औसत के माप / केंद्रीय प्रवृत्ति के माप (Measures of Central Tendency)

व्याख्यान 4 (Lecture 4)

औसत के माप — समांतर माध्य (Arithmetic Mean) — माध्यिका (Median) — बहुलक (Mode) — ज्यामितीय माध्य (Geometric Mean) — हरात्मक माध्य (Harmonic Mean) — कच्चे और वर्गीकृत आंकड़ों के लिए गणना — गुण और हानियां (Merits and Demerits) — स्थिति संबंधी माप (Measures of Location) — चतुर्थक (Quartiles) — प्रतिशतक (Percentiles)

जब हम किसी समष्टि (Population) का अध्ययन करते हैं, तो हमें बहुत बड़ी संख्या में आंकड़े या अवलोकन (Observations) प्राप्त होते हैं। इतने सारे आंकड़ों को एक साथ देखकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना संभव नहीं होता। इसलिए पूरे समूह का प्रतिनिधित्व करने वाला एक एकल संख्यात्मक मान निकालना आवश्यक हो जाता है। यह संख्यात्मक मान ऐसा होना चाहिए जो पूरे समूह की स्पष्ट तस्वीर प्रस्तुत करे और सभी अवलोकनों का एक आदर्श प्रतिनिधि हो।

यह प्रतिनिधि मान सामान्यतः आंकड़ों के केंद्र में स्थित होता है, जिसे केंद्रीय प्रवृत्ति का माप (Measure of Central Tendency) या औसत (Average) कहते हैं।

सांख्यिकी में पांच प्रमुख औसत होते हैं:

  1. साधारण औसत: समांतर माध्य (Arithmetic Mean), माध्यिका (Median) और बहुलक (Mode)।
  2. विशेष औसत: ज्यामितीय माध्य (Geometric Mean) और हरात्मक माध्य (Harmonic Mean)।

समांतर माध्य (Arithmetic Mean or Mean)

किसी चर के सभी अवलोकनों के कुल योग को अवलोकनों की कुल संख्या से भाग देने पर प्राप्त मान को समांतर माध्य कहते हैं। इसे प्रायः \( \bar{x} \) (x-बार) प्रतीक से दर्शाया जाता है।

यदि चर \( x \) के \( n \) मान \( x_1, x_2, \dots, x_n \) हों, तो समांतर माध्य का सूत्र निम्नलिखित है:

$$ \bar{x} = \frac{x_1 + x_2 + \dots + x_n}{n} = \frac{\sum x}{n} $$

यह सूत्र अवर्गीकृत या कच्चे आंकड़ों (Raw data) के लिए उपयोग किया जाता है।

उदाहरण 1 (Example 1):

मृदा के pH स्तर के पांच अवलोकनों: 6.8, 6.6, 5.2, 5.6, 5.8 के लिए समांतर माध्य ज्ञात कीजिए।

हल (Solution):

$$ \bar{x} = \frac{6.8 + 6.6 + 5.2 + 5.6 + 5.8}{5} = \frac{30}{5} = 6.0 $$

वर्गीकृत आंकड़ों (Grouped Data) के लिए समांतर माध्य

वर्गीकृत आंकड़ों में समांतर माध्य की गणना दो विधियों से की जाती है:

1. प्रत्यक्ष विधि (Direct Method):

$$ \bar{x} = \frac{\sum fx}{n} $$

जहाँ:
\( x \) = वर्ग का मध्यबिंदु (Mid-point)
\( f \) = वर्ग की संबंधित आवृत्ति (Frequency)
\( n = \sum f \) = कुल आवृत्ति

2. लघु विधि (Short-cut Method):

$$ \bar{x} = A + \left( \frac{\sum fd}{n} \right) \times c $$

जहाँ:
\( d = \frac{x - A}{c} \)
\( A \) = कल्पित माध्य (Assumed Mean — \( x \) के मानों में से चुना गया कोई मान)
\( n = \sum f \) = कुल आवृत्ति
\( c \) = वर्ग विस्तार / चौड़ाई (Class width)

