सहसंबंध (Correlation)

व्याख्यान 12 (Lecture 12)

सहसंबंध (Correlation) - परिभाषा - विक्षेप आरेख (Scatter Diagram) - कार्ल पियर्सन का सहसंबंध गुणांक (Karl Pearson’s Correlation Coefficient) - सहसंबंध गुणांक के गुण (Properties of Correlation Coefficient)

सहसंबंध की अवधारणा (Concept of Correlation)

दो या दो से अधिक चरों के मध्य पाए जाने वाले पारस्परिक सांख्यिकीय संबंध के अध्ययन को सहसंबंध (Correlation) कहते हैं। कृषि अनुसंधान प्रयोगों में जब एक साथ दो संबंधित चरों (जैसे पौधे की ऊंचाई एवं दाना उपज, अथवा नाइट्रोजन उर्वरक की मात्रा एवं प्रोटीन प्रतिशत) पर आंकड़े एकत्र किए जाते हैं, तो उनके संयुक्त वितरण को द्विचर प्रसामान्य वितरण (Bivariate Normal Distribution) कहा जाता है। यदि दो से अधिक चर शामिल हों, तो उनके संयुक्त वितरण को बहुचर प्रसामान्य वितरण (Multivariate Normal Distribution) कहते हैं।

द्विचर अथवा बहुचर विश्लेषण में हम चरों के बीच संबंध की दिशा (Direction) और परिमाण (Magnitude) को मापने के लिए सहसंबंध विश्लेषण का प्रयोग करते हैं।

यदि एक चर \(X\) में परिवर्तन होने पर दूसरे चर \(Y\) में भी एक व्यवस्थित परिवर्तन होता है, तो चरों को सहसंबद्ध (Correlated) कहा जाता है:

विक्षेप आरेख (Scatter Diagram)

दो चरों के मध्य संबंध के स्वरूप और दिशा की त्वरित आरेखीय जांच के लिए विक्षेप आरेख (Scatter Diagram) का प्रयोग किया जाता है। यदि प्रेक्षित युग्मों \((x_1, y_1), (x_2, y_2), \dots, (x_n, y_n)\) को ग्राफ के \(X\)-अक्ष और \(Y\)-अक्ष पर बिंदुओं (Dots) के रूप में आलेखित किया जाए, तो प्राप्त बिंदु-चित्र को विक्षेप आरेख कहते हैं।

विक्षेप आरेख से सहसंबंध के विभिन्न स्वरूपों की पहचान होती है:

  1. पूर्ण धनात्मक सहसंबंध (Perfect Positive Correlation - \(r = +1\)): सभी बिंदु नीचे बाएं कोने से ऊपर दाएं कोने की ओर एक सरल रेखा में स्थित होते हैं।
  2. धनात्मक सहसंबंध (Positive Correlation - \(0 < r < 1\)): बिंदु नीचे बाएं से ऊपर दाएं की ओर उठती हुई एक पट्टी के रूप में फैले होते हैं।
  3. पूर्ण ऋणात्मक सहसंबंध (Perfect Negative Correlation - \(r = -1\)): सभी बिंदु ऊपर बाएं कोने से नीचे दाएं कोने की ओर गिरती हुई एक सीधी रेखा में होते हैं।
  4. ऋणात्मक सहसंबंध (Negative Correlation - \(-1 < r < 0\)): बिंदु ऊपर बाएं से नीचे दाएं की ओर गिरती हुई पट्टी के रूप में फैले होते हैं।
  5. शून्य सहसंबंध (No Correlation - \(r = 0\)): बिंदु पूरे आरेख पर बिना किसी निश्चित दिशा या क्रम के बेतरतीब ढंग से फैले होते हैं।
  6. वक्ररेखीय सहसंबंध (Curvilinear / Non-linear Correlation): बिंदु किसी सरल रेखा के बजाय वक्र (Curve) के आकार में व्यवस्थित होते हैं।

