प्रकीर्णन के माप (Measures of Dispersion)

व्याख्यान 5 (Lecture 5)

प्रकीर्णन के माप — परास या विस्तार (Range) — प्रसरण (Variance) — मानक विचलन (Standard Deviation) — विचरण गुणांक (Coefficient of Variation - CV) — कच्चे और वर्गीकृत आंकड़ों के लिए गणना

प्रकीर्णन की अवधारणा (Concept of Dispersion)

औसत (केंद्रीय प्रवृत्ति के माप) किसी आवृत्ति वितरण का एक केंद्रीय प्रतिनिधि मान प्रस्तुत करते हैं। परंतु वे वितरण का संपूर्ण और यथार्थ चित्र देने में असमर्थ होते हैं। औसत से यह ज्ञात नहीं होता कि विभिन्न अवलोकन अपने केंद्र या माध्य के चारों ओर किस प्रकार फैले या बिखरे हुए हैं।

उदाहरण के लिए, मान लीजिए हमारे पास धान की दो किस्मों (किस्म I और किस्म II) के 5-5 भूखंडों से प्राप्त उपज (किलोग्राम प्रति भूखंड) के आंकड़े निम्नलिखित हैं:

किस्म I (Variety I) 45 42 42 41 40
किस्म II (Variety II) 54 48 42 33 30

ध्यान दें कि दोनों किस्मों की औसत उपज ठीक 42 किलोग्राम है। फिर भी हम यह नहीं कह सकते कि दोनों किस्मों का उपज प्रदर्शन एक जैसा है। पहली किस्म के आंकड़ों में अधिक एकरूपता और स्थिरता है, जबकि दूसरी किस्म के आंकड़ों में अत्यधिक बिखराव या परिवर्तनशीलता (Variability) है। कृषि उत्पादन में पहली किस्म को प्राथमिकता दी जाएगी क्योंकि उसका प्रदर्शन अधिक सुसंगत और भरोसेमंद है।

अतः किसी आवृत्ति वितरण का सही मूल्यांकन करने के लिए केवल औसत पर्याप्त नहीं होता, बल्कि हमें आंकड़ों के बिखराव का माप भी निकालना पड़ता है। अवलोकनों के अपने केंद्रीय मान (माध्य) के चारों ओर फैलाव, बिखराव या विचरण को प्रकीर्णन (Dispersion) कहते हैं।

प्रकीर्णन के प्रमुख माप निम्नलिखित हैं: परास या विस्तार (Range), चतुर्थक विचलन (Quartile Deviation), माध्य विचलन (Mean Deviation) और मानक विचलन (Standard Deviation)।

प्रकीर्णन के एक अच्छे माप की विशेषताएं (Characteristics of a Good Measure of Dispersion)

प्रकीर्णन के एक आदर्श माप में निम्नलिखित गुण होने चाहिए:

  1. यह दृढ़ता और स्पष्टता से परिभाषित (Rigidly defined) होना चाहिए।
  2. यह श्रेणी के सभी अवलोकनों पर आधारित होना चाहिए।
  3. यह चरम मानों (Extreme values) से अनुचित रूप से प्रभावित नहीं होना चाहिए।
  4. यह आगे के उच्च बीजगणितीय और सांख्यिकीय विश्लेषण के अनुकूल होना चाहिए।
  5. इसे समझना सरल और परिकलित करना आसान होना चाहिए।

परास या विस्तार (Range)

यह प्रकीर्णन का सबसे सरल और प्रारंभिक माप है। किसी श्रेणी के सबसे बड़े मान (Largest value - L) और सबसे छोटे मान (Smallest value - S) के अंतर को परास कहते हैं।

$$ \text{परास (Range)} = L - S $$

जहाँ:
\( L \) = श्रेणी का अधिकतम मान (Largest value)
\( S \) = श्रेणी का न्यूनतम मान (Smallest value)

व्यक्तिगत अवलोकनों और असतत श्रेणी में \( L \) और \( S \) को सीधे पहचाना जा सकता है। सतत श्रेणी (Continuous series) में परास निकालने की दो विधियां हैं:

