प्रायिकता (Probability)

व्याख्यान 6 (Lecture 6)

प्रायिकता (Probability) - मूल अवधारणाएं - परीक्षण (trial) - घटना (event) - समान रूप से संभावित (equally likely) - परस्पर अपवर्जी (mutually exclusive) - स्वतंत्र घटना (independent event), योगात्मक और गुणात्मक नियम (additive and multiplicative laws)। सैद्धांतिक वितरण (Theoretical distributions) - असतत और निरंतर वितरण (discrete and continuous distributions), द्विपद वितरण (Binomial distributions) - गुण (properties)

प्रायिकता (Probability)

प्रायिकता (probability) की अवधारणा को सटीक शब्दों में परिभाषित करना मुश्किल है। सामान्य भाषा में, संभावित (probable) शब्द का अर्थ संभावना (likely or chance) है। आम तौर पर, प्रायिकता शब्द का उपयोग किसी निश्चित घटना (certain event) के घटित होने और पिछले अनुभवों के आधार पर उस घटना के घटित होने की संभावना (likelihood) को दर्शाने के लिए किया जाता है। साफ आसमान को देखकर कोई कहेगा कि आज बारिश नहीं होगी। दूसरी ओर, बादल छाए हुए आसमान (cloudy sky) या घिरे हुए आसमान को देखकर कोई कहेगा कि आज बारिश होगी। पहले वाक्य में, हमारा उद्देश्य है कि बारिश नहीं होगी और बाद वाले में हम बारिश की उम्मीद करते हैं। दूसरी ओर एक गणितज्ञ (mathematician) का कहना है कि पहले मामले में बारिश की प्रायिकता '0' है और दूसरे मामले में बारिश की प्रायिकता '1' है। 0 और 1 के बीच, घटना के घटित होने की संभावना को दर्शाने वाले भिन्न (fractions) होते हैं।

सामान्य भाषा में, प्रायिकता शब्द का अर्थ है घटनाओं के बारे में अनिश्चितता (uncertainty)। गणित और सांख्यिकी में, अनिश्चितता का एक संख्यात्मक माप (numerical measure) सांख्यिकी की महत्वपूर्ण शाखा द्वारा प्रदान किया जाता है - जिसे प्रायिकता का सिद्धांत (theory of probability) कहा जाता है। इस प्रकार हम कह सकते हैं कि प्रायिकता का सिद्धांत 1 (एक) द्वारा निश्चितता (certainty), 0 (शून्य) द्वारा असंभवता (impossibility) और गुणांक (co-efficient) द्वारा अनिश्चितताओं (uncertainties) का वर्णन करता है जो 0 और 1 के बीच होता है।

परीक्षण और घटना (Trial and Event)

एक प्रयोग (experiment) जिसे यद्यपि अनिवार्य रूप से समान (identical or same) परिस्थितियों में दोहराया जाता है, अद्वितीय परिणाम (unique results) नहीं देता है, लेकिन इसके परिणामस्वरूप कई संभावित परिणामों (possible outcomes) में से कोई एक हो सकता है। कोई प्रयोग करना परीक्षण (trial) कहलाता है और प्रयोग के परिणामों को घटनाएँ (events) कहा जाता है।

उदाहरण (Example) 1: बीज का अंकुरण (Seed germination) - या तो अंकुरित होता है या अंकुरित नहीं होता है घटनाएँ (events) हैं।

2. 5 बीजों के एक समूह में कोई भी अंकुरित नहीं हो सकता (0), 1 या 2 या 3 या 4 या सभी 5 अंकुरित हो सकते हैं।

प्रतिदर्श समष्टि (Sample space - S)

किसी प्रयोग से सभी संभावित परिणामों (possible outcomes) के एक सेट को प्रतिदर्श समष्टि (sample space) कहा जाता है। उदाहरण के लिए, एक भूखंड (plot) में पांच बीज बोए जाते हैं, कोई भी अंकुरित नहीं हो सकता है, 1, 2, 3, 4 या सभी पांच अंकुरित हो सकते हैं। यानी संभावित परिणाम {0, 1, 2, 3, 4, 5} हैं। संख्याओं के सेट को प्रतिदर्श समष्टि कहा जाता है। प्रतिदर्श समष्टि में प्रत्येक संभावित परिणाम (या) तत्व को प्रतिदर्श बिंदु (sample point) कहा जाता है।

