आंकड़ों का आलेखीय निरूपण (Graphical Representation of Data)

व्याख्यान 3 (Lecture 3)

आंकड़ों का आलेखीय निरूपण — आयतचित्र (Histogram) — आवृत्ति बहुभुज (Frequency Polygon) और आवृत्ति वक्र (Frequency Curve) — संचयी आवृत्ति वक्र / ओजाइव (Ogives)

आलेख (Graphs)

आलेख (Graphs) ऐसे आरेखीय चित्र होते हैं जिनमें बिंदुओं, रेखाओं और वक्रों के माध्यम से सांख्यिकीय संबंधों को दर्शाया जाता है। ये आलेख-पत्र (Graph Sheet) पर खींचे जाते हैं। संपूर्ण आंकड़ों को व्यवस्थित रूप से प्रदर्शित करने के लिए X-अक्ष और Y-अक्ष दोनों के लिए उपयुक्त पैमाने चुने जाते हैं। आलेखीय निरूपण का उपयोग मुख्य रूप से वर्गीकृत मात्रात्मक आंकड़ों (Grouped Quantitative Data) के लिए किया जाता है।

आयतचित्र (Histogram)

जब आंकड़ों को सतत वर्ग अंतरालों (Class Intervals) में वर्गीकृत किया गया हो, तो उन्हें आयतचित्र (Histogram) द्वारा दर्शाया जाता है। आयतचित्र दिखने में सरल दंड आरेख जैसा होता है, परंतु इसमें दो प्रमुख अंतर होते हैं: पहला, सतत वर्ग होने के कारण आयतों के बीच कोई अंतर या रिक्त स्थान (Gap) नहीं होता; दूसरा, आयतों में कोई रंग या विशेष अंकन नहीं किया जाता, केवल उनकी बाह्य रूपरेखा बनाई जाती है। यह किसी आवृत्ति वितरण को प्रदर्शित करने का सर्वोत्तम और प्रामाणिक रूप है।

X-अक्ष पर वर्ग अंतरालों को दर्शाया जाता है जो आयतों का आधार बनते हैं। Y-अक्ष पर संबंधित वर्गों की आवृत्तियों (Frequencies) को दर्शाया जाता है। प्रत्येक आयत की ऊंचाई उसकी आवृत्ति के बराबर या समानुपाती होती है।

उदाहरण (Example):

निम्नलिखित आवृत्ति वितरण के लिए एक आयतचित्र बनाइए:

बीज की उपज — ग्राम में (Seed Yield - gms) पौधों की संख्या (No. of Plants)
2.5 - 3.5 4
3.5 - 4.5 6
4.5 - 5.5 10
5.5 - 6.5 26
6.5 - 7.5 24
7.5 - 8.5 15
8.5 - 9.5 10
9.5 - 10.5 5

आयतचित्र और आवृत्ति बहुभुज (Histogram and Frequency Polygon)
चित्र: आयतचित्र एवं आवृत्ति बहुभुज (Histogram and Frequency Polygon)

आवृत्ति बहुभुज (Frequency Polygon)

प्रत्येक वर्ग की आवृत्ति को उस वर्ग के मध्यबिंदु (Mid-point) के ठीक ऊपर एक बिंदु (Dot) लगाकर अंकित किया जाता है। इसके पश्चात इन सभी निकटवर्ती बिंदुओं को सीधी रेखाओं (Straight Lines) की सहायता से आपस में जोड़ दिया जाता है। इस प्रकार प्राप्त रेखाचित्र को आवृत्ति बहुभुज (Frequency Polygon) कहते हैं। इसे आयतचित्र के शीर्षों के मध्यबिंदुओं को जोड़कर भी सरलता से बनाया जा सकता है।

उदाहरण (Example):

निम्नलिखित आंकड़ों के लिए आवृत्ति बहुभुज तैयार कीजिए:

बीज की उपज — ग्राम में (Seed Yield - gms) पौधों की संख्या (No. of Plants)
2.5 - 3.5 4
3.5 - 4.5 6
4.5 - 5.5 10
5.5 - 6.5 26
6.5 - 7.5 24
7.5 - 8.5 15
8.5 - 9.5 10
9.5 - 10.5 5

आवृत्ति वक्र (Frequency Curve)