उदाहरण 1 (Example 1):

कपास की एक किस्म की 5 भूखंडों से उपज (किलोग्राम): 8, 9, 8, 10, 11 है। परास ज्ञात कीजिए।

हल (Solution):

\( L = 11 \), \( S = 8 \)

$$ \text{परास (Range)} = L - S = 11 - 8 = 3 \text{ किग्रा} $$

उदाहरण 2 (Example 2):

निम्नलिखित वितरण से परास की गणना कीजिए:

आकार (Size) 60-63 63-66 66-69 69-72 72-75
संख्या (Frequency) 5 18 42 27 8

हल (Solution):

\( L \) = उच्चतम वर्ग की उच्च सीमा = 75
\( S \) = निम्नतम वर्ग की निम्न सीमा = 60

$$ \text{परास (Range)} = L - S = 75 - 60 = 15 $$

परास के गुण और दोष (Merits and Demerits of Range)

गुण (Merits):

  1. यह समझने में सबसे सरल और परिकलित करने में सबसे तेज है।
  2. औद्योगिक गुणवत्ता नियंत्रण (Quality control), मौसम पूर्वानुमान (तापमान का उतार-चढ़ाव) और शेयर बाजार के दैनिक उतार-चढ़ाव के विश्लेषण में यह अत्यंत उपयोगी है।

दोष / हानियां (Demerits):

  1. यह चरम मानों (Extreme items) से अत्यधिक प्रभावित होता है।
  2. यह केवल दो छोरों के मानों पर आधारित होता है और बीच के सभी अवलोकनों की उपेक्षा करता है।
  3. खुले सिरे वाले वर्ग अंतरालों (Open-end classes) में इसकी गणना नहीं की जा सकती।
  4. यह आगे के उच्च गणितीय उपचार के अनुकूल नहीं है।

मानक विचलन (Standard Deviation)

किसी श्रेणी के अवलोकनों के उनके समांतर माध्य से निकाले गए विचलनों के वर्गों के समांतर माध्य का धनात्मक वर्गमूल मानक विचलन (Standard Deviation) कहलाता है।

मानक विचलन को प्रतिदर्श (Sample) के संदर्भ में अंग्रेजी अक्षर s से तथा समष्टि (Population) के संदर्भ में ग्रीक अक्षर σ (सिग्मा - Sigma) से दर्शाया जाता है।

मानक विचलन के सूत्र:

1. कच्चे आंकड़ों (Raw Data) के लिए:

$$ \sigma = \sqrt{\frac{\sum x^2}{n} - \left(\frac{\sum x}{n}\right)^2} $$

2. असतत श्रेणी (Discrete Data) के लिए:

$$ \sigma = \sqrt{\frac{\sum f x^2}{n} - \left(\frac{\sum fx}{n}\right)^2} $$

3. सतत श्रेणी (Continuous Data) के लिए (लघु विधि):

$$ \sigma = \sqrt{\frac{\sum fd^2}{n} - \left(\frac{\sum fd}{n}\right)^2} \times C $$

जहाँ \( d = \frac{x - A}{C} \), \( A \) = कल्पित माध्य, और \( C \) = वर्ग विस्तार।

उदाहरण 3 (Example 3) — कच्चे आंकड़े:

ज्वार की 5 बालियों का वजन 100, 102, 118, 124, 126 ग्राम है। मानक विचलन ज्ञात कीजिए।

हल (Solution):

x
10010000
10210404
11813924
12415376
12615876
\(\sum x = 570\)\(\sum x^2 = 65580\)

यहाँ \( n = 5 \)

$$ \sigma = \sqrt{\frac{65580}{5} - \left(\frac{570}{5}\right)^2} = \sqrt{13116 - (114)^2} = \sqrt{13116 - 12996} = \sqrt{120} = 10.95 \text{ ग्राम} $$

उदाहरण 4 (Example 4) — असतत वितरण:

50 तिल के पौधों के बीज उपज के आवृत्ति वितरण से मानक विचलन निकालिए:

बीज उपज — ग्राम में (x) 34567
आवृत्ति (f) 46151510

हल (Solution):

x f fx fx²
341236
462496
51575375
61590540
71070490
योग (Total)n = 50\(\sum fx = 271\)\(\sum fx^2 = 1537\)
$$ \sigma = \sqrt{\frac{1537}{50} - \left(\frac{271}{50}\right)^2} = \sqrt{30.74 - (5.42)^2} = \sqrt{30.74 - 29.3764} = \sqrt{1.3636} = 1.1677 \text{ ग्राम} $$

उदाहरण 5 (Example 5) — सतत वितरण:

50 तिल के पौधों के बीज उपज के सतत आवृत्ति वितरण से मानक विचलन ज्ञात कीजिए:

बीज उपज वर्ग (g) 2.5-3.53.5-4.54.5-5.55.5-6.56.5-7.5
पौधों की संख्या (f) 46151510

हल (Solution):

वर्ग अंतराल f मध्यबिंदु (x) \( d = \frac{x - A}{C} \) (A=5, C=1) fd fd²
2.5-3.543-2-816
3.5-4.564-1-66
4.5-5.5155000
5.5-6.515611515
6.5-7.510722040
योग (Total)n = 50\(\sum fd = 21\)\(\sum fd^2 = 77\)

यहाँ \( A = 5 \), \( n = 50 \), \( C = 1 \)

$$ \sigma = \sqrt{\frac{77}{50} - \left(\frac{21}{50}\right)^2} \times 1 = \sqrt{1.54 - 0.1764} = \sqrt{1.3636} = 1.1677 \text{ ग्राम} $$

मानक विचलन के गुण और दोष (Merits and Demerits of Standard Deviation)

गुण (Merits):

  1. यह दृढ़ता और स्पष्टता से परिभाषित होता है तथा इसका मान सदैव निश्चित और अद्वितीय होता है।
  2. यह श्रृंखला के सभी अवलोकनों पर आधारित होता है और इसमें विचलनों के धनात्मक/ऋणात्मक चिह्नों की उपेक्षा नहीं की जाती।
  3. चूंकि यह समांतर माध्य पर आधारित है, इसलिए इसमें समांतर माध्य के सभी उत्तम गुण विद्यमान हैं।
  4. यह प्रकीर्णन का सबसे महत्वपूर्ण, वैज्ञानिक और व्यापक रूप से प्रयुक्त माप है।
  5. यह आगे के उच्च बीजगणितीय और सांख्यिकीय विश्लेषणों (जैसे सहसंबंध, प्रतिगमन, नमूना परीक्षण) के पूर्णतः अनुकूल है।
  6. यह प्रतिचयन के उतार-चढ़ाव (Sampling fluctuations) से सबसे कम प्रभावित और अत्यधिक स्थिर होता है।

दोष / हानियां (Demerits):

  1. अन्य मापों की तुलना में इसे समझना और निकालना अधिक कठिन है।
  2. मानों का वर्ग करने के कारण यह चरम मानों (Extreme values) को अनुचित रूप से अधिक भार देता है।
  3. यह प्रकीर्णन का एक निरपेक्ष माप (Absolute measure) है, अतः भिन्न-भिन्न इकाइयों वाले चरों की तुलना के लिए इसे सीधे उपयोग नहीं किया जा सकता।

प्रसरण (Variance)

मानक विचलन के वर्ग को प्रसरण (Variance) कहते हैं।

$$ \text{प्रसरण (Variance)} = \sigma^2 = (SD)^2 $$

विचरण गुणांक (Coefficient of Variation - CV)

मानक विचलन प्रकीर्णन का एक निरपेक्ष माप है जो मूल आंकड़ों की इकाई (जैसे सेमी, किग्रा) में व्यक्त होता है। यदि हमें दो अलग-अलग इकाइयों वाले लक्षणों की तुलना करनी हो (जैसे पौधों की ऊंचाई सेंटीमीटर में और अनाज की उपज किलोग्राम में), तो मानक विचलन द्वारा सीधी तुलना नहीं की जा सकती।