निःशेष घटनाएँ (Exhaustive Events)

किसी भी परीक्षण में संभावित परिणामों की कुल संख्या (total number) को निःशेष घटनाएँ (exhaustive events) या निःशेष मामले (exhaustive cases) कहा जाता है।

उदाहरण (Example)

  1. जब कीटनाशक (pesticide) लगाया जाता है तो एक कीट (pest) जीवित रह सकता है या मर सकता है। यहाँ दो निःशेष मामले हैं अर्थात् (जीवित रहना, मृत्यु - survival, death)।
  2. एक पासा (die) फेंकने में, छह निःशेष मामले होते हैं, क्योंकि 6 चेहरों 1, 2, 3, 4, 5, 6 में से कोई भी एक सबसे ऊपर आ सकता है।
  3. ताश की एक गड्डी (pack of cards) से 2 कार्ड निकालने में मामलों की निःशेष संख्या \( 52C_2 \) है, क्योंकि 52 कार्डों में से 2 कार्डों को \( 52C_2 \) तरीकों से निकाला जा सकता है।
परीक्षण - यादृच्छिक प्रयोग (Trial - Random Experiment) परीक्षणों की कुल संख्या (Total number of trials) प्रतिदर्श समष्टि (Sample Space)
(1) एक कीट कीटनाशक के संपर्क में आता है (One pest is exposed to pesticide) \( 2^1 = 2 \) {S, D}
(2) दो कीट कीटनाशक के संपर्क में आते हैं (Two pests are exposed to pesticide) \( 2^2 = 4 \) {SS, SD, DS, DD}
(3) तीन कीट कीटनाशक के संपर्क में आते हैं (Three pests are exposed to pesticide) \( 2^3 = 8 \) {SSS, SSD, SDS, DSS, SDD, DSD, DDS, DDD}
(4) तीन बीजों का एक सेट (One set of three seeds) \( 4^1 = 4 \) {0, 1, 2, 3}
(5) तीन बीजों के दो सेट (Two sets of three seeds) \( 4^2 = 16 \) {0,1}, {0,2}, {0,3} आदि (etc)

अनुकूल घटनाएँ (Favourable Events)

किसी परीक्षण में किसी घटना के अनुकूल (favourable) मामलों की संख्या उन परिणामों की संख्या है जो घटना के घटित होने पर जोर देते हैं।

उदाहरण (Example)

  1. जब एक बीज बोया जाता है यदि हम किसी बीज का अंकुरण नहीं (non germination) देखते हैं, तो यह एक अनुकूल घटना है। यदि हम बीज के अंकुरण में रुचि रखते हैं तो अंकुरण अनुकूल घटना है।

परस्पर अपवर्जी घटनाएँ (Mutually Exclusive Events)

घटनाओं को परस्पर अपवर्जी (mutually exclusive) या असंगत (incompatible) कहा जाता है यदि किसी एक घटना का घटित होना अन्य सभी के घटित होने को बाहर कर देता है (या) रोकता है अर्थात यदि एक ही परीक्षण में एक साथ दो या अधिक घटनाएँ नहीं हो सकती हैं। (अर्थात) संयुक्त घटना (joint occurrence) संभव नहीं है।

उदाहरण (Example)

  1. बीज अंकुरण के अवलोकन में बीज या तो अंकुरित हो सकता है या अंकुरित नहीं होगा। अंकुरण और गैर अंकुरण परस्पर अपवर्जी घटनाएँ (mutually exclusive events) हैं।

समान रूप से संभावित घटनाएँ (Equally Likely Events)

परीक्षण के परिणामों को समान रूप से संभावित (equally likely) कहा जाता है यदि सभी प्रासंगिक साक्ष्यों (relevant evidences) को ध्यान में रखते हुए, दूसरों की तुलना में किसी एक से उम्मीद करने का कोई कारण नहीं है। (अर्थात) दो या दो से अधिक घटनाओं को समान रूप से संभावित कहा जाता है यदि उनमें से प्रत्येक के घटित होने की समान संभावना (equal chance) हो।