आवृत्ति वक्र बनाने की प्रारंभिक प्रक्रिया आवृत्ति बहुभुज के समान ही होती है। अंतर केवल इतना है कि इसमें विभिन्न मध्यबिंदुओं को पटरी से सीधी रेखाओं में जोड़ने के बजाय मुक्त हस्त (Free hand) से एक चिकने और सतत वक्र (Smooth curve) द्वारा मिलाया जाता है।

उदाहरण (Example):

उपरोक्त उपज आंकड़ों के लिए आवृत्ति वक्र तैयार कीजिए:

बीज की उपज — ग्राम में (Seed Yield - gms) पौधों की संख्या (No. of Plants)
2.5 - 3.5 4
3.5 - 4.5 6
4.5 - 5.5 10
5.5 - 6.5 26
6.5 - 7.5 24
7.5 - 8.5 15
8.5 - 9.5 10
9.5 - 10.5 5

आवृत्ति वक्र (Frequency Curve)
चित्र: चिकना आवृत्ति वक्र (Smooth Frequency Curve)

ओजाइव या संचयी आवृत्ति वक्र (Ogives / Cumulative Frequency Curves)

ओजाइव को संचयी आवृत्ति वक्र (Cumulative Frequency Curves) भी कहते हैं। ओजाइव मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं:

विशेष बिंदु: 'से कम' और 'से अधिक' ओजाइव वक्र जिस बिंदु पर एक-दूसरे को प्रतिच्छेद (Intersect) करते हैं, उस बिंदु से X-अक्ष पर डाला गया लंब वितरण की माध्यिका (Median) को दर्शाता है।

उदाहरण (Example):

सतत वर्ग अंतराल (Class Interval) वर्ग मध्यबिंदु (Mid Point) आवृत्ति (Frequency) 'से कम' संचयी आवृत्ति (< cf) 'से अधिक' संचयी आवृत्ति (> cf)
0-10 5 4 4 29
10-20 15 7 11 25
20-30 25 6 17 18
30-40 35 10 27 12
40-50 45 2 29 2

ओजाइव आलेख (Ogive Graph)
चित्र: ओजाइव आलेख — संचयी आवृत्ति वक्र (Ogives Graph)

अभ्यास प्रश्न (Questions)

  1. आयतचित्र (Histogram) की सहायता से हम निम्नलिखित में से क्या खींच सकते हैं:

    a) आवृत्ति बहुभुज (Frequency polygon)
    b) आवृत्ति वक्र (Frequency curve)
    c) आवृत्ति वितरण (Frequency distribution)
    d) उपरोक्त सभी (All the above)

    उत्तर (Ans): d) उपरोक्त सभी (All the above)

  2. 'से अधिक' और 'से कम' प्रकार के ओजाइव वक्र जिस बिंदु पर परस्पर प्रतिच्छेद करते हैं, वह मान होता है:

    a) माध्य (Mean)
    b) माध्यिका (Median)
    c) बहुलक (Mode)
    d) मूल बिंदु (Origin)

    उत्तर (Ans): b) माध्यिका (Median)

  3. आवृत्ति बहुभुज बनाने के लिए X-अक्ष पर वर्गों के मध्यबिंदु (Mid values) लिए जाते हैं।

    उत्तर (Ans): सत्य (True)

  4. आवृत्ति वक्र में बिंदुओं को केवल सीधी रेखाओं द्वारा जोड़ा जाता है।

    उत्तर (Ans): असत्य (False — इसे मुक्त हस्त चिकने वक्र द्वारा जोड़ा जाता है)

  5. आयतचित्र को समान और असमान दोनों प्रकार के वर्ग अंतरालों के लिए खींचा जा सकता है।

    उत्तर (Ans): सत्य (True)

  6. आवृत्ति वक्र (Frequency curve) बनाने की विधि को समझाइए।
  7. आयतचित्र (Histogram) का निर्माण किस प्रकार किया जाता है? स्पष्ट कीजिए।
  8. एक सतत आवृत्ति वितरण के लिए बनाए जा सकने वाले विभिन्न आलेखों का वर्णन कीजिए।
  9. 'से कम' और 'से अधिक' ओजाइव वक्रों की सहायता से माध्यिका कैसे ज्ञात की जाती है? स्पष्ट कीजिए।
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अंतिम अद्यतन (Last Updated): 7 सितंबर 2026
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