प्रतिचयन (Sampling)

व्याख्यान 8 (Lecture 8)

प्रतिचयन - मूल अवधारणाएं - प्रतिचयन बनाम पूर्ण गणना, पैरामीटर (parameter) और सांख्यिकी (statistic) - प्रतिचयन विधियां - सरल यादृच्छिक प्रतिचयन (simple random sampling) और स्तरीकृत यादृच्छिक प्रतिचयन (stratified random sampling)

प्रतिचयन (Sampling)

समष्टि या ब्रह्मांड (Population or Universe)

समष्टि (Population) का अर्थ सभी संभावित इकाइयों (possible units) का योग है। यह आवश्यक नहीं है कि यह मानव आबादी हो। यह पौधों की समष्टि (population of plants), कीड़ों की समष्टि (population of insects), फलों की समष्टि आदि हो सकती है।

परिमित समष्टि (Finite population)

जब अवलोकनों की संख्या गिनी जा सकती है और निश्चित (definite) होती है, तो इसे परिमित समष्टि (finite population) के रूप में जाना जाता है।

अनंत समष्टि (Infinite population)

जब किसी समष्टि में इकाइयों की संख्या इतनी अधिक होती है कि हम उन सभी को नहीं गिन सकते हैं, तो इसे अनंत समष्टि (infinite population) के रूप में जाना जाता है।

ढांचा (Frame)

किसी समष्टि की सभी इकाइयों की सूची (list) को ढांचा (frame) कहा जाता है।

पैरामीटर (Parameter)

एक सारांश माप (summary measure) जो समष्टि की किसी भी दी गई विशेषता का वर्णन करता है उसे पैरामीटर के रूप में जाना जाता है। समष्टि का वर्णन कुछ मापों जैसे माध्य (mean), मानक विचलन (standard deviation) आदि के रूप में किया जाता है। समष्टि के इन मापों को पैरामीटर कहा जाता है और आमतौर पर ग्रीक अक्षरों (Greek letters) द्वारा निरूपित किया जाता है। उदाहरण के लिए, समष्टि माध्य को \( \mu \), मानक विचलन को \( \sigma \) और प्रसरण (variance) को \( \sigma^2 \) द्वारा दर्शाया जाता है।

प्रतिदर्श या नमूना (Sample)

कुल समष्टि का एक हिस्सा या छोटी संख्या प्रतिदर्श (sample) के रूप में जानी जाती है।

सांख्यिकी (Statistic)

एक सारांश माप जो प्रतिदर्श की विशेषता का वर्णन करता है उसे सांख्यिकी (statistic) के रूप में जाना जाता है। इस प्रकार प्रतिदर्श माध्य (sample mean), प्रतिदर्श मानक विचलन (sample standard deviation) आदि सांख्यिकी हैं। सांख्यिकी को आमतौर पर रोमन अक्षर द्वारा दर्शाया जाता है।

सांख्यिकी एक यादृच्छिक चर (random variable) है क्योंकि यह प्रतिदर्श से प्रतिदर्श में भिन्न (varies) होता है。

प्रतिचयन (Sampling)

समष्टि से प्रतिदर्श (नमूने) चुनने की विधि को प्रतिचयन (sampling) के रूप में जाना जाता है।

प्रतिचयन तकनीक (Sampling technique)

सांख्यिकीय सर्वेक्षण (statistical survey) के दौरान दो तरीके हैं जिनसे जानकारी एकत्र की जाती है। वे हैं:

  1. जनगणना सर्वेक्षण (Census survey)
  2. प्रतिचयन सर्वेक्षण (Sampling survey)

जनगणना (Census)

इसे समष्टि सर्वेक्षण (population survey) और पूर्ण गणना सर्वेक्षण (complete enumeration survey) के रूप में भी जाना जाता है। जनगणना सर्वेक्षण के तहत समष्टि या ब्रह्मांड की प्रत्येक इकाई (each and every unit) से जानकारी एकत्र की जाती है।

