टी-परीक्षण (t-Test) - परिभाषा - मान्यताएं (Assumptions) - दो माध्यों की समानता का परीक्षण - स्वतंत्र (Independent) और युग्मित (Paired) t-परीक्षण
जब प्रतिदर्श का आकार छोटा होता है (\(n < 30\)) तथा समष्टि का मानक विचलन (\(\sigma\)) अज्ञात होता है, तो अनुपात \(\frac{\bar{x} - \mu}{s/\sqrt{n}}\) मानक प्रसामान्य वितरण के स्थान पर \(t\)-वितरण का अनुसरण करता है। अतः परीक्षण सांख्यिकी (Test Statistic) इस प्रकार दी जाती है:
यह \((n-1)\) स्वतंत्रता की कोटि (Degrees of Freedom) के साथ \(t\)-वितरण का अनुसरण करता है, जिसे \(t(n-1) \text{ df}\) द्वारा दर्शाया जाता है।
इस सांख्यिकीय परीक्षण का प्रतिपादन सर विलियम सीली गोसेट (Sir William Sealy Gosset) ने वर्ष 1908 में 'Student' उपनाम से किया था। बाद में आधुनिक सांख्यिकी के जनक प्रो. आर.ए. फिशर (Prof. R.A. Fisher) द्वारा इसे और अधिक विकसित तथा विस्तृत किया गया।
जब किसी छोटे प्रतिदर्श (\(n < 30\)) के आधार पर यह जांचना हो कि क्या यह प्रतिदर्श किसी ज्ञात समष्टि माध्य \(\mu_0\) वाली समष्टि से लिया गया है:
उदाहरण 1 (Example 1):
क्षेत्रीय प्रयोगों के आधार पर हरे चने (मूंग) की एक उन्नत किस्म से 12.0 क्विंटल प्रति हेक्टेयर औसत उपज मिलने की अपेक्षा है। इस किस्म का परीक्षण 10 बेतरतीब ढंग से चुने गए किसानों के खेतों पर किया गया। प्राप्त उपज (क्विंटल/हेक्टेयर) क्रमशः 14.3, 12.6, 13.7, 10.9, 13.7, 12.0, 11.4, 12.0, 12.6 और 13.1 दर्ज की गई। क्या यह परिणाम प्रारंभिक अपेक्षाओं के अनुरूप है?
हल (Solution):
शून्य परिकल्पना (\(H_0\)): \(\mu = 12.0\) क्विंटल/हेक्टेयर (किस्म की वास्तविक औसत उपज 12.0 क्विंटल/हेक्टेयर ही है)
वैकल्पिक परिकल्पना (\(H_1\)): \(\mu \neq 12.0\) क्विंटल/हेक्टेयर (द्विपक्षीय परीक्षण)
सार्थकता स्तर: 5% (\(\alpha = 0.05\))
गणना:
प्रतिदर्श आकार \(n = 10\)
\(\sum x = 14.3 + 12.6 + 13.7 + 10.9 + 13.7 + 12.0 + 11.4 + 12.0 + 12.6 + 13.1 = 126.3\)
प्रतिदर्श माध्य \(\bar{x} = \frac{126.3}{10} = 12.63\) क्विंटल/हेक्टेयर
\(\sum x^2 = 1605.77\)
मानक विचलन \(s\):
मानक त्रुटि \(SE = \frac{s}{\sqrt{n}} = \frac{1.0853}{\sqrt{10}} = \frac{1.0853}{3.1623} = 0.3432\)
परीक्षण सांख्यिकी:
स्वतंत्रता की कोटि \(df = n - 1 = 10 - 1 = 9\)। 5% सार्थकता स्तर पर 9 \(df\) के लिए द्विपक्षीय सारणी मान \(t_{tab} = 2.262\) है।
निष्कर्ष: चूँकि परिकलित मान सारणी मान से कम है (\(t_{cal} = 1.835 < t_{tab} = 2.262\)), अतः शून्य परिकल्पना \(H_0\) स्वीकार की जाती है। हम यह निष्कर्ष निकालते हैं कि हरे चने की नई किस्म की औसत उपज 12.0 क्विंटल/हेक्टेयर की अपेक्षा के पूर्णतः अनुरूप है।
विशेष नियम: दो स्वतंत्र प्रतिदर्शों के माध्यों की तुलना के लिए \(t\)-परीक्षण लगाने से पूर्व यह जांचना अनिवार्य है कि क्या दोनों समष्टियों के प्रसरण समान हैं। इसके लिए \(F\)-परीक्षण (प्रसरण अनुपात परीक्षण) का प्रयोग किया जाता है:
नियम: सूत्र के अंश (Numerator) में हमेशा अधिक प्रसरण (Greater Variance) को रखा जाता है ताकि \(F\) का मान सदैव 1 या 1 से अधिक रहे।
निष्कर्ष: यदि परिकलित \(F < F_{tab}\), तो शून्य परिकल्पना \(H_0: \sigma_1^2 = \sigma_2^2\) स्वीकार की जाती है (प्रसरण समान हैं); अन्यथा प्रसरण असमान माने जाते हैं।
मान लीजिए दो स्वतंत्र प्रसामान्य समष्टियों से क्रमशः \(n_1\) और \(n_2\) आकार के दो प्रतिदर्श लिए गए हैं।
\(H_0: \mu_1 = \mu_2\) तथा \(H_1: \mu_1 \neq \mu_2\)
सर्वप्रथम संयुक्त या पूलित प्रसरण (Pooled Variance - \(S^2\)) ज्ञात करते हैं:
परीक्षण सांख्यिकी:
यह सांख्यिकी \((n_1 + n_2 - 2)\) स्वतंत्रता की कोटि के साथ \(t\)-वितरण का अनुसरण करती है।
यह सांख्यिकी \((n - 1)\) स्वतंत्रता की कोटि के साथ \(t\)-वितरण का अनुसरण करती है।
इस स्थिति में सांख्यिकी मानक \(t\)-वितरण का पालन नहीं करती। इसे सांख्यिकी में बेहरेंस-फिशर समस्या (Behrens-Fisher Problem) कहते हैं। इसके समाधान हेतु कोचरन और कॉक्स (Cochran & Cox) ने भारित \(t\) मान (\(t_w\)) की सरल विधि सुझाई है:
जहाँ \(t_1\) स्वतंत्रता की कोटि \((n_1 - 1)\) पर सारणी मान है और \(t_2\) स्वतंत्रता की कोटि \((n_2 - 1)\) पर सारणी मान है। यदि परिकलित \(t > t_w\) हो, तो शून्य परिकल्पना अस्वीकार की जाती है।
उदाहरण 2 (Example 2):
धान के एक उर्वरक परीक्षण में नाइट्रोजन के दो स्रोतों (अमोनियम क्लोराइड एवं यूरिया) के अंतर्गत प्रति भूखंड अनाज की उपज (किग्रा/प्लॉट) इस प्रकार दर्ज की गई:
- अमोनियम क्लोराइड के अंतर्गत: 42, 39, 38, 60 और 41 किग्रा (\(n_1 = 5\))
- यूरिया के अंतर्गत: 38, 42, 56, 64, 68, 69 और 62 किग्रा (\(n_2 = 7\))
परीक्षण कीजिए कि क्या नाइट्रोजन के दोनों स्रोतों के प्रभाव में कोई सार्थक अंतर है?
हल (Solution):
\(H_0: \mu_1 = \mu_2\) (नाइट्रोजन के दोनों स्रोतों के प्रभाव में कोई सार्थक अंतर नहीं है)
\(H_1: \mu_1 \neq \mu_2\) (दोनों के प्रभाव में सार्थक अंतर है)
सार्थकता स्तर = 5%
चरण 1: प्रसरणों की समानता का F-परीक्षण:
अमोनियम क्लोराइड (\(n_1 = 5\)): \(\bar{x}_1 = 44\), \(s_1^2 = 82.5\)
यूरिया (\(n_2 = 7\)): \(\bar{x}_2 = 57\), \(s_2^2 = 148.8\)
\(F\)-सारणी मान \((6, 4) \text{ df}\) पर \(F_{tab} = 6.16\) है।
चूँकि \(F_{cal} = 1.803 < F_{tab} = 6.16\), अतः प्रसरण समान माने जाएंगे (\(\sigma_1^2 = \sigma_2^2\))।
चरण 2: पूलित t-परीक्षण:
पूलित प्रसरण \(S^2\):
परीक्षण सांख्यिकी \(t\):
स्वतंत्रता की कोटि \(df = n_1 + n_2 - 2 = 5 + 7 - 2 = 10\)। 5% सार्थकता स्तर पर 10 \(df\) के लिए द्विपक्षीय सारणी मान \(t_{tab} = 2.228\) है।