उदाहरण 2 (Example 2):

निम्नलिखित आवृत्ति वितरण से समांतर माध्य का परिकलन कीजिए:

प्राप्तांक (Marks - X) 64 63 62 61 60 59
विद्यार्थियों की संख्या (f) 8 18 12 9 7 6

हल (Solution):

X f fx d = X - A (A = 62) fd
64 8 512 2 16
63 18 1134 1 18
62 (A) 12 744 0 0
61 9 549 -1 -9
60 7 420 -2 -14
59 6 354 -3 -18
योग (Total) n = 60 \(\sum fx = 3713\) \(\sum fd = -7\)

प्रत्यक्ष विधि द्वारा:

$$ \bar{x} = \frac{\sum fx}{n} = \frac{3713}{60} = 61.88 $$

लघु विधि द्वारा (यहाँ \( A = 62 \)):

$$ \bar{x} = A + \frac{\sum fd}{n} = 62 + \left( \frac{-7}{60} \right) = 62 - 0.116 = 61.88 $$

उदाहरण 3 (Example 3):

नीचे दी गई तालिका में तिल के बीज की उपज के आवृत्ति वितरण से प्रति भूखंड औसत उपज निकालिए:

प्रति भूखंड उपज — ग्राम में (Yield per plot in g) भूखंडों की संख्या (No. of plots - f)
64.5 - 84.5 3
84.5 - 104.5 5
104.5 - 124.5 7
124.5 - 144.5 20

हल (Solution):

उपज वर्ग (g) भूखंड संख्या (f) मध्यबिंदु (X) \( d = \frac{X - A}{c} \) (A=94.5, c=20) fd
64.5 - 84.5 3 74.5 -1 -3
84.5 - 104.5 5 94.5 (A) 0 0
104.5 - 124.5 7 114.5 1 7
124.5 - 144.5 20 134.5 2 40
योग (Total) n = 35 \(\sum fd = 44\)

यहाँ \( A = 94.5 \), \( c = 20 \), \( n = 35 \), \( \sum fd = 44 \)

$$ \bar{x} = A + \left( \frac{\sum fd}{n} \right) \times c = 94.5 + \left( \frac{44}{35} \right) \times 20 = 94.5 + 25.14 = 119.64 \text{ ग्राम} $$

समांतर माध्य के गुण और दोष (Merits and Demerits of Arithmetic Mean)

गुण (Merits):

  1. यह दृढ़ता और स्पष्टता से परिभाषित (Rigidly defined) होता है।
  2. इसे समझना और परिकलित करना अत्यंत आसान है।
  3. यह श्रृंखला के सभी अवलोकनों पर आधारित होता है।
  4. यह एक वास्तविक परिकलित मान है, केवल पद-स्थिति पर आधारित नहीं होता।
  5. यदि कुछ विस्तृत आंकड़े अनुपलब्ध भी हों, तो भी कुल योग से इसकी गणना संभव है।
  6. सभी औसतों में से यह प्रतिचयन के उतार-चढ़ाव (Sampling fluctuations) से सबसे कम प्रभावित और सबसे स्थिर होता है।
  7. यह दो या अधिक समूहों की तुलना के लिए आदर्श आधार प्रदान करता है।
  8. यह आगे के उच्च बीजगणितीय और सांख्यिकीय उपचार के पूर्णतः अनुकूल है।

दोष / हानियां (Demerits):

  1. इसे केवल देखकर (निरीक्षण द्वारा) या आलेखीय विधि से ज्ञात नहीं किया जा सकता।
  2. यह गुणात्मक तथ्यों (जैसे सुंदरता, बुद्धिमत्ता, ईमानदारी आदि) के लिए अनुपयुक्त है जिन्हें संख्या में नहीं नापा जा सकता।
  3. यह चरम मानों (Extreme values — बहुत बड़े या बहुत छोटे मान) से अत्यधिक प्रभावित होता है।
  4. खुले सिरे वाले वर्गों (Open-end classes) में इसकी गणना नहीं की जा सकती।
  5. यदि मूल आंकड़ों का स्वरूप न पता हो, तो यह कभी-कभी भ्रामक निष्कर्ष दे सकता है।