ऐसी स्थिति में तुलना करने के लिए मानक विचलन को सापेक्ष माप (Relative measure) में बदला जाता है, जिसे विचरण गुणांक (Coefficient of Variation - CV) कहते हैं। यह मानक विचलन का समांतर माध्य के सापेक्ष प्रतिशत मान होता है:

$$ \text{विचरण गुणांक (CV)} = \frac{\text{मानक विचलन (SD)}}{\text{समांतर माध्य (Mean)}} \times 100 = \frac{\sigma}{\bar{x}} \times 100 $$

विचरण गुणांक (CV) का उपयोग एवं निष्कर्ष:

जब हम दो या अधिक श्रेणियों की परिवर्तनशीलता की तुलना करते हैं:

उदाहरण 6 (Example 6):

धान की एक किस्म की उपज और पौधे की ऊंचाई के आंकड़े निम्नलिखित हैं। उपज का माध्य 50 किग्रा और मानक विचलन 10 किग्रा है। पौधे की ऊंचाई का माध्य 55 सेमी और मानक विचलन 5 सेमी है। बताइए किस लक्षण में अधिक परिवर्तनशीलता है?

हल (Solution):

चूंकि दोनों माप अलग-अलग इकाइयों में हैं, इसलिए इनकी तुलना विचरण गुणांक (CV) द्वारा की जाएगी:

उपज के लिए:

$$ CV = \frac{10}{50} \times 100 = 20\% $$

पौधे की ऊंचाई के लिए:

$$ CV = \frac{5}{55} \times 100 = 9.09\% \approx 9.1\% $$

निष्कर्ष: उपज का CV (20%) पौधे की ऊंचाई के CV (9.1%) से अधिक है। अतः पौधे की ऊंचाई की तुलना में उपज में अधिक विचरण या परिवर्तनशीलता है।

अभ्यास प्रश्न (Questions)

  1. चरम मानों (Extreme values) की उपस्थिति से प्रकीर्णन का कौन सा माप सबसे अधिक प्रभावित होता है:

    a) परास (Range)
    b) मानक विचलन (Standard Deviation)
    c) चतुर्थक विचलन (Quartile Deviation)
    d) माध्य विचलन (Mean Deviation)

    उत्तर (Ans): b) मानक विचलन (Standard Deviation)

  2. प्रसरण (Variance) निम्नलिखित में से किसका वर्ग होता है:

    a) परास (Range)
    b) मानक विचलन (Standard Deviation)
    c) चतुर्थक विचलन (Quartile Deviation)
    d) माध्य विचलन (Mean Deviation)

    उत्तर (Ans): b) मानक विचलन (Standard Deviation)

  3. यदि किस्म I का CV 30% और किस्म II का CV 25% हो, तो किस्म II उपज में अधिक सुसंगत (Consistent) है।

    उत्तर (Ans): सत्य (True)

  4. आंकड़ों के समूह 5, 5, 5, 5, 5, 5 के लिए मानक विचलन का मान शून्य (0) होगा।

    उत्तर (Ans): सत्य (True)

  5. प्रकीर्णन के निरपेक्ष मापों (Absolute measures) की इकाइयां मूल आंकड़ों की इकाइयों के समान होती हैं।

    उत्तर (Ans): सत्य (True)

  6. आंकड़ों के किसी समूह के लिए माध्य विचलन का मान ऋणात्मक (Negative) भी हो सकता है।

    उत्तर (Ans): असत्य (False — विचलन सदैव निरपेक्ष या धनात्मक लिया जाता है)

  7. प्रकीर्णन (Dispersion) को परिभाषित कीजिए और इसके विभिन्न मापों के नाम लिखिए।
  8. विचरण गुणांक (CV) की परिभाषा दीजिए तथा कृषि अनुसंधान में इसके उपयोग बताइए।
  9. प्रकीर्णन के निरपेक्ष माप (Absolute measure) और सापेक्ष माप (Relative measure) में मुख्य अंतर स्पष्ट कीजिए।
  10. कच्चे और वर्गीकृत आंकड़ों के लिए मानक विचलन के परिकलन की विधि समझाइए।
🔄 संस्करण 2.0 अद्यतन (Version 2.0 Update)
अंतिम अद्यतन (Last Updated): 7 सितंबर 2026
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