क्रमगुणित प्रयोग (Factorial Experiments)
व्याख्यान 18 (Lecture 18)
क्रमगुणित प्रयोग (Factorial experiments) - कारक और स्तर (factor and levels) - प्रकार (types) - सममित और असममित (symmetrical and asymmetrical) - सरल, मुख्य और अंतःक्रिया प्रभाव (simple, main and interaction effects) - फायदे (advantages) और नुकसान (disadvantages)
क्रमगुणित प्रयोग (Factorial Experiments)
जब एक ही प्रयोग (single experiment) में एक साथ दो या दो से अधिक कारकों (factors) की जांच की जाती है तो ऐसे प्रयोगों को क्रमगुणित प्रयोग (factorial experiments) कहा जाता है।
शब्दावली (Terminologies)
- कारक (Factor): कारक से तात्पर्य संबंधित उपचारों के एक सेट (set of related treatments) से है। हम किसी फसल पर नाइट्रोजन की अलग-अलग मात्रा (doses) का प्रयोग कर सकते हैं। इसलिए नाइट्रोजन (खुराक की परवाह किए बिना) एक कारक है।
- कारक के स्तर (Levels of a factor): किसी कारक को बनाने वाली विभिन्न स्थितियों या घटकों (states or components) को उस कारक के स्तर (levels) के रूप में जाना जाता है। उदाहरण: नाइट्रोजन की विभिन्न खुराक।
क्रमगुणित प्रयोगों के प्रकार (Types of factorial Experiment)
एक क्रमगुणित प्रयोग का नाम कारकों की संख्या (number of factors) और कारकों के स्तर (levels of factors) के आधार पर रखा जाता है।
- उदाहरण के लिए, जब 3 कारक होते हैं और प्रत्येक 2 स्तरों (levels) पर होता है, तो प्रयोग को \( 2 \times 2 \times 2 \) या \( 2^3 \) क्रमगुणित प्रयोग (factorial experiments) के रूप में जाना जाता है।
- यदि प्रत्येक 3 स्तरों पर 2 कारक हैं तो इसे \( 3 \times 3 \) या \( 3^2 \) क्रमगुणित प्रयोग के रूप में जाना जाता है।
- सामान्य तौर पर यदि \( p \) स्तरों के साथ \( n \) कारक हैं तो इसे \( p^n \) क्रमगुणित प्रयोग के रूप में जाना जाता है।
- स्तरों की अलग-अलग संख्या (varying number of levels) के लिए व्यवस्था (arrangement) का वर्णन उत्पाद (product) द्वारा किया जाता है। उदाहरण के लिए, 3 कारकों के साथ एक प्रयोग जिसमें प्रत्येक क्रमशः 2 स्तरों, 3 स्तरों और 4 स्तरों पर है, तो इसे \( 2 \times 3 \times 4 \) क्रमगुणित प्रयोग के रूप में जाना जाता है।
- यदि सभी कारकों में स्तरों की संख्या समान (same number of levels) है तो प्रयोग को सममित क्रमगुणित (symmetrical factorial) के रूप में जाना जाता है अन्यथा इसे मिश्रित क्रमगुणित (mixed factorial - asymmetrical) कहा जाता है।
- कारकों को बड़े अक्षरों (capital letters) द्वारा दर्शाया जाता है। उपचार संयोजनों (Treatment combinations) को आमतौर पर छोटे अक्षरों (small letters) द्वारा दर्शाया जाता है।
- उदाहरण के लिए, यदि 2 किस्में (varieties) \( v_0 \) और \( v_1 \) हैं और बुवाई की 2 तारीखें (dates of sowing) \( d_0 \) और \( d_1 \) हैं तो उपचार संयोजन होंगे: \( v_0d_0 \), \( v_0d_1 \), \( v_1d_0 \) और \( v_1d_1 \)।
सरल, मुख्य और अंतःक्रिया प्रभाव (Simple, Main and Interaction Effects)
- सरल प्रभाव (Simple effect): किसी कारक का सरल प्रभाव अन्य कारकों के निश्चित स्तर (fixed level) के लिए उसकी प्रतिक्रियाओं (responses) के बीच का अंतर है।
- मुख्य प्रभाव (Main effect): मुख्य प्रभाव को सरल प्रभावों के औसत (average of the simple effects) के रूप में परिभाषित किया गया है।