माध्यिका (Median)

जब आंकड़ों को परिमाण के अनुसार आरोही (बढ़ते) या अवरोही (घटते) क्रम में व्यवस्थित किया जाता है, तो ठीक बीच में स्थित पद के मान को माध्यिका (Median) कहते हैं। यह पूरी श्रेणी को दो बराबर भागों में बांटती है — एक भाग के सभी मान माध्यिका से छोटे और दूसरे भाग के सभी मान माध्यिका से बड़े होते हैं।

कच्चे आंकड़ों (Raw Data) के लिए:

सर्वप्रथम आंकड़ों को आरोही क्रम में व्यवस्थित करें:

1. यदि पदों की संख्या \( n \) विषम (Odd) हो:

$$ \text{माध्यिका} = \left( \frac{n + 1}{2} \right)\text{वें पद का मान} $$

2. यदि पदों की संख्या \( n \) सम (Even) हो, तो माध्यिका बीच के दो पदों का औसत होती है:

$$ \text{माध्यिका} = \frac{\left( \frac{n}{2} \right)\text{वें पद का मान} + \left( \frac{n}{2} + 1 \right)\text{वें पद का मान}}{2} $$

उदाहरण 4 (Example 4):

यदि ज्वार की 5 बालियों का वजन 45, 60, 48, 100, 65 ग्राम हो, तो माध्यिका निकालिए।

हल (Solution):

यहाँ \( n = 5 \) (विषम संख्या)।

आरोही क्रम: 45, 48, 60, 65, 100

$$ \text{माध्यिका} = \left( \frac{5 + 1}{2} \right)\text{वां पद} = 3\text{रा पद} = 60 \text{ ग्राम} $$

उदाहरण 5 (Example 5):

यदि ज्वार की 6 बालियों का वजन 45, 48, 60, 65, 65, 100 ग्राम हो, तो माध्यिका निकालिए।

हल (Solution):

यहाँ \( n = 6 \) (सम संख्या)।

$$ \text{माध्यिका} = \frac{3\text{रे पद का मान} + 4\text{थे पद का मान}}{2} = \frac{60 + 65}{2} = 62.5 \text{ ग्राम} $$

वर्गीकृत आंकड़ों में माध्यिका

संचयी आवृत्ति (Cumulative Frequency - cf): प्रत्येक वर्ग की आवृत्ति को उससे पूर्व के सभी वर्गों की आवृत्तियों के साथ जोड़ते जाने पर संचयी आवृत्ति प्राप्त होती है।

असतत श्रेणी (Discrete Series):

  1. चरण 1: संचयी आवृत्तियाँ (\( cf \)) ज्ञात करें।
  2. चरण 2: \( \frac{N}{2} \) का मान निकालें।
  3. चरण 3: संचयी आवृत्ति स्तंभ में वह मान देखें जो \( \frac{N}{2} \) से ठीक बड़ा या उसके बराबर हो।
  4. चरण 4: उस संचयी आवृत्ति के सामने वाला \( x \) का मान ही माध्यिका होगा।

उदाहरण 6 (Example 6):

प्रति पौधा कीटों की संख्या के निम्नलिखित आंकड़ों से माध्यिका ज्ञात कीजिए:

कीटों की संख्या (x) 123456789101112
पौधों की संख्या (f) 13561013953221

हल (Solution):

x f संचयी आवृत्ति (cf)
111
234
359
4615
51025
61338
7947
8552
9355
10257
11259
12160

