पूर्ण यादृच्छिक अभिकल्पना (Completely Randomized Design - CRD)

व्याख्यान 15 (Lecture 15)

पूर्ण यादृच्छिक अभिकल्पना - विवरण (Description) - लेआउट (Layout) - प्रसरण विश्लेषण (Analysis of Variance) - लाभ (Advantages) तथा हानियां (Disadvantages)

पूर्ण यादृच्छिक अभिकल्पना (Completely Randomized Design - CRD)

CRD सबसे बुनियादी और सरल एकल-कारक प्रायोगिक अभिकल्पना (Single Factor Experimental Design) है। इस अभिकल्पना में सभी उपचारों (Treatments) को संपूर्ण प्रायोगिक इकाइयों (Plots) पर पूर्णतः यादृच्छिक रूप से आवंटित किया जाता है, जिससे प्रत्येक प्रायोगिक इकाई को कोई भी उपचार प्राप्त होने का समान अवसर होता है।

CRD केवल तभी उपयुक्त होती है जब संपूर्ण प्रायोगिक सामग्री पूर्ण रूप से समरूप/सजातीय (Homogeneous) हो। चूँकि खुले खेतों में मृदा उर्वरता की विषमता बहुत अधिक होती है, इसलिए क्षेत्रीय प्रयोगों (Field Experiments) में CRD का उपयोग नहीं किया जाता है।

यह अभिकल्पना मुख्य रूप से प्रयोगशाला प्रयोगों (Laboratory Experiments), ग्रीनहाउस अध्ययनों (Greenhouse Studies), गमलों के परीक्षणों तथा पशु पोषण प्रयोगों के लिए अत्यंत उपयोगी है, जहाँ प्रायोगिक वातावरण व सामग्री को समरूप बनाए रखना संभव होता है।

CRD का लेआउट (Layout of a CRD)

पूर्ण यादृच्छिक अभिकल्पना में सभी प्रायोगिक इकाइयों को बिना किसी खंड (Block) के एक ही सजातीय समूह में रखा जाता है।

विभिन्न इकाइयों को उपचार आवंटित करने की यादृच्छीकरण प्रक्रिया निम्नलिखित चरणों में पूरी की जाती है:

  1. चरण 1 (Step 1): प्रयोग में आवश्यक कुल प्रायोगिक इकाइयों (प्लॉटों) की संख्या \( N \) निर्धारित करें (\( N = \sum r_i \) या समान पुनरावृत्ति पर \( N = t \times r \))।
  2. चरण 2 (Step 2): सभी प्लॉटों को क्रमबद्ध रूप से 1 से \( N \) तक प्लॉट संख्या (Plot Number) प्रदान करें।
  3. चरण 3 (Step 3): यादृच्छिक संख्या सारणी (Random Number Table), लॉटरी विधि या कंप्यूटर द्वारा प्रत्येक प्लॉट को यादृच्छिक रूप से उपचार निर्दिष्ट करें।

प्रति इकाई एक प्रेक्षण के साथ CRD का सांख्यिकीय मॉडल (Statistical Model for CRD)

$$ Y_{ij} = \mu + t_i + e_{ij} $$

जहाँ:

CRD में आंकड़ों की सारणीबद्ध व्यवस्था (Arrangement of Data in CRD)

उपचार (Treatments) \( T_1 \) \( T_2 \) \( \dots \) \( T_i \) \( \dots \) \( T_k \)
प्रेक्षण (Observations) \( y_{11} \) \( y_{21} \) \( \dots \) \( y_{i1} \) \( \dots \) \( y_{k1} \)
\( y_{12} \) \( y_{22} \) \( \dots \) \( y_{i2} \) \( \dots \) \( y_{k2} \)
\( \dots \) \( \dots \) \( \dots \) \( \dots \) \( \dots \) \( \dots \)
\( y_{1r_1} \) \( y_{2r_2} \) \( \dots \) \( y_{ir_i} \) \( \dots \) \( y_{kr_k} \)
कुल योग (Total) \( Y_1 \) \( Y_2 \) \( \dots \) \( Y_i \) \( \dots \) \( Y_k \)

सभी प्रेक्षणों का कुल महायोग (Grand Total) = GT

शून्य परिकल्पना (Null Hypothesis):
\( H_0: \mu_1 = \mu_2 = \dots = \mu_k \) (अर्थात् सभी उपचारों के प्रभाव समान हैं)

वैकल्पिक परिकल्पना (Alternative Hypothesis):
\( H_1: \) कम से कम दो उपचारों के प्रभाव में सार्थक अंतर है।

CRD के लिए प्रसरण विश्लेषण (ANOVA) की गणना के चरण:

1. संशोधन गुणांक (Correction Factor - CF):

$$ CF = \frac{(GT)^2}{N} $$

जहाँ \( N = \sum r_i \) (कुल प्रेक्षणों की संख्या)

2. कुल वर्गों का योग (Total Sum of Squares - TSS):

$$ TSS = \sum_{i=1}^{k} \sum_{j=1}^{r_i} y_{ij}^2 - CF $$

3. उपचार वर्गों का योग (Treatment Sum of Squares - TrSS):

$$ TrSS = \sum_{i=1}^{k} \frac{Y_i^2}{r_i} - CF $$

4. प्रायोगिक त्रुटि वर्गों का योग (Error Sum of Squares - ESS):

$$ ESS = TSS - TrSS $$

5. CRD हेतु प्रसरण विश्लेषण (ANOVA) तालिका:

प्रसरण के स्रोत (Sources of Variation) स्वतंत्रता की कोटि (d.f.) वर्गों का योग (SS) माध्य वर्ग योग (MSS) F-अनुपात (परिकलित)
उपचार (Treatments) \( t - 1 \) \( TrSS \) \( TrMS = \frac{TrSS}{t - 1} \) \( \frac{TrMS}{EMS} \)
प्रायोगिक त्रुटि (Error) \( N - t \) \( ESS \) \( EMS = \frac{ESS}{N - t} \)
कुल (Total) \( N - 1 \) \( TSS \)