स्वतंत्र घटनाएँ (Independent Events)

कई घटनाओं को स्वतंत्र (independent) कहा जाता है यदि किसी घटना का घटित होना एक या अधिक घटनाओं के घटित होने से प्रभावित नहीं होता है।

उदाहरण (Example)

  1. जब एक बर्तन (pot) में दो बीज बोए जाते हैं, तो एक बीज अंकुरित होता है। यह दूसरे बीज के अंकुरण या गैर-अंकुरण को प्रभावित नहीं करेगा। एक घटना दूसरी घटना को प्रभावित नहीं करती है।

आश्रित घटनाएँ (Dependent Events)

यदि एक घटना का घटित होना एक या अधिक घटनाओं के घटित होने से प्रभावित होता है, तो घटनाओं को आश्रित घटनाएँ (dependent events) कहा जाता है।

उदाहरण (Example)

यदि हम अच्छी तरह से फेंटे हुए (well shuffled) ताश की एक गड्डी से एक कार्ड निकालते हैं, यदि निकाले गए पहले कार्ड को बदला (replaced) नहीं जाता है तो दूसरा ड्रा पहले ड्रा पर निर्भर (dependent) करता है।

नोट (Note): स्वतंत्र (या) आश्रित घटनाओं के मामले में, संयुक्त घटना (joint occurrence) संभव है।

प्रायिकता की परिभाषा (Definition of Probability)

गणितीय (Mathematical) या शास्त्रीय (Classical) या ए-प्रायोरी (a-priori) प्रायिकता

यदि एक प्रयोग के परिणामस्वरूप 'n' निःशेष मामले (exhaustive cases) होते हैं जो परस्पर अपवर्जी (mutually exclusive) और समान रूप से संभावित (equally likely) मामले हैं, जिनमें से 'm' घटनाएँ घटना 'A' के घटित होने के अनुकूल (favourable) हैं, तो 'A' के घटित होने की प्रायिकता 'p' इस प्रकार दी जाती है:

$$ P(A) = p = \frac{m}{n} = \frac{\text{Favourable number of cases}}{\text{Exhaustive number of cases}} $$

नोट (Note)

  1. यदि \( m = 0 \Rightarrow P(A) = 0 \), तो 'A' को एक असंभव घटना (impossible event) कहा जाता है। (अर्थात) \( P(\phi) = 0 \)।
  2. यदि \( m = n \Rightarrow P(A) = 1 \), तो 'A' को एक निश्चित घटना (sure or certain event) कहा जाता है।
  3. प्रायिकता एक गैर-नकारात्मक वास्तविक संख्या (non-negative real number) है और यह इकाई (unity) से अधिक नहीं हो सकती है (अर्थात) 0 से 1 के बीच स्थित है।
  4. घटना 'A' के घटित न होने की प्रायिकता (अर्थात) \( P(\bar{A}) \)। इसे 'q' द्वारा दर्शाया जाता है।
$$ P(\bar{A}) = \frac{n - m}{n} = 1 - \frac{m}{n} = 1 - p $$
$$ \Rightarrow q = 1 - p $$
$$ \Rightarrow p + q = 1 $$
$$ \text{(or) } P(A) + P(\bar{A}) = 1 $$

सांख्यिकीय (Statistical) या अनुभवजन्य (Empirical) प्रायिकता या ए-पोस्टीरियरी (a-posteriori) प्रायिकता

यदि किसी प्रयोग को (n) बार दोहराया जाता है, एक घटना 'A' 'm' बार घटित होती है तो 'A' की सांख्यिकीय प्रायिकता (statistical probability) इस प्रकार दी जाती है:

$$ P(A) = \lim_{n \to \infty} \frac{m}{n} $$

प्रायिकता के लिए अभिगृहीत (Axioms for Probability)