यहाँ कुल पद \( N = 60 \) (सम संख्या)।

\( \frac{N}{2} = 30 \)वाँ और \( \left(\frac{N}{2}+1\right) = 31 \)वाँ पद।

संचयी आवृत्ति 38 में 30 और 31 दोनों पद शामिल हैं, जिसके सामने \( x = 6 \) है।

$$ \text{माध्यिका} = \frac{6 + 6}{2} = 6 \text{ कीट प्रति पौधा} $$

सतत श्रेणी (Continuous Series):

सतत श्रेणी में माध्यिका निकालने के चरण:

  1. चरण 1: संचयी आवृत्ति (\( cf \)) की सारणी बनाएं।
  2. चरण 2: \( \frac{n}{2} \) ज्ञात करें।
  3. चरण 3: वह वर्ग खोजें जिसकी संचयी आवृत्ति \( \frac{n}{2} \) के बराबर या उससे ठीक बड़ी हो। इसे माध्यिका वर्ग (Median class) कहते हैं।
  4. चरण 4: निम्नलिखित सूत्र का प्रयोग करें:
$$ \text{माध्यिका (Median)} = l + \frac{\frac{n}{2} - m}{f} \times c $$

जहाँ:
\( l \) = माध्यिका वर्ग की निम्न सीमा (Lower limit)
\( m \) = माध्यिका वर्ग से ठीक पूर्व वर्ग की संचयी आवृत्ति (Preceding cumulative frequency)
\( c \) = वर्ग विस्तार / चौड़ाई (Class width)
\( f \) = माध्यिका वर्ग की आवृत्ति
\( n = \sum f \) = कुल आवृत्ति

उदाहरण 7 (Example 7):

ज्वार की बालियों के वजन के निम्नलिखित आवृत्ति वितरण से माध्यिका की गणना कीजिए:

बालियों का वजन — ग्राम में (Weights in g) बालियों की संख्या (f) संचयी आवृत्ति (cf)
60-802222
80-1003860
100-12045105
120-14035140
140-16024164
कुल (Total)n = 164

हल (Solution):

\( \frac{n}{2} = \frac{164}{2} = 82 \)

82 मान संचयी आवृत्ति 105 के अंतर्गत आता है। अतः माध्यिका वर्ग 100-120 है।

यहाँ \( l = 100 \), \( n = 164 \), \( f = 45 \), \( c = 20 \), \( m = 60 \)

$$ \text{माध्यिका} = 100 + \frac{82 - 60}{45} \times 20 = 100 + \frac{22 \times 20}{45} = 100 + 9.78 = 109.78 \text{ ग्राम} $$

माध्यिका के गुण और दोष (Merits and Demerits of Median)

गुण (Merits):

  1. माध्यिका चरम मानों (Extreme values) से प्रभावित नहीं होती क्योंकि यह एक स्थिति संबंधी औसत (Positional average) है।
  2. खुले सिरे वाले वर्ग अंतरालों (Open-end intervals) में भी इसकी गणना आसानी से की जा सकती है।
  3. गुणात्मक तथ्यों के अध्ययन में यह सबसे उपयुक्त माप है।
  4. इसे ओजाइव वक्रों की सहायता से आलेखीय विधि द्वारा भी प्राप्त किया जा सकता है।

दोष / हानियां (Demerits):

  1. यह श्रृंखला के सभी अवलोकनों पर आधारित नहीं होती।
  2. माध्य विचलन के अतिरिक्त यह आगे के उच्च बीजगणितीय उपचार के लिए उपयुक्त नहीं है।
  3. सम संख्या वाले पदों या सतत श्रेणी में यह वास्तविक पद न होकर केवल एक अनुमानित मान होता है।

बहुलक (Mode)

किसी आवृत्ति वितरण में जो मान सबसे अधिक बार आता है (अर्थात जिसकी आवृत्ति अधिकतम होती है), उसे बहुलक (Mode) कहते हैं। यह वितरण में अधिकतम सांद्रता (Maximum concentration) का बिंदु होता है।