कार्ल पियर्सन का सहसंबंध गुणांक (Karl Pearson’s Correlation Coefficient)

दो सतत चरों के मध्य पाए जाने वाले रैखिक संबंध की घनिष्ठता (Degree of Linear Relationship) के संख्यात्मक माप को सहसंबंध गुणांक (Correlation Coefficient) कहते हैं। प्रतिदर्श के लिए इसे \(r\) तथा समष्टि के लिए \(\rho\) द्वारा प्रदर्शित किया जाता है। इसकी खोज प्रसिद्ध सांख्यिकीविद् कार्ल पियर्सन (Karl Pearson) ने की थी, अतः इसे पियर्सन का सहसंबंध गुणांक या गुणन आघूर्ण सहसंबंध गुणांक (Product Moment Correlation Coefficient) भी कहा जाता है।

सहसंबंध गुणांक \(r\) दो चरों \(X\) और \(Y\) के सहप्रसरण (Covariance) तथा उनके मानक विचलनों के गुणनफल का अनुपात होता है:

$$ r = \frac{\text{Cov}(X,Y)}{\sigma_x \sigma_y} $$

व्यावहारिक गणना हेतु सूत्र:

$$ r = \frac{\sum (x - \bar{x})(y - \bar{y})}{\sqrt{\sum (x - \bar{x})^2 \sum (y - \bar{y})^2}} = \frac{\sum xy - \frac{(\sum x)(\sum y)}{n}}{\sqrt{\left(\sum x^2 - \frac{(\sum x)^2}{n}\right) \left(\sum y^2 - \frac{(\sum y)^2}{n}\right)}} $$

यहाँ सूत्र के अंश को गुणनफलों का योग अर्थात \(SP(XY)\) कहते हैं। हर में प्रथम पद को \(X\) के वर्गों का योग \(SS(X)\) तथा द्वितीय पद को \(Y\) के वर्गों का योग \(SS(Y)\) कहा जाता है:

$$ r = \frac{SP(XY)}{\sqrt{SS(X) \cdot SS(Y)}} $$

सूत्र का हर सदैव धनात्मक होता है, जबकि अंश धनात्मक या ऋणात्मक हो सकता है, जिससे \(r\) का मान धनात्मक या ऋणात्मक प्राप्त होता है।

सहसंबंध विश्लेषण की मूल मान्यताएं (Assumptions in Correlation Analysis)

  1. अध्ययन किए जाने वाले चर सतत यादृच्छिक चर हैं और वे प्रसामान्य रूप से वितरित (Normally Distributed) हैं।
  2. चरों के बीच संबंध रैखिक (Linear) है।
  3. अवलोकनों का प्रत्येक युग्म परस्पर स्वतंत्र रूप से चयनित किया गया है।

सहसंबंध गुणांक के प्रमुख गुण (Properties of Correlation Coefficient)

  1. सहसंबंध गुणांक का मान सदैव -1 और +1 के बीच सीमित रहता है (\(-1 \le r \le +1\))।
  2. मूल बिंदु और पैमाने के परिवर्तन से स्वतंत्रता: सहसंबंध गुणांक मूल बिंदु (Origin - जोड़ना/घटाना) तथा पैमाने (Scale - गुणा/भाग) के परिवर्तन से पूर्णतः अप्रभावित रहता है।
  3. सहसंबंध गुणांक एक शुद्ध संख्या (विमाहीन राशि) है; यह मापन की इकाइयों से स्वतंत्र होता है।
  4. सहसंबंध गुणांक सममित होता है; अर्थात \(r_{xy} = r_{yx}\)।
  5. यदि \(r = +1\), तो पूर्ण धनात्मक सहसंबंध; यदि \(r = -1\), तो पूर्ण ऋणात्मक सहसंबंध; यदि \(r = 0\), तो रैखिक सहसंबंध का अभाव होता है।
  6. सहसंबंध गुणांक दो प्रतिगमन गुणांकों (\(b_{yx}\) और \(b_{xy}\)) का गुणोत्तर माध्य होता है: \(r = \pm \sqrt{b_{yx} \cdot b_{xy}}\)।