- अंतःक्रिया (Interaction): अंतःक्रिया को कारकों की उनकी प्रतिक्रियाओं में निर्भरता (dependence of factors in their responses) के रूप में परिभाषित किया गया है। अंतःक्रिया को सरल प्रभावों के बीच अंतर के माध्य (mean of the differences between simple effects) के रूप में मापा जाता है।
क्रमगुणित प्रयोगों के फायदे (Advantages)
- इस प्रकार के प्रयोगों में हम प्रत्येक कारक के व्यक्तिगत प्रभाव (individual effects) और उनके अंतःक्रियाओं (interactions) का अध्ययन करते हैं।
- क्रमगुणित प्रयोगों में कारक संयोजनों (factor combinations) की एक विस्तृत श्रृंखला (wide range) का उपयोग किया जाता है।
- क्रमगुणित दृष्टिकोण (Factorial approach) के परिणामस्वरूप प्रयोगात्मक संसाधनों (experimental resources), प्रयोगात्मक सामग्री (experimental material) और समय की काफी बचत (considerable saving) होगी।
क्रमगुणित प्रयोगों के नुकसान (Disadvantages)
- जब कारकों की संख्या या कारकों के स्तर या दोनों में वृद्धि की जाती है, तो उपचार संयोजनों की संख्या (number of treatment combinations) बढ़ जाती है। परिणामस्वरूप ब्लॉक का आकार (block size) बढ़ जाता है। यदि ब्लॉक का आकार बढ़ता है तो प्रयोगात्मक सामग्री की समरूपता (homogeneity) बनाए रखना मुश्किल हो सकता है। इससे प्रयोगात्मक त्रुटि में वृद्धि होगी और प्रयोग में सटीकता (precision) की हानि होगी।
- सभी उपचार संयोजनों को इसके महत्व (importance) की परवाह किए बिना प्रयोग के लिए शामिल किया जाना है और इसलिए इसके परिणामस्वरूप प्रयोगात्मक सामग्री और समय की बर्बादी (wastage) होती है।
- जब कई उपचार संयोजनों को शामिल किया जाता है तो प्रयोग का निष्पादन (execution) और सांख्यिकीय विश्लेषण (statistical analysis) मुश्किल हो जाता है।
प्रश्न (Questions)
-
क्रमगुणित प्रयोग (factorial experiment) में कारकों (factors) की न्यूनतम संख्या होगी:
(a) एक (One)
(b) दो (two)
(c) तीन (three)
(d) उपरोक्त में से कोई नहीं
उत्तर (Ans): (b) दो (two)
-
कारक A जिसके दो स्तर (two levels) हैं और कारक B जिसके तीन स्तर (three levels) हैं, संयोजनों (combinations) की संख्या होगी:
(a) 5
(b) 6
(c) 2
(d) 3
उत्तर (Ans): (b) 6
- क्रमगुणित प्रयोगों में कारक (Factor) संबंधित उपचारों के एक सेट को संदर्भित करता है। सत्य (True)
- एक \( 3 \times 3 \) क्रमगुणित प्रयोग को \( 3^2 \) क्रमगुणित प्रयोग के रूप में भी लिखा जा सकता है। सत्य (True)
- एक क्रमगुणित प्रयोग में कारकों (factors) को हमेशा छोटे अक्षरों (small letters) द्वारा दर्शाया जाता है। असत्य (False) (बड़े अक्षरों द्वारा दर्शाया जाता है)
- यदि सभी कारकों में स्तरों की संख्या समान है तो प्रयोग को सममित क्रमगुणित (symmetrical factorial) के रूप में जाना जाता है। सत्य (True)
- मुख्य प्रभाव (main effect) क्या है?
- अंतःक्रिया प्रभाव (interaction effect) क्या है?
- क्रमगुणित प्रयोगों (Factorial experiments) के फायदे और नुकसान क्या हैं?
- एक कारक के रूप में किस्मों (varieties) और दूसरे कारक के रूप में n स्तरों के साथ एक क्रमगुणित प्रयोग के लिए उपचार संयोजन (treatment combinations) लिखें। किस्मों के लिए स्तर 4 (\( V_0, V_1, V_2, V_3 \)) हैं और n के लिए स्तर 4 (\( n_0, n_1, n_2, n_3 \)) हैं।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह स्टडी मटेरियल ICAR के मूल कंटेंट का हिंदी अनुवाद है। हम इसकी पूर्ण सटीकता के लिए उत्तरदायी नहीं हैं। यह फाइल अभी केवल
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