कृषि में महत्व: जैसे किसी फसल किस्म की सबसे सामान्य ऊंचाई ज्ञात करना, किसी क्षेत्र में सिंचाई के मुख्य स्रोत की पहचान करना, या सर्वाधिक बीमारी से प्रभावित फसल किस्म का पता लगाना। गुणात्मक आंकड़ों में बहुलक बहुत उपयोगी सिद्ध होता है।

बहुलक का परिकलन (Computation of Mode)

1. कच्चे आंकड़ों के लिए: व्यक्तिगत अवलोकनों में बहुलक केवल निरीक्षण द्वारा (सबसे अधिक बार आने वाला मान) ज्ञात किया जाता है।

उदाहरण 8 (Example 8):

बीज भार के आंकड़े: 2, 7, 10, 15, 10, 17, 8, 10, 2 ग्राम।

यहाँ संख्या 10 सबसे अधिक बार (3 बार) आई है। अतः बहुलक = 10 ग्राम

उदाहरण 9 (Example 9):

  1. 12, 10, 15, 24, 30 — यहाँ कोई मान दोहराया नहीं गया है (कोई बहुलक नहीं - No mode)।
  2. 7, 10, 15, 12, 7, 14, 24, 10, 7, 20, 10 — यहाँ मान 7 और 10 दोनों 3-3 बार आए हैं (द्वि-बहुलकीय वितरण - Bimodal Distribution)।

2. असतत श्रेणी के लिए: अधिकतम आवृत्ति वाला पद खोजें, उसके सामने वाला \( x \) का मान बहुलक होगा।

उदाहरण:

ज्वार का वजन — ग्राम में (x) 5065758095100
बालियों की संख्या (f) 4616874

अधिकतम आवृत्ति 16 है, जिसके सामने \( x = 75 \) है। अतः बहुलक = 75 ग्राम

3. सतत श्रेणी (Continuous Distribution):

सर्वप्रथम अधिकतम आवृत्ति वाला वर्ग (बहुलक वर्ग - Modal Class) पहचानें। फिर निम्नलिखित सूत्र लागू करें:

$$ \text{बहुलक (Mode)} = l + \frac{f - f_p}{2f - f_p - f_s} \times c $$

जहाँ:
\( l \) = बहुलक वर्ग की निम्न सीमा
\( f \) = बहुलक वर्ग की आवृत्ति
\( f_p \) = बहुलक वर्ग से ठीक पूर्व वर्ग की आवृत्ति (Preceding frequency)
\( f_s \) = बहुलक वर्ग के ठीक बाद वाले वर्ग की आवृत्ति (Succeeding frequency)
\( c \) = वर्ग विस्तार

उदाहरण 10 (Example 10):

ज्वार की बालियों के वजन के निम्नलिखित आवृत्ति वितरण से बहुलक निकालिए:

बालियों का वजन (g) 60-8080-100100-120120-140140-160
बालियों की संख्या (f) 2238453520

हल (Solution):

यहाँ अधिकतम आवृत्ति 45 है, अतः बहुलक वर्ग 100-120 है।

\( l = 100 \), \( f = 45 \), \( f_p = 38 \), \( f_s = 35 \), \( c = 20 \)

$$ \text{बहुलक} = 100 + \frac{45 - 38}{2(45) - 38 - 35} \times 20 = 100 + \frac{7}{90 - 73} \times 20 = 100 + \frac{140}{17} = 100 + 8.235 = 108.235 \text{ ग्राम} $$

ज्यामितीय माध्य (Geometric Mean - G.M)

किसी श्रेणी के \( n \) धनात्मक अवलोकनों के गुणनफल का \( n \)वाँ मूल (nth root) ज्यामितीय माध्य कहलाता है।

$$ GM = \sqrt[n]{x_1 \cdot x_2 \dots x_n} $$

लघुगणक (Logarithm) का उपयोग करके:

$$ \log GM = \frac{\sum \log x}{n} \implies GM = \text{Antilog} \left( \frac{\sum \log x}{n} \right) $$