  1. किसी घटना की प्रायिकता 0 से 1 तक होती है। यदि घटना घटित नहीं हो सकती है तो उसकी प्रायिकता '0' होगी यदि वह निश्चित है, तो उसकी प्रायिकता '1' होगी।
    मान लीजिए \( E_1, E_2, \dots, E_n \) कोई भी घटनाएँ हैं, तो \( P(E_i) \geq 0 \)।
  2. संपूर्ण प्रतिदर्श समष्टि (entire sample space) की प्रायिकता '1' है। (अर्थात) \( P(S) = 1 \)।
    कुल प्रायिकता (Total Probability):
  3. यदि A और B परस्पर अपवर्जी (mutually exclusive) या असंयुक्त घटनाएँ (disjoint events) हैं, तो या तो A (या) B के घटित होने की प्रायिकता, जिसे \( P(A \cup B) \) द्वारा दर्शाया गया है, इस प्रकार दी जाएगी:
    $$ P(A \cup B) = P(A) + P(B) $$
    $$ P(E_1 \cup E_2 \cup \dots \cup E_n) = P(E_1) + P(E_2) + \dots + P(E_n) $$
    यदि \( E_1, E_2, \dots, E_n \) परस्पर अपवर्जी घटनाएँ हैं।

उदाहरण (Example) 1: दो पासे (dice) उछाले जाते हैं। प्राप्त करने की क्या प्रायिकता है (i) योग 6 (Sum 6) (ii) योग 9 (Sum 9)?

समाधान (Solution)

जब 2 पासे उछाले जाते हैं। मामलों की निःशेष संख्या 36 तरीके (ways) हैं।

(i) योग 6 = {(1, 5), (2, 4), (3, 3), (4, 2), (5, 1)}
∴ अनुकूल मामलों की संख्या (Favourable number of cases) = 5

$$ P(\text{Sum 6}) = \frac{5}{36} $$

(ii) योग 9 = {(3, 6), (4, 5), (5, 4), (6, 3)}
∴ अनुकूल मामलों की संख्या = 4

$$ P(\text{Sum 9}) = \frac{4}{36} = \frac{1}{9} $$

उदाहरण 2 (Example 2): ताश की गड्डी (pack of cards) से एक कार्ड निकाला जाता है। (i) एक राजा (a king) (ii) एक हुकुम (a spade) (iii) एक लाल कार्ड (a red card) (iv) एक संख्या वाला कार्ड (a numbered card) प्राप्त करने की क्या प्रायिकता है?

समाधान (Solution)

एक गड्डी में 52 पत्ते (cards) होते हैं। एक को \( 52C_1 \) तरीकों से चुना जा सकता है।
∴ मामलों की निःशेष संख्या (Exhaustive number of cases) = \( 52C_1 = 52 \)।

(i) एक राजा (A king):
एक गड्डी में 4 राजा होते हैं। एक राजा को \( 4C_1 \) तरीकों से चुना जा सकता है।
∴ अनुकूल मामलों की संख्या = \( 4C_1 = 4 \)
अतः एक राजा प्राप्त करने की प्रायिकता = \( \frac{4}{52} = \frac{1}{13} \)

(ii) एक हुकुम (A spade):
एक गड्डी में 13 हुकुम (spade) होते हैं। एक हुकुम को \( 13C_1 \) तरीकों से चुना जा सकता है।
∴ अनुकूल मामलों की संख्या = \( 13C_1 = 13 \)
अतः हुकुम प्राप्त करने की प्रायिकता = \( \frac{13}{52} = \frac{1}{4} \)

(iii) एक लाल कार्ड (A red card):
एक गड्डी में 26 लाल कार्ड होते हैं। एक लाल कार्ड को \( 26C_1 \) तरीकों से चुना जा सकता है।
∴ अनुकूल मामलों की संख्या = \( 26C_1 = 26 \)
अतः लाल कार्ड प्राप्त करने की प्रायिकता = \( \frac{26}{52} = \frac{1}{2} \)

(iv) एक संख्या वाला कार्ड (A numbered card):
एक गड्डी में 36 संख्या वाले कार्ड (numbered cards) होते हैं। एक संख्या वाला कार्ड \( 36C_1 \) तरीकों से चुना जा सकता है।
∴ अनुकूल मामलों की संख्या = \( 36C_1 = 36 \)
अतः संख्या वाला कार्ड प्राप्त करने की प्रायिकता = \( \frac{36}{52} = \frac{9}{13} \)

उदाहरण 3 (Example 3): यादृच्छिक रूप से (at random) चुने गए एक लीप वर्ष (leap year) में 53 रविवार (Sundays) प्राप्त करने की प्रायिकता क्या है?