6. सार्थकता परीक्षण: परिकलित F-मान की तुलना \( (t-1) \) और \( (N-t) \) स्वतंत्रता की कोटि पर 5% या 1% सार्थकता स्तर के सारणीकृत F-मान से की जाती है। यदि परिकलित F-मान अधिक हो, तो शून्य परिकल्पना \( H_0 \) अस्वीकार हो जाती है।

7. यदि उपचार प्रभाव सार्थक (Significant) पाया जाता है, तो उपचार माध्यों की तुलना हेतु क्रांतिक अंतर की गणना की जाती है।

8. क्रांतिक अंतर (Critical Difference - CD / LSD):

$$ CD = SE_d \times t_{\alpha} $$

जहाँ अंतर की मानक त्रुटि \( SE_d = \sqrt{EMS \left(\frac{1}{r_i} + \frac{1}{r_j}\right)} \)
समान पुनरावृत्ति (\( r \)) की स्थिति में: \( SE_d = \sqrt{\frac{2 \times EMS}{r}} \)
\( t_{\alpha} \) त्रुटि की स्वतंत्रता की कोटि (\( N - t \)) पर निर्दिष्ट सार्थकता स्तर (5% या 1%) पर \( t \) का सारणीकृत मान है।

CRD के लाभ (Advantages of a CRD)

  1. इसका लेआउट और यादृच्छीकरण अत्यंत सरल एवं आसान है।
  2. इस अभिकल्पना में पूर्ण लचीलापन (Complete Flexibility) होता है; उपचारों तथा पुनरावृत्तियों की संख्या इच्छानुसार (समान या असमान) रखी जा सकती है।
  3. संपूर्ण उपलब्ध प्रायोगिक सामग्री का पूर्ण उपयोग किया जा सकता है।
  4. यह अभिकल्पना प्रायोगिक त्रुटि के लिए अधिकतम स्वतंत्रता की कोटि (Maximum Degrees of Freedom) प्रदान करती है, जिससे परीक्षण की सांख्यिकीय दक्षता बढ़ती है।
  5. इसका प्रसरण विश्लेषण अन्य सभी अभिकल्पनाओं की तुलना में सबसे सरल है।
  6. यदि कुछ प्लॉटों के आंकड़े नष्ट या लुप्त (Missing Data) हो जाएं, तब भी विश्लेषण आसानी से किया जा सकता है।

CRD की हानियां / सीमाएं (Disadvantages of a CRD)

  1. क्षेत्रीय प्रयोगों (Field Experiments) में समरूप प्लॉट प्राप्त करना अत्यंत कठिन होता है, इसलिए यह कृषि क्षेत्रीय प्रयोगों के लिए उपयुक्त नहीं है।
  2. स्थानीय नियंत्रण का अभाव होने के कारण अन्य अभिकल्पनाओं (RBD, LSD) की तुलना में इसकी परिशुद्धता (Precision) कम होती है।

प्रश्न (Questions)

  1. CRD का उपयोग किसके साथ किया जा सकता है:

    (a) समान पुनरावृत्ति (Equal Replication)
    (b) असमान पुनरावृत्ति (Unequal Replication)
    (c) समान और असमान दोनों पुनरावृत्ति
    (d) एकल पुनरावृत्ति

    उत्तर (Ans): (c) समान और असमान दोनों पुनरावृत्ति

  2. जब 5 उपचार हों और प्रत्येक को 4 बार दोहराया (Replicated) गया हो, तो कुल प्रायोगिक प्लॉटों की संख्या क्या होगी:

    (a) 5
    (b) 4
    (c) 9
    (d) 20

    उत्तर (Ans): (d) 20

  3. CRD में त्रुटि की स्वतंत्रता की कोटि \( rt-1 \) होती है। असत्य (False) (यह \( N - t \) या \( t(r-1) \) होती है)
  4. CRD को केवल तभी अपनाया जा सकता है जब प्रायोगिक सामग्री समरूप (Homogeneous) हो। सत्य (True)
  5. CRD एक एकल-कारक प्रयोग (Single Factor Experiment) है। सत्य (True)
  6. CRD में कुल वर्गों का योग उपचार SS, पुनरावृत्ति SS और त्रुटि SS में विभाजित होता है। असत्य (False) (इसमें पुनरावृत्ति SS नहीं होता है)
  7. CRD के कोई दो प्रमुख लाभ बताइए।
  8. जब CRD में उपचारों की संख्या अधिक हो, तो प्रयोग की परिशुद्धता पर क्या प्रभाव पड़ता है?
  9. CRD के लेआउट तथा यादृच्छीकरण की विधि को समझाइए।
  10. CRD के सांख्यिकीय मॉडल तथा प्रसरण विश्लेषण (ANOVA) की गणना विधि की व्याख्या कीजिए।
🔄 संस्करण 2.0 अद्यतन (Version 2.0 Update)
अंतिम अद्यतन (Last Updated): 7 सितंबर 2026
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