वर्गीकृत आंकड़ों के लिए:

$$ GM = \text{Antilog} \left( \frac{\sum f \log x}{n} \right) $$

उपयोग: ज्यामितीय माध्य का उपयोग जीवाणु वृद्धि दर (Bacterial Growth), कोशिका विभाजन (Cell Division), जनसंख्या वृद्धि दर तथा अनुपातों के औसत निकालने में किया जाता है।

उदाहरण 11 (Example 11):

ज्वार की बालियों के वजन: 45, 60, 48, 100, 65 ग्राम के लिए ज्यामितीय माध्य निकालिए।

बालियों का वजन (x) \(\log x\)
451.653
601.778
481.681
1002.000
651.813
योग (Total)\(\sum \log x = 8.925\)

यहाँ \( n = 5 \)

$$ GM = \text{Antilog} \left( \frac{8.925}{5} \right) = \text{Antilog}(1.785) = 60.95 \text{ ग्राम} $$

उदाहरण 12 (Example 12) — असतत श्रेणी:

ज्वार का वजन (x) 506365130135
बालियों की संख्या (f) 51051515
$$ GM = \text{Antilog} \left( \frac{\sum f \log x}{n} \right) = \text{Antilog} \left( \frac{99.21}{50} \right) = \text{Antilog}(1.9842) = 96.43 \text{ ग्राम} $$

उदाहरण 13 (Example 13) — सतत श्रेणी:

वजन वर्ग (g) 60-8080-100100-120120-140140-160
आवृत्ति (f) 2238453520
मध्यबिंदु (x) 7090110130150

गणना करने पर \( \sum f \log x = 324.2 \), \( n = 160 \)

$$ GM = \text{Antilog} \left( \frac{324.2}{160} \right) = \text{Antilog}(2.026) = 106.23 \text{ ग्राम} $$

हरात्मक माध्य (Harmonic Mean - H.M)

किसी श्रेणी के अवलोकनों के व्युत्क्रमों (Reciprocals) के समांतर माध्य का व्युत्क्रम हरात्मक माध्य कहलाता है।

कच्चे आंकड़ों के लिए:

$$ HM = \frac{n}{\sum \left( \frac{1}{x} \right)} $$

आवृत्ति वितरण के लिए:

$$ HM = \frac{n}{\sum \left( \frac{f}{x} \right)} $$

उपयोग: हरात्मक माध्य का उपयोग गति (Speed), दरों (Rates), समय और दूरी संबंधी प्रश्नों में औसत निकालने के लिए किया जाता है।

उदाहरण 14 (Example 14):

दिए गए आंकड़ों 5, 10, 17, 24, 30 का हरात्मक माध्य ज्ञात कीजिए।

$$ \sum \left( \frac{1}{x} \right) = \frac{1}{5} + \frac{1}{10} + \frac{1}{17} + \frac{1}{24} + \frac{1}{30} = 0.2 + 0.1 + 0.0588 + 0.0417 + 0.0333 = 0.4338 $$
$$ HM = \frac{5}{0.4338} = 11.526 $$

गुण (Merits of H.M):

  1. यह दृढ़ता से परिभाषित होता है और सभी अवलोकनों पर आधारित होता है।
  2. यह आगे के बीजगणितीय विश्लेषण के अनुकूल है।
  3. जब छोटे मानों को अधिक भार तथा बड़े मानों को कम भार देना हो, तो यह सबसे उपयुक्त औसत है।

दोष (Demerits of H.M):

  1. इसे समझना और परिकलित करना अपेक्षाकृत कठिन है।
  2. यदि कोई भी पद शून्य हो, तो इसकी गणना नहीं की जा सकती।

प्रतिशतक (Percentiles)