सहसंबंध गुणांक की सार्थकता का परीक्षण (Testing the Significance of \( r \))

प्रतिदर्श से प्राप्त सहसंबंध गुणांक \(r\) की सांख्यिकीय सार्थकता का परीक्षण छात्र के \(t\)-परीक्षण (Student's t-Test) द्वारा किया जाता है।

शून्य परिकल्पना (\(H_0\)): \(\rho = 0\) (समष्टि में कोई वास्तविक सहसंबंध नहीं है)
वैकल्पिक परिकल्पना (\(H_1\)): \(\rho \neq 0\)
परीक्षण सांख्यिकी:

$$ t = \frac{r \sqrt{n-2}}{\sqrt{1 - r^2}} $$

यह सांख्यिकी \((n - 2)\) स्वतंत्रता की कोटि (Degrees of Freedom) के साथ \(t\)-वितरण का अनुसरण करती है।

निर्धारण गुणांक (Coefficient of Determination - \(r^2\)):
सहसंबंध गुणांक का वर्ग \(r^2\) निर्धारण गुणांक कहलाता है। यह दर्शाता है कि आश्रित चर \(Y\) में होने वाले कुल विचरण का कितना अनुपात स्वतंत्र चर \(X\) द्वारा व्याख्यायित होता है। उदाहरण के लिए, यदि \(r = 0.8\) हो, तो \(r^2 = 0.64\) (अर्थात उपज में 64% विचरण पौधे की ऊंचाई के कारण है)। शेष \((1 - r^2)\) को अलगाव गुणांक (Coefficient of Alienation) कहते हैं।

संख्यात्मक समस्या एवं हल (Problem & Solution)

समस्या: 10 बेतरतीब ढंग से चुने गए पौधों की ऊंचाई (सेमी, \(X\)) और उनकी उपज (किग्रा, \(Y\)) के नीचे दिए गए आंकड़ों के आधार पर पियर्सन के सहसंबंध गुणांक की गणना कीजिए तथा 5% सार्थकता स्तर पर इसकी सार्थकता का परीक्षण कीजिए:

पौधे की ऊंचाई (सेमी) (\(X\)) 39656290827525983678
उपज (किग्रा) (\(Y\)) 47535886626860915184

हल (Solution):
शून्य परिकल्पना (\(H_0\)): \(\rho = 0\) (ऊंचाई और उपज के बीच सहसंबंध सार्थक नहीं है)
वैकल्पिक परिकल्पना (\(H_1\)): \(\rho \neq 0\) (सहसंबंध सार्थक है)
सार्थकता स्तर: 5% (\(\alpha = 0.05\))

आंकड़ों का योग (\(n = 10\)):
\(\sum x = 650\)
\(\sum y = 660\)
\(\sum x^2 = 47648\)
\(\sum y^2 = 45784\)
\(\sum xy = 45604\)

वर्गों एवं गुणनफलों के योग की गणना:

$$ SP(XY) = \sum xy - \frac{(\sum x)(\sum y)}{n} = 45604 - \frac{650 \times 660}{10} = 45604 - 42900 = 2704 $$
$$ SS(X) = \sum x^2 - \frac{(\sum x)^2}{n} = 47648 - \frac{650^2}{10} = 47648 - 42250 = 5398 $$
$$ SS(Y) = \sum y^2 - \frac{(\sum y)^2}{n} = 45784 - \frac{660^2}{10} = 45784 - 43560 = 2224 $$

सहसंबंध गुणांक (\(r\)):

$$ r = \frac{SP(XY)}{\sqrt{SS(X) \cdot SS(Y)}} = \frac{2704}{\sqrt{5398 \times 2224}} = \frac{2704}{\sqrt{12005152}} = \frac{2704}{3464.845} = 0.7804 $$