समाधान (Solution)

एक लीप वर्ष में 366 दिन होते हैं। इसमें 52 पूरे सप्ताह और 2 दिन शेष (remained) होते हैं।
शेष 2 दिनों में निम्नलिखित संभावनाएँ (possibilities) हैं:

(i) रवि, सोम (Sun, Mon) (ii) सोम, मंगल (Mon, Tues) (iii) मंगल, बुध (Tues, Wed) (iv) बुध, गुरु (Wed, Thurs) (v) गुरु, शुक्र (Thurs, Fri) (vi) शुक्र, शनि (Fri, Sat) (vii) शनि, रवि (Sat, Sun)।

यादृच्छिक रूप से चुने गए लीप वर्ष में 53 रविवार होने के लिए, शेष 2 दिनों में से एक रविवार होना चाहिए।
∴ निःशेष मामलों की संख्या = 7
∴ अनुकूल मामलों की संख्या = 2
∴ आवश्यक प्रायिकता = \( \frac{2}{7} \)

सप्रतिबंध प्रायिकता (Conditional Probability)

दो घटनाओं A और B को आश्रित (dependent) कहा जाता है, जब B तभी घटित हो सकती है जब A के घटित होने का पता हो (या इसके विपरीत - vice versa)। ऐसी घटना से जुड़ी प्रायिकता को सप्रतिबंध प्रायिकता (conditional probability) कहा जाता है और इसे \( P(A/B) \) (इसे इस प्रकार पढ़ें: B दिए जाने पर A - A given B) द्वारा दर्शाया जाता है या, दूसरे शब्दों में, B के घटित होने पर A की प्रायिकता।

यदि दो घटनाएँ A और B आश्रित (dependent) हैं, तो A दिए जाने पर B की सप्रतिबंध प्रायिकता है:

$$ P(B/A) = \frac{P(A \cap B)}{P(A)}, \quad \text{provided } P(A) > 0 $$

प्रायिकता के प्रमेय (Theorems of Probability)

प्रायिकता के दो महत्वपूर्ण प्रमेय हैं:

  1. प्रायिकता पर योग प्रमेय (The addition theorem on probability)
  2. प्रायिकता पर गुणन प्रमेय (The multiplication theorem on probability)

I. प्रायिकता पर योग प्रमेय (Addition Theorem on Probability)

(i) मान लीजिए A और B कोई दो घटनाएँ हैं जो परस्पर अपवर्जी (mutually exclusive) नहीं हैं:

$$ P(A \text{ or } B) = P(A \cup B) = P(A+B) = P(A) + P(B) - P(A \cap B) $$

या (or) \( P(A \cup B) = P(A) + P(B) - P(AB) \)

(ii) मान लीजिए A और B कोई दो घटनाएँ हैं जो परस्पर अपवर्जी (mutually exclusive) हैं:

$$ P(A \text{ or } B) = P(A \cup B) = P(A+B) = P(A) + P(B) $$

प्रमाण (Proof):
हम जानते हैं कि, \( n(A \cup B) = n(A) + n(B) \)
\( P(A \cup B) = \frac{n(A \cup B)}{n} = \frac{n(A) + n(B)}{n} = \frac{n(A)}{n} + \frac{n(B)}{n} \)
\( P(A \cup B) = P(A) + P(B) \)

नोट (Note):

(i) 3 घटनाओं के मामले में, (परस्पर अपवर्जी घटनाएँ नहीं):
\( P(A \text{ or } B \text{ or } C) = P(A \cup B \cup C) = P(A) + P(B) + P(C) - P(A \cap B) - P(B \cap C) - P(A \cap C) + P(A \cap B \cap C) \)

