गुण (Attributes) - संबंध तालिका / कंटिंजेंसी तालिका (Contingency Table) - 2x2 संबंध तालिका - गुणों की स्वतंत्रता का परीक्षण (Test for Independence of Attributes) - मेंडेलियन अनुपात के आसंजन की श्रेष्ठता का परीक्षण (Test for Goodness of Fit of Mendelian Ratio)
गुणात्मक आंकड़ों अथवा गुणों (Attributes) जैसे रोग प्रतिरोधकता, बीजों का रंग, अंकुरण स्थिति आदि के विश्लेषण में \(t\) और \(F\) जैसे प्राचलिक परीक्षणों (Parametric Tests) का प्रयोग नहीं किया जा सकता। इनके स्थान पर अप्राचलिक काई-स्क्वायर परीक्षण (\( \chi^2 \)-Test) का प्रयोग किया जाता है। जब हमें यह जांचना हो कि क्या प्रेक्षित आवृत्तियों (Observed Frequencies) का कोई समुच्चय किसी सैद्धांतिक परिकल्पना के प्रत्याशित मानों (Expected Values) से मेल खाता है, तो \(\chi^2\)-सांख्यिकी प्रेक्षित और प्रत्याशित आवृत्तियों के बीच समझौते का एक सशक्त माप प्रस्तुत करती है।
\(\chi^2\)-परीक्षण के प्रमुख अनुप्रयोग निम्नलिखित हैं:
सैद्धांतिक अपेक्षाओं और प्रायोगिक परिणामों के बीच विचलन की सार्थकता की जांच के लिए प्रो. कार्ल पियर्सन (Prof. Karl Pearson) ने वर्ष 1900 में इस परीक्षण का प्रतिपादन किया था। इसे "आसंजन की श्रेष्ठता का काई-स्क्वायर परीक्षण" कहा जाता है।
यदि \(O_i\) (\(i=1,2,\dots,n\)) प्रेक्षित आवृत्तियां हों तथा \(E_i\) (\(i=1,2,\dots,n\)) संगत प्रत्याशित आवृत्तियां हों, तो परीक्षण सांख्यिकी:
यह सांख्यिकी \((n-1)\) स्वतंत्रता की कोटि (Degrees of Freedom) के साथ \(\chi^2\)-वितरण का अनुसरण करती है। उल्लेखनीय है कि \(\chi^2\)-परीक्षण में सदैव एकपक्षीय परीक्षण (One-tailed Test) का प्रयोग किया जाता है।
कृषि उदाहरण: पादप प्रजनन में यह जांचना कि क्या संतति में प्राप्त विभिन्न लक्षणों के पृथक्करण अनुपात (Segregation Ratios) मेंडल के 3:1 या 9:3:3:1 के सैद्धांतिक नियमों के अनुरूप हैं अथवा नहीं।
\(\chi^2\)-परीक्षण की सांख्यिकीय वैधता के लिए निम्नलिखित शर्तों का पूरा होना आवश्यक है:
उदाहरण 1 (Example 1):
हीमोसाइटोमीटर (Haemocytometer) के वर्ग में गिनी गई यीस्ट कोशिकाओं (Yeast Cells) की प्रेक्षित आवृत्तियों की तुलना सैद्धांतिक प्रत्याशित आवृत्तियों से की गई है। क्या प्रायोगिक परिणाम सैद्धांतिक वितरण का समर्थन करते हैं?
