प्रतिचयन (Sampling)

व्याख्यान 8 (Lecture 8)

प्रतिचयन (Sampling) - मूल अवधारणाएं - प्रतिचयन बनाम पूर्ण संगणना (Sampling vs Complete Enumeration), प्राचल (Parameter) और प्रतिदर्शज (Statistic) - प्रतिचयन विधियां - सरल यादृच्छिक प्रतिचयन (Simple Random Sampling) और स्तरित यादृच्छिक प्रतिचयन (Stratified Random Sampling)

प्रतिचयन की मूल अवधारणाएं (Basic Concepts of Sampling)

1. समष्टि या समग्र (Population or Universe)

सांख्यिकी में समष्टि (Population) का तात्पर्य अध्ययन के अंतर्गत आने वाली सभी संभावित इकाइयों या मदों के कुल योग से है। यह आवश्यक नहीं है कि समष्टि केवल मानव जनसंख्या ही हो। कृषि सांख्यिकी में यह किसी खेत के सभी पौधों की समष्टि (Population of Plants), कीड़ों की समष्टि (Population of Insects), या किसी बाग के सभी फलों की समष्टि हो सकती है।

2. परिमित समष्टि (Finite Population)

जब किसी समष्टि में उपस्थित इकाइयों की संख्या निश्चित, सीमित और गिनने योग्य होती है, तो उसे परिमित समष्टि (Finite Population) कहते हैं।

3. अनंत समष्टि (Infinite Population)

जब किसी समष्टि में इकाइयों की संख्या इतनी विशाल या असीमित होती है कि उन्हें व्यावहारिक रूप से पूरी तरह गिन पाना असंभव हो, तो उसे अनंत समष्टि (Infinite Population) कहते हैं।

4. प्रतिचयन ढांचा (Sampling Frame)

समष्टि की उन सभी इकाइयों की व्यापक और क्रमबद्ध सूची (List) को प्रतिचयन ढांचा (Sampling Frame) कहते हैं, जिससे प्रतिदर्श का चयन किया जाता है। उदाहरण के लिए, किसी गांव के सभी किसानों की खतौनी या मतदाता सूची।

5. प्राचल (Parameter)

समष्टि की किसी समग्र विशेषता को व्यक्त करने वाले संख्यात्मक माप को प्राचल (Parameter) कहते हैं। समष्टि के गुणों का वर्णन कुछ निश्चित मापों जैसे समष्टि माध्य (Population Mean), समष्टि मानक विचलन (Population Standard Deviation) और समष्टि प्रसरण द्वारा किया जाता है। प्राचलों को प्रायः ग्रीक अक्षरों द्वारा दर्शाया जाता है:

6. प्रतिदर्श या नमूना (Sample)

समष्टि में से किसी निश्चित विधि द्वारा चुनी गई इकाइयों के छोटे और प्रतिनिधि भाग को प्रतिदर्श या नमूना (Sample) कहते हैं।

7. प्रतिदर्शज या सांख्यिकी (Statistic)

प्रतिदर्श के आंकड़ों से परिकलित किए गए संख्यात्मक माप को प्रतिदर्शज (Statistic) कहते हैं। प्रतिदर्शज का उपयोग समष्टि के अज्ञात प्राचलों का अनुमान लगाने के लिए किया जाता है। प्रतिदर्शज को सामान्यतः रोमन अक्षरों द्वारा दर्शाया जाता है:

प्रतिदर्शज एक यादृच्छिक चर (Random Variable) होता है क्योंकि इसका मान एक प्रतिदर्श से दूसरे प्रतिदर्श में बदलता रहता है।

8. प्रतिचयन (Sampling)

किसी समग्र समष्टि में से एक प्रतिनिधि प्रतिदर्श (नमूना) का चयन करने की वैज्ञानिक प्रक्रिया को प्रतिचयन (Sampling) कहते हैं।

प्रतिचयन तकनीक और सर्वेक्षण के प्रकार (Sampling Techniques)

सांख्यिकीय सर्वेक्षण (Statistical Survey) में आंकड़े एकत्रित करने की दो प्रमुख विधियां हैं:

  1. जनगणना या पूर्ण संगणना सर्वेक्षण (Census or Complete Enumeration Survey): इसमें समष्टि की प्रत्येक इकाई से प्रत्यक्ष संपर्क करके आंकड़े एकत्र किए जाते हैं (जैसे भारत की राष्ट्रीय जनगणना)।
  2. प्रतिदर्श सर्वेक्षण (Sample Survey): इसमें संपूर्ण समष्टि के स्थान पर केवल चुने हुए प्रतिदर्श की इकाइयों का अध्ययन करके निष्कर्ष निकाले जाते हैं।

दैनिक जीवन और कृषि कार्यों में प्रतिचयन एक स्वाभाविक और सार्वभौमिक प्रक्रिया है:

प्रतिचयन की आवश्यकता और महत्व (Need and Importance of Sampling)

व्यावहारिक अनुसंधान में पूर्ण संगणना के स्थान पर प्रतिचयन को निम्नलिखित कारणों से प्राथमिकता दी जाती है:

  1. संसाधनों की बचत (Economy of Resources): प्रतिदर्श सर्वेक्षण में धन, समय, कुशल मानव संसाधन और उपकरणों की भारी बचत होती है।
  2. विनाशकारी परीक्षण (Destructive Testing): जब परीक्षण की प्रक्रिया में वस्तु नष्ट हो जाती है (जैसे बीजों का अंकुरण प्रतिशत ज्ञात करना, या कीटनाशक की प्रभावशीलता का परीक्षण), तो प्रतिचयन ही एकमात्र विकल्प होता है।
  3. त्वरित परिणाम (Timeliness): विशाल समष्टि की पूर्ण गणना में अत्यधिक समय लगता है। आपातकालीन या सामयिक निर्णयों हेतु प्रतिदर्श सर्वेक्षण त्वरित निष्कर्ष प्रदान करता है।
  4. अनंत समष्टि की स्थिति (Infinite Population): जब समष्टि असीमित या अनंत हो, तो पूर्ण गणना असंभव होती है और केवल प्रतिचयन ही संभव है।
  5. उच्चतर सटीकता (Greater Accuracy): सीमित इकाइयों पर अध्ययन होने के कारण प्रशिक्षित प्रगणकों द्वारा उच्च गुणवत्ता और न्यूनतम गैर-प्रतिचयन त्रुटि के साथ आंकड़े जुटाए जा सकते हैं।

प्रतिचयन की विधियां (Sampling Methods)

प्रतिचयन विधियों को मुख्य रूप से दो प्रमुख वर्गों में विभाजित किया जाता है:

  1. प्रायिकता प्रतिचयन या यादृच्छिक प्रतिचयन (Probability / Random Sampling): इसमें समष्टि की प्रत्येक इकाई के चुने जाने की एक निश्चित और ज्ञात प्रायिकता होती है।
  2. गैर-प्रायिकता प्रतिचयन (Non-Probability Sampling): इसमें इकाइयों का चयन शोधकर्ता के व्यक्तिगत निर्णय या सुविधा पर आधारित होता है।

यादृच्छिक प्रतिचयन (Random Sampling)

इस विधि में किसी भी पूर्वाग्रह के बिना, समष्टि की प्रत्येक इकाई को प्रतिदर्श में सम्मिलित होने का समान अथवा ज्ञात अवसर प्राप्त होता है। यादृच्छिक प्रतिचयन में चयन की दो प्रमुख प्रक्रियाएं हैं:

  1. प्रतिस्थापन सहित प्रतिचयन (Sampling With Replacement - SWR): प्रत्येक चयन के बाद चुनी गई इकाई को वापस समष्टि में मिला दिया जाता है, जिससे प्रत्येक ड्रा में समष्टि का आकार स्थिर रहता है।
  2. प्रतिस्थापन रहित प्रतिचयन (Sampling Without Replacement - SWOR): एक बार चुनी गई इकाई को समष्टि में वापस नहीं रखा जाता। व्यावहारिक अनुसंधान में सामान्यतः SWOR का ही उपयोग किया जाता है।

यादृच्छिक प्रतिचयन की मुख्य विधियां निम्नलिखित हैं:

सरल यादृच्छिक प्रतिचयन (Simple Random Sampling - SRS)