प्रतिदर्श सर्वेक्षण (Sample survey)

प्रतिदर्श समष्टि का एक हिस्सा है। जानकारी किसी समष्टि की सभी इकाइयों से नहीं, बल्कि केवल कुछ इकाइयों से एकत्र की जाती है। ऐसे सर्वेक्षण को प्रतिदर्श सर्वेक्षण (sample survey) कहा जाता है।

प्रतिचयन तकनीक प्रकृति में सार्वभौमिक (universal) है, जिसे जाने-अनजाने रोज़मर्रा की जिंदगी में अपनाया जाता है।
उदाहरण के लिए (For eg.):

  1. एक बोरी खरीदने से पहले मुट्ठी भर चावल की जांच की जाती है।
  2. हम अंगूर का गुच्छा खरीदने से पहले एक या दो फलों का स्वाद चखते हैं।
  3. पौधों की जड़ की लंबाई (root length) को मापने के लिए एक भूखंड (plot) से केवल कुछ पौधों को चुना जाता है।

प्रतिचयन की आवश्यकता (Need for sampling)

प्रतिचयन विधियों (sampling methods) का बड़े पैमाने पर विभिन्न उद्देश्यों के लिए और स्थितियों की महान विविधता में उपयोग किया गया है।

व्यवहार में, निम्नलिखित विभिन्न कारणों से समष्टि की सभी इकाइयों पर जानकारी एकत्र करना संभव नहीं हो सकता है:

  1. धन, कर्मचारी (personnel) और उपकरणों (equipment) के मामले में संसाधनों की कमी (Lack of resources)।
  2. प्रयोग प्रकृति में विनाशकारी (destructive) हो सकता है। उदाहरण - बीज सामग्री के अंकुरण प्रतिशत का पता लगाने या कीटनाशक की दक्षता (efficiency) का मूल्यांकन करने में प्रयोग विनाशकारी है।
  3. यदि डेटा समय सीमा के भीतर एकत्र नहीं किया जाता है तो डेटा बेकार (wasteful) हो सकता है। प्रतिदर्श सर्वेक्षण की तुलना में जनगणना सर्वेक्षण में अधिक समय लगेगा। इसलिए त्वरित परिणाम प्राप्त करने के लिए प्रतिचयन को प्राथमिकता दी जाती है। इसके अलावा एक प्रतिदर्श सर्वेक्षण पूर्ण गणना (complete enumeration) से कम खर्चीला होगा।
  4. जब समष्टि में असीम रूप से (infinitely) कई इकाइयाँ होती हैं, तो प्रतिचयन ही एकमात्र तरीका रह जाता है।
  5. अधिक सटीकता (Greater accuracy)।

प्रतिचयन विधियां (Sampling methods)

प्रतिचयन के विभिन्न तरीकों को निम्नानुसार समूहीकृत किया जा सकता है:

  1. प्रायिकता प्रतिचयन (Probability sampling) या यादृच्छिक प्रतिचयन (random sampling)
  2. गैर-प्रायिकता प्रतिचयन (Non-probability sampling) या गैर-यादृच्छिक प्रतिचयन (non random sampling)

यादृच्छिक प्रतिचयन (Random sampling)

इस विधि के तहत, किसी भी स्तर पर समष्टि की प्रत्येक इकाई के पास समान अवसर (equal chance) होता है (या) प्रत्येक इकाई को ज्ञात प्रायिकता (known probability) के साथ निकाला जाता है। यह समष्टि के माध्य, प्रसरण आदि का अनुमान लगाने में मदद करता है।

प्रायिकता प्रतिचयन के तहत दो प्रक्रियाएं (procedures) हैं:

  1. प्रतिस्थापन के साथ प्रतिचयन (Sampling with replacement - SWR)
  2. प्रतिस्थापन के बिना प्रतिचयन (Sampling without replacement - SWOR)