(ii) 3 घटनाओं के मामले में, (परस्पर अपवर्जी घटनाएँ):
\( P(A \text{ or } B \text{ or } C) = P(A \cup B \cup C) = P(A) + P(B) + P(C) \)

उदाहरण (Example):

प्रायिकता के योगात्मक नियम (additive law) का उपयोग करके हम यह प्रायिकता ज्ञात कर सकते हैं कि पासे (die) के एक रोल में, हम या तो 1-स्पॉट (one-spot) या 6-स्पॉट (six-spot) प्राप्त करेंगे। 1-स्पॉट प्राप्त करने की प्रायिकता 1/6 है। 6-स्पॉट प्राप्त करने की प्रायिकता भी 1/6 है। पासा घुमाने और एक ऐसा पक्ष प्राप्त करने की प्रायिकता 0 है जिसमें 1-स्पॉट और 6-स्पॉट दोनों हों। पासे पर ऐसा कोई पक्ष नहीं है जिसमें ये दोनों घटनाएँ हों। अतः इन मानों को समीकरण में प्रतिस्थापित करने से निम्नलिखित परिणाम प्राप्त होता है:

$$ P(1 \text{ or } 6) = \frac{1}{6} + \frac{1}{6} - 0 = \frac{2}{6} = \frac{1}{3} $$

प्रायिकता के योगात्मक नियम का उपयोग करते हुए, पान का 4 (4 of hearts) या किसी भी सूट (suit) का 6 निकालने की प्रायिकता ज्ञात करने पर निम्नलिखित परिणाम मिलेगा:

$$ P(4\text{H or } 6) = \frac{1}{52} + \frac{4}{52} - 0 = \frac{5}{52} $$

डेक में केवल एक पान का 4 है, 4 छक्के हैं और ऐसा कोई कार्ड नहीं है जो पान का 4 और किसी भी सूट का छक्का दोनों हो।

अब प्रायिकता के योगात्मक नियम का उपयोग करके, आप फेंटे हुए (shuffled) कार्डों के डेक से एक राजा (king) या कोई भी चिड़ी (club) निकालने की प्रायिकता ज्ञात कर सकते हैं। समीकरण इस प्रकार पूरा होगा:

$$ P(\text{King or Club}) = \frac{4}{52} + \frac{13}{52} - \frac{1}{52} = \frac{16}{52} = \frac{4}{13} $$

यहाँ 4 राजा (kings) हैं, 13 चिड़ी (clubs) हैं, और स्पष्ट रूप से एक कार्ड राजा और चिड़ी दोनों है। हम उस कार्ड को दो बार नहीं गिनना चाहते हैं, इसलिए परिणाम प्राप्त करने के लिए आपको उसकी एक घटना (occurrence) को घटाना (subtract) होगा।

II. प्रायिकता पर गुणन प्रमेय (Multiplication Theorem on Probability)

(i) यदि A और B कोई दो घटनाएँ हैं जो स्वतंत्र नहीं हैं, अर्थात आश्रित (dependent) हैं:

$$ P(A \text{ and } B) = P(A \cap B) = P(AB) = P(A) \cdot P(B/A) $$

या (or)

$$ P(A \cap B) = P(B) \cdot P(A/B) $$

जहाँ \( P(B/A) \) और \( P(A/B) \) क्रमशः A दिए जाने पर B और B दिए जाने पर A की सप्रतिबंध प्रायिकता (conditional probability) हैं।

प्रमाण (Proof):
मान लीजिए n घटनाओं की कुल संख्या है,
n(A), A में घटनाओं की संख्या है,
n(B), B में घटनाओं की संख्या है,
\( n(A \cup B) \), \( (A \cup B) \) में घटनाओं की संख्या है,
\( n(A \cap B) \), \( (A \cap B) \) में घटनाओं की संख्या है।

$$ P(A \cap B) = \frac{n(A \cap B)}{n} = \frac{n(A)}{n} \cdot \frac{n(A \cap B)}{n(A)} = P(A) \cdot P(B/A) $$
$$ P(A \cap B) = \frac{n(A \cap B)}{n} = \frac{n(B)}{n} \cdot \frac{n(A \cap B)}{n(B)} = P(B) \cdot P(A/B) $$