निष्कर्ष: चूँकि \(t_{cal} = 2.008 < t_{tab} = 2.228\), अतः शून्य परिकल्पना \(H_0\) स्वीकार की जाती है। हम निष्कर्ष निकालते हैं कि धान की उपज के संबंध में नाइट्रोजन के दोनों स्रोतों (अमोनियम क्लोराइड एवं यूरिया) के प्रभाव में कोई सार्थक अंतर नहीं है।
जब दो प्रतिदर्श स्वतंत्र न होकर एक-दूसरे से संबंधित या युग्मित (Correlated/Paired) हों, तो वहाँ युग्मित \(t\)-परीक्षण (Paired t-Test) का प्रयोग किया जाता है।
कृषि में आवश्यकता: जब कृषि अनुसंधान में पूर्णतः समरूप प्रायोगिक भूखंड उपलब्ध न हों, तो प्रत्येक भूखंड को दो बराबर भागों में विभाजित करके एक भाग में उपचार A तथा दूसरे भाग में उपचार B लगाया जाता है। इसी प्रकार, औद्योगिक अपशिष्ट या सिंचाई जल के प्रयोग से पहले और बाद में मृदा के गुणों की जांच में भी युग्मित आंकड़े प्राप्त होते हैं।
मान लीजिए उपचार से पहले के प्रेक्षण \(x_i\) तथा बाद के प्रेक्षण \(y_i\) हैं। प्रत्येक इकाई के लिए अंतर \(d_i = x_i - y_i\) ज्ञात किया जाता है:
परीक्षण सांख्यिकी:
यह सांख्यिकी \((n - 1)\) स्वतंत्रता की कोटि के साथ \(t\)-वितरण का अनुसरण करती है।
उदाहरण 5 (Example 5):
एक प्रयोग में 8 भूखंडों को दो बराबर भागों में विभाजित किया गया। एक भाग में मृदा उपचार A तथा दूसरे भाग में मृदा उपचार B दिया गया। प्रत्येक भूखंड में ज्वार की फसल बोई गई तथा उपज (किग्रा/प्लॉट) दर्ज की गई। परीक्षण कीजिए कि क्या दोनों उपचारों के प्रभाव में सार्थक अंतर है?
हल (Solution):
\(H_0: \mu_1 = \mu_2\) (मृदा उपचार A और B के प्रभावों में कोई सार्थक अंतर नहीं है)
\(H_1: \mu_1 \neq \mu_2\) (सार्थक अंतर है)
सार्थकता स्तर = 5%
अंतरों की गणना से प्राप्त आंकड़े (\(n = 8\)):
\(\sum d = -16 \implies \bar{d} = \frac{-16}{8} = -2\)
\(\sum d^2 = 44\)
अंतरों का मानक विचलन \(s_d\):
मानक त्रुटि \(SE = \frac{1.309}{\sqrt{8}} = \frac{1.309}{2.8284} = 0.4628\)
परीक्षण सांख्यिकी \(t\):
स्वतंत्रता की कोटि \(df = n - 1 = 8 - 1 = 7\)। 5% सार्थकता स्तर पर 7 \(df\) के लिए द्विपक्षीय सारणी मान \(t_{tab} = 2.365\) है।
निष्कर्ष: चूँकि परिकलित मान सारणी मान से बहुत अधिक है (\(t_{cal} = 4.32 > t_{tab} = 2.365\)), अतः शून्य परिकल्पना \(H_0\) अस्वीकार की जाती है। हम निष्कर्ष निकालते हैं कि दोनों मृदा उपचारों के प्रभाव में सार्थक अंतर है तथा मृदा उपचार B ज्वार की उपज में सार्थक वृद्धि करता है।
परीक्षण सांख्यिकी \( F = \frac{s_1^2}{s_2^2} \) का प्रयोग किस परिकल्पना के परीक्षण हेतु किया जाता है?
(a) \( H_0: \mu_1 = \mu_2 \)
(b) \( H_0: \sigma_1^2 = \sigma_2^2 \)
(c) \( H_0: \sigma_1 = \sigma_2 \)
(d) \( H_0: \sigma^2 = \sigma_0^2 \)
उत्तर (Ans): (b) \( H_0: \sigma_1^2 = \sigma_2^2 \)
प्रत्येक समूह में \(n\) अवलोकनों वाले युग्मित \(t\)-परीक्षण (Paired t-Test) में स्वतंत्रता की कोटि (Degrees of Freedom) क्या होती है?
(a) \(n\)
(b) \(n - 1\)
(c) \(n - 2\)
(d) \(n + 1\)
उत्तर (Ans): (b) \(n - 1\)