प्रतिशतक वे मान हैं जो संपूर्ण वितरण को 100 समान भागों में विभाजित करते हैं। प्रत्येक भाग में 1% आंकड़े होते हैं। \( x \)वाँ प्रतिशतक (\( P_x \)) वह मान है जिसके नीचे कुल आंकड़ों का \( x\% \) भाग आता है। ध्यान दें कि 50वाँ प्रतिशतक (\( P_{50} \)) माध्यिका के बराबर होता है।

कच्चे आंकड़ों के लिए:

$$ P_x = \left( \frac{x(n+1)}{100} \right)\text{वें पद का मान} $$

सतत श्रेणी के लिए:

$$ P_x = l + \frac{\left( \frac{x \cdot n}{100} \right) - m}{f} \times c $$

जहाँ \( l \) = प्रतिशतक वर्ग की निम्न सीमा, \( m \) = पूर्ववर्ती संचयी आवृत्ति, \( f \) = वर्ग आवृत्ति, \( c \) = वर्ग विस्तार।

चतुर्थक (Quartiles)

चतुर्थक वे मान हैं जो संपूर्ण वितरण को चार बराबर भागों में विभाजित करते हैं। कुल तीन चतुर्थक होते हैं:

  1. प्रथम चतुर्थक (\( Q_1 \) — निम्न चतुर्थक): इसके नीचे कुल आंकड़ों का 25% भाग होता है।
    $$ Q_1 = \left( \frac{n+1}{4} \right)\text{वें पद का मान} $$
  2. द्वितीय चतुर्थक (\( Q_2 \)): यह वितरण को दो बराबर भागों में बांटता है और माध्यिका (Median) के समान होता है।
  3. तृतीय चतुर्थक (\( Q_3 \) — उच्च चतुर्थक): इसके नीचे कुल आंकड़ों का 75% भाग होता है।
    $$ Q_3 = 3 \left( \frac{n+1}{4} \right)\text{वें पद का मान} $$

अभ्यास प्रश्न (Questions)

  1. एक क्रमबद्ध श्रेणी के मध्य मान को कहा जाता है:

    a) द्वितीय चतुर्थक (2nd quartile)
    b) 5वाँ दशमक (5th decile)
    c) 50वाँ प्रतिशतक (50th percentile)
    d) उपरोक्त सभी (All the above)

    उत्तर (Ans): d) उपरोक्त सभी (All the above)

  2. आंकड़ों के किसी समूह के लिए बहुलक हो सकता है:

    a) एक-बहुलकीय (Unimodal)
    b) द्वि-बहुलकीय (Bimodal)
    c) त्रि-बहुलकीय (Trimodal)
    d) ये सभी (All of these)

    उत्तर (Ans): d) ये सभी (All of these)

  3. बहुलक (Mode) गुणात्मक आंकड़ों के अध्ययन के लिए सबसे उपयुक्त औसत है।

    उत्तर (Ans): सत्य (True)

  4. दशमक (Decile) संपूर्ण श्रेणी को 10 समान भागों में विभाजित करता है।

    उत्तर (Ans): सत्य (True)

  5. समांतर माध्य चरम मानों (Extreme values) से अत्यधिक प्रभावित होता है।

    उत्तर (Ans): सत्य (True)

  6. ऋणात्मक मानों के लिए ज्यामितीय माध्य का परिकलन किया जा सकता है।

    उत्तर (Ans): असत्य (False)

  7. समांतर माध्य (Mean) और माध्यिका (Median) को परिभाषित कीजिए।
  8. किस प्रकार के आंकड़ों के लिए बहुलक (Mode) की गणना सबसे अधिक उपयोगी होती है?
  9. कच्चे और वर्गीकृत आंकड़ों के लिए समांतर माध्य निकालने की विधियों को समझाइए।
  10. सतत आवृत्ति वितरण के लिए माध्यिका और बहुलक ज्ञात करने के सूत्रों की व्याख्या कीजिए।
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अंतिम अद्यतन (Last Updated): 7 सितंबर 2026
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