(ii) यदि A और B कोई दो घटनाएँ हैं जो स्वतंत्र (independent) हैं, तो:

\( P(B/A) = P(B) \) और \( P(A/B) = P(A) \)

$$ P(A \text{ and } B) = P(A \cap B) = P(AB) = P(A) \cdot P(B) $$

नोट (Note):

(i) 3 घटनाओं (आश्रित - dependent) के मामले में:
\( P(A \cap B \cap C) = P(A) \cdot P(B/A) \cdot P(C/AB) \)

(ii) 3 घटनाओं (स्वतंत्र - independent) के मामले में:
\( P(A \cap B \cap C) = P(A) \cdot P(B) \cdot P(C) \)

उदाहरण (Example):

तो कार्डों के अच्छी तरह से फेंटे गए डेक से 4 और फिर 7 निकालने की प्रायिकता ज्ञात करने में, यह नियम बताएगा कि हमें उन अलग-अलग प्रायिकताओं को एक साथ गुणा करने की आवश्यकता है।

अच्छी तरह से फेंटे गए ताश के पत्तों को देखते हुए, पान का जैक (Jack of Hearts), पान की रानी (Queen of Hearts), पान का राजा (King of Hearts), पान का इक्का (Ace of Hearts) और पान का 10 (10 of Hearts) निकालने की प्रायिकता क्या है?

किसी भी मामले में, अच्छी तरह से फेंटे गए कार्डों के डेक को देखते हुए, कार्डों के इस वर्गीकरण को प्राप्त करना, एक बार में एक को निकालना और उसे डेक पर वापस करना अत्यधिक संभावना रहित (highly unlikely) होगा (इसकी प्रायिकता बहुत कम है)।

प्रश्न (Questions)

  1. प्रायिकता (Probability) को व्यक्त किया जाता है:

    a) अनुपात (Ratio)
    b) प्रतिशत (percentage)
    c) समानुपात (Proportion)
    d) उपरोक्त सभी (all the above)

    उत्तर (Ans): उपरोक्त सभी (all the above)

  2. प्रायिकता यहाँ से मान ले सकती है:

    a) \( -\infty \) से \( +\infty \)
    b) \( -\infty \) से 1
    c) 0 से +1
    d) -1 से +1

    उत्तर (Ans): 0 से +1

  3. एक निश्चित घटना (sure event) की प्रायिकता एक (One) होती है।

    उत्तर (Ans): सत्य (True)

  4. यदि A और B परस्पर अपवर्जी घटनाएँ (mutually exclusive events) हैं, तो \( P(A \cup B) = P(A) + P(B) \)

  5. 1 से 20 तक एक पूर्णांक (integer) चुना जाता है। इस संख्या के 4 से विभाज्य (divisible) होने की प्रायिकता 1/4 है।

    उत्तर (Ans): सत्य (True)

  6. द्विपद वितरण (Binomial Distribution) का माध्य (Mean) npq है।

    उत्तर (Ans): असत्य (False) (माध्य np होता है, प्रसरण npq होता है)

  7. एक स्वतंत्र घटना (independent event) को परिभाषित करें।
  8. सप्रतिबंध प्रायिकता (conditional probability) क्या है?
  9. योगात्मक और गुणात्मक नियम (addition and multiplication laws) बताएं।
  10. द्विपद वितरण (Binomial distribution) के गुण बताएं।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह स्टडी मटेरियल ICAR के मूल कंटेंट का हिंदी अनुवाद है। हम इसकी पूर्ण सटीकता के लिए उत्तरदायी नहीं हैं। यह फाइल अभी केवल सुधार और परीक्षण (Improvement Purpose) के लिए यहाँ उपलब्ध कराई गई है। बहुत जल्द हम इसे डाउनलोड करने के लिए PDF फॉर्मेट में अपडेट करेंगे।

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