जब पिछले ड्रॉ में चयनित इकाइयों को वापस रखकर क्रमिक ड्रॉ (successive draws) किए जाते हैं, तो इसे प्रतिस्थापन के साथ प्रतिचयन (sampling with replacement) के रूप में जाना जाता है। जब ऐसा प्रतिस्थापन नहीं किया जाता है तो इसे प्रतिस्थापन के बिना प्रतिचयन (sampling without replacement) कहा जाता है।

जब समष्टि परिमित (finite) हो तो प्रतिस्थापन के साथ प्रतिचयन अपनाया जाता है अन्यथा SWOR अपनाया जाता है।

मुख्य रूप से यादृच्छिक प्रतिचयन कई प्रकार के होते हैं। उनमें से कुछ हैं:

  1. सरल यादृच्छिक प्रतिचयन (Simple Random Sampling)
  2. व्यवस्थित यादृच्छिक प्रतिचयन (Systematic Random Sampling)
  3. स्तरीकृत यादृच्छिक प्रतिचयन (Stratified Random Sampling)
  4. समूह प्रतिचयन (Cluster Sampling)

सरल यादृच्छिक प्रतिचयन (Simple Random Sampling - SRS)

मूल प्रायिकता प्रतिचयन विधि सरल यादृच्छिक प्रतिचयन (simple random sampling) है। यह सभी प्रायिकता प्रतिचयन विधियों में सबसे सरल है। इसका उपयोग तब किया जाता है जब समष्टि सजातीय (homogeneous) हो।

जब नमूने की इकाइयों को समान प्रायिकताओं (equal probabilities) के साथ स्वतंत्र रूप से खींचा जाता है। प्रतिचयन विधि को सरल यादृच्छिक प्रतिचयन (SRS) के रूप में जाना जाता है। इस प्रकार यदि समष्टि में \( N \) इकाइयाँ हैं, तो किसी भी इकाई के चयन की प्रायिकता \( 1/N \) है।

SRS की एक सैद्धांतिक परिभाषा इस प्रकार है:
मान लीजिए कि हम \( N \) आकार की समष्टि से \( n \) आकार का नमूना निकालते हैं। \( n \) आकार के \( ^NC_n \) संभावित नमूने हैं। यदि खींचे जाने वाले सभी संभावित नमूनों की प्रायिकता \( 1/^NC_n \) समान है, तो प्रतिचयन को सरल यादृच्छिक प्रतिचयन कहा जाता है।

SRS में दो तरीके हैं:

  1. लॉटरी विधि (Lottery method)
  2. यादृच्छिक संख्या तालिका विधि (Random no. table method)

लॉटरी विधि (Lottery method)

यह सबसे लोकप्रिय तरीका और सबसे सरल तरीका है। इस पद्धति में ब्रह्मांड (universe) की सभी वस्तुओं को एक ही आकार, आकृति और रंग के कागज की अलग-अलग पर्चियों (slips) पर गिना जाता है। उन्हें मोड़ा जाता है और एक ड्रम या बॉक्स या कंटेनर में मिलाया जाता है। एक अंधाधुंध (blindfold) चयन किया जाता है। वांछित नमूना आकार (desired sample size) के लिए पर्चियों की आवश्यक संख्या का चयन किया जाता है। इस प्रकार वस्तुओं का चयन अवसर (chance) पर निर्भर करता है।

उदाहरण के लिए, यदि हम एक भूखंड (plot) में 50 पौधों में से 5 पौधों का चयन करना चाहते हैं, तो हम पहले 50 पौधों की संख्या लेते हैं। हम समान आकार की पर्चियों पर 1-50 तक की संख्या लिखते हैं, उन्हें रोल करते हैं और मिलाते हैं। फिर हम 5 पौधों का अंधाधुंध चयन करते हैं। इस पद्धति को अप्रतिबंधित यादृच्छिक प्रतिचयन (unrestricted random sampling) भी कहा जाता है क्योंकि इकाइयों को बिना किसी प्रतिबंध के समष्टि से चुना जाता है। इस पद्धति का उपयोग ज्यादातर लॉटरी ड्रा में किया जाता है। यदि समष्टि अनंत (infinite) है, तो यह विधि अनुपयुक्त है। यदि पर्चियों का आकार और आकृति समान नहीं है, तो व्यक्तिगत पूर्वाग्रह (personal prejudice) की बहुत संभावना है।