सरल यादृच्छिक प्रतिचयन (SRS) सबसे बुनियादी और सरल प्रायिकता प्रतिचयन विधि है। इसका प्रयोग तब किया जाता है जब समष्टि पूरी तरह समरूप (Homogeneous) हो।

परिभाषा: सरल यादृच्छिक प्रतिचयन वह विधि है जिसमें \( N \) आकार की समष्टि में से \( n \) आकार के प्रतिदर्श का चयन इस प्रकार किया जाता है कि समष्टि की प्रत्येक इकाई के चुने जाने की प्रायिकता समान (\( 1/N \)) हो। साथ ही, \( n \) इकाइयों के बनने वाले सभी \( ^NC_n \) संभावित प्रतिदर्शों में से प्रत्येक के चुने जाने की संभावना समान (\( 1/^NC_n \)) होती है।

सरल यादृच्छिक प्रतिदर्श चयन की विधियां (Selection Methods in SRS)

SRS में प्रतिदर्श चुनने की दो प्रमुख विधियां हैं:

1. लॉटरी विधि (Lottery Method):
यह सबसे प्राचीन और लोकप्रिय विधि है। इसमें समष्टि की सभी \( N \) इकाइयों के नाम या क्रमांक समान आकार, रंग और मोटाई की पर्चियों (Slips) पर लिखे जाते हैं। इन पर्चियों को मोड़कर किसी डिब्बे या ड्रम में अच्छी तरह मिला दिया जाता है। इसके बाद निष्पक्ष रूप से आंख बंद करके (Blindfold) आवश्यक संख्या \( n \) में पर्चियां निकाल ली जाती हैं। यदि पर्चियों का आकार समान न हो या मिलावट ठीक से न हो, तो इसमें मानवीय पूर्वाग्रह की संभावना रहती है।

2. यादृच्छिक संख्या सारणी विधि (Random Number Table Method):
विशाल समष्टि के लिए लॉटरी विधि अनुपयुक्त होती है, अतः यादृच्छिक संख्या सारणियों का उपयोग किया जाता है। इनमें प्रमुख सारणियां निम्नलिखित हैं:

सरल यादृच्छिक प्रतिचयन के गुण और दोष (Merits and Demerits)

गुण (Merits):

  1. व्यक्तिगत पक्षपात और पूर्वाग्रह (Personal Bias) की कोई संभावना नहीं होती।
  2. प्रतिचयन त्रुटि (Sampling Error) का सटीक सांख्यिकीय आकलन संभव है।
  3. यह विधि अत्यधिक सरल, निष्पक्ष और समझने में आसान है।

दोष (Demerits):

  1. यदि समष्टि विषम (Heterogeneous) हो, तो यह विधि उपयुक्त परिणाम नहीं देती।
  2. इसके लिए समष्टि की संपूर्ण और अद्यतन सूची (Sampling Frame) अनिवार्य होती है, जो प्रायः उपलब्ध नहीं होती।
  3. यदि प्रतिदर्श का आकार छोटा हो, तो यह समष्टि का पूर्ण प्रतिनिधित्व नहीं कर पाता।

स्तरित यादृच्छिक प्रतिचयन (Stratified Random Sampling)

जब समष्टि अध्ययन की जाने वाली विशेषता के संदर्भ में विषम (Heterogeneous) होती है, तो स्तरित यादृच्छिक प्रतिचयन का प्रयोग किया जाता है।

कार्यप्रणाली: सर्वप्रथम संपूर्ण विषम समष्टि को कुछ परस्पर अपवर्जी और आंतरिक रूप से समरूप उप-समूहों में विभाजित किया जाता है, जिन्हें स्तर (Strata; एकवचन: Stratum) कहते हैं। इसके पश्चात प्रत्येक स्तर में से स्वतंत्र रूप से सरल यादृच्छिक प्रतिचयन (SRS) द्वारा प्रतिदर्श इकाइयों का चयन किया जाता है।

कृषि में स्तरीकरण के आधार: जोत का आकार (सीमांत, लघु, मध्यम, बड़े किसान), मिट्टी का प्रकार, सिंचाई की सुविधा, या कृषि-जलवायु क्षेत्र।

प्रतिदर्श आवंटन की विधियां (Methods of Sample Allocation in Strata)

