very porous) होती हैं, तो इसे क्रम्ब (crumb) कहा जाता है। यह सतह की मिट्टी (surface soil) विशेष रूप से कार्बनिक पदार्थों / घास भूमि (organic matter/ grass land) में उच्च मिट्टी के लिए विशिष्ट (specific) है।

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गोलाकार संरचना (Spheroidal structure)

संरचना के वर्ग (Classes of Structure)

मिट्टी के प्रत्येक प्राथमिक संरचनात्मक प्रकार (primary structural type) को व्यक्तिगत पेड्स (individual peds) के आकार के आधार पर 5 आकार वर्गों (5 size classes) में विभेदित (differentiated) किया जाता है।

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आकार वर्गों (size classes) के लिए आमतौर पर उपयोग किए जाने वाले शब्द हैं:

  1. बहुत महीन या बहुत पतला (Very fine or very thin)
  2. महीन या पतला (Fine or thin)
  3. मध्यम (Medium)
  4. मोटा या गाढ़ा (Coarse or thick)
  5. बहुत मोटा या बहुत गाढ़ा (Very Coarse or very thick)

पतले (thin) और मोटे (thick) शब्दों का उपयोग प्लेटी प्रकारों (platy types) के लिए किया जाता है, जबकि महीन (fine) और मोटे (coarse) शब्दों का उपयोग अन्य संरचनात्मक प्रकारों (other structural types) के लिए किया जाता है।

संरचना के ग्रेड (Grades of Structure)

ग्रेड व्यक्तिगत पेड्स (individual peds) की विशिष्टता की डिग्री (degree of distinctness) को इंगित (indicate) करते हैं। यह समुच्चयों की स्थिरता (stability of the aggregates) द्वारा निर्धारित (determined) किया जाता है। संरचना का ग्रेड मिट्टी की नमी सामग्री (moisture content) से प्रभावित (influenced) होता है। ग्रेड कार्बनिक पदार्थ (organic matter), बनावट (texture) आदि पर भी निर्भर करता है। मिट्टी की संरचना के ग्रेड (grade of soil structure) का वर्णन (describe) करने के लिए आमतौर पर उपयोग किए जाने वाले चार शब्द (Four terms) हैं:

  1. संरचनाहीन (Structureless): कोई ध्यान देने योग्य एकत्रीकरण (noticeable aggregation) नहीं है, जैसे कि ढीली रेत (loose sand) द्वारा प्रदर्शित स्थितियां (conditions)।
  2. कमजोर संरचना (Weak Structure): खराब रूप से (Poorly formed), पेड्स का अस्पष्ट गठन (indistinct formation), जो टिकाऊ नहीं (not durable) हैं और बहुत अन-एकत्रित सामग्री (un aggregated material) हैं।
  3. मध्यम संरचना (Moderate structure): मध्यम रूप से (Moderately) अच्छी तरह से विकसित (well developed) पेड्स, जो काफी टिकाऊ (fairly durable) और अलग (distinct) हैं।
  4. मजबूत संरचना (Strong structure): बहुत अच्छी तरह से (Very well) गठित पेड्स, जो काफी टिकाऊ (quite durable) और अलग (distinct) हैं।

संरचना का नामकरण (Structure naming)

मिट्टी की संरचना (soil structure) को नाम देने के लिए अनुक्रम (sequence) का पालन किया जाता है: ग्रेड, वर्ग और प्रकार (grade, class and type); उदाहरण के लिए (for example) मजबूत मोटे कोणीय ब्लॉकी (strong coarse angular blocky), मध्यम पतले प्लेटी (moderate thin platy), कमजोर महीन प्रिज्मीय (weak fine prismatic)।

मृदा संरचना को प्रभावित करने वाले कारक (Factors Affecting Soil Structure)

कृषि योग्य मिट्टी (arable soil) में संरचना का विकास (development) निम्नलिखित कारकों (following factors) पर निर्भर करता है:

  1. जलवायु (Climate): जलवायु का एकत्रीकरण की डिग्री (degree of aggregation) के साथ-साथ संरचना के प्रकार (type of structure) पर काफी प्रभाव (considerable influence) पड़ता है। शुष्क क्षेत्रों (arid regions) में प्राथमिक कणों (primary particles) का एकत्रीकरण (aggregation) बहुत कम (very little) होता है। अर्ध-शुष्क क्षेत्रों (semi arid regions) में, एकत्रीकरण की डिग्री अधिक (greater) होती है।
  2. कार्बनिक पदार्थ (Organic matter): कार्बनिक पदार्थ रेतीली मिट्टी (sandy soil) के साथ-साथ मिट्टी (clay soil) की संरचना में सुधार (improves) करता है। रेतीली मिट्टी के मामले में, विघटित कार्बनिक पदार्थ (decomposing organic matter) और संबंधित सूक्ष्मजीव (associated microorganism) द्वारा उत्पादित चिपचिपा पदार्थ (sticky and slimy material) रेत के कणों (sand particles) को एक साथ बांधकर समुच्चय (aggregates) बनाते हैं। मिट्टी वाली मिट्टी (clayey soil) के मामले में, यह इसके सामंजस्य (cohesiveness) को कम करके मिट्टी के गुणों (properties of clay) को संशोधित (modifies) करता है। इससे मिट्टी अधिक भुरभुरी (crumby) हो जाती है।
  3. जुताई (Tillage): खेती के उपकरण (Cultivation implements) बड़े ढेलों (large clods) को छोटे टुकड़ों (smaller fragments) और समुच्चय (aggregates) में तोड़ देते हैं। अच्छी दानेदार और भुरभुरी संरचना (good granular and crumby structure) प्राप्त करने के लिए, मिट्टी में इष्टतम नमी सामग्री (optimum moisture content) आवश्यक (necessary) है। यदि नमी की मात्रा (moisture content) बहुत अधिक है तो यह सूखने पर बड़े ढेले (large clods) बना देगा। यदि यह बहुत कम है तो कुछ मौजूदा समुच्चय (existing aggregates) टूट (broken down) जाएंगे।
  4. पौधे, जड़ें और अवशेष (Plants, Roots and Residues):
  5. पशु (Animals): मिट्टी के जीवों (soil fauna) में केंचुए (earthworms), छछूंदर (moles) और कीड़े (insects) आदि जैसे छोटे जानवर, जो मिट्टी में बिल (burrow) बनाते हैं, मुख्य एजेंट (chief agents) हैं जो महीन कणों (finer particles) के एकत्रीकरण (aggregation) में भाग लेते हैं।
  6. रोगाणु (Microbes): शैवाल (Algae), कवक (fungi), एक्टिनोमाइसेट्स (actinomycetes) और कवक मिट्टी के कणों को एक साथ (together) रखते हैं। कवक और एक्टिनोमाइसेट्स मायसेलिया (mycelia) द्वारा यांत्रिक बंधन (mechanical binding) लगाते हैं, अपघटन के उत्पादों (products of decomposition) द्वारा सीमेंटेशन (Cementation) और बैक्टीरिया (bacteria) द्वारा संश्लेषित सामग्री (materials synthesized)।
  7. उर्वरक (Fertilizers): सोडियम नाइट्रेट (Sodium Nitrate) जैसे उर्वरक समुच्चय की स्थिरता (stability of aggregates) को कम करके दानेदार बनाने (granulation) को नष्ट (destroys) कर देते हैं। कुछ उर्वरक (Few fertilizers) उदाहरण के लिए, अच्छी संरचनाओं (good structures) के विकास में मदद (help) कर सकते हैं (CAN)।
  8. गीला करना और सुखाना (Wetting and drying): जब एक सूखी मिट्टी (dry soil) को गीला (wetted) किया जाता है, तो पानी को अवशोषित (absorbing water) करने पर मिट्टी के कोलाइड (soil colloids) फूल (swell) जाते हैं। सूखने (drying) पर, सिकुड़न (shrinkage) मिट्टी के द्रव्यमान में तनाव (strains) पैदा करता है जिससे दरारें (cracks) पैदा होती हैं, जो इसे ढेलों (clods) और विभिन्न आकारों की कणिकाओं (granules of various sizes) में तोड़ देती हैं।
  9. विनिमेय धनायन (Exchangeable cations):
  10. अकार्बनिक सीमेंट (Inorganic cements): $CaCO_3$ और सेस्क्यूऑक्साइड (Sesquioxides)।
  11. मिट्टी (Clay)
  12. पानी (Water)

अन्य भौतिक गुणों पर मृदा संरचना का प्रभाव (Effect of Soil Structure on other Physical Properties)

संरचना का महत्व (Importance of Structure)

मृदा संरचना विभिन्न आकारों और आकृतियों के छिद्रों (pores of various shapes and sizes) की एक सरणी (array) के निर्माण द्वारा अप्रत्यक्ष रूप से (indirectly) प्रभावित (influences) करती है। ये छिद्र मिट्टी में पानी, हवा और तापमान (water, air and temperature) को नियंत्रित (governing) करने वाले नियंत्रित कारक (controlling factors) हैं।

पौधे के विकास के संबंध में मृदा संरचना की भूमिका (The role of soil structure in relation to plant growth)

मृदा पेड्स के आकार द्वारा विभेदित मृदा संरचना का वर्ग (Class of Soil Structure as differentiated by size of soil peds) (मिमी में)

वर्ग (Class)प्लेटी (Platy)प्रिज्मीय (Prismatic)स्तंभकार (Columnar)ब्लॉकी (Blocky)S.A. ब्लॉकी (S.A.Blocky)दानेदार (Granular)क्रम्ब (Crumb)
बहुत महीन या बहुत पतला (V.Fine or V.Thin)<1<10<10<5<5<1<1
महीन या पतला (Fine or Thin)1-210-2010-205-105-101-21-2
मध्यम (Medium)2-520-5020-5010-2010-202-52-5
मोटा या गाढ़ा (Coarse or Thick)5-1050-10050-10020-5020-505-10-
बहुत मोटा या बहुत गाढ़ा (V.C or V.Thick)>10>100>100>50>50>10-
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह स्टडी मटेरियल ICAR के मूल कंटेंट का हिंदी अनुवाद है। हम इसकी पूर्ण सटीकता के लिए उत्तरदायी नहीं हैं। यह फाइल अभी केवल सुधार और परीक्षण (Improvement Purpose) के लिए यहाँ उपलब्ध कराई गई है। बहुत जल्द हम इसे डाउनलोड करने के लिए PDF फॉर्मेट में अपडेट करेंगे।

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