यादृच्छिक संख्या तालिका विधि (Random number table method)

चूंकि लॉटरी विधि का उपयोग तब नहीं किया जा सकता जब समष्टि अनंत (infinite) हो, वैकल्पिक तरीका (alternative method) यादृच्छिक संख्याओं की तालिका (table of random numbers) का उपयोग करना है।

यादृच्छिक संख्याओं की कई मानक तालिकाएँ (standard tables) हैं। लेकिन इस तकनीक का श्रेय प्रो. एल.एच.सी. टिपेट (Prof. LHC. Tippet, 1927) को जाता है। यादृच्छिक संख्या तालिका में 10,400 चार-अंकीय संख्याएँ (four-figured numbers) होती हैं। कई अन्य यादृच्छिक संख्याएँ भी हैं। वे फिशर और येट्स (Fisher and Yates, 1938) हैं जिनमें 15,000 अंक (digits) दो-दो में व्यवस्थित हैं। केंडल और बी.बी. स्मिथ (Kendall and B.B Smith, 1939) में 1,00,000 संख्याएँ शामिल हैं जिन्हें 4 अंकों के 25,000 सेटों में समूहीकृत (grouped) किया गया है, रैंड कॉर्पोरेशन (Rand corporation, 1955) में 5 अंकों के 2,00,000 यादृच्छिक संख्याएँ शामिल हैं आदि।

गुण (Merits)

  1. व्यक्तिगत पूर्वाग्रह (personal bias) की गुंजाइश कम होती है।
  2. प्रतिचयन त्रुटि (Sampling error) को मापा जा सकता है।
  3. यह विधि किफायती (economical) है क्योंकि यह समय, धन और श्रम बचाती है।

दोष (Demerits)

  1. यदि समष्टि विषम (heterogeneous) है तो इसे लागू नहीं किया जा सकता है।
  2. इसके लिए समष्टि की एक पूरी सूची की आवश्यकता होती है, लेकिन कई पूछताछ (enquires) में ऐसी अद्यतित सूचियां (up-to-date lists) उपलब्ध नहीं होती हैं।
  3. यदि प्रतिदर्श का आकार (size of the sample) छोटा है, तो यह समष्टि का प्रतिनिधि (representative) नहीं होगा।

स्तरीकृत प्रतिचयन (Stratified Sampling)

जब समष्टि उस विशेषता के संबंध में विषम (heterogeneous) होती है जिसमें हम रुचि रखते हैं, तो हम स्तरीकृत प्रतिचयन (stratified sampling) अपनाते हैं।

जब विषम समष्टि को समरूप उप-समष्टि (homogenous sub-population) में विभाजित किया जाता है, तो उप-समष्टि को स्तर (strata) कहा जाता है। सरल यादृच्छिक प्रतिचयन (simple random sampling) का उपयोग करके प्रत्येक स्तर (stratum) से एक अलग नमूना चुना जाता है। इस प्रतिचयन विधि को स्तरीकृत प्रतिचयन (stratified sampling) के रूप में जाना जाता है।

हम खेत के आकार (size of farm), फसल के प्रकार, मिट्टी के प्रकार आदि के आधार पर स्तरीकरण (stratify) कर सकते हैं।

चयन की जाने वाली इकाइयों की संख्या सभी स्तरों में समान (uniform) हो सकती है (या) एक स्तर से दूसरे स्तर में भिन्न (vary) हो सकती है।
स्तरों के आवंटन (allocation) के चार प्रकार हैं:

  1. समान आवंटन (Equal allocation)
  2. आनुपातिक आवंटन (Proportional allocation)
  3. नेमन का आवंटन (Neyman’s allocation)
  4. इष्टतम आवंटन (Optimum allocation)

यदि चुनी जाने वाली इकाइयों की संख्या सभी स्तरों में समान (uniform) है, तो इसे नमूनों के समान आवंटन (equal allocation) के रूप में जाना जाता है।

यदि किसी स्तर से चुनी जाने वाली इकाइयों की संख्या स्तर के आकार के समानुपाती (proportional) है, तो इसे नमूनों के आनुपातिक आवंटन (proportional allocation) के रूप में जाना जाता है。

जब प्रति इकाई लागत (cost per unit) एक स्तर से दूसरे स्तर में भिन्न होती है, तो इसे इष्टतम आवंटन (optimum allocation) के रूप में जाना जाता है।

जब विभिन्न स्तरों के लिए लागत समान (equal) होती है, तो इसे नेमन का आवंटन (Neyman’s allocation) कहा जाता है।

गुण (Merits)

  1. यह अधिक प्रतिनिधि (representative) है।
  2. यह अधिक सटीकता (greater accuracy) सुनिश्चित करता है।
  3. ब्रह्मांड के उप-विभाजित होने के कारण इसे प्रबंधित (administrate) करना आसान है।

दोष (Demerits)

  1. समष्टि को सजातीय स्तरों (homogeneous strata) में विभाजित करने के लिए, इसमें अधिक धन, समय और सांख्यिकीय अनुभव की आवश्यकता होती है जो एक कठिन काम है।
  2. यदि उचित स्तरीकरण (proper stratification) नहीं किया जाता है, तो नमूने में पूर्वाग्रह (bias) का प्रभाव होगा।

प्रश्न (Questions)

  1. यदि समष्टि की प्रत्येक इकाई के नमूने में शामिल होने की समान संभावना (equal chance) है, तो इसे जाना जाता है: उत्तर (Ans): सरल यादृच्छिक प्रतिचयन (Simple random sampling)
  2. आकार 10 की समष्टि में आकार 2 के संभावित नमूनों की संख्या होगी: उत्तर (Ans): 45
  3. असीमित संख्या में इकाइयों (unlimited number of units) वाली समष्टि को अनंत समष्टि (infinite population) कहा जाता है।
    उत्तर (Ans): सत्य (True)
  4. यदि समष्टि की सभी इकाइयों का सर्वेक्षण (surveyed) किया जाता है तो इसे जनगणना (census) कहा जाता है。
    उत्तर (Ans): सत्य (True)
  5. सरल यादृच्छिक प्रतिचयन विधि में नमूनों के चयन के लिए यादृच्छिक संख्याओं (Random numbers) का उपयोग किया जाता है।
    उत्तर (Ans): सत्य (True)
  6. किसी समष्टि में सभी इकाइयों की सूची (list) को ढांचा (Frame) कहा जाता है。
    उत्तर (Ans): सत्य (True)
  7. प्रतिचयन (sampling) क्या है?
  8. लॉटरी विधि (Lottery method) की व्याख्या करें।
  9. सरल यादृच्छिक प्रतिचयन (simple random sampling) में नमूनों के चयन की विधि की व्याख्या करें।
  10. स्तरीकृत यादृच्छिक प्रतिचयन (Stratified random sampling) में नमूनों के चयन की विधि की व्याख्या करें।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह स्टडी मटेरियल ICAR के मूल कंटेंट का हिंदी अनुवाद है। हम इसकी पूर्ण सटीकता के लिए उत्तरदायी नहीं हैं। यह फाइल अभी केवल सुधार और परीक्षण (Improvement Purpose) के लिए यहाँ उपलब्ध कराई गई है। बहुत जल्द हम इसे डाउनलोड करने के लिए PDF फॉर्मेट में अपडेट करेंगे।

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