प्रायिकता (Probability) - मूल अवधारणाएं - परीक्षण (Trial) - घटना (Event) - सम-संभाव्य (Equally Likely) - परस्पर अपवर्जी (Mutually Exclusive) - स्वतंत्र घटनाएं (Independent Events), योग और गुणन नियम (Additive and Multiplicative Laws)। सैद्धांतिक वितरण (Theoretical Distributions) - असतत और सतत वितरण (Discrete and Continuous Distributions), द्विपद वितरण (Binomial Distribution) - गुणधर्म (Properties)
प्रायिकता (Probability) किसी अनिश्चित घटना के घटित होने की संभावना या अवसर का गणितीय माप है। दैनिक जीवन में हम प्रायः कहते हैं कि 'आज वर्षा होने की संभावना है' या 'फसल का उत्पादन अच्छा रहने की उम्मीद है'। यदि आकाश पूरी तरह साफ और धूपदार है, तो वर्षा की प्रायिकता शून्य (0) होती है। इसके विपरीत, यदि आकाश में घने काले बादल छाए हैं, तो वर्षा की प्रायिकता एक (1) अर्थात् निश्चित मानी जाती है। 0 और 1 के बीच के भिन्न या दशमलव मान विभिन्न घटनाओं के घटित होने की अनिश्चितता को व्यक्त करते हैं।
सांख्यिकी और गणित में अनिश्चितता (Uncertainty) के संख्यात्मक माप को प्रायिकता का सिद्धांत (Theory of Probability) कहते हैं। संक्षेप में, प्रायिकता का सिद्धांत पूर्ण निश्चितता (Certainty) को 1 से, असंभवता (Impossibility) को 0 से और अनिश्चित घटनाओं को 0 व 1 के मध्य स्थित संख्यात्मक मानों द्वारा निरूपित करता है।
जब किसी प्रयोग (Experiment) को अनिवार्य रूप से समान परिस्थितियों में बार-बार दोहराने पर भी परिणाम पूर्व-निश्चित न होकर कई संभावित परिणामों में से कोई एक प्राप्त हो सकता हो, तो ऐसे प्रयोग को करना परीक्षण या प्रयास (Trial) कहलाता है। इस परीक्षण से प्राप्त होने वाले परिणामों को घटनाएं (Events) कहते हैं।
उदाहरण 1: बीज का अंकुरण (Seed Germination) — बीज का अंकुरित होना अथवा अंकुरित न होना दो घटनाएं हैं।
उदाहरण 2: 5 बीजों के एक समूह में 0, 1, 2, 3, 4 या सभी 5 बीजों का अंकुरित होना विभिन्न घटनाएं हैं।
किसी यादृच्छिक प्रयोग के सभी संभावित परिणामों (Possible Outcomes) के समुच्चय (Set) को प्रतिदर्श समष्टि (Sample Space) कहते हैं। इसे प्रायः \( S \) द्वारा दर्शाया जाता है। प्रतिदर्श समष्टि के प्रत्येक अवयव या परिणाम को प्रतिदर्श बिंदु (Sample Point) कहा जाता है।
उदाहरण: यदि किसी खेत में 5 बीज बोए जाएं, तो अंकुरित होने वाले बीजों की संभावित संख्या का समुच्चय \( S = \{0, 1, 2, 3, 4, 5\} \) होगा। यह समुच्चय प्रतिदर्श समष्टि कहलाता है।
किसी परीक्षण में होने वाले सभी संभावित परिणामों की कुल संख्या को निःशेष घटनाएं या सर्वांगी मामले (Exhaustive Events / Cases) कहते हैं।
उदाहरण:
| परीक्षण - यादृच्छिक प्रयोग (Trial - Random Experiment) | संभावित परिणामों की कुल संख्या (Total Outcomes) | प्रतिदर्श समष्टि (Sample Space) |
|---|---|---|
| (1) एक कीट पर कीटनाशक का प्रयोग (One pest exposed to pesticide) | \( 2^1 = 2 \) | {S, D} |
| (2) दो कीटों पर कीटनाशक का प्रयोग (Two pests exposed to pesticide) | \( 2^2 = 4 \) | {SS, SD, DS, DD} |