यहाँ \(r = +0.7804\) प्राप्त हुआ, जो पौधे की ऊंचाई और उपज के बीच एक मजबूत धनात्मक सहसंबंध को दर्शाता है।

सार्थकता परीक्षण (\(t\)-परीक्षण):

$$ t_{cal} = \frac{r \sqrt{n-2}}{\sqrt{1 - r^2}} = \frac{0.7804 \times \sqrt{8}}{\sqrt{1 - (0.7804)^2}} = \frac{0.7804 \times 2.8284}{\sqrt{1 - 0.6090}} = \frac{2.2073}{\sqrt{0.3910}} = \frac{2.2073}{0.6253} = 3.53 $$

स्वतंत्रता की कोटि \(df = n - 2 = 10 - 2 = 8\)।
5% सार्थकता स्तर पर 8 \(df\) के लिए द्विपक्षीय सारणी मान \(t_{tab} = 2.306\) है।
निष्कर्ष: चूँकि परिकलित मान सारणी मान से अधिक है (\(t_{cal} = 3.53 > t_{tab} = 2.306\)), अतः शून्य परिकल्पना \(H_0\) अस्वीकार की जाती है। हम निष्कर्ष निकालते हैं कि सहसंबंध गुणांक सांख्यिकीय रूप से सार्थक है; अर्थात पौधे की ऊंचाई और दाना उपज में वास्तविक एवं घनिष्ठ धनात्मक सहसंबंध विद्यमान है।

प्रश्न (Questions)

  1. सहसंबंध गुणांक (\(r\)) की संख्यात्मक सीमाएं क्या होती हैं?

    (a) \( -1 \le r \le +1 \)
    (b) \( 0 \le r \le 1 \)
    (c) \( -1 \le r \le 0 \)
    (d) \( 1 \le r \le 2 \)

    उत्तर (Ans): (a) \( -1 \le r \le +1 \)

  2. सहसंबंध गुणांक किसके परिवर्तन से पूर्णतः अप्रभावित (स्वतंत्र) रहता है?

    (a) केवल मूल बिंदु (Origin)
    (b) केवल पैमाना (Scale)
    (c) मूल बिंदु और पैमाना दोनों (Both Origin & Scale)
    (d) इनमें से कोई नहीं

    उत्तर (Ans): (c) मूल बिंदु और पैमाना दोनों (Both Origin & Scale)

  3. जब \(r = +1\) होता है, तो चरों के मध्य पूर्ण धनात्मक सहसंबंध (Perfect Positive Correlation) होता है। सत्य (True)
  4. कार्ल पियर्सन का सहसंबंध गुणांक केवल तभी परिकलित किया जाता है जब दोनों चर सतत और प्रसामान्य रूप से वितरित हों। सत्य (True)
  5. दो चरों के मध्य सहसंबंध सममित (Symmetric) होता है, अर्थात \(r_{xy} = r_{yx}\)। सत्य (True)
  6. दो चरों के बीच सहसंबंध को बहुसहसंबंध कहा जाता है। असत्य (False) (दो चरों के मध्य संबंध को सरल सहसंबंध कहते हैं)
  7. विक्षेप आरेख (Scatter Diagram) क्या है? कृषि अनुसंधान में इसके उपयोग एवं महत्व को समझाइए।
  8. सहसंबंध (Correlation) की परिभाषा दीजिए तथा धनात्मक एवं ऋणात्मक सहसंबंध में अंतर स्पष्ट कीजिए।
  9. कार्ल पियर्सन के सहसंबंध गुणांक की गणना विधि एवं सूत्र की विस्तारपूर्वक व्याख्या कीजिए।
  10. सहसंबंध गुणांक के प्रमुख गणितीय गुणों (Properties) का बिंदुवार उल्लेख कीजिए।
🔄 संस्करण 2.0 अद्यतन (Version 2.0 Update)
अंतिम अद्यतन (Last Updated): 7 सितंबर 2026
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