| वर्ग में यीस्ट कोशिकाओं की संख्या | प्रेक्षित आवृत्ति (\(O_i\)) | प्रत्याशित आवृत्ति (\(E_i\)) |
|---|---|---|
| 0 | 103 | 106 |
| 1 | 143 | 141 |
| 2 | 98 | 93 |
| 3 | 42 | 41 |
| 4 | 8 | 14 |
| 5 | 6 | 5 |
| कुल योग (\(N\)) | 400 | 400 |
हल (Solution):
शून्य परिकल्पना (\(H_0\)): प्रायोगिक परिणाम सैद्धांतिक वितरण के पूर्णतः अनुरूप हैं (आसंजन श्रेष्ठ है)।
वैकल्पिक परिकल्पना (\(H_1\)): प्रायोगिक परिणाम सैद्धांतिक वितरण के अनुरूप नहीं हैं।
सार्थकता स्तर: 5%
परीक्षण सांख्यिकी की गणना:
| \(O_i\) | \(E_i\) | \((O_i - E_i)\) | \((O_i - E_i)^2\) | \(\frac{(O_i - E_i)^2}{E_i}\) |
|---|---|---|---|---|
| 103 | 106 | -3 | 9 | 0.0849 |
| 143 | 141 | 2 | 4 | 0.0284 |
| 98 | 93 | 5 | 25 | 0.2688 |
| 42 | 41 | 1 | 1 | 0.0244 |
| 8 | 14 | -6 | 36 | 2.5714 |
| 6 | 5 | 1 | 1 | 0.2000 |
| परिकलित काई-स्क्वायर मान (\(\chi^2_{cal}\)) | 3.1779 | |||
स्वतंत्रता की कोटि \(df = n - 1 = 6 - 1 = 5\)। 5% सार्थकता स्तर पर 5 \(df\) के लिए \(\chi^2\) का सारणी मान \(\chi^2_{tab} = 11.070\) है।
निष्कर्ष: चूँकि परिकलित मान सारणी मान से काफी कम है (\(\chi^2_{cal} = 3.1779 < \chi^2_{tab} = 11.070\)), अतः शून्य परिकल्पना \(H_0\) स्वीकार की जाती है। हम निष्कर्ष निकालते हैं कि प्रायोगिक प्रेक्षण और सैद्धांतिक वितरण में उत्तम सामंजस्य है।
जब दो गुणात्मक विशेषताओं (गुणों) के बीच किसी संबंध अथवा सहचर्य की जांच करनी हो, तो आंकड़ों को संबंध तालिका / कंटिंजेंसी तालिका (Contingency Table) में व्यवस्थित किया जाता है।
कृषि उदाहरण: एक कीटविज्ञानी कीटनाशक रसायन की विभिन्न सांद्रताओं (\(m\) वर्ग: \(A_1, A_2, \dots, A_m\)) का कीड़ों के मरने की स्थिति (\(n\) वर्ग: मारे गए एवं जीवित - \(B_1, B_2, \dots, B_n\)) पर प्रभाव जानना चाहता है। इसे \(m \times n\) संबंध तालिका कहते हैं, जिसमें कुल \(m \times n\) कोष्ठ (Cells) होते हैं।
प्रत्येक कोष्ठ के प्रेक्षित मान \(O_{ij}\) के लिए संगत प्रत्याशित आवृत्ति (\(E_{ij}\)) की गणना इस सूत्र से की जाती है:
परीक्षण सांख्यिकी:
यह सांख्यिकी \((r - 1)(c - 1)\) स्वतंत्रता की कोटि के साथ \(\chi^2\)-वितरण का अनुसरण करती है (जहाँ \(r\) पंक्तियों की संख्या तथा \(c\) स्तंभों की संख्या है)।
जब दो गुणों में प्रत्येक के केवल दो वर्ग हों (2 पंक्तियां और 2 स्तंभ), तो इसे 2x2 संबंध तालिका कहते हैं:
| गुण A \ गुण B | \(B_1\) | \(B_2\) | पंक्ति योग (Row Total) |
|---|---|---|---|
| \(A_1\) | \(a\) | \(b\) | \(a + b = r_1\) |
| \(A_2\) | \(c\) | \(d\) | \(c + d = r_2\) |
| स्तंभ योग (Column Total) | \(a + c = c_1\) | \(b + d = c_2\) | \(N = a + b + c + d\) |
2x2 तालिका के लिए \(\chi^2\) का सीधा लघु सूत्र (Shortcut Formula):
इसके साथ संबद्ध स्वतंत्रता की कोटि \(df = (2 - 1)(2 - 1) = 1\) होती है।
यदि 2x2 तालिका के किसी भी कोष्ठ में प्रेक्षित या प्रत्याशित आवृत्ति 5 से कम (\(< 5\)) हो, तो \(\chi^2\) के मान को सतत बनाने के लिए येट्स का संशोधन लागू किया जाता है। इसके तहत तिरछे गुणनफलों के अंतर में से \(N/2\) घटाया जाता है:
उदाहरण 2 (Example 2):
1500 रोगियों पर किए गए एक अध्ययन में रोग की गंभीरता (गंभीर, मध्यम, हल्का) और रक्त समूह (O, A, B, AB) के संबंध का परीक्षण किया गया। क्या रोग की गंभीरता और रक्त समूह आपस में संबंधित हैं?
