1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के समय हीरालाल शास्त्री ने जयपुर रियासत के प्रधानमंत्री मिर्जा इस्माइल के साथ 'जेंटलमैन समझौता' कर लिया। इसके विरोध में बाबा हरीशचन्द्र, रामकरण जोशी और दौलतमल भंडारी ने अलग होकर 'आजाद मोर्चा' का गठन किया।
1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के समय हीरालाल शास्त्री ने जयपुर रियासत के प्रधानमंत्री मिर्जा इस्माइल के साथ 'जेंटलमैन समझौता' कर लिया। इसके विरोध में बाबा हरीशचन्द्र, रामकरण जोशी और दौलतमल भंडारी ने अलग होकर 'आजाद मोर्चा' का गठन किया।