विभिन्न स्तरों में प्रतिदर्श इकाइयों की संख्या का निर्धारण चार प्रकार से किया जाता है:

  1. समान आवंटन (Equal Allocation): प्रत्येक स्तर से बराबर संख्या में इकाइयां चुनी जाती हैं (\( n_i = n/k \))।
  2. आनुपातिक आवंटन (Proportional Allocation): प्रत्येक स्तर से चुनी जाने वाली इकाइयों की संख्या उस स्तर के कुल आकार के अनुपात में होती है (\( n_i \propto N_i \))।
  3. नेमन का आवंटन (Neyman Allocation): इसमें आवंटन स्तर के आकार तथा उसके मानक विचलन (प्रसरणशीलता) के गुणनफल के अनुपात में किया जाता है (\( n_i \propto N_i \sigma_i \))।
  4. इष्टतम आवंटन (Optimum Allocation): जब विभिन्न स्तरों में प्रति इकाई सर्वेक्षण की लागत भिन्न-भिन्न हो, तो न्यूनतम लागत पर अधिकतम परिशुद्धता प्राप्त करने के लिए इष्टतम आवंटन का प्रयोग किया जाता है (\( n_i \propto \frac{N_i \sigma_i}{\sqrt{c_i}} \))।

स्तरित प्रतिचयन के गुण और दोष (Merits and Demerits)

गुण (Merits):

  1. यह विषम समष्टि का अधिक सटीक और संतुलित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करता है।
  2. सरल यादृच्छिक प्रतिचयन की तुलना में इसमें प्रतिचयन त्रुटि कम होती है और परिशुद्धता अधिक मिलती है।
  3. प्रशासनिक दृष्टि से स्तरों के अनुसार अलग-अलग दलों द्वारा कार्य का प्रबंधन सरल हो जाता है।

दोष (Demerits):

  1. समष्टि को समरूप स्तरों में बांटने के लिए पूर्व ज्ञान, अतिरिक्त समय और सांख्यिकीय विशेषज्ञता की आवश्यकता होती है।
  2. यदि स्तरीकरण दोषपूर्ण हो, तो प्रतिदर्श के निष्कर्ष पक्षपातपूर्ण हो सकते हैं।

अभ्यास प्रश्न (Questions)

  1. यदि समष्टि की प्रत्येक इकाई के प्रतिदर्श में सम्मिलित होने की समान प्रायिकता हो, तो इसे कहते हैं:

    उत्तर: (c) सरल यादृच्छिक प्रतिचयन (Simple random sampling)

  2. आकार 10 की समष्टि में से आकार 2 के कुल कितने संभावित प्रतिदर्श बनाए जा सकते हैं?

    उत्तर: (a) 45 (गणना: \( ^{10}C_2 = \frac{10 \times 9}{2 \times 1} = 45 \))

  3. असीमित या अगणनीय इकाइयों वाली समष्टि को अनंत समष्टि (Infinite population) कहते हैं।

    उत्तर: सत्य (True)

  4. जब समष्टि की प्रत्येक इकाई से आंकड़े जुटाए जाते हैं, तो इसे पूर्ण संगणना या जनगणना (Census) कहा जाता है।

    उत्तर: सत्य (True)

  5. सरल यादृच्छिक प्रतिचयन में प्रतिदर्श चयन हेतु यादृच्छिक संख्या सारणी का उपयोग किया जाता है।

    उत्तर: सत्य (True)

  6. समष्टि की सभी इकाइयों की क्रमबद्ध सूची को प्रतिचयन ढांचा (Sampling Frame) कहते हैं।

    उत्तर: सत्य (True)

  7. प्रतिचयन (Sampling) को परिभाषित कीजिए तथा इसके प्रमुख लाभ बताइए।
  8. सरल यादृच्छिक प्रतिचयन में लॉटरी विधि की कार्यप्रणाली समझाइए।
  9. प्राचल (Parameter) और प्रतिदर्शज (Statistic) में क्या अंतर है?
  10. स्तरित यादृच्छिक प्रतिचयन क्या है? इसके विभिन्न आवंटन नियमों का वर्णन कीजिए।
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अंतिम अद्यतन (Last Updated): 7 सितंबर 2026
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