| रोग की स्थिति | O | A | B | AB | पंक्ति योग |
|---|---|---|---|---|---|
| गंभीर (Severe) | 51 | 40 | 10 | 9 | 110 |
| मध्यम (Moderate) | 105 | 103 | 25 | 17 | 250 |
| हल्का (Mild) | 384 | 527 | 125 | 104 | 1140 |
| स्तंभ योग | 540 | 670 | 160 | 130 | 1500 |
हल (Solution):
\(H_0\): रोग की गंभीरता और रक्त समूह परस्पर स्वतंत्र हैं (कोई संबंध नहीं है)।
\(H_1\): दोनों गुण स्वतंत्र नहीं हैं (आपस में संबंधित हैं)।
सार्थकता स्तर = 5%
प्रत्येक कोष्ठ की प्रत्याशित आवृत्ति \(E_{ij} = \frac{r_i \times c_j}{N}\) की गणना कर सूत्र \(\sum \frac{(O - E)^2}{E}\) लगाने पर प्राप्त मान:
स्वतंत्रता की कोटि \(df = (3 - 1)(4 - 1) = 2 \times 3 = 6\)। 5% स्तर पर 6 \(df\) के लिए सारणी मान \(\chi^2_{tab} = 12.59\) है।
निष्कर्ष: चूँकि \(\chi^2_{cal} = 12.2347 < \chi^2_{tab} = 12.59\), अतः शून्य परिकल्पना \(H_0\) स्वीकार की जाती है। रोग की गंभीरता का रक्त समूह से कोई सार्थक संबंध नहीं है।
उदाहरण 3 (Example 3):
कपास के बीजों के अंकुरण पर रासायनिक उपचार के प्रभाव का अध्ययन किया गया। क्या रासायनिक उपचार कपास के बीजों की अंकुरण दर में सुधार करता है?
| उपचार समूह | अंकुरित | अनअंकुरित | कुल योग |
|---|---|---|---|
| रासायनिक उपचारित | 118 (\(a\)) | 22 (\(b\)) | 140 (\(a+b\)) |
| अनुपचारित (नियंत्रण) | 120 (\(c\)) | 40 (\(d\)) | 160 (\(c+d\)) |
| कुल योग | 238 (\(a+c\)) | 62 (\(b+d\)) | 300 (\(N\)) |
हल (Solution):
\(H_0\): रासायनिक उपचार और अंकुरण दर में कोई संबंध नहीं है (अंकुरण में सुधार नहीं करता)।
\(H_1\): रासायनिक उपचार अंकुरण दर में सार्थक सुधार करता है।
सार्थकता स्तर = 1%
2x2 लघु सूत्र का प्रयोग करने पर:
1% सार्थकता स्तर पर 1 \(df\) के लिए सारणी मान \(\chi^2_{tab} = 6.635\) है।
निष्कर्ष: चूँकि \(\chi^2_{cal} = 3.927 < \chi^2_{tab} = 6.635\), अतः शून्य परिकल्पना \(H_0\) स्वीकार की जाती है। 1% सार्थकता स्तर पर रासायनिक उपचार से कपास के बीजों के अंकुरण में कोई सार्थक सुधार सिद्ध नहीं होता।
उदाहरण 4 (येट्स के संशोधन का प्रयोग):
खरबूजे में फल लगने (Fruit Setting) पर पादप वृद्धि नियामक के प्रभाव के प्रयोग में निम्नलिखित परिणाम प्राप्त हुए। 1% स्तर पर जांचिए कि क्या फल लगना वृद्धि नियामक से स्वतंत्र है?
| उपचार | फल लगे | फल नहीं लगे | कुल योग |
|---|---|---|---|
| उपचारित | 16 (\(a\)) | 9 (\(b\)) | 25 |
| नियंत्रण (Control) | 4 (\(c\)) | 21 (\(d\)) | 25 |
| कुल योग | 20 | 30 | 50 (\(N\)) |
हल (Solution):
चूँकि नियंत्रण समूह में फल लगने वाले कोष्ठ की प्रेक्षित आवृत्ति \(c = 4 < 5\) है, अतः यहाँ येट्स का संशोधन लागू होगा:
1% सार्थकता स्तर पर 1 \(df\) के लिए सारणी मान \(\chi^2_{tab} = 6.635\) है।
निष्कर्ष: चूँकि \(\chi^2_{cal} = 10.08 > \chi^2_{tab} = 6.635\), अतः शून्य परिकल्पना \(H_0\) अस्वीकार की जाती है। हम निष्कर्ष निकालते हैं कि खरबूजे में फल लगना वृद्धि नियामक से स्वतंत्र नहीं है; वृद्धि नियामक का प्रयोग खरबूजे में फल लगने की दर में सार्थक वृद्धि करता है।
\(\chi^2\) का परिकलित मान सदैव कैसा होता है?
(a) सदैव धनात्मक (Always Positive)
(b) सदैव ऋणात्मक (Always Negative)
(c) धनात्मक या ऋणात्मक कुछ भी
(d) शून्य से कम
उत्तर (Ans): (a) सदैव धनात्मक (Always Positive - क्योंकि यह वर्गों का योग होता है)
क्रम (4 × 3) की संबंध तालिका (Contingency Table) के मामले में \(\chi^2\) के लिए स्वतंत्रता की कोटि (Degrees of Freedom) क्या होगी?
(a) 12
(b) 7
(c) 6
(d) 11
उत्तर (Ans): (c) 6 (सूत्र: \((r - 1)(c - 1) = (4 - 1)(3 - 1) = 3 \times 2 = 6\))