| (3) तीन कीटों पर कीटनाशक का प्रयोग (Three pests exposed to pesticide) | \( 2^3 = 8 \) | {SSS, SSD, SDS, DSS, SDD, DSD, DDS, DDD} |
| (4) तीन बीजों का एक समूह (One set of three seeds) | \( 4^1 = 4 \) | {0, 1, 2, 3} |
| (5) तीन बीजों के दो समूह (Two sets of three seeds) | \( 4^2 = 16 \) | {(0,0), (0,1), (0,2), ..., (3,3)} आदि |
किसी परीक्षण में जो परिणाम हमारे अभीष्ट उद्देश्य या घटना के घटित होने को सुनिश्चित करते हैं, उन्हें अनुकूल घटनाएं (Favourable Events) या अनुकूल मामले कहते हैं।
उदाहरण: जब कोई बीज बोया जाता है और हमारा उद्देश्य अंकुरण देखना है, तो बीज का अंकुरित होना अनुकूल घटना है। यदि हमारा अध्ययन अंकुरण न होने पर केंद्रित है, तो अंकुरण न होना अनुकूल घटना मानी जाएगी।
दो या दो से अधिक घटनाएं परस्पर अपवर्जी (Mutually Exclusive Events) कहलाती हैं, यदि उनमें से किसी एक घटना का घटित होना अन्य सभी घटनाओं के घटित होने को पूरी तरह रोक देता है। सरल शब्दों में, एक ही परीक्षण में दोनों घटनाएं एक साथ कभी घटित नहीं हो सकतीं (अर्थात् संयुक्त घटना असंभव है)।
उदाहरण: बीज अंकुरण के परीक्षण में बीज या तो अंकुरित होगा या अंकुरित नहीं होगा। अंकुरण और गैर-अंकुरण दोनों परस्पर अपवर्जी घटनाएं हैं।
यदि किसी परीक्षण में किसी एक घटना के घटित होने की संभावना अन्य घटनाओं की तुलना में न कम हो और न अधिक, तो ऐसी घटनाओं को सम-संभाव्य घटनाएं (Equally Likely Events) कहते हैं। अर्थात् सभी घटनाओं के घटित होने के समान अवसर होते हैं।
उदाहरण: एक निष्पक्ष पासे को फेंकने पर 1 से 6 तक के किसी भी फलक के ऊपर आने की संभावना समान होती है।
दो या अधिक घटनाएं स्वतंत्र घटनाएं (Independent Events) कहलाती हैं, यदि किसी एक घटना के घटित होने या न होने का प्रभाव दूसरी घटना के घटित होने पर बिल्कुल नहीं पड़ता है।
उदाहरण: एक गमले में दो अलग-अलग बीज बोने पर, पहले बीज का अंकुरण दूसरे बीज के अंकुरण को किसी भी प्रकार प्रभावित नहीं करता।
यदि किसी एक घटना के घटित होने से दूसरी घटना के घटित होने की प्रायिकता प्रभावित होती है, तो ऐसी घटनाओं को आश्रित घटनाएं (Dependent Events) कहते हैं।
उदाहरण: अच्छी तरह फेंटे गए ताश के 52 पत्तों में से एक पत्ता निकालने के बाद, उसे वापस रखे बिना (Without replacement) दूसरा पत्ता निकालना आश्रित घटना है, क्योंकि पहले निकाले गए पत्ते से कुल पत्तों की संख्या घटकर 51 रह जाती है।
विशेष बिंदु (Note): स्वतंत्र अथवा आश्रित दोनों ही स्थितियों में संयुक्त घटना (Joint occurrence) संभव होती है।
यदि किसी यादृच्छिक प्रयोग के कुल \( n \) निःशेष, परस्पर अपवर्जी और सम-संभाव्य परिणाम हों, जिनमें से \( m \) परिणाम किसी विशेष घटना \( A \) के अनुकूल हों, तो घटना \( A \) के घटित होने की प्रायिकता \( P(A) \) को इस प्रकार परिभाषित किया जाता है:
महत्वपूर्ण बिंदु (Key Points):
यदि किसी प्रयोग को बहुत अधिक बार (\( n \) बार) दोहराया जाए और कोई घटना \( A \) कुल \( m \) बार घटित हो, तो घटना \( A \) की सांख्यिकीय प्रायिकता इस सीमांत मान द्वारा दी जाती है:
उदाहरण 1: दो पासे एक साथ फेंके जाते हैं। प्रायिकता ज्ञात कीजिए कि (i) अंकों का योग 6 हो (Sum 6) (ii) अंकों का योग 9 हो (Sum 9)।
हल (Solution):
जब दो पासे फेंके जाते हैं, तो कुल निःशेष परिणामों की संख्या \( 6 \times 6 = 36 \) होती है।
(i) अंकों का योग 6 होने के अनुकूल परिणाम = {(1, 5), (2, 4), (3, 3), (4, 2), (5, 1)}
∴ अनुकूल मामलों की संख्या = 5
(ii) अंकों का योग 9 होने के अनुकूल परिणाम = {(3, 6), (4, 5), (5, 4), (6, 3)}
∴ अनुकूल मामलों की संख्या = 4
उदाहरण 2: ताश की 52 पत्तों की गड्डी से एक पत्ता निकाला जाता है। प्रायिकता ज्ञात कीजिए कि वह (i) एक बादशाह (King) हो (ii) एक हुकुम (Spade) हो (iii) एक लाल पत्ता (Red Card) हो (iv) एक संख्या वाला पत्ता (Numbered Card) हो।
हल (Solution):
ताश की गड्डी में कुल 52 पत्ते होते हैं। 1 पत्ता चुनने के कुल निःशेष तरीके = \( ^{52}C_1 = 52 \)।
(i) एक बादशाह (A king): गड्डी में कुल 4 बादशाह होते हैं। 1 बादशाह चुनने के अनुकूल तरीके = \( ^4C_1 = 4 \)।
(ii) एक हुकुम (A spade): गड्डी में कुल 13 हुकुम के पत्ते होते हैं। अनुकूल तरीके = \( ^{13}C_1 = 13 \)।
(iii) एक लाल पत्ता (A red card): गड्डी में 26 लाल पत्ते (13 पान + 13 ईंट) होते हैं। अनुकूल तरीके = \( ^{26}C_1 = 26 \)।
(iv) एक संख्या वाला पत्ता (A numbered card): 2 से 10 तक प्रत्येक सूट में 9 संख्या वाले पत्ते होते हैं, कुल संख्या वाले पत्ते = \( 4 \times 9 = 36 \)। अनुकूल तरीके = \( ^{36}C_1 = 36 \)।
उदाहरण 3: यादृच्छिक रूप से चुने गए एक लीप वर्ष (Leap Year) में 53 रविवार होने की प्रायिकता क्या है?
हल (Solution):
एक लीप वर्ष में 366 दिन होते हैं। इसमें 52 पूर्ण सप्ताह (364 दिन) और 2 दिन शेष बचते हैं।
शेष 2 दिनों के संभावित युग्म (कुल 7 निःशेष स्थितियां) निम्नलिखित हैं:
(1) रवि-सोम (2) सोम-मंगल (3) मंगल-बुध (4) बुध-गुरु (5) गुरु-शुक्र (6) शुक्र-शनि (7) शनि-रवि।
53 रविवार होने के लिए शेष 2 दिनों में से एक दिन रविवार होना चाहिए।
रविवार वाले अनुकूल युग्म = 2 (रवि-सोम, शनि-रवि)
कुल निःशेष मामले = 7
जब दो घटनाएं \( A \) और \( B \) आश्रित हों, अर्थात् घटना \( B \) के घटित होने की प्रायिकता इस बात पर निर्भर करे कि घटना \( A \) पहले ही घटित हो चुकी है, तो इसे सप्रतिबंध प्रायिकता (Conditional Probability) कहते हैं। इसे \( P(B/A) \) से दर्शाया जाता है (अर्थात् '\( A \) के दिए होने पर \( B \) की प्रायिकता')।
यदि दो घटनाएं \( A \) और \( B \) आश्रित हों, तो \( A \) के दिए होने पर \( B \) की सप्रतिबंध प्रायिकता का सूत्र है:
इसी प्रकार, \( B \) के दिए होने पर \( A \) की सप्रतिबंध प्रायिकता:
प्रायिकता में दो अत्यंत महत्वपूर्ण प्रमेय प्रयुक्त होते हैं:
(i) जब घटनाएं \( A \) और \( B \) परस्पर अपवर्जी न हों (Non-Mutually Exclusive Events):
या \( P(A \cup B) = P(A) + P(B) - P(AB) \)
(ii) जब घटनाएं \( A \) और \( B \) परस्पर अपवर्जी हों (Mutually Exclusive Events):
प्रमाण (Proof):
समुच्चय सिद्धांत से हम जानते हैं कि, \( n(A \cup B) = n(A) + n(B) \)
दोनों पक्षों को कुल परिणामों \( n \) से भाग देने पर:
\( \frac{n(A \cup B)}{n} = \frac{n(A) + n(B)}{n} = \frac{n(A)}{n} + \frac{n(B)}{n} \)
\( \therefore P(A \cup B) = P(A) + P(B) \)
तीन घटनाओं के लिए नियम (For 3 Events):
(a) जब तीनों घटनाएं परस्पर अपवर्जी न हों:
\( P(A \cup B \cup C) = P(A) + P(B) + P(C) - P(A \cap B) - P(B \cap C) - P(A \cap C) + P(A \cap B \cap C) \)
(b) जब तीनों घटनाएं परस्पर अपवर्जी हों:
\( P(A \cup B \cup C) = P(A) + P(B) + P(C) \)
योग नियम के उदाहरण (Examples):
1. एक पासा फेंकने पर 1 या 6 आने की प्रायिकता ज्ञात करना: 1 आने की प्रायिकता \( 1/6 \) और 6 आने की प्रायिकता \( 1/6 \) है। चूंकि दोनों एक साथ नहीं आ सकते (परस्पर अपवर्जी), अतः:
2. ताश की गड्डी से पान का 4 (4 of Hearts) या किसी भी सूट का 6 आने की प्रायिकता:
गड्डी में पान का 4 केवल एक होता है, 6 कुल 4 होते हैं, तथा ऐसा कोई पत्ता नहीं है जो दोनों हो।
3. ताश की गड्डी से एक बादशाह (King) या चिड़ी (Club) आने की प्रायिकता:
यहाँ गड्डी में 4 बादशाह, 13 चिड़ी और 1 चिड़ी का बादशाह दोनों में उभयनिष्ठ (Common) होता है। दोहरी गिनती से बचने के लिए इसे एक बार घटाया जाता है।
(i) जब घटनाएं \( A \) और \( B \) आश्रित हों (Dependent Events):
अथवा
जहाँ \( P(B/A) \) और \( P(A/B) \) क्रमशः सप्रतिबंध प्रायिकताएं हैं।
प्रमाण (Proof):
मान लीजिए कुल परिणामों की संख्या \( n \) है, घटना \( A \) में अनुकूल परिणामों की संख्या \( n(A) \), घटना \( B \) में \( n(B) \), तथा संयुक्त घटना में \( n(A \cap B) \) है।
(ii) जब घटनाएं \( A \) और \( B \) स्वतंत्र हों (Independent Events):
स्वतंत्र घटनाओं के लिए \( P(B/A) = P(B) \) और \( P(A/B) = P(A) \) होता है। अतः:
तीन घटनाओं के लिए नियम (For 3 Events):
(a) आश्रित होने पर: \( P(A \cap B \cap C) = P(A) \cdot P(B/A) \cdot P(C/AB) \)
(b) स्वतंत्र होने पर: \( P(A \cap B \cap C) = P(A) \cdot P(B) \cdot P(C) \)
गुणन नियम का उदाहरण: ताश की गड्डी से एक पत्ता निकालने और फिर दूसरा पत्ता निकालने पर दोनों घटनाओं की अलग-अलग प्रायिकताओं का परस्पर गुणा किया जाता है। यदि पत्ते बिना वापस रखे निकाले जाएं तो सप्रतिबंध प्रायिकता का गुणन नियम लागू होता है, और यदि वापस रखकर निकाले जाएं तो स्वतंत्र प्रायिकता का गुणन नियम लागू होता है।
प्रायिकता को व्यक्त किया जाता है:
a) अनुपात (Ratio)
b) प्रतिशत (Percentage)
c) समानुपात (Proportion)
d) उपरोक्त सभी (All the above)
उत्तर: d) उपरोक्त सभी (All the above)
प्रायिकता का मान हो सकता है:
a) \( -\infty \) से \( +\infty \)
b) \( -\infty \) से 1
c) 0 से +1
d) -1 से +1
उत्तर: c) 0 से +1
एक निश्चित घटना (Sure event) की प्रायिकता एक (1) होती है।
उत्तर: सत्य (True)
यदि \( A \) और \( B \) परस्पर अपवर्जी घटनाएं हैं, तो \( P(A \cup B) = P(A) + P(B) \)।
उत्तर: सत्य (True)
1 से 20 तक में से एक पूर्णांक चुना जाता है। इस संख्या के 4 से विभाज्य होने की प्रायिकता 1/4 है।
उत्तर: सत्य (True) (4 से विभाज्य संख्याएं: 4, 8, 12, 16, 20 कुल 5 हैं; अतः प्रायिकता = 5/20 = 1/4)
द्विपद वितरण (Binomial Distribution) का माध्य \( npq \) होता है।
उत्तर: असत्य (False) (द्विपद वितरण का माध्य \( np \) तथा प्रसरण